Parliament

(फोटो: पीटीआई)

सीबीएसईः दिल्ली में दलित छात्रों की बोर्ड परीक्षा फीस 50 रुपये से 2100 रुपये त​क कैसे बढ़ी?

इस साल दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में सीबीएसई ने अगले साल के लिए परीक्षा रजिस्ट्रेशन शुल्क इकट्ठा करना शुरू कर दिया, जो दलित छात्रों के लिए औसतन 2,000 रुपये से अधिक है. पिछले साल दिल्ली सरकार ने यह शुल्क माफ कर दिया था, लेकिन इस साल सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए हैं.

राज्यसभा में प्रदर्शन करते सांसद. (फोटो: पीटीआई)

राज्यसभा: सांसदों द्वारा अपनी सीट से वोटिंग की मांग न करने का उपसभापति का दावा झूठा है

बीते 20 सितंबर को दो कृषि विधेयकों पर विपक्ष द्वारा मत विभाजन की मांग को ख़ारिज करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा था कि सदस्यों ने अपनी सीट पर बैठकर ये मांग नहीं की थी. हालांकि राज्यसभा टीवी के फुटेज से पता चलता है कि कई सांसदों ने अपनी सीट से ही वोटिंग की मांग की थी.

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में कैसा रहा संसद का कामकाज

संसद में बीते कुछ वर्षों से सरकार बिना उचित विचार-विमर्श के आनन-फानन में विधेयकों को पारित करने पर आमादा दिखती है. मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में महज़ 25 फीसदी विधेयकों को संसदीय समिति के पास भेजा गया, जो 15वीं लोकसभा के समय भेजे गए विधेयकों की तुलना में काफ़ी कम है.

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धर्म के आधार पर नागरिकता क़ानून बनाना जायज़ नहीं

वीडियो: पिछले कुछ समय से विपक्ष की आवाज़ को संसद और संसद से बाहर दबाने की कोशिश हो रही है. नागरिकता संशोधन क़ानून विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने वालों को जेल में डाला जा रहा है. उन्हें दिल्ली दंगों में फंसाया जा रहा है. इन मुद्दों पर पूर्व उप राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

संसद भवन. (फोटो: पीटीआई)

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट: संसद के नए भवन के निर्माण की अनुमानित लागत 971 करोड़ रुपये

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत संसद भवन की त्रिकोणीय इमारत, एक साझा केंद्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबे राजपथ के पुनर्विकास की परिकल्पना की गई है. हालांकि इस योजना का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा है.

रात में संसद परिसर में धरना देते राज्यसभा से निलंबित होने वाले आठ सांसद. (फोटो: पीटीआई)

राज्यसभा: निलंबित सांसदों ने रातभर संसद परिसर में धरना दिया, विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया

मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि आठ सांसदों का निलंबन वापस होने और कृषि विधेयक में उनकी तीन मांगें शामिल होने तक विपक्ष राज्यसभा का बहिष्कार करेगा. वहीं, निलंबित सासंदों के धरने के जवाब में राज्यसभा उपसभापति ने 24 घंटे उपवास की घोषणा की है.

New Delhi: Monsoon clouds hover over the Parliament House, in New Delhi on Monday, July 23, 2018.(PTI Photo/Atul Yadav) (PTI7_23_2018_000111B)

विदेशी चंदा क़ानून में संशोधन सरकार द्वारा प्रतिरोध की आवाज़ दबाने की कोशिश है: विपक्ष

विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2020 लोकसभा में पेश कर दिया गया है. विधेयक के लक्ष्य और कारणों में कहा गया है कि साल 2010 और 2019 के बीच विदेशी योगदान की वार्षिक आमद लगभग दोगुनी हो गई है, लेकिन इसके कई प्राप्तकर्ताओं ने इस धन को उस उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किया है जिसके लिए उन्हें पंजीकृत किया गया था.

**EDS: VIDEO GRAB** New Delhi: TMC MP Derek O'Brien attempts to tear the rule book as ruckus erupts in the Rajya Sabha over agriculture related bills, during the ongoing Monsoon Session, at Parliament House in New Delhi, Sunday, Sept. 20, 2020. (RSTV/PTI Photo)(PTI20-09-2020_000118B)

राज्यसभा में कथित अभद्र व्यवहार के लिए डेरेक ओ ब्रायन सहित 8 विपक्षी सांसद निलंबित

रविवार को राज्यसभा में कृषि विधेयक ध्वनि मत से पास होने के पहले कई विपक्षी नेता इसके विरोध में हंगामा करते हुए वेल में पहुंच गए थे. राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आठ सांसदों को सदन की कार्यवाही से निलंबित करते हुए उपसभापति हरिवंश के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को भी ख़ारिज कर दिया है.

A health worker in personal protective equipment reacts as she and the rest of the team walk through an alley during a check up campaign for the coronavirus disease (COVID-19) at a slum area in Mumbai. Credit: Reuters.

ड्यूटी के समय कोविड संक्रमित या मरने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का आंकड़ा तैयार नहीं किया: सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि मृत स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को मुआवजा या नौकरी के लिए कोविड-19 के संदर्भ में कोई विशेष योजना प्रस्तावित नहीं की गई है.

(फोटो: पीटीआई)

पहले इनकार करने के बाद अब सरकार ने माना, श्रमिक ट्रेनों में 97 लोगों की मौत हुई

बीते 14 सितंबर को शुरू हुई संसद की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में कुल 10 सांसदों ने प्रवासी श्रमिकों की मौत से जुड़े सवाल पूछे थे, लेकिन सरकार ने ये जानकारी सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया. श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय में राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि​ ऐसा कोई आंकड़ा नहीं रखा जाता है.

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लॉकडाउन: श्रमिकों की मौत का आंकड़ा सरकार ने इकट्ठा किया, फ़िर भी संसद को बताने से इनकार

वीडियो: द वायर द्वारा भारतीय रेल के 18 ज़ोन में दायर आरटीआई आवेदनों के तहत पता चला है कि श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले कम से कम 80 प्रवासी श्रमिकों की मौत हुई है. केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में ये जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद उसने संसद में इसे सार्वजनिक करने से मना कर दिया.

(फोटोः पीटीआई)

संसद में कोरोना से डॉक्टरों की मौत का ज़िक्र नहीं, आईएमए ने कहा- नायकों से मुंह फेर रही सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन द्वारा संसद में दिए गए बयान में काम के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले डॉक्टरों का ज़िक्र न होने से नाख़ुश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ऐसे 382 चिकित्सकों की सूची जारी करते हुए उन्हें शहीद घोषित करने की मांग की है.

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कश्मीर और प्रवासी मज़दूरों पर मोदी सरकार के दो सबसे बड़े झूठ

वीडियो: द वायर द्वारा दायर आरटीआई आवेदनों से पता चला है कि श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले करीब 80 प्रवासी मज़दूरों की मौत हुई है. केंद्र के पास ये जानकारी होने के बावजूद संसद में इसे सार्वजनिक करने से मना कर दिया गया. वहीं, सरकार का कहना है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की घटनाएं कम हुई हैं. इस मुद्दे पर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

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उमर ख़ालिद की गिरफ़्तारी और संसद में खामोश विपक्ष से कमज़ोर होता लोकतंत्र

वीडियो: जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर ख़ालिद की गिरफ़्तारी पर कार्यकर्ताओं के एक समूह ने बयान जारी कर दिल्ली पुलिस की निंदा करते हुए कहा है कि शांतिपूर्ण सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस अपनी दुर्भावनापूर्ण जांच के ज़रिये उन्हें फंसा रही है.

Kullu: Army trucks move along the Manali-Leh highway, amid border tension between India and China, in Kullu district, Wednesday, Sept. 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-09-2020 000063B)

छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ न होने के सरकार के दावे में कितनी सच्चाई है?

केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है. सरकार की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है. चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.