Rape Survivors

पत्रकार और लेखक प्रियंका दुबे और उनकी पहली किताब नो नेशन फॉर वीमन का कवर. (फोटो साभार: फेसबुक)

सभ्यताएं भले ही चांद पर चली गईं हों, औरतों का कोई देश नहीं

पुस्तक समीक्षा: अपनी किताब ‘नो नेशन फॉर वीमेन’ में प्रियंका दुबे इस बात की पड़ताल करती हैं कि कैसे भारत में महामारी की तरह फैले बलात्कार का कारण हवस कम, पितृसत्ता ज़्यादा है. कैसे औरत को ‘उसकी जगह’ दिखाने के लिए बलात्कार का सहारा लिया जाता है.

नीतीश कुमार. (फोटो साभार: ट्विटर/@thevoiceofbihar)

एक कैंपस के भीतर 29 बच्चियों के साथ बलात्कार होता रहा और बिहार सोता रहा

बिहार की नीतीश कुमार सरकार इस मामले में चुप रही. वहीं बिहार का मीडिया और मुज़फ़्फ़रपुर का नागरिक समाज भी 29 बच्चियों के साथ हुए बलात्कार के इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है.

(फोटो: रॉयटर्स)

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगा निर्भया कोष के तहत जमा धन का विवरण

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4 माह के अंदर कोष को मिले धन और उससे हुए वितरण की जानकारी देने का निर्देश दिया है.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

बलात्कार पीड़िताओं से जन्मे बच्चों का ध्यान रखे महाराष्ट्र सरकार, वे भी पीड़ित हैं: अदालत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, बलात्कार पीड़िताओं के बच्चों का अच्छे से ख़्याल रखा जाना चाहिए, उन्हें अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

बलात्कार पीड़ितों को मुआवजा देना सरकार का दायित्व है, परोपकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़ितों को लेकर महाराष्ट्र सरकार के रवैये को ‘निष्ठुर’ करार देते हुए कहा कि ऐसे लोग याचक नहीं हैं और महिला पीड़ितों को मुआवजा देना सरकार का दायित्व है, परोपकार नहीं.