Ram Mandir

(फोटो: पीटीआई)

उपासना स्थलों पर 1991 के क़ानून के ख़िलाफ़ याचिका के विरोध में याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर कर उपासना स्थल अधिनियम, 1991 को चुनौती दी है, जिसके तहत राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छोड़कर अन्य धार्मिक स्थल से संबद्ध ऐसे किसी भी विवाद को अदालत नहीं लाया जा सकता. लखनऊ की 350 साल पुरानी टीलेवाली मस्जिद से जुड़े वसीफ़ हसन ने इसे चुनौती दी है.

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रिंकू शर्मा हत्याकांड में पांच आरोपी गिरफ़्तार, मामले की जांच जारी

वीडियो: दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 24 साल के रिंकू शर्मा की इलाके के बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली: रिंकू शर्मा हत्या मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी, अब तक पांच लोग गिरफ़्तार

बीते 10 फरवरी को दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में रिंकू शर्मा नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी. परिवार और भाजपा ने आरोप लगाया है कि मृतक राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करने के अभियान में हिस्सा ले रहे थे, इसलिए उनकी हत्या हुई. हालांकि पुलिस का कहना है कि कारोबारी रंज़िश के चलते हुए झगड़े के बाद यह घटना होने की बात सामने आई है.

राम मंदिर के लिए चंदा एकत्र करने की मुहिम शुरू करते एनएसयूआई कार्यकर्ता. (फोटो साभार: ट्विटर//@TabeenahAnjum)

राजस्थान: कांग्रेस की युवा इकाई ने शुरू किया राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने का अभियान

एनएसयूआई द्वारा राजस्थान के सभी कॉलेजों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकठ्ठा करने का पंद्रह दिवसीय अभियान शुरू किया गया है. कई अन्य राज्यों में भाजपा और एबीवीपी द्वारा इसी तरह की मुहिम चलाई जा रही है.

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अयोध्या: मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने के उद्देश्य से यूपी सरकार के विभाग ने बैंक खाता खोला

उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी विभाग ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए दान प्राप्त करने के उद्देश्य से एक बैंक खाता खोला है. यह कदम संविधान के उस प्रावधान का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया है कि सरकार किसी विशेष धर्म के नाम पर टैक्स या धन एकत्र नहीं कर सकता है.

(फोटो: पीटीआई)

निर्वाणी अखाड़ा प्रमुख ने राम मंदिर ट्रस्ट को ‘ग़ैर क़ानूनी’ बताया, गृह मंत्रालय को लीगल नोटिस भेजा

अयोध्या के निर्वाणी अखाड़े के प्रमुख महंत धर्मदास ने गृह मंत्रालय को नोटिस भेजते हुए कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए बना ट्रस्ट ग़ैर क़ानूनी और शीर्ष अदालत के फ़ैसले के विपरीत है. अगर केंद्र सरकार ने अदालत के निर्देशों के अनुसार इसका गठन व नियमन नहीं किया, तो वे क़ानून की मदद लेंगे.

अक्टूबर 1990 में बाबरी मस्जिद के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी. (फाइल फोटो: एपी/पीटीआई)

बाबरी विध्वंस पर फ़ैसला सुनाने वाले पूर्व जज की सुरक्षा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सीबीआई के विशेष जज एसके यादव ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की संवेदनशीलता के मद्देनज़र अदालत से अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की थी. 30 सितंबर को उन्होंने इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी सहित सभी 32 आरोपियों को बरी किया था.

आनंद पटवर्धन, बाबरी मस्जिद, राम के नाम को लेकर छपा एक रिव्यू. (साभार: फेसबुक/http://patwardhan.com/)

बाबरी मस्जिद धर्म के लिए नहीं, सत्ता पाने के लिए ढहाई गई थी: आनंद पटवर्धन

साक्षात्कार: देश के नामचीन डॉक्यूमेंट्री फिल्मकारों में से एक आनंद पटवर्धन ने 90 के दशक में शुरू हुए राम मंदिर आंदोलन को अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘राम के नाम’ में दर्ज किया है. बाबरी विध्वंस मामले में विशेष सीबीआई अदालत के फ़ैसले के मद्देनज़र उनसे बातचीत.

(साभार: संबंधित ई-पेपर)

बाबरी मस्जिद विध्वंस फ़ैसला और हिंदी अख़बारों के संपादकीय

बाबरी विध्वंस मामले को लेकर सीबीआई कोर्ट के फ़ैसले की आलोचना पर जहां अंग्रेज़ी अख़बारों के संपादकीय मुखर रहे, वहीं हिंदी अख़बारों के संपादकीय ‘बीती ताहि बिसार दे’ वाला रवैया अपनाते दिखे.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

बाबरी विध्वंस की साज़िश को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आईबी रिपोर्ट पेश की गई थी: पूर्व गृह सचिव

बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय केंद्रीय गृह सचिव रहे माधव गोडबोले ने कहा है कि मस्जिद गिराने की साज़िश रची गई थी और इसी आधार पर उन्होंने तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार को बर्ख़ास्त करने की सिफ़ारिश की थी.

​(फोटो: पीटीआई)

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला: दो एफआईआर की कहानी

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले की शुरुआत इस बारे में दर्ज दो एफआईआर 197 और 198 से हुई थी. पहली एफआईआर विध्वंस के ठीक बाद अयोध्या थाने में लाखों अज्ञात कारसेवकों के ख़िलाफ़ दर्ज हुई थी और दूसरी जिसमें भाजपा, संघ और बाकी संगठनों के नेता नामजद थे.

New Delhi: Sunni Waqf Board lawyer Zafaryab Jilani along with other advocates comes out  of the Supreme Court after the Ayodhya case verdict, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo/Arun Sharma)  (PTI11_9_2019_000065B) *** Local Caption ***

बाबरी विध्वंस फैसला न्याय से दूर, इसके ख़िलाफ़ मुस्लिमों की ओर से अपील की जाएगी: एआईएमपीएलबी

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा नेताओं समेत 32 आरोपियों को बरी किए जाने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि विशेष सीबीआई अदालत का यह फैसला ग़लत है. अदालत ने सबूतों को नज़रअंदाज़ कर यह निर्णय दिया है. वहीं राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई रहे इक़बाल अंसारी ने इस फैसले का स्वागत किया है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

संघ-वीएचपी के लोग संभाले हुए थे व्यवस्था, अराजक कारसेवकों ने गिराई बाबरी मस्जिद: सीबीआई कोर्ट

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भाजपा नेताओं समेत 32 लोगों को बरी करते हुए विशेष सीबीआई अदालत ने कहा था कि कुछ अराजक कारसेवकों के समूह द्वारा मस्जिद गिराई गई थी और ऐसे लोगों को रामभक्त नहीं कहा जा सकता है. मस्जिद गिराना पूर्व नियोजित साज़िश नहीं थी.

Babri Masjid PTI

बाबरी विध्वंस फ़ैसला: छल और बल का न्याय

समाज से न्याय का बोध लुप्त हो सकता है, उससे भी ख़तरनाक है जब वह इंसाफ़ की परवाह ही न करे. भारत का बहुसंख्यक समाज अभी अपने बाहुबल के नशे में है. न्याय उसके लिए अप्रासंगिक हो चुका है. वह जानता है कि उसके नाम पर जो हो रहा है, वह अन्याय है, लेकिन वह इससे परेशान नहीं बल्कि प्रसन्न है.

जस्टिस एमएस लिब्रहान, 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद पर जमा कारसेवक और मामले में आरोपी रहे भाजपा नेता. (फोटो: पीटीआई/रॉयटर्स)

बाबरी विध्वंस की योजना बारीकी से बनाई गई थी, उमा भारती ने ख़ुद ज़िम्मेदारी ली थी: जस्टिस लिब्रहान

बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच के लिए 1992 में जस्टिस एमएस लिब्रहान की अगुवाई में लिब्रहान आयोग का गठन किया गया था, जिसने साल 2009 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. आयोग ने कहा था कि कारसेवकों का जुटान अचानक या स्वैच्छिक नहीं था, बल्कि योजनाबद्ध था.