Palestine

ISRAEL-PALESTIN Flag-Reuters

फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाना हिंसा के प्रति दुनिया की बेपरवाही का सबूत है

फिलीस्तीन के ज़ख़्म से ख़ून धीरे-धीरे रिस रहा है, लेकिन वह हमारी आत्माओं को नहीं छूता. जिस तरह दुनिया का हर मुल्क इस्राइल के साथ गलबहियां करने में एक दूसरे से प्रतियोगिता कर रहा है, उससे यह साबित होता है कि फिलिस्तीनियों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है.

Mahmoud-Abbas-of-Palestine-PM-Modi Reuters

क्या फिलिस्तीन को लेकर भारत अपनी ही बातों से पीछे हट गया है?

फिलिस्तान पर मोदी सरकार के बदले रुख़ का अर्थ यह है कि इज़रायल के फिलिस्तीनी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़े को लेकर भारत का रवैया नरम हो गया है.

Olga Beach: Prime Minister Narendra Modi with his Israeli counterpart Benjamin Netanyahu at the Olga Beach in Israel on Thursday. PTI Photo/ PIB(PTI7_6_2017_000103B)

इज़रायल नीति में बदलाव से क्या ​हासिल होगा?

मैं यह नहीं कहना चाहता कि किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री को कभी इज़रायल नहीं जाना चाहिए. लेकिन ये यात्रा कुछ इस तरह से हुई जैसे अरब कहीं है ही नहीं और फिलिस्तीनी देश बस एक मिथक है. उस पवित्र ज़मीन की एकमात्र हकीकत इज़रायल, इज़रायल और सिर्फ इज़रायल है.

U.S. President Donald Trump (R) greets Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu at a joint news conference at the White House in Washington, U.S., February 15, 2017.   REUTERS/Kevin Lamarque

क्या इज़रायल को ट्रंप का अंध-समर्थन अस्थिरता को बढ़ावा देगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बातचीत से यह स्पष्ट हो गया है कि ट्रंप को अलग फिलिस्तीनी राज्य से परहेज है.