Rashtriya Swayamsevak Sangh

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks on the last day at the event titled 'Future of Bharat: An RSS perspective', in New Delhi, Wednesday, Sept 19, 2018. (PTI Photo) (PTI9_19_2018_000185B)

भागवत जी, आपकी कथनी के करनी में बदल जाने तक उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता

संघ प्रमुख के हालिया बयानों की गंभीरता और विश्वसनीयता को इस कसौटी पर परखा जाना चाहिए कि आरएसएस से संबद्ध संगठन अपना आगामी चुनाव अभियान किस तरह से चलाते हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi at the concluding session of the National Executive Committee meeting of BJP's all wings (morchas)' at Civic Centre in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo/Kamal Singh) (PTI5_17_2018_000163B)

हिंदुत्व की विचारधारा से और लोगों को जोड़ने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें: मोदी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समुदाय से एकजुट होकर मानव कल्याण के लिए काम करने की अपील की.

EDS PLS TAKE NOTE OF THIS PTI PICK OF THE DAY:::::::::Bengaluru: LGBT community supporters celebrate after the Supreme Court verdict which decriminalises consensual gay sex, in Bengaluru, Thursday, Sept 6, 2018. A five-judge constitution bench of the Supreme Court today, unanimously decriminalised part of the 158-year-old colonial law under Section 377 of the IPC which criminalises consensual unnatural sex, saying it violated the rights to equality. (PTI Photo/Shailendra Bhojak)(PTI9_6_2018_000187A)(PTI9_6_2018_000244B)

धारा 377 पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आरएसएस सहमत, लेकिन समलैंगिक विवाह का समर्थन नहीं

आरएसएस के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि समलैंगिक विवाह प्राकृतिक नहीं होते, इसलिए हम इस तरह के संबंध का समर्थन नहीं करते हैं.

अटल बिहारी वाजपेयी के साथ लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी. (फोटो: रॉयटर्स)

वाजपेयी के कार्यकाल में ही ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ में प्रयोग शुरू हुए

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल का आगाज़ भी भारत के कई हिस्सों में धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा से हुआ था.

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‘वाजपेयी की विरासत बहुसंख्यकवादी राज्य की स्थापना करना है जो उनके अनुयायी बखूबी समझते हैं’

वीडियो: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से अमित सिंह की बातचीत.

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इस ‘श्रद्धांजलि’ से वह तिलांजलि नहीं छिपेगी, जो संघ ने अटल को जीते जी दे दी थी

स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के बाद अटल​ बिहारी वाजपेयी जब दीन-दुनिया से बेख़बर रहने लगे, तो क्या संघ परिवार के उन नेताओं में से ज़्यादातर ने, जो आज उनके लिए मोटे-मोटे आंसू बहा रहे हैं, कभी उनका हालचाल जानने की ज़हमत भी उठायी?

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‘मुखौटा’ वाजपेयी हमेशा संघ के प्रति निष्ठावान रहे

नरेंद्र मोदी से इतर वे अपने ख़िलाफ़ लिखने वाले या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा निर्मित उनके विश्व बोध से इत्तेफ़ाक़ न रखने वाले पत्रकारों के प्रति भी विनम्रता और कोमलता के साथ पेश आते थे.

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वाजपेयी को किसी एक फ्रेम में माला पहनाकर भुलाया नहीं जा सकता है

अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय समाज के उस मर्म को बखूबी समझते रहे कि अति की सोच भारत जैसे लोकतांत्रिक-सेक्युलर देश में संभव नहीं है. इसलिए पीएम की कुर्सी पर बैठे भी तो उन विवादास्पद मुद्दों को दरकिनार कर जिस पर देश में सहमति नहीं है.

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…जब वाजपेयी ने दी थी मोदी को राजधर्म निभाने की नसीहत

वीडियो: गुजरात दंगों के बाद पहली बार राज्य के दौरे पर गए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जब एक पत्रकार ने पूछा कि मुख्यमंत्री के लिए क्या संदेश है तब उन्होंने कहा, ‘राजधर्म का पालन करें.’

**FILE PHOTO** New Delhi: In this file photo dated May 19, 1996, former prime minister Atal Bihari Vajpayee addresses the nation at South Block, in New Delhi. Vajpayee, 93, passed away on Thursday, Aug 16, 2018, at the All India Institute of Medical Sciences, New Delhi after a prolonged illness. (PTI Photo)(PTI8_16_2018_000171B)

‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं: लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?’

तीन बार प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी कुल मिलाकर 47 साल तक संसद के सदस्य रहे. वह 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए.

**FILE** New Delhi: In this file photo former prime minister Atal Bihari Vajpayee is seen at his residence in New Delhi. Vajpayee, 93, passed away on Thursday, Aug 16, 2018, at the All India Institute of Medical Sciences, New Delhi after a prolonged illness. (PTI Photo) (PTI8_16_2018_000172B)

‘हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा’

अपनी चिरपरिचित मुस्कुराहट, सौम्यता, शब्दों की विरासत और कई खट्टी-मीठी यादों को पीछे छोड़ कर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी अनंत यात्रा पर निकल गए.

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अयोध्या: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का सौहार्द कार्यक्रम और आरएसएस की फजीहत

अयोध्या में सरयू के जल से वजू करने और उसके ही तट पर नमाज़ पढ़ने के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कथित सौहार्द कार्यक्रम से आरएसएस के पल्ला झाड़ने के बाद पूरे आयोजन में बदलाव कर दिया गया.

Nagpur: Former president Pranab Mukherjee with Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat at the closing ceremony of ‘Tritiya Varsha Sangh Shiksha Varg’, an (RSS) event to mark the conclusion of a three-year training camp for Swayamsevaks, in Nagpur on Thursday, June 07, 2018. (PTI Photo)(PTI6_7_2018_000165B)

प्रणब मुखर्जी के भाषण के बाद संघ से जुड़ने में लोगों की रुचि बढ़ी: संघ नेता

बिप्लब रॉय ने कहा कि एक से छह जून के बीच संघ से जुड़ने के लिए वेबसाइट पर रोजाना औसतन 378 अनुरोध आते थे. सात जून के मुखर्जी के संबोधन के बाद से हमें रोजाना 1,200-1,300 अनुरोध मिल रहे

मराठी लेखक विनय हार्दिकर. (फोटो साभार: फेसबुक/
Rajeev Basargekar)

लेखक ने आपातकाल में जेल में रहने को लेकर महाराष्ट्र सरकार से पेंशन लेने से किया इनकार

मराठी लेखक विनय हार्दिकर ने सवाल उठाया कि आपातकाल के दौरान जेल में डाल दिए गए लोगों की तुलना में आरएसएस के कार्यकर्ता अधिक थे. क्या सरकार उन्हें नकद पुरस्कार देना चाहती है.

केशव बलिराम हेडगेवार और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी. (फोटो: रॉयटर्स/विकिपीडिया)

अगर हेडगेवार भारत माता के महान सपूत हैं तो आज़ादी की लड़ाई के नायक क्या हैं?

प्रणब दा आप नागपुर में संघ को यह नहीं बता पाए कि नेहरू की भारत माता और हेडगेवार की भारत माता में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ है. इसीलिए आप यह फ़र्क़ करने में भी चूक गए कि भारत माता के महान सपूत होने की बुनियादी कसौटी क्या है.

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मीडिया बोल, एपिसोड 53: प्रणब मुखर्जी का नागपुर दौरा और मीडिया

मीडिया बोल की 53वीं कड़ी में उर्मिलेश पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नागपुर में संघ के कार्यक्रम में शामिल होने पर वरिष्ठ पत्रकार आरती जेरथ और वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई से चर्चा कर रहे हैं.

असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो: पीटीआई)

50 साल कांग्रेस में रहे व्यक्ति ने संघ मुख्यालय पर माथा टेक दिया: ओवैसी

प्रणब मुखर्जी के संघ मुख्यालय जाने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिन्होंने महात्मा गांधी के क़त्ल पर जश्न मनाया था, वह उनके दफ़्तर जाकर बहुलतावाद की बात करते हैं, किसको बेवकूफ बना रहे हैं वो.

नागपुर में संघ मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी. (फोटो: रॉयटर्स)

असहिष्णुता को लेकर बतौर राष्ट्रपति चंद नसीहत भरे भाषण के अलावा प्रणब ने क्या किया था?

अगर देश के संविधान का मूल स्तंभ सहिष्णुता और धर्म-निरपेक्षता है, तो फिर मोदी सरकार के शुरुआती तीन साल तक संविधान के मुखिया के पद पर बैठकर प्रणब मुखर्जी ने क्या किया?

Former president Pranab Mukherjee with RSS chief Mohan Bhagwat at an RSS event on June 7, 2018. Credit: PTI

प्रणब मुखर्जी ने अपने भाषण में संघ से कोई सवाल क्यों नहीं किया?

वीडियो: नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित किए जाने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद से चर्चा कर रहे हैं द वायर हिंदी के कार्यकारी संपादक बृजेश सिंह.

लाल कृष्ण आडवाणी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

प्रणब का संघ मुख्यालय जाकर भाषण देना इतिहास की महत्वपूर्ण घटना: लालकृष्ण आडवाणी

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान-प्रदान से सहिष्णुता और सौहार्द की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी.

संघ के कार्यक्रम में शामिल पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की तस्वीरें जिसमें वह सीधे खड़े थे (बाएं), लेकिन तस्वीर से छेड़छाड़ कर ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं जिसमें वह संघ कार्यकर्ताओं की शैली में सीने से हाथ लगाए हुए हैं. (फोटो साभार: रॉयटर्स/ट्विटर)

संघ कार्यक्रम से जुड़ी प्रणब की फ़र्ज़ी तस्वीरें वायरल, शर्मिष्ठा ने कहा- जिसका डर था, वही हुआ

नागपुर स्थित संघ मुख्यालय पर हुए कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शामिल होने के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुईं फ़र्ज़ी तस्वीरें. संघ ने फ़र्ज़ी तस्वीरों से किनारा किया.

Nagpur: Former president Pranab Mukherjee being welcomed by Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat at the closing ceremony of ‘Tritiya Varsha Sangh Shiksha Varg’, an Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) event to mark the conclusion of a three-year training camp for swayamsevaks in Nagpur, on Thursday, June 07, 2018. (PTI Photo)(PTI6_7_2018_000147B)

भारत की आत्मा बहुलतावाद और सहिष्णुता में बसती है: प्रणब मुखर्जी

संघ मुख्यालय, नागपुर में आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘हमारा राष्ट्रवाद किसी क्षेत्र, भाषा या धर्म विशेष के साथ बंधा हुआ नहीं है.’

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी. (फोटो साभार: फेसबुक)

शर्मिष्ठा ने कहा, प्रणब ने नागपुर जाकर संघ को फ़र्ज़ी ख़बरें और अफवाहें फैलाने का मौका दिया

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी ने पिता को नसीहत देते हुए कहा कि संघ द्वारा आपका भाषण भुला दिया जाएगा और तस्वीरें रह जाएंगी, जिन्हें फ़र्ज़ी बयानों के साथ फैलाया जाएगा.

New Delhi: Union Minister for Road Transport, Highways and Shipping Nitin Gadkari speaks during the workshop on industries issues on Road Safety in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI4_26_2018_000052B)

गडकरी ने किया प्रणब मुखर्जी का बचाव, कहा- आरएसएस कोई पाकिस्तान का आईएसआई नहीं

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है जहां वे स्वयंसेवकों की पासिंग आउट परेड का हिस्सा होंगे औरअपने विचार भी रखेंगे.

फोटो साभार: cobrapost.com

कोबरापोस्ट के स्टिंग में पत्रकारिता का सौदा करने को तैयार दिखे तमाम मीडिया संस्थान

कोबरापोस्ट के स्टिंग ‘ऑपरेशन 136’ की दूसरी कड़ी में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थान सत्ताधारी दल के लिए चुनावी हवा तैयार करने के लिए आध्यात्मिकता और धार्मिक प्रवचन के ज़रिये हिंदुत्व को बढ़ावा देने के लिए सहमत होते नज़र आए.

Rahul Gandhi Edited

देश में भय का वातावरण, संस्थाओं को डराया जा रहा: राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह दो विचारधाराओं की लड़ाई है. एक ओर कांग्रेस की विचारधारा है तथा दूसरी ओर संघ की विचारधारा है. हमको मिलकर खड़े होना है. हमें संविधान की रक्षा करनी है.

Lal Quila Red Forte Reuters

‘अडॉप्ट अ हैरिटेज’ में शामिल होंगे और भी स्मारक, विरोध में उतरे इतिहासकार और गोवा सरकार

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजे अलफोंस ने कहा कि संप्रग सरकार ने भी हुमायूं का मकबरा, ताजमहल और जंतर-मंतर सहित पांच स्मारक निजी इकाईयों को रखरखाव के लिए सौंपे थे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

संघ, विहिप जैसे संगठनों के कारण भारत में अल्पसंख्यकों और दलितों की दशा ख़राब: अमेरिकी रिपोर्ट

अमेरिकी सरकार द्वारा गठित एक आयोग ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि देश में जारी भगवाकरण अभियान के शिकार मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और दलित हिंदू हैं.

राजगुरु. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

इस बात का कोई सबूत नहीं कि राजगुरु आरएसएस के स्वयंसेवक थे: परिजन

राजगुरु के परिजनों का कहना है कि वह समस्त देश के क्रांतिकारी थे और उनका नाम किसी ख़ास संगठन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

Yogi Adityanath PTI copy

जिनकी देश की आज़ादी में कोई भूमिका नहीं थी वो दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं

स्वतंत्रता के आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही. आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लेने का उनका कोई इतिहास नहीं है इसीलिए वो समाजवाद के इतिहास को भी मिटाना चाहते हैं.

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हिंदुओं को एक होना होगा, भारत की ज़िम्मेदारी हम पर है: मोहन भागवत

मेरठ में हुए राष्ट्रोदय समागम में सभी हिंदुओं से साथ आने का आह्वान करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संपूर्ण समाज को स्वयंसेवक बनना होगा.

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अंग्रेज़ों से माफ़ी मांगने वाले सावरकर ‘वीर’ कैसे हो गए?

सावरकर ने अंग्रेज़ों को सौंपे अपने माफ़ीनामे में लिखा था, ‘अगर सरकार अपनी असीम भलमनसाहत और दयालुता में मुझे रिहा करती है, मैं यक़ीन दिलाता हूं कि मैं संविधानवादी विकास का सबसे कट्टर समर्थक रहूंगा और अंग्रेज़ी सरकार के प्रति वफ़ादार रहूंगा.’

फोटो: पीटीआई

घटती लोकप्रियता से घबराकर संघ परिवार एक बार फिर ध्रुवीकरण के खेल में जुट गया है

हिंदू वोटों को ध्रुवीकृत करने के लिए कोशिशें तेज़ हो गई हैं. इस खेल में संघ परिवार माहिर है और ऐसी कोशिशों ने अतीत में भी इसे लाभ पहुंचाया है.

(फोटो साभार: ट्विटर/@mppost1)

क्या शिवराज धार्मिक यात्राओं के ज़रिये अपनी चुनावी नैया पार लगाना चाहते हैं?

मध्य प्रदेश में साल के अंत में विधानसभा चुनाव हैं और प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान धार्मिक यात्राओं के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की जुगत भिड़ाते नज़र आ रहे हैं.

कवि कुरीपूझा श्रीकुमार. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

मलयालम कवि को धमकी देने के मामले में छह आरएसएस कार्यकर्ता गिरफ़्तार

मलयालम कवि कुरीपुझा श्रीकुमार कोट्टुक्कल में हुए कार्यक्रम को संबोधित करके लौट रहे थे तभी आरएसएस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उन्हें कार में बैठने से रोका और कथित तौर पर धमकी दी. 15 लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज किया गया है मामला.

आरएसएस नेता कृष्ण गोपाल. (फोटो साभार: फेसबुक)

जौहर महिलाओं के ख़िलाफ़ भेदभाव वाली प्रथा नहीं बल्कि प्रतिरोध का रूप था: आरएसएस नेता

आईआईएमसी में स्त्री शक्ति पर आयोजित एक संगोष्ठी में आरएसएस नेता कृष्ण गोपाल ने कहा कि जौहर-शाखा की परंपरा का हिस्सा थी जिसमें महिलाएं विदेशी आक्रमणकारियों के हरम का हिस्सा बनने की बजाय क़ुर्बान हो जाना पसंद करती थीं.

Darbhanga: RSS Chief Mohan Bhagwat attends Nagar Ekatrikaran Conference in Darbhanga district on Wednesday. PTI Photo(PTI1_24_2018_000064B)

जातिगत राजनीति इसलिए होती है, क्योंकि लोग जाति के नाम पर वोट देते हैं: भागवत

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि नेता एक निश्चित सीमा तक चीज़ों में सुधार कर सकते हैं और चीज़ों में सुधार के लिए अपने हितों के त्याग करने की ज़रूरत होती है.

modi and rahul PTI

क्या भारत की राजनीति ने अपना धर्म चुन लिया है?

कभी हाशिये पर रही हिंदुत्व की राजनीति आज मुख्यधारा की राजनीति बन चुकी है. संघ के लिए इससे बड़ी सफलता भला और क्या हो सकती है कि देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियां नरम/गरम हिंदुत्व के नाम पर प्रतिस्पर्धा करने लगें.