Raman Singh Govt

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री रमन सिंह और अजीत जोगी. (फोटो साभार: फेसबुक)

छत्तीसगढ़ चुनाव: मुख्यमंत्री रमन सिंह ने दिया इस्तीफ़ा, कांग्रेस को 66 सीटों पर बढ़त

90 सीटों वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 66, भाजपा 17, बसपा तीन और अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस ने चार सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं.

Sukma: A polling station set up undera tree during the first phase of Assembly elections in Chhattisgarh, in Sukma, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo) (PTI11_12_2018_000011)

छत्तीसगढ़: दूसरे चरण की वोटिंग में कई गांवों ने किया मतदान का ​बहिष्कार

छत्तीसगढ़ के भटगांव विधानसभा के पांच, सीतापुर विधानसभा के दो, जांजगीर-चांपा ज़िले के दो, कोरबा ज़िले और बालोद ज़िले के एक-एक गांव के लोगों द्वारा मतदान न करने की सूचना.

** BEST QUALITY AVAILABLE** voters wait in queues to cast their votes during the first phase of Assembly elections in Chhattisgarh at a polling station in Dantewada on Monday, Nov 12,2018.( PTI Photo)(PTI11_12_2018_000003)

छत्तीसगढ़ में पहले चरण की 18 सीटों पर 76 फीसदी मतदान: चुनाव आयोग

18 विधानसभा सीटों के लिए कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. राजनांदगांव सीट पर मुख्यमंत्री रमन सिंह को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला चुनौती दे रही हैं.

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री रमन सिंह और अजीत जोगी. (फोटो साभार: फेसबुक)

छत्तीसगढ़: पहले चरण में जिन 18 सीटों पर चुनाव है, वहां किसका पलड़ा भारी है?

विशेष रिपोर्ट: छत्तीसगढ़ की उन 18 विधानसभा सीटों का गणित, जिन पर पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होने वाले हैं.

(फोटो साभार: ट्विटर)

सुकमा मुठभेड़: छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ की स्वतंत्र जांच का सुप्रीम कोर्ट में विरोध किया

छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में छह अगस्त को हुई मुठभेड़ में पुलिस के 15 नक्सलियों को मारने के दावे पर स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा था कि नक्सलियों के नाम पर निर्दोष आदिवासियों की हत्या की गई है. मामले की स्वतंत्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

छत्तीसगढ़: सुकमा मुठभेड़ पर सवाल, नक्सलियों के नाम पर निर्दोष आदिवासियों की हत्या का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि मुठभेड़ के वक्त मौके पर कोई माओवादी नहीं था बल्कि बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को देखकर ग्रामीण भागने और छिपने की कोशिश कर रहे थे जिन पर बिना कुछ कहे और बताए गोलियां बरसा दी गईं. मरने वालों में 6 नाबालिगों के होने का भी दावा है.