Railway

Chennai: Migrants arrive at Central Railway Station to board a Shramik Special train for West Bengal, during ongoing COVID-19 lockdown, in Chennai, Wednesday, June 3, 2020. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI03-06-2020_000261B)

लॉकडाउन में श्रमिकों के मौत का आंकड़ा सरकार ने इकट्ठा किया, फ़िर भी संसद को बताने से इनकार

द वायर द्वारा भारतीय रेल के 18 ज़ोन में दायर आरटीआई आवेदनों के तहत पता चला है कि श्रमिक ट्रेनों से यात्रा करने वाले कम से कम 80 प्रवासी मज़दूरों की मौत हुई है. केंद्र सरकार के रिकॉर्ड में ये जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद उसने संसद में इसे सार्वजनिक करने से मना कर दिया.

दिल्ली के आज़ादपुर रेलवे स्टेशन के पास बनी एक बस्ती. (फोटो: पीटीआई)

शहरी विकास मंत्रालय और दिल्ली सरकार के संयुक्त फ़ैसले के बिना अतिक्रमण नहीं हटाएंगे: रेलवे

दिल्ली में रेल पटरियों के किनारे बसी 48 हज़ार झुग्गियों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कांग्रेस नेता अजय माकन ने पुनर्वास की याचिका दायर की थी. इस पर केंद्र के यह कहने कि अंतिम निर्णय लेने तक झुग्गियां नहीं हटेंगी, कोर्ट ने कहा कि बस्तियों के ख़िलाफ़ चार सप्ताह तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी.

(फोटो: पीटीआई)

देश में 12 सितंबर से 80 नई विशेष ट्रेनें चलेंगी: रेलवे बोर्ड

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि 12 सितंबर से शुरू हो रहीं 80 विशेष ट्रेनों के लिए रिज़र्वेशन 10 सितंबर से शुरू होगा. ये ट्रेनें पहले से ही चल रहीं 230 विशेष ट्रेनों के अलावा होंगी.

विशेष श्रमिक ट्रेन. (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए रेलवे ने श्रमिकों से वसूला करोड़ों रुपये किराया

सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को दिए एक आदेश में कहा था कि ट्रेन या बस से यात्रा करने वाले किसी भी प्रवासी मज़दूर से किराया नहीं लिया जाएगा. आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार शीर्ष अदालत के निर्देशों के बावजूद रेलवे द्वारा श्रमिक ट्रेनों के यात्रियों से किराया लिया गया है.

Lucknow: Passengers sit in a coach of the first special train leaving for New Delhi from the Charbagh Railway Station after the end of COVID-19 lockdown 4.0, in Lucknow, Monday, June 1, 2020. Indian Railways has resumed operations of 200 passenger trains from June 1. (PTI Photo/ Nand Kumar) (PTI01-06-2020_000046B)

रेलवे ने अगले आदेश तक सभी नियमित यात्री ट्रेन सेवाओं को निलंबित किया

इससे पहले रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान सभी ट्रेन सेवाओं को 12 अगस्त तक निलंबित कर दिया था. यात्री ट्रेन सेवा के बंद होने से इस वित्त वर्ष में रेलवे ने 40 हज़ार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है.

(फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से रेलवे ने कमाए 429 करोड़ रुपये

एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मिले आंकड़ों के अनुसार 29 जून तक 4,615 ट्रेनें चलीं और रेलवे ने इनसे 428 करोड़ रुपये कमाए. इसके साथ ही जुलाई में 13 ट्रेनें चलाने से रेलवे को एक करोड़ रुपये की आमदनी हुई.

Prayagraj: A railway staff member distributes food packets among migrants sitting in Shramik Special train to reach their native places, during ongoing COVID-19 lockdown, at Prayagraj Railway Station, Sunday, May 31, 2020. (PTI Photo)(PTI31-05-2020_000074B)

श्रमिक ट्रेनों में हुई मौतों का डेटा तैयार कर रहा है रेलवे, सौ के पार जा सकता है आंकड़ा

लॉकडाउन के दौरान मज़दूरों को उनके घर ले जा रहीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में हुई मुसाफ़िरों की मौतों की आलोचना के बाद रेलवे ने अधिकतर मामलों में मृतकों की पुरानी बीमारियों और उनकी शारीरिक अवस्था को ज़िम्मेदार ठहराया था.

Jabalpur: Railway official provides drinking water from a distance to migrants travelling by a train to their native places, during the ongoing nationwide COVID-19 lockdown, at a railway station in Jabalpur, Wednesday, May 27, 2020. (PTI Photo) (PTI27-05-2020 000149B)(PTI27-05-2020 000198B)

‘मुंबई से गांव आने के लिए निकले, लेकिन उनका सफ़र रास्ते में ही ख़त्म हो गया’

बीते 26 मई को झांसी से गोरखपुर जा रही एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार आज़मगढ़ के 45 वर्षीय प्रवासी श्रमिक रामभवन मुंबई से अपने परिवार सहित घर लौट रहे थे, जब रास्ते में अचानक उनकी तबियत ख़राब होने लगी. परिजनों का कहना है कि समय पर उचित मेडिकल सहायता न मिलने के कारण उन्होंने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर दम तोड़ दिया.

(फोटोः रॉयटर्स)

देखभाल के लिए दिल्ली से मुंबई पहुंची मां को बेटे ने घर से निकाला

रेलवे अधिकारियों को 68 साल की एक महिला अकेले मुंबई के बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन के बाहर बैठी हुई मिली थीं. उन्होंने बताया कि चार महीने पहले बीमार बेटे की देखभाल के लिए दिल्ली से आई थीं और अब बेटे ने सामान समेत उन्हें घर से निकाल दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अब तक कम से कम 80 लोगों की मौत: आरपीएफ

रेलवे सुरक्षा बल के आंकड़ों के मुताबिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में करीब 80 लोगों की मौत 9 मई से 27 मई के बीच हुई है. इनमें चार वर्ष से लेकर 85 वर्ष तक के यात्री शामिल थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

लॉकडाउनः अधिकांश श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरात-महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश और बिहार रवाना हुईं

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अब तक 50 लाख से अधिक मज़ूदरों को सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने में सफल रही हैं.

Lingamapally: Migrants board a special train for Hatia in Jharkhand, amid the nationwide lockdown, at Lingampally Station in Telangana, early Friday morning, May 1, 2020. This was the first special train to transport the stranded migrants. The 24-coach train, which usually seats 72 people in a compartment, contained only 54 people in each in accordance with social distancing guidelines. (PTI Photo)  (PTI01-05-2020_000217B) *** Local Caption ***

झारखंडः मज़दूर ने ट्रेन में खाना न मिलने की शिकायत की तो अधिकारी बोले- ट्रेन से कूद जाओ

झारखंड के एक प्रवासी मज़दूर और राज्य के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एपी सिंह की बातचीत का कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि अधिकारी का कहना है कि यह बात उन्होंने दूसरे संदर्भ में कही थी.

Prayagraj: A mother covers her childs head to beat the heat while waiting to board a bus to reach her native place after arriving via special train at Prayagraj Junction, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Prayagraj, Tuesday, May 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-05-2020 000043B)

स्पेशल ट्रेन चलने के बाद भी क्यों श्रमिकों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं?

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मज़दूरों को न सिर्फ़ खाने-पीने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, बल्कि रेलवे द्वारा रूट बदलने के कारण कई दिनों की देरी से वे अपने गंतव्य तक पहुंच पा रहे हैं. इस दौरान भूख-प्यास और भीषण गर्मी के कारण मासूम बच्चों समेत कई लोग दम तोड़ चुके हैं.

(फोटो: पीटीआई)

रेलवे एक जून से रोजाना 200 नॉन एसी द्वितीय श्रेणी की रेलगाड़ियां चलाएगा

ये रेलगाड़ियां मौजूदा समय में प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह प्रदेश पहुंचाने के लिए चलाई जा रहीं विशेष श्रमिक रेलगाड़ियों एवं राजधानी ट्रेन के रूट पर दिल्ली से 15 शहरों के लिए चलाई जा रहीं विशेष रेलगाड़ियों के अलावा होंगी.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली से बिहार लौटे मजदूरों का किराया देने से बिहार सरकार ने क्यों इनकार कर दिया?

दिल्ली सरकार ने बिहार के 1200 प्रवासी मजदूरों की सूची बनाकर उनका किराया रेलवे को सौंप दिया और इसका पैसा सीधे बिहार सरकार से मांगा. हालांकि, बिहार सरकार ने दिल्ली सरकार द्वारा मांगे गए करीब 6.5 लाख रुपये को वापस करने से इनकार कर दिया है.