Prakash Javdekar

आईटी नियम: दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र को जवाब देने का निर्देश

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए आईटी नियमों के ख़िलाफ़ द वायर, द न्यूज़ मिनट, द क्विंट आदि समाचार वेबसाइट ने अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें नियमों का पालन नहीं करने के लिए सरकारी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

केंद्र ने आईटी नियमों के ख़िलाफ़ सभी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की

केंद्र सरकार का यह क़दम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नए आईटी नियमों  को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दिल्ली और मद्रास हाईकोर्ट सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबित हैं. नए आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग कंपनियों को तेज़ी से विवादास्पद सामग्रियों को हटाना होगा, शिकायत समाधान अधिकारी की नियुक्ति करनी होगी और जांच में सहयोग करना होगा.

नए आईटी नियमों पर रोक लगाने वाली याचिकाओं पर 7 जुलाई को सुनवाई करेगा दिल्ली हाईकोर्ट

क्विंट डिजिटल मीडिया लिमिटेड, द वायर प्रकाशित करने वाले फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म, फैक्ट-चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ चलाने वाले प्रवदा मीडिया फाउंडेशन और अन्य द्वारा आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं. पीठ ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया हैं.

आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई से दिल्ली हाईकोर्ट के जज अलग हुए

क्विंट डिजिटल मीडिया लिमिटेड, द वायर प्रकाशित करने वाले फाउंडेशन फॉर इंडिपेंडेंट जर्नलिज़्म, फैक्ट-चेक वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ चलाने वाले प्रवदा मीडिया फाउंडेशन और अन्य द्वारा आईटी नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाएं दायर की गई हैं. मामले को जस्टिस भंभानी और जस्टिस जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था.

संपादकीय: केंद्र के नए नियम स्वतंत्र मीडिया को नियंत्रित करने का प्रयास हैं

अनुचित तरीके से बनाए गए नए सोशल मीडिया नियम समाचार वेबसाइट्स को सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ खड़ा करते हैं. इन्हें वापस लिया ही जाना चाहिए.

नए सोशल मीडिया नियमों में संसदीय स्वीकृति का अभाव, दुरूपयोग की संभावना: कांग्रेस

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा डिजिटल मीडिया के नियमन के लिए दिए गए नए दिशानिर्देशों को लेकर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस का कहना है कि नियम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व रचनात्कता के लिए ‘बेहद ख़तरनाक’ हैं, वहीं कई विशेषज्ञों ने इसके दुरूपयोग को लेकर भी आशंकाएं ज़ाहिर की हैं.

मीडिया बोल: सोशल मीडिया-विनियमन के बहाने डिजिटल न्यूज़ मंचों के ख़ात्मे का फरमान!

वीडियो: सरकार ने सोशल मीडिया, डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म और ओटीटी के लिए जिस तरह के दिशानिर्देश जारी किए हैं, उससे देश में स्वतंत्र सूचना प्रवाह और लेखन पर अंकुश-सा लग जाएगा. मीडिया बोल में इस मुद्दे पर द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेण, सत्य हिंदी के संपादक आशुतोष और द हिंदू की एसोसिएट एडिटर अनुराधा प्रधान से उर्मिलेश की बातचीत.

New Delhi: HRD Minister Prakash Javadekar speaks during a press conference at BJP Headquarter in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000241B)

डिजिटल प्रकाशकों ने किया नए आईटी नियमों का विरोध, कहा- ख़बरों के मूल सिद्धांतों के विपरीत

डिजिटल पब्लिकेशन के एसोसिएशन डिजिपब ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस) नियम 2021 का विरोध किया है. उन्होंने नए नियमों को अनुचित और इसके क्रियान्वयन के तरीके को अभिव्यक्ति की आज़ादी का उल्लंघन बताया है.

सरकार का निर्देश, न्यूज वेबसाइट्स को देनी होगी संपादकीय प्रमुख, स्वामित्व पर पूरी जानकारी

सोशल मीडिया मंचों का दुरुपयोग रोकने के लिए लाए गए केंद्र के नए दिशानिर्देश ऑनलाइन न्यूज़ और डिजिटल मीडिया इकाइयों भी पर भी लागू होंगे. सूचना एवं प्रसारण सचिव के अनुसार अब से न्यूज़ पोर्टल्स को अपने संपादकीय प्रमुख, स्वामित्त्व समेत अन्य कई जानकारियां सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को देनी होंगी.

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन को मंज़ूरी, रेलवे-बैंक और एसएससी की होगी एक ही परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी गई. अभी इसके दायरे में रेलवे भर्ती, बैंकों की भर्ती और एसएससी आएंगे और परीक्षा में हासिल स्कोर तीन साल तक मान्य होगा.

क्या केरल में गर्भवती हथिनी की मौत के मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई?

बीती 27 मई को केरल के पलक्कड़ ज़िले में गर्भवती हथिनी की मौत हो गई थी, बताया गया था कि उसे कथित तौर पर पटाखे खिलाए जाने से वह गंभीर रूप से ज़ख़्मी थी. कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है. भाजपा सांसद मेनका गांधी पर इस घटना को लेकर दंगा फैलाने की मंशा का मामला दर्ज किया गया है.

New Delhi: HRD Minister Prakash Javadekar speaks during a press conference at BJP Headquarter in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Manvender Vashist(PTI3_23_2018_000241B)

ट्रेन या विमान यात्री सेवाओं का परिचालन बहाल करने का अभी कोई फैसला नहींः प्रकाश जावड़ेकर

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कुछ एयरलाइनों ने खुद से ही चार मई से बुकिंग शुरू करने का फैसला किया है और इस बारे में उन्होंने नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बात की है, जिन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी ऐसा कोई फैसला नहीं किया है.

संयुक्त राष्ट्र को लिखे पाकिस्तान के पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का भी नाम

पाकिस्तान ने सात पन्नों के इस पत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कश्मीरी लड़कियों के साथ विवाह से जुड़े कथित बयान का ज़िक्र किया है. पाकिस्तान के पत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी नाम था, जिसके बाद भाजपा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.

यूपी: शामली में पत्रकार की पिटाई मामले में चार जीआरपी कर्मियों पर मामला दर्ज

शामली में मंगलवार की रात पटरी से उतरी मालगाड़ी पर स्टोरी करने गए न्यूज 24 के पत्रकार अमित शर्मा की जीआरपी जवानों ने गाली देते हुए पिटाई कर दी थी. सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि वे इस मामले पर रिपोर्ट तलब करेंगे.

रक्षा और विदेश मंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने सरकारी बंगलों के बकाया का भुगतान नहीं किया: आरटीआई

एक आरटीआई के जवाब में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि विजय गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, निर्मला सीतारमण और सुषमा स्वराज समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने अपने सरकारी बंगलों के फरवरी तक के बकाया का भुगतान नहीं किया है.