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रणधीर कुमार सोनी. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: नौकरी के सवाल पर जदयू विधायक ने कहा- जो बाबूजी तुमको पैदा किए, वो रोजगार दिए

मामला बिहार के शेखपुरा का है. शेखपुरा से जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी एक क्वारंटीन सेंटर का दौरा करने पहुंचे थे. वहां क्वारंटीन किए गए प्रवासी मजदूरों ने उनसे पूछा था कि बिहार और केंद्र में मौजूद एनडीए सरकारें रोजगार क्यों पैदा नहीं कर पा रही हैं?

एन. बीरेन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

मणिपुर लौट रहे जो लोग क्वारंटीन में नहीं रहेंगे, उन्हें जेल भेज दिया जाएगा: मुख्यमंत्री

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने कहा कि हमारी प्राथमिकता इस बीमारी को सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोकना है.

फोटो: फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के ट्विटर @FordaIndia से

नए क्वारंटीन नियमों के विरोध में उतरे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, काला रिबन बांधकर किया काम

बीते दिनों केंद्र सरकार ने कोविड-19 संबंधी ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के क्वारंटीन नियमों में बदलाव करते हुए कहा है कि उन्हें तब तक क्वारंटीन में भेजने की ज़रूरत नहीं है, जब तक उन्हें या तो बहुत अधिक ख़तरा न हो या वायरस संक्रमण के लक्षण नज़र आ रहे हों. दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा इसका विरोध किया गया है.

People are seen inside a temporary quarantine centre, during an extended nationwide lockdown to slow the spread of the coronavirus disease (COVID-19), in Kolkata, India, April 15, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

बिहार: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बदहाल क्वारंटीन व्यवस्थाओं में रहने को मजबूर कामगार

बिहार के विभिन्न ज़िलों के क्वारंटीन सेंटर में रह रहे प्रवासी मजदूर लगातार खाने-पीने और स्वच्छता संबंधी अव्यवस्थाओं की शिकायत कर रहे हैं. कुछ सेंटर में रहने वाले कामगारों का यह भी आरोप है कि उनके इस बारे में शिकायत करने के बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया है.

Narela Quarantine Centre

निज़ामुद्दीन मरकज़ से क्वारंटीन किए गए लोगों का आरोप, समयसीमा पूरी होने पर भी नहीं छोड़ रही सरकार

निज़ामुद्दीन मरकज़ में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद तबलीग़ी जमात के क़रीब हज़ार लोगों को नरेला के एक सेंटर में क्वारंटीन किया गया था. देश के विभिन्न हिस्सों आए इन लोगों का कहना है कि अधिकतर लोगों की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव होने और क्वारंटीन की तय अवधि पूरी होने के बावजूद उन्हें घर नहीं जाने दिया जा रहा है.

Migrant Workers Petals PTI

लॉकडाउन डायरी: यह मानवीय क्षुद्रताओं का दौर है…

लॉकडाउन शुरू होने के कुछ रोज़ में ही एक मैसेज मिला, ‘लगता है कलयुग समाप्त हो गया, सतयुग आ गया है, प्रदूषण रहित वातावरण, कोई नौकर नहीं, घर में सब मिलकर काम कर रहे हैं, उपवास-कीर्तन हो रहा है.’ ठीक इन्हीं दिनों हज़ारों कामगारों का हुजूम भूखे-प्यासे एक बीमारी और अनिश्चित भविष्य के डर से महानगरों की सड़कों पर अपनी टूटी चप्पल और फटा बैग संभाले निकल रहा था.

प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स

विदेश में फंसे भारतीयों को लाने की प्रकिया सात मई से होगी शुरू: गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उन्हें ही वापस लाया जाएगा, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण नहीं होंगे. कहा गया है कि विमान और पोत द्वारा यात्रा का प्रबंध किया जाएगा और इसका ख़र्च यात्रियों को वहन करना होगा.

A civic worker disinfecting an ambulance in Mumbai on April 15 (Photo: PTI)

‘हैदराबाद से गोरखपुर के लिए 73 हजार रुपये में एम्बुलेंस ली थी, पर भाई पहुंचने से पहले ही चल बसे’

गोरखपुर ज़िले के भटहट क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले राजेंद्र और धर्मेंद्र निषाद हैदराबाद में काम करते थे, जहां लॉकडाउन के दौरान राजेंद्र की तबियत बिगड़ी और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया. गांव की ज़मीन गिरवी रख और क़र्ज़ लेकर किसी तरह उन्हें घर लाया जा रहा था, जब उन्होंने गांव के रास्ते में दम तोड़ दिया.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

दिल्लीः क्वारंटाइन सेंटर में तबलीगी जमात के दो सदस्यों की मौत, अल्पसंख्यक आयोग ने जांच की मांग की

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में भोजन की अनियमित आपूर्ति की वजह से दोनों लोगों की मौत हुई है.

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क्या समय पर खाना-दवाई न मिलने से क्वारंटाइन सेंटर में हुई शख़्स की मौत?

वीडियो: दिल्ली के सुल्तानपुरी क्वारंटाइन सेंटर में पिछले हफ्ते 59 वर्षीय मोहम्मद मुस्तफ़ा की मौत हो गई. वे पिछले महीने तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. आरोप है कि वे डायबिटीज़ के मरीज़ थे और समय पर इलाज और खाना न मिलने से उनकी मौत हुई है.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: अस्पताल ने मुस्लिम मरीजों पर लगाया प्रतिबंध, कहा- कोरोना जांच निगेटिव आई हो तभी आएं

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैंसर अस्पताल द्वारा उठाया गया ये कदम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है जिसके तहत किसी भी मरीज को उसके धर्म या बीमारी के आधार पर इलाज से इनकार नहीं किया जा सकता है.

Kolkata: A notice put up on the wall of  studio para after it was closed in wake of the deadly coronavirus pandemic, in Kolkata, Wednesday, March 18, 2020. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI18-03-2020_000156B)

कोरोना वायरस: क्वारंटाइन किए गए परिवारों के बारे में लिखने पर महाराष्ट्र में पत्रकार को पीटा

महाराष्ट्र के अहमदनगर का मामला. पुलिस ने बताया कि हमला करने, दंगा करने के साथ पृथकवास में रहने संबंधी नियम का उल्लंघन करने के लिए 12 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

एनबीएसए ने मीडियाकर्मियों को अस्पताल और पृथक केंद्र में प्रवेश नहीं करने को कहा

न्यूज़ ब्राडकॉस्टिंग स्टैंडर्स अथॉरिटी (एनबीएसए) ने पत्रकारों और दूसरे संपादकीय कर्मचारियों से अपील की है कि अस्पताल और अन्य स्थलों पर पृथक रखे गए व्यक्ति की ख़बर दिखाने में विशेष संवेदनशीलता और सचेत रहने की ज़रूरत है, ताकि मरीज़ या चिकित्साकर्मी की निजता और प्रतिष्ठा बनी रहे.

जय सिं​ह अग्रवाल. (फोटो साभार: फेसबुक)

छत्तीसगढ़ के प्रदूषित कोरबा क्षेत्र की 12 फीसदी आबादी को कोरोना का ख़तरा ज़्यादा: मंत्री

छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री जय सिंह अग्रवाल का कहना है कि कोयले की खुली खदानों और कोयले के ईंधन से चलने वाले संयंत्रों के कारण कोरबा अत्यधिक प्रदूषित है और क्षेत्र के तक़रीबन 12 प्रतिशत लोग पहले से ही दमा और ब्रोंकाइटिस से पीड़ित हैं.

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दिल्ली: कोरोना वायरस फैलाने की साज़िश रचने के शक़ में युवक की पिटाई

मामला दिल्ली के बवाना इलाके का है. पुलिस ने कहा कि तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम से मध्य प्रदेश के भोपाल से लौटे 22 वर्षीय महबूब अली जब अपने गांव पहुंचा तो अफवाह फैल गई कि उसकी कोरोना वायरस फैलाने की योजना है.