Ram

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

गूगल नारद की तरह जानकारी का स्रोत है: विजय रूपाणी

अहमदाबाद में आरएसएस द्वारा आयोजित देवर्षि नारद जयंती में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि मानवता की भलाई के लिए जानकारियां जुटाते थे नारद. इससे पहले रूपाणी राम के तीरों को इसरो के रॉकेट जैसा बता चुके हैं.

Jabalpur: Art of Living founder Sri Sri Ravi Shankar speaks during Mahasatsang 'Shakti Sangam' at Jabalpur on Thursday. PTI Photo (PTI3_8_2018_000023B)

एक के बाद एक भड़काऊ बयान दे रहे श्रीश्री रविशंकर पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?

अयोध्या के संबंध में श्रीश्री का यह दावा करना कि अगर अदालत हिंदुत्ववादियों की मांग को ख़ारिज करता है तो हिंदू हिंसा पर उतर आएंगे, इसके ज़रिये वह न केवल क़ानून के राज को चुनौती दे रहे थे बल्कि संवैधानिक सिद्धांतों पर भी सवाल खड़ा कर रहे थे.

Mahatma-Gandhi-HD-Wallpapers

बापू ने अयोध्या में कहा था, हिंसा कायरता का लक्षण और तलवारें कमज़ोरों का हथियार हैं

साल 1921 में गांधीजी ने फ़ैज़ाबाद में निकले जुलूस में देखा कि ख़िलाफ़त आंदोलन के अनुयायी हाथों में नंगी तलवारें लिए उनके स्वागत में खड़े हैं. जिसकी उन्होंने सार्वजनिक तौर पर आलोचना की थी.

फाइल फोटो: पीटीआई

बाबरी विध्वंस के 25 साल: जलती मशालों के बीच का अकेलापन

बाबरी मस्जिद विध्वंस और उसके बाद के रक्तरंजित दौर की तरफ पच्चीस साल बाद फिर लौटते हुए हम नए सिरे से उस पुराने द्वंद्व से रूबरू होते हैं जो हर ऐसे सांप्रदायिक दावानल के बहाने उठता है.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

Carsewak Ayodhya

‘आडवाणी ने हमें कहा कि उन्हें 6 दिसंबर के बाद बाबरी मस्जिद नहीं चाहिए’

‘हम वहां राम मंदिर निर्माण के लिए कारसेवा करने गये थे, मस्जिद गिराने नहीं’, बाबरी मस्जिद विध्वंस में शामिल रहे कारसेवकों ने बताया उनका अनुभव.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

अगर राम मंदिर बन भी जाता है तो इससे आम हिंदू की ज़िंदगी में रत्ती भर फ़र्क नहीं पड़ेगा

राम मंदिर था या नहीं, ये बहस अनंत काल तक चलाई जा सकती है, लेकिन मुद्दा इतिहास का नहीं बल्कि धर्म के नाम पर बरगलाने का है.

Sri Sri Ravishankar Facebook 1

रविशंकर जी! और भी ग़म हैं अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के सिवा…

माहौल का असर है या कुछ और कि श्री श्री रविशंकर को अयोध्या में कोई भी गंभीरता से नहीें ले रहा. लेकिन श्री श्री का सौभाग्य कि वे मीडिया की भरपूर सुर्ख़ियां बटोर रहे हैं.

ayodhya Wikimedia 1

अयोध्या से ‘राम’ और ‘बाबरी’ को हटा दें तो उसके पास क्या बचता है?

अयोध्या से बाहर इसकी पहचान राम जन्मभूमि और बाबरी मस्ज़िद विवाद से ही होती है. लेकिन अयोध्या के पास इन दोनों के इतर और भी बहुत कुछ है कहने को.