Rain

भारत ने सुरक्षा परिषद में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा संबंधी प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट किया

भारत ने इस क़दम का विरोध करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन पर चर्चा का उचित मंच ‘जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन’ यानी यूएनएफसीसीसी है, न कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद. भारत के अलावा वीटो का अधिकार रखने वाले रूस ने इस प्रस्ताव के विपक्ष में वोट किया, जबकि चीन ने मतदान में भाग नहीं लिया.

उत्तराखंड: पहाड़ों में आपदाएं सियासी मुद्दा क्यों नहीं बनती हैं…

पहाड़ों में जनता की दुख-तकलीफ़ों को दूर करने के सियासी एजेंडा में पर्यावरण और विकास के सवाल हमेशा से ही विरोधाभासी रहे हैं क्योंकि राजनीतिक दलों को लगता है कि पर्यावरण बचाने की बातें करेंगे तो विकास के लिए तरसते लोग वोट नहीं देंगे.

उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश से मरने वालों की संख्या 47 हुई, नैनीताल से संपर्क बहाल

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मरने वालों की संख्या 40 से अधिक हो गई है. भारी बारिश से कई मकान ढह गए. कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं. सड़कों, पुलों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचा हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य भर में भारी क्षति हुई है. सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा. धामी ने राहत प्रयासों के लिए प्रत्येक ज़िलाधिकारियों को 10-10 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

असम में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ी, दो की मौत और 3.63 लाख लोग प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बारपेटा ज़िले के चेंगा और मोरीगांव के मायोंग में बाढ़ के पानी में एक-एक बच्चे डूब गए. राज्य के 17 ज़िलों में 3.63 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. लखीमपुर में सर्वाधिक 1.3 लाख से अधिक बाढ़ से प्रभावित हैं. 950 गांव जलमग्न हैं और 30,333.36 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है.

असम में बिगड़ी बाढ़ की स्थिति, 2.58 लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 14 ज़िलों में 2.58 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. लखीमपुर में सर्वाधिक 1.05 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं. राज्य के 732 गांव जलमग्न हैं, कई हेक्टेयर कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हुई है और लाखों मवेशी प्रभावित हैं. डिब्रू-सैखोवा राष्ट्रीय उद्यान में बाढ़ के चलते कम से कम तीन घोड़ों की मौत हुई है.

बढ़ते समुद्र, घटते ग्लेशियर; लगभग 100 प्रतिशत ग्लोबल वार्मिंग का कारण इंसान: यूएन जलवायु समिति

जलवायु परिवर्तन पर आई आईपीसीसी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि अगर पृथ्वी के जलवायु को जल्द स्थिर कर दिया जाए, तब भी जलवायु परिवर्तन के कारण जो क्षति हो चुकी है, उसे सदियों तक भी ठीक नहीं किया जा सकेगा. आईपीसीसी इस बात की पुष्टि करता है कि 1950 के बाद से अधिकांश भूमि क्षेत्रों में अत्यधिक गर्मी, हीटवेव और भारी बारिश भी लगातार और तीव्र हो गई है. संयुक्त राष्ट्र ने इसे ‘मानवता के लिए कोड रेड’ क़रार दिया है.

महाराष्ट्र में बारिश का कहर जारी, कम से कम 136 लोगों की मौत

पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे मंडल में भारी बारिश और नदियों के उफान पर होने के चलते 84,452 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इनमें 40,000 से अधिक लोग कोल्हापुर ज़िले से हैं.  पिछले दो दिनों से महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश के कारण रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सांगली और सतारा आदि ज़िले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं. कर्नाटक में भारी बारिश में तीन लोगों की मौत और हज़ारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया.

महाराष्ट्र: रायगढ़ ज़िले में भूस्खलन के कारण 36 लोगों की मौत

महाराष्ट्र के तटीय रायगढ़ ज़िले में यह हादसा महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार शाम को हुआ. इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. मुंबई के गोवंडी में मकान ढहने से चार की मौत होने की सूचना है. पिछले दो दिनों से राज्य में हो रही भारी बारिश के कारण रायगढ़, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, सांगली और सतारा ज़िलों में भीषण बाढ़ आई हुई है, जिसके कारण कई हादसे भी हो चुके हैं.

मुंबईः भारी बारिश के बाद मकान ढहने की घटनाओं में 25 लोगों की मौत

प्रधानमंत्री ने मुंबई में भारी बारिश के बाद मकान ढहने की घटनाओं में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की.

उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 70 लोगों की मौत

उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. आकाशीय बिजली की चपेट में आकर उत्तर प्रदेश में कम से कम 41, राजस्थान में 23 और मध्य प्रदेश में छह लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. प्रधानमंत्री ने मृतकों के लिए दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

‘बंगाल मुख्य सचिव प्रकरण एक बुरी मिसाल क़ायम करता है और ये सिविल सेवकों को हतोत्साहित करेगा’

कुछ क़ानून विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय को सेवा विस्तार देने का बाद उनका तबादला करने का आदेश बिल्कुल ग़लत है. उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस दर्शाता है कि भारतीय नौकरशाही किस हाल में है. बताया जा रहा है कि केंद्र के आदेश का पालन न करने से आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51बी का उल्लंघन होता है. दोष सिद्ध होने पर उन्हें एक साल तक क़ैद हो सकती है.

बंगाल: दिल्ली जाने के बजाय मुख्य सचिव ने इस्तीफ़ा दिया, ममता ने अपना सलाहकार नियुक्त किया

चक्रवाती तूफान यास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने के बाद केंद्र ने मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय का दिल्ली तबादला कर दिया था. केंद्र की मोदी सरकार की ओर से उन्हें 31 मई को दिल्ली में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था. बंद्योपाध्याय के वहां नहीं पहुंचने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

ममता बनर्जी ने मुख्य सचिव को दिल्ली भेजने से किया इनकार, कहा- एकतरफ़ा आदेश से स्तब्ध और हैरान

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि यह एकतरफ़ा आदेश क़ानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाला, यह पूरी तरह से असंवैधानिक है. यास तूफान को लेकर मोदी की बैठक में बनर्जी के शामिल नहीं होने के बाद केंद्र ने मुख्य सचिव आलापन बंद्योपाध्याय का दिल्ली तबादला कर दिया था.

मुख्य सचिव तबादला मामला: ममता ने कहा, मोदी के पैर छूने को तैयार लेकिन मुझे अपमानित न करें

चक्रवाती तूफान ‘यास’ पर प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल न होने और इसके कुछ देर बाद प्रदेश के मुख्य सचिव के तबादले के बाद केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच एक बार फ़िर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ से 48 लोगों की मौत, कर्नाटक में बाढ़ से गंभीर हालात

पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी वर्षा और बाढ़ से 3,000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए जबकि 40,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. उत्तर कर्नाटक सबसे बुरी तरह प्रभावित रहा, जहां पिछले तीन महीने में तीसरी बार बाढ़ आई है. तेलंगाना ने बारिश और बाढ़ के कारण छह हज़ार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है.