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विभिन्न विपक्षी दलों के नेता. (फाइल फोटो: पीटीआई)

विपक्षी नेताओं ने पीएम मोदी से कहा, मुफ़्त टीका उपलब्ध कराएं, सेंट्रल विस्टा परियोजना रोकी जाए

कोरोना वायरस की दूसरी लहर और दिल्ली में जारी लॉकडाउन के बीच सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नई संसद के निर्माण का काम ज़ोर-शोर से जारी है, जिसकी विपक्ष के नेता लगातार आलोचना कर रहे हैं. दुनिया भर के प्रसिद्ध विद्वानों, कलाकारों, लेखकों आदि ने भी कोविड-19 के कारण पैदा हुए जनस्वास्थ्य आपातकाल के दौरान भारत सरकार की इस योजना को तत्काल रोकने की मांग की है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर. (फोटो: पीटीआई)

चुनावों की अनुमति के घातक परिणामों के आकलन में विफल रहे चुनाव आयोग, बड़े कोर्ट और सरकार: कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की लचर तैयारियों पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब सरकार शहरों में ही कोरोना को नियंत्रित करने की जद्दोजहद कर रही है, तो ऐसे में गांव में कोरोना टेस्टिंग और इलाज काफी मुश्किल काम होगा.

प्रमोद सावंत (बांए) और विश्वजीत राणे (फोटो साभार: फेसबुक)

गोवा मेडिकल कॉलेज में 26 कोविड मरीज़ों की मौत, स्वास्थ्य मंत्री ने हाईकोर्ट से जांच की मांग की

गोवा के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में हुई घटना. स्वास्थ्य मंत्री ने ऑक्सीजन की कमी होने की बात कहते हुए मामले की जांच हाईकोर्ट से कराने का अनुरोध किया है. वहीं मुख्यमंत्री का कहना है कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि उन्हें किसी ने गुमराह किया है.

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रामदेव ने कोविड-19 मरीज़ों का उड़ाया मज़ाक

वीडियो: सोशल मीडिया पर रामदेव का एक वीडियो वायरल हुआ है. इसमें वो एक समाचार चैनल पर कोरोना मरीज़ों का मज़ाक उड़ाते नज़र आ रहे हैं. रामदेव ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे लोगों को योग करने की सलाह दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि इससे ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाएगा.

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कोविड-19: प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का हाल बेहाल

वीडियो: उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में अब तक 72 हजार से अधिक कोरोना वायरस के मामले आ चुके हैं और तक़रीबन 700 लोगों की मौत हुई है. मोदी ने कोरोना काल में अपने इस संसदीय क्षेत्र का एक बार भी दौरा नहीं किया है. हालांकि इस दौरान वह दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनावों में लगातार सक्रिय रहे.

दिल्ली के एक कोविड केयर केंद्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल. (फोटो साभार: ट्विटर/@ArvindKejriwal)

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- अगर डॉक्टर ही नहीं हैं तो ज़्यादा बिस्तरों से क्या लाभ होगा

कोरोना की दूसरी लहर के बीच दिल्ली के कोविड केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों की कमी की ओर इशारा करते हुए कोर्ट ने कहा कि जब चुनाव आते हैं तो हर अख़बार में पूरे पन्ने का विज्ञापन दिखाई देता है लेकिन अब चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों की ज़रूरत को लेकर प्रमुख अख़बारों में कोई विज्ञापन नहीं है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आंध्र प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति में समस्या के चलते अस्पताल में 11 कोविड रोगियों की मौत

आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित सरकारी रुइया अस्पताल में सोमवार देर रात हुआ हादसा. परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सप्लाई 25 से 45 मिनट के लिए बाधित हुई थी. वहीं डीएम ने कहा है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति पांच मिनट के भीतर बहाल हो गई थी.

Ahmedabad: Congress leader Sam Pitroda interacts with members of Youth Congress, in Ahmedabad, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000327B)

कोरोना की दूसरी लहर के लिए चुनावी सभाएं वजह, पीएम ने मास्क न पहन ग़लत संदेश दिया: पित्रोदा

इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने कहा कि भारत में आम दिनों में औसतन 30 हज़ार लोगों की मौत होती है. ऐसे में कोरोना से अगर प्रतिदिन 3,000 अतिरिक्त लोगों की मौत हो रही है तो फिर अंतिम संस्कार के लिए कतारें नहीं लगनी चाहिए थी. इसका मतलब यह है कि मरने वालों का जो आंकड़ा बताया जा रहा है, वह सही नहीं है.

Pune: Prime Minister Narendra Modi at Serum Institute of India, during his 3 city visit to review COVID-19 vaccine development work, in Pune, Saturday, Nov. 28, 2020. (PIB/PTI Photo)(PTI28-11-2020 000207B)

वैक्सीन नीति पर पुनर्विचार को लेकर केंद्र ने कहा- इसमें अदालत के हस्तक्षेप की ज़रूरत नहीं

बीते 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह से केंद्र सरकार की वर्तमान वैक्सीन नीति को बनाया गया है, इससे प्रथमदृष्टया जनता के स्वास्थ्य के अधिकार को क्षति पहुंचेगी, जो कि संविधान के अनुच्छेद 21 का एक अभिन्न तत्व है. सुप्रीम कोर्ट ने वैक्सीन निर्माता कंपनियों द्वारा अलग-अलग कीमत तय करने के संबंध में केंद्र से जानकारी मांगी थी.

(प्रतीकात्म​क फोटो: रॉयटर्स)

गुजरात: गौशाला में खुला कोविड सेंटर, दूध-घी-गोमूत्र से बनी दवा से इलाज का दावा

बनासकांठा ज़िले में एक गौशाला में ‘वेदालक्षणा पंचगव्य आयुर्वेद कोविड आइसोलेशन सेंटर’ शुरू हुआ है, जहां हल्के लक्षण वाले कोरोना मरीज़ों का दूध, घी और गोमूत्र से बनी दवाइयों से इलाज करने का दावा किया गया है. वहीं एक भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने दावा किया है कि हर सुबह खाली पेट गोमूत्र पीने से कोरोना वायरस ख़त्म हो जाएगा, हालांकि इस बात का कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

संक्रमण के मामलों को कम करना ही होगा, प्रतिबंध ज़रूरी हैं, भले ही वो लॉकडाउन हो: डॉ. राकेश मिश्रा

कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक डॉक्टर राकेश मिश्रा का कहना है कि कोविड-19 से लड़ाई में स्वास्थ्य ढांचा बहुत दबाव में है. नए अस्पताल और सुविधाएं लाए जा सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षित मानव संसाधन नहीं मिलेगा. इसलिए सबसे कारगर तरीका यही है कि लोगों को संक्रमित होने से बचाया जाए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

भारत में कोरोना चरम पर, लेकिन मोदी सरकार आलोचनाओं का दमन करने में व्यस्त: लांसेट जर्नल

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल लांसेट ने अपने संपादकीय में मोदी सरकार की आलोचना करते हुए लिखा है कि बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सरकार लापरवाह बनी रही और भारत को कोरोना विजयी घोषित कर दिया. जर्नल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि आगामी अगस्त तक भारत में करीब 10 लाख कोरोना मौतें हो सकती हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

अस्पतालों में भर्ती के लिए कोविड-19 संक्रमित होने की रिपोर्ट ज़रूरी नहीं: सरकार

कोविड-19 संक्रमित मरीज़ों के इलाज के लिए समर्पित निजी और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में भर्ती के लिए संशोधित राष्ट्रीय नीति में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि किसी भी मरीज़ को ऑक्सीजन या आवश्यक दवाओं आदि समेत किसी भी मद में सेवा देने से इनकार नहीं किया जा सकता, भले ही वह किसी दूसरे शहर का ही क्यों न हो.

(फोटो: पीटीआई)

ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों में महामारी से कैसे निपट रही यूपी सरकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया कि हाल के समय में सरकार का ध्यान बड़े शहरों पर रहा है और छोटे ज़िले एवं शहर दुर्भाग्य से नज़रअंदाज़ कर दिए गए और मीडिया ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया. अब ग्रामीण इलाकों में महामारी का प्रकोप बढ़ते हुए देखा जा रहा है और उचित चिकित्सा सुविधा के अभाव में स्थिति ख़राब हुई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कर्नाटक का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने के हाईकोर्ट के आदेश में दख़ल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर कहा था कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने का आदेश पारित किया है. इससे तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन के आपूर्ति नेटवर्क व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और यह व्यवस्था पूरी तरह से ढह जाएगी. शीर्ष अदालत ने कहा कि कर्नाटक के लोगों को लड़खड़ाते हुए नहीं छोड़ा जा सकता है.