NRC

डॉ. कफील खान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

डॉक्टर कफील खान की रासुका अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले साल दिसंबर में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में 29 जनवरी को डॉक्टर कफील खान को गिरफ्तार किया गया था. 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा करने के बजाय उन पर रासुका लगा दिया गया था.

(फोटो: रॉयटर्स)

भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं: अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता आयोग

विश्वभर में में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी का ज़िम्मा संभाल रहे अमेरिकी आयोग ने भारत को ‘खास चिंता वाले देशों’ की सूची में डालने की सिफ़ारिश करते हुए कहा है कि देश में धार्मिक आज़ादी की दशा में बड़ी गिरावट आई है. भारत ने आयोग की आलोचनाओं को पूर्वाग्रह से ग्रसित और पक्षपातपूर्ण कहा है.

(फोटो: पीटीआई)

देश में आशा कार्यकर्ताओं पर हमले जारी, गुजरात में आरोपी गिरफ़्तार

गुजरात के मेहसाणा ज़िले में कोरोना वायरस के लक्षणों को जांचने गई एक आशा कार्यकर्ता से बदसलूकी की गई, वहीं हरियाणा के फरीदाबाद में एनआरसी के लिए डेटा इकट्ठा करने का आरोप लगाते हुए आशा कार्यकर्ताओं की एक टीम के साथ मारपीट की गई.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम: डिटेंशन सेंटर में बंद 60 वर्षीय महिला की मौत, कुल मृतकों की संख्या 30 पहुंची

कोकराझार जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने महिला की पहचान राबेदा बेगम के रूप में की, जो कि फरवरी 2018 से हिरासत में थीं.

भारत के विभिन्न शहरों में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लगातार प्रदर्शन चल रहा है. (फोटो: पीटीआई)

सीएए प्रदर्शन: आज़मगढ़ कोर्ट ने राजद्रोह के आरोपी 19 लोगों की ज़मानत याचिका ख़ारिज की

उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के बिलरियागंज से बीते पांच फरवरी को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के चलते इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया था. इन पर देश विरोधी नारा लगाने और हिंसा करने का आरोप है.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम के डिटेंशन सेंटर में 799 लोग रखे गए हैं: केंद्र सरकार

इसमें से 95 लोग तीन साल या इससे भी ज्यादा समय से इन केंद्रों में बंद हैं. पिछले चार सालों में डिटेंशन सेंटर में बीमारी से 26 लोगों की मौत हुई है.

Demonstrators attend a protest march against the National Register of Citizens (NRC) and a new citizenship law, in Kolkata, December 19, 2019. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करना आवश्यक

पिछले साल दिसंबर में दिल्ली स्थिति रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में एनआरसी लागू करने की बात को खारिज करते हुए कहा था कि 2014 से लेकर अब तक में कहीं भी ‘एनआरसी’ शब्द पर चर्चा नहीं हुई है.

फोटो संभार: पीटीआई

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दाख़िल कर कहा, सीएए किसी भी मौलिक अधिकार का हनन नहीं करता

केंद्र ने अपने हलफ़नामे में दावा किया गया है कि नागरिकता संशोधन क़ानून किसी भारतीय से संबंधित नहीं है. केरल और राजस्थान की सरकारों ने इसकी संवैधानिकता को चुनौती देते हुए अनुच्छेद 131 के तहत याचिका दायर की है. इसके अलावा इसे लेकर अब तक 160 याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं.

असम की 10 जिला जेलों में  डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं. गोआलपाड़ा जिला जेल. (फोटो: अब्दुल गनी)

असम में पिछले साल डिटेंशन सेंटर में दस लोगों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि असम के छह डिटेंशन सेंटर, जहां घोषित विदेशी या दोषी विदेशियों को रखा जाता है. इनमें 3331 लोगों को रखने की क्षमता है. इससे पहले सरकार ने बताया था कि बीते तीन साल में असम के डिटेंशन सेंटर में 29 लोगों की मौत हो चुकी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

केरल के बाद राजस्थान ने नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

राजस्थान सरकार की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन कानून संविधान की मूल भावना के विपरीत है और ये मौलिक अधिकारों का हनन करता है. इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अब तक 160 से अधिक याचिकायें दायर की जा चुकी हैं.

Hyderabad: Telangana Chief Minister and TRS President K Chandrashekhar Rao addresses the party workers before submitting his government's recommendation for dissolving the Assembly, to the Governor, in Hyderabad, Thursday, Sep 6, 2018. (PTI Photo) (PTI9_6_2018_000209B)

एनपीआर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा, मेरे खुद के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं अपना जन्म प्रमाणपत्र पेश नहीं कर पा रहा तो दलित, आदिवासी और गरीब लोग कहां से जन्म प्रमाणपत्र लाएंगे.

नॉर्थ ब्लॉक. (फोटो साभार: वीकिमीडिया कॉमन्स)

सीएए की फाइलों को सार्वजनिक करने से गृह मंत्रालय का इनकार, कहा- विदेशी रिश्ते खराब हो जाएंगे

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने न सिर्फ बोगस आधार पर नागरिकता संशोधन कानून से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने से मना किया बल्कि सूचना देने के लिए आरटीआई एक्ट, 2005 में तय की गई समयसीमा का भी उल्लंघन किया.

(फोटो: पीटीआई)

राजद्रोह क़ानून का दुरूपयोग रोकने के लिए दिशानिर्देश देने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई

कर्नाटक के बीदर में एक स्कूल में हुए नाटक को लेकर दर्ज हुई राजद्रोह की एफआईआर रद्द कराने के लिए एक मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा शीर्ष अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने से पहले शिकायत की जांच के लिए एक समिति बनाई जानी चाहिए.

शाहीन स्कूल में बच्चों से पूछताछ करती पुलिस. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

कर्नाटक स्कूल मामला: अदालत ने कहा सीएए विरोधी नाटक राजद्रोह नहीं, सभी आरोपियों को ज़मानत

बीदर की ज़िला अदालत ने स्कूल प्रबंधन के पांच लोगों को अग्रिम ज़मानत देते हुए कहा कि यह स्कूली बच्चों द्वारा किया गया नाटक समाज में किसी भी तरह की हिंसा या असामंजस्य पैदा नहीं करता और प्रथमदृष्टया राजद्रोह का मामला नहीं बनता.

मुंबई में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करते प्रदर्शनकारी. (फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र: भाजपा ने सीएए विरोधी रुख को लेकर स्थानीय निकाय के दो नेताओं को किया निलंबित

बीते 28 फरवरी को महाराष्ट्र के परभनी जिले में भाजपा शासित सेलू नगर परिषद ने संशोधित नागरिकता कानून के क्रियान्वयन और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था.