Panchjanya

अमेज़ॉन पर हमला और राष्ट्रीय मौद्रिकरण पर चुप्पी संघ परिवार के अंतर्विरोध को उजागर करती है

अगर महज़ दो फीसदी बाज़ार हिस्सेदारी वाले अमेज़ॉन को ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0 कहा जा सकता है, तो फिर केंद्र सरकार को क्या कहा जाए जो एक तरफ सरकारी एकाधिकार रहे जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन की बिक्री के लिए विदेशी पूंजी को दावत दे रही है, दूसरी तरफ ऊर्जा और रेलवे जैसे रणनीतिक क्षेत्र में थोक भाव से निजीकरण को बढ़ावा दे रही है?

इंफोसिस के बाद ‘पाञ्चजन्य’ ने अमेज़ॉन पर साधा निशाना, कंपनी को ‘ईस्ट इंडिया कंपनी 2.0’ बताया

आरएसएस से जुड़ी ‘पाञ्चजन्य’ पत्रिका ने अपने लेख में कहा है कि अमेज़ॉन पर ई-मार्केट प्लेटफॉर्म पर क़ब्ज़ा करने के लिए शेल कंपनियां बनाने, नीतियों को अपने पक्ष में करने के लिए रिश्वत देने और प्राइम वीडियो के माध्यम से भारतीय संस्कृति के विरोध में कार्यक्रमों को प्रसारित करने का आरोप है. इससे पहले पत्रिका ने भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कंपनी ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के साथ काम कर रही है.

इंफोसिस की आलोचना करने वाले ‘पाञ्चजन्य’ के लेख पर निर्मला सीतारमण ने कहा- यह सही नहीं था

आरएसएस से जुड़ी पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ के 5 सितंबर के संस्करण के लेख में भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस पर निशाना साधते हुए इसे ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ क़रार दिया गया था. इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि इंफोसिस का ‘राष्ट्र-विरोधी’ ताकतों से संबंध है और इसके परिणामस्वरूप सरकार के जीएसटी तथा आयकर पोर्टल में गड़बड़ की गई है.

इंफोसिस लेख विवाद: आरएसएस के सह सरकार्यवाह ने कहा- धर्मयुद्ध का शंखनाद है पाञ्चजन्य

आरएसएस के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब संगठन से जुड़ी ‘पाञ्चजन्य’ पत्रिका सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस की आलोचना करने से जुड़े एक लेख से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचार प्रमुख ने दूरी बना ली थी. पत्रिका ने लेख में जीएसटी और आयकर पोर्टल में आ रहीं गड़बड़ियों को लेकर इंफोसिस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कंपनी टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ काम कर रही है.

आरएसएस ने इंफोसिस की आलोचना करने वाले ‘पाञ्चजन्य’ के लेख से ख़ुद को अलग किया

आरएसएस से जुड़ी एक पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ के 5 सितंबर के संस्करण के लेख में भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस पर निशाना साधा गया था और इसे ‘ऊंची दुकान, फीका पकवान’ क़रार दिया गया था. इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि इंफोसिस का ‘राष्ट्र-विरोधी’ ताकतों से संबंध है और इसके परिणामस्वरूप सरकार के जीएसटी तथा आयकर पोर्टल में गड़बड़ की गई है.

संघ से जुड़ी ‘पाञ्चजन्य’ ने इंफोसिस साधा निशाना, कहा- कंपनी टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ काम कर रही

इंफोसिस द्वारा विकसित जीएसटी और आयकर पोर्टलों में खामियों को लेकर आरएसएस से संबंधित साप्ताहिक पत्रिका ‘पाञ्चजन्य’ ने स्वदेशी सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी पर हमला किया है और पूछा है कि क्या कोई ‘राष्ट्र-विरोधी’ शक्ति इसके माध्यम से भारत के आर्थिक हितों को आघात पहुंचाने की कोशिश कर रही है.

बीएचयू भारतीयता का प्रतीक, जेएनयू ग़ैर-भारतीयता का: संघ

संघ से जुड़ी साप्ताहिक पत्रिकाओं पांचजन्य और ऑर्गनाइजर के 70 साल पूरे होने के अवसर पर हुए एक समारोह में संघ के वरिष्ठ नेता मनमोहन वैद्य ने कहा ये पत्रिकाएं आरएसएस का मुखपत्र नहीं बल्कि राष्ट्रवादी प्रकाशन हैं.

क्या तरुण विजय सिर्फ भाजपा और आरएसएस के सदस्यों को ही भारतीय मानते हैं: चिदंबरम

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को भाजपा नेता तरुण विजय के दक्षिण भारतीय लोगों पर की गई टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या भाजपा और आरएसएस के सदस्य ही भारतीय हैं.

अगर भारतीय नस्लभेदी होते तो समूचे दक्षिण भारत के साथ क्यों रहते: तरुण विजय

अल जज़ीरा टीवी से बातचीत में दिए गए बयान के बाद भाजपा नेता तरुण विजय की चौतरफा आलोचना हुई, जिसके बाद उन्होंने ट्विटर पर माफी मांग ली है.