Raghubar Das

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क्या पिछले दो साल में आधार के कारण 25 लोगों की मौत भूख से हो गई?

झारखंड में पिछले साल हुई 11 साल की संतोषी कुमारी की मौत के एक साल बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 2015 के बाद से कथित भूख से हुई मौतों की एक सूची जारी की है.

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झारखंडः क्या ईसाई संगठनों पर दमनकारी रवैया अपना रही सरकार?

झारखंड में ईसाई संगठन और चर्च राज्य सरकार के रवैये पर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. जबकि कुछ घटनाओं को केंद्र में रखकर भाजपा तथा आरएसएस-विहिप भी मिशनरी संस्थाओं पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है.

पिछले साल चार अक्टूबर को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने डीबीटी का शुभारंभ किया था. (फोटो: नीरज सिन्हा)

झारखंडः अनाज वितरण में डीबीटी हुआ फेल, सरकार ने वापस लिया

झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की व्यवस्था फेल होने के बाद राज्य सरकार ने इसे वापस ले लिया है. पिछले साल अक्टूबर में रांची के नगड़ी ब्लॉक में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया था.

Ranchi: Jharkhand Chief Minister Raghubar Das speaks during Jan-Sawand 'Sidhi Baat' Programme at Soochna Bhavan in Ranchi, on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000055B)

क्या भाजपा ने झारखंड में जेवीएम के छह विधायकों को दल बदलने के लिए दिए थे 11 करोड़ रुपये?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के छह विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए 11 करोड़ रुपये दिए गए थे. वहीं भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए मरांडी के ख़िलाफ़ मानहानि का केस करने की चेतावनी दी.

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में स्थित मिशन स्कूल जहां युवतियां नुक्कड़ नाटक करने गई थीं.

खूंटी में पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं से गैंगरेप की घटना पूर्व नियोजित: महिला आयोग

बीते 19 जून को पांच युवतियां विस्थापन एवं मानव तस्करी के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के अभियान के तहत झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव गई हुई थीं. स्कूल से अगवाकर उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था.

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में स्थित मिशन स्कूल जहां युवतियां नुक्कड़ नाटक करने गई थीं.

झारखंड सामूहिक बलात्कार: अख़बारी सच गले नहीं उतर रहा

ख़बरों के मुताबिक झारखंड पुलिस ने खूंटी ज़िले में पांच महिलाओं के साथ गैैंगरेप मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की जो प्रक्रिया बताई वो थोड़ी उलझी हुई है.

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में स्थित मिशन स्कूल जहां युवतियां नुक्कड़ नाटक करने गई थीं.

झारखंड: मानव तस्करी के ख़िलाफ़ जागरूकता फैला रहीं पांच युवतियों को अगवाकर गैंगरेप

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव का मामला. गांव के मिशन स्कूल में मानव तस्करी के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक करने गई थीं युवतियां.

झारखंड बंद के दौरान प्रदर्शन करते आदिवासी संगठन. (फोटो: नीरज सिन्हा/द वायर)

भूमि अधिग्रहण क़ानून में संशोधन के ख़िलाफ़ झारखंड बंद, सड़क पर उतरे लोग

झारखंड में भूमि अधिग्रहण क़ानून में संशोधन के ख़िलाफ़ आदिवासी संगठनों, विपक्षी दलों तथा जनता का गुस्सा फूट पड़ा है. आरोप है कि कॉरपोरेट घराने तथा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार ने यह क़दम उठाया है.

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गिरिडीह के बाद झारखंड के चतरा में कथित तौर पर भूख से एक और मौत

चतरा के इटखोरी में कचरा बीनने का काम करती थी महिला. बेटे ने बताया कि वह चार दिन से भूखी थीं. झारखंड के ही गिरिडीह ज़िले में रविवार को कथित तौर पर भूख से एक और महिला की मौत हो गई थी.

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झारखंड: कथित तौर पर भूख से महिला की मौत, तीन दिन से घर में नहीं जला था चूल्हा

गिरिडीह ज़िले के मंगरगड्डी गांव में रहने वाली महिला का परिवार छह महीने से मांगकर पेट भर रहा था. प्रभारी उपायुक्त ने कहा कि भूख से नहीं हुई मौत. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और मुखिया ने मौत की वजह भूख बताई.

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पत्थलगड़ी आंदोलन से भाजपा सरकारें क्यों डरी हुई हैं?

पत्थलगड़ी आंदोलन के रूप में जनता द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देना सरकारों के लिए मुश्किल हो गया है.

Khunti: Tribals hold bows and arrows near a Patthalgarhi spot at Maoist-affected village Siladon under Khunti district of Jharkhand on Tuesday. The Patthalgarhi movement says that the “gram sabha” has more weight than either the Lok Sabha or the Vidhan Sabha in scheduled areas. PTI Photo (PTI5_1_2018_000146B)

पत्थलगड़ी आंदोलन का उभार राजभवनों की निष्क्रियता का परिणाम है

कुछेक अपवाद छोड़ दिए जाएं तो संविधान लागू होने के बाद से आज तक किसी भी राज्य के राज्यपाल ने पांचवीं अनुसूची के तहत मिले अपने अधिकारों और दायित्वों का निर्वहन आदिवासियों के पक्ष में करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है.

महिला हिंसा के ख़िलाफ़ रांची में विरोध प्रदर्शन. (फाइल फोटो: नीरज सिन्हा)

झारखंड में जारी बलात्कार की घटनाएं सुर्ख़ियों में क्यों नहीं हैं?

जम्मू कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में गैंगरेप की घटनाओं के बीच झारखंड में बलात्कार की घटनाएं लगातार जारी हैं.

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झारखंड: परमवीर अल्बर्ट एक्का का स्मारक बनाने के प्रति सरकार उदासीन क्यों है?

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का के समाधि-स्मारक निर्माण की आधारशिला रखे जाने के 27 महीने बाद वहां एक ईंट भी नहीं जोड़ी जा सकी है. अब सामाजिक स्तर पर जन समर्थन और आर्थिक सहायता जुटाकर इसके निर्माण का अभियान शुरू किया जा रहा है.

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क्यों झारखंड में आदिवासी ‘पत्थलगड़ी’ आंदोलन कर रहे हैं?

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड के कई आदिवासी इलाकों में इन दिनों पत्थलगड़ी की मुहिम छिड़ी है. ग्रामसभाओं में आदिवासी गोलबंद हो रहे हैं और पत्थलगड़ी के माध्यम से स्वशासन की मांग कर रहे हैं.

झारखंड लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा आयोजित न करने के विरोध में युवा राज्य सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. (फाइल फोटो: नीरज सिन्हा)

झारखंड: नौकरी की आस में लाखों युवा सड़क पर

झारखंड लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की प्रारंभिक परीक्षाएं होने के बाद मुख्य परीक्षा में लगातार देरी होने से राज्य के युवाओं में आक्रोश है.

पिछले साल चार अक्टूबर को झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने डीबीटी का शुभारंभ किया था. (फोटो: नीरज सिन्हा)

डिजिटल इंडिया के चक्कर में झारखंड के ग्रामीण दो जून की रो​टी के लिए तरस रहे हैं

ग्राउंड रिपोर्ट: झारखंड में पिछले साल सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की व्यवस्था लागू की है, लेकिन ग्रामीणों के लिए इसका लाभ ले पाना अब भी दूर की कौड़ी साबित हो रहा है.

हांसदा सोवेंद्र शेखर और किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ का कवर (फोटो साभार: फेसबुक)

ट्रोल करने वाले और मेरे पुतले जलाने वाले मुझे और लिखने के लिए प्रेरित करते हैं: हांसदा सोवेंद्र

लेखक हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ पर संथाल आदिवासी समुदाय की महिलाओं का ग़लत चित्रण करने का आरोप लगा था.

हंसदा सोवेन्द्र शेखर 'द आदिवासी विल नॉट डांस' (फोटो: फेसबुक/स्पीकिंग टाइगर)

झारखंड: हांसदा सोवेंद्र शेखर की किताब ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’ में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं

झारखंड सरकार जल्द हटाएगी प्रतिबंध, किताब को अश्लील बताते हुए चार महीने पहले लगा दिया था बैन.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

झारखंड में भोजन के अधिकार के हनन के लिए जवाबदेह कौन?

झारखंड में कथित तौर पर भुखमरी से हो रही मौतों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के कार्यान्वयन की गंभीर त्रुटियों के चलते लोगों के जीने के अधिकार के हनन को उजागर किया है.

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मेरा झारखंड बनना अब भी बाकी है

कई बार पत्र-पत्रिकाओं के लेख आपको बता सकते हैं कि हमारे सपनों का झारखंड सपने से भी आगे जा चुका है पर इस सपने की सच्चाई देखनी हो तो गांव की पगडंडी पर आइये.

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18वें साल में झारखंड: क्या भूख और कुपोषण से जीतकर राज्य विकास की नई इबारत गढ़ सकेगा?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार से अलग राज्य बनने के बाद लगा था कि झारखंड आर्थिक समृ़द्धि की नई परिभाषाएं गढ़ेगा लेकिन 17 साल बाद भी राज्य से कथित भूख से मरने जैसी ख़बरें ही सुर्खियां बन रही हैं.

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झारखंड: मनरेगा मज़दूरों की ज़रूरतें राजनीतिक नारे से कहीं ज़्यादा हैं

भाजपा की रघुबर दास सरकार के बड़े बोलों के बावजूद राज्य में मनरेगा मज़दूरों को नियत समय पर भुगतान मिलने जैसे कई अधिकारों का व्यापक स्तर पर उल्लंघन हो रहा है.

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झारखंड: एक संतोषी मर गई, पर भात की बात अभी बाकी है…

ग्राउंड रिपोर्ट: सरकारी दावों के इतर झारखंड में ज़मीनी हक़ीक़त यह है कि आधार और नेटवर्क जैसी तकनीकी दिक्कतों और प्रशासन की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में गरीब-​​​​मज़दूर भूख से जूझने को विवश हैं.

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झारखंड: कथित भूख से तीसरी मौत, बायोमेट्रिक मशीन में अंगूठा मैच न होने से दो महीने से नहीं मिला था राशन

देवघर ज़िले में 62 वर्षीय रूपलाल मरांडी की सोमवार को मौत हो गई. घर में दो दिन से नहीं जला था चूल्हा.

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झारखंड: बच्ची की मौत के बाद कथित भुखमरी से रिक्शा चालक की मौत

झरिया के रिक्शा चालक बैद्यनाथ तीन साल से राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहे थे. घर में पिछले कई दिनों से नहीं जला था चूल्हा.

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झारखंड में ‘भुखमरी’ से मरने वाली लड़की की मां से मारपीट

सिमडेगा ज़िले में भुखमरी से बेटी की मौत का दावा करने वाली कोयली देवी पर महिलाओं ने गांव का नाम बदनाम करने का आरोप लगाया है.

बीते सितंबर महीने में झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी की बेटी संतोषी का मौत हो गई. कोयली देवी का दावा था कि सरकारी राशन न मिलने की वजह से उनकी बेटी की मौत हो गई. (फोटो साभार: एएनआई)

भूख से एक नागरिक की मौत सत्ता को ​शर्मिंदा क्यों नहीं करती?

कई बरस से लोग भूख से मर रहे हैं, लेकिन सत्ता हमेशा इस बात से इंकार करती है कि इस देश में किसी की मौत भूख के चलते भी होती है.

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‘मेरी बेटी भात-भात कहते मर गई’

झारखंड के सिमडेगा ज़िले में रहने वाली कोयली देवी का कहना है कि उनकी बेटी भूख की वजह से मर गई. पिछले आठ महीने से उन्हें सरकारी राशन इसलिए नहीं मिल रहा था क्योंकि वह राशन कार्ड को आधार से लिंक नहीं करा पाई थीं.

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बढ़ते सामाजिक टकराव पर प्रधानमंत्री चुप क्यों?

बढ़ती जातीय और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी की विकास के उनके घोषित एजेंडे के अनुकूल नहीं रहीं, लिहाजा देश को अपेक्षा थी कि ऐसी घटनाओं पर मोदी सख्ती से पेश आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

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वीडियो: झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव पर चर्चा

झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव का जायजा लेकर लौटे द वायर के पत्रकार अजय आशीर्वाद और कृष्णकांत की बातचीत.