Railways

(फोटो: पीटीआई)

मध्य और पश्चिम रेलवे के 872 कर्मचारी कोरोना संक्रमित अब तक 88 लोगों की मौत: रेलवे

अधिकारियों ने बताया कि 872 संक्रमित कर्मचारियों में से 559 मध्य रेलवे और 313 पश्चिमी रेलवे से हैं. कुछ रेल यूनियनों का दावा है कि 15 जून के बाद लोकल ट्रेन सेवाओं के परिचालन बहाल होने के बाद से रेलकर्मियों के संक्रमित होने की संख्या बढ़ी है.

(फोटो: पीटीआई)

बिहार: लॉकडाउन के कारण घर लौटे कामगार फिर से दूसरे शहरों में लौटने पर मजबूर

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में अपनी आ​जीविका खो चुके कामगार कुछ समय पहले पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और ट्रकों के ज़रिये यहां तक कि कंटेनर ट्रकों और कंक्रीट मिक्सिंग मशीन वाहन में छिपकर आनन-फानन में बिहार स्थित अपने घर लौटे थे.

(फोटो: पीटीआई)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मज़दूरों की मुश्किलों को लेकर गृह सचिव और रेलवे को एनएचआरसी का नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि राज्य ट्रेनों में सवार ग़रीब मज़दूरों के जीवन की रक्षा करने में विफल रहे हैं. आयोग ने केंद्रीय गृह सचिव, रेलवे और गुजरात और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में विस्तृत जवाब देने को कहा है.

विशेष श्रमिक ट्रेन. (फोटो: पीटीआई)

48 घंटे में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से घर लौट रहे नौ लोगों की मौत: रेलवे

ये नौ मौतें उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली अलग-अलग ट्रेनों में हुईं. रेलवे की ओर से कहा गया है कि अधिकतर मौतों के मामले में मृतक पहले से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे थे.

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श्रमिक ट्रेनें: भटकती रेलें, भूख-प्यास से मरते मज़दूर

वीडियो: सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में मुज़फ़्फ़रपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर महिला का शव के पास एक बच्चा नज़र आता है. अहमदाबाद से बिहार आ रही श्रमिक ट्रेन में सवार इस महिला के परिजनों का आरोप है कि खाने-पीने को न मिलने से तबियत ख़राब होने के बाद उनकी मौत हो गई. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

(फोटो साभार: ट्विटर/@PiyushGoyal)

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए राज्यों से सहमति की ज़रूरत नहीं: रेलवे

इससे पहले रेल मंत्रालय द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि जिस राज्य से प्रवासी चलेंगे, उस राज्य को जिस राज्य में प्रवासी लौटना चाहते हैं, उसकी सहमति लेनी होगी. रेलवे ने बताया है कि अब तक 1,600 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 21 लाख से अधिक प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया जा चुका है.

फोटो: पीटीआई

लॉकडाउन: तकरीबन दो महीने बाद आज से कुछ यात्री ट्रेनें शुरू

रेलवे ने एक बयान में कहा है कि एक मई से अब तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 6.48 लाख प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया है.

(फोटो: पीटीआई)

तीन लाख कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में रेलवे, मंडल कार्यालयों को सूची तैयार करने का आदेश

रेलवे में 13 लाख कर्मचारी हैं और रेल मंत्रालय 2020 तक घटाकर उसे 10 लाख करना चाहता है. हालांकि, रेलवे ने कहा कि यह समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा का हिस्सा है. इसके तहत जिन कर्मचारियों का काम ठीक नहीं है या जिनके विरूद्ध कोई अनुशासनात्मक मुद्दा है, उन्हें समयपूर्व सेवानिवृत्ति की पेशकश की जाएगी.

(फोटो: रॉयटर्स)

पिछले एक दशक के दौरान ट्रेनों में चोरी के मामलों में पांच गुना बढ़े, 1.71 लाख मामले दर्ज: आरटीआई

एक आरटीआई के जवाब में रेल मंत्रालय ने कहा है कि पिछले एक दशक में चोरी के सबसे अधिक 36,584 मामले 2018 में दर्ज हुए हैं.

Attari: Passengers, arriving from Pakistan by Samjhauta Express train, wait for custom-check at Attari railway station, near Amritsar, Monday, Feb 25, 2019. (PTI Photo) (PTI2_25_2019_000137B)

पाकिस्तान के बाद भारत की ओर से भी समझौता एक्सप्रेस ट्रेन रद्द

भारत और पाकिस्तान के बीच यह ट्रेन सेवा 22 जुलाई 1976 को शुरू हुई थी. यह ट्रेन हफ्ते में दो दिन थी. लाहौर से सोमवार और बृहस्पतिवार को जबकि दिल्ली से बुधवार और रविवार को इस ट्रेन का संचालन होता था.

Narendra Modi Pareeksha Pe Charcha PIB

क्या प्रधानमंत्री को नहीं पता कि तनाव बोर्ड परीक्षा नहीं बल्कि शिक्षा की हालत के कारण है

देश के सरकारी स्कूलों में दस लाख शिक्षक नहीं हैं. कॉलेजों में एक लाख से अधिक शिक्षकों की कमी बताई जाती है. सरकारी स्कूलों में आठवीं के बच्चे तीसरी की किताब नहीं पढ़ पाते हैं. ज़ाहिर है वे तनाव से गुज़रेंगे क्योंकि इसके ज़िम्मेदार बच्चे नहीं, वो सिस्टम है जिसे पढ़ाने का काम दिया गया है.

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रेलवे का फ्लेक्सी किराया बढ़ोतरी योजना वापस लेने से इनकार, कैग ने लगाई थी फटकार

बीते 20 जुलाई को नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) ने रेलवे को ‘फ्लेक्सी किराया योजना’ को लेकर कड़ी फटकार लगाई थी. कैग का कहना था कि इस योजना की वजह से ज़्यादातर मार्गों पर हवाई जहाज से यात्रा करना ट्रेनों के मुकाबले सस्ता है.

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कैग ने रेलवे को लगाई फटकार, कहा- किराया बढ़ोतरी से लोग विमान यात्रा करने को हो रहे मजबूर

कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों में मांग बढ़ने के साथ किराये में बढ़ोतरी व्यवस्था शुरू करने की वजह से यात्रियों की संख्या में 6.75 लाख की कमी आई है.