Rape Victim

Muzaffarnagar

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में यौन उत्पीड़न के बाद दलित महिला ने की आत्महत्या

महिला जब पति के साथ थाने शिकायत करने गई तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें दो व्यक्तियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

पिता ने दुष्कर्म किया तो पीड़िता की गवाही के आधार पर हो सकती है सज़ा: दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने एक व्यक्ति की अपील पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसे अपनी 17 साल की बेटी से बलात्कार के आरोप में सज़ा सुनाई गई थी.

(फोटो: पीटीआई)

बलात्कार पीड़िता की चुप्पी सहमति का सबूत नहीं: उच्च न्यायालय

बलात्कार के एक मामले में सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी की यह दलील आधारहीन है कि घटना के बारे में पीड़िता की चुप्पी उसके सहमति से यौन संबंध बनाने का प्रमाण है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

बलात्कार के मामलों की सुनवाई दो महीने में पूरी करना संभव नहीं: रिपोर्ट

कानून मंत्रालय द्वारा कराए एक अध्ययन में कहा गया है कि पीड़िता का ही बयान आने में औसतन आठ महीने का वक्त लग जाता है.

प्रतीकात्मक फोटो, साभार: Domi/ Flickr (CC BY-NC 2.0)

यूपी: बलात्कारियों को पकड़ने के एवज में पुलिसकर्मी ने पीड़िता से की संबंध बनाने की मांग

सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई इस महिला का कहना है कि पुलिसकर्मी की अनुचित मांगें न मानने पर उसने मामले को बंद करने के लिए क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की है.