Reliance Jio

किसान आंदोलन: पंजाब और हरियाणा में रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं में गिरावट आई

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2020 में पंजाब और हरियाणा में रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं में काफी कमी आई है. इसके अलावा इसी महीने में जियो एकमात्र ऐसी बड़ी कंपनी रही, जिसके उपभोक्ता कम हुए हैं.

कृषि क़ानूनों से रिलायंस को लाभ होने की अफ़वाह उड़ा रहे हैं एयरटेल और वोडाफोन आइडिया: जियो

रिलायंस जियो ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण को पत्र लिखकर कहा है कि भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड उसके ख़िलाफ़ ‘द्वेषपूर्ण और नकारात्मक’ अभियान चलाते हुए दावा कर रहे हैं कि जियो नंबर को उनके नेटवर्क पर पोर्ट करना किसान आंदोलन का समर्थन करना होगा.

भारत टेक्नोलॉजी और डेटा कंपनियों के एकाधिकार के ख़तरे को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ नहीं कर सकेगा

अमेरिका में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए एंटी-ट्रस्ट क़ानूनों में बड़े बदलाव किए गए हैं, लेकिन भारत में कॉम्पिटीशन कमीशन ने डेटा और डिजिटल कारोबार क्षेत्र में वर्चस्व के दुरुपयोग की बस संभावना जताई है. डिजिटल एकाधिकार के लिए कोई तय नियम न होने से ऐसी कोई घटना होने के बाद कार्रवाई करना कठिन हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को एजीआर का बकाया चुकाने के लिए 10 साल का समय दिया

वोडाफोन आइडिया, भारती एयरटेल और टाटा टेलीसर्विसेज जैसी कंपनियों को लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व यानी एजीआर का भुगतान दूरसंचार विभाग को करना है. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों को आगाह किया है कि एजीआर के बकाये की किस्त के भुगतान में चूक की स्थिति में उन पर जुर्माना और ब्याज लगेगा.

रिलायंस जियो में 9.99 फीसदी शेयर खरीदेगी फेसबुक, 43,574 करोड़ रुपये में होगा सौदा

इस करार के बाद जियो प्लेटफार्म में छोटे हिस्सेदारों की श्रेणी में फेसबुक की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा होगी. इस सौदे से रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी तथा फेसबुक की भारत में स्थिति और मजबूत होगी.

एजीआर मामला: एयरटेल ने चुकाए 10,000 करोड़ रुपये, सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन का प्रस्ताव ठुकराया

एजीआर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन के सोमवार को 2,500 करोड़ रुपये और शुक्रवार तक 1,000 करोड़ रुपये चुकाने के साथ ही उसके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई ना किए जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

वोडा-आइडिया, एयरटेल ने मोबाइल सेवाओं की दरें बढ़ाईं, जियो ने भी 40 फीसदी तक की वृद्धि की

वोडाफोन आइडिया ने मोबाइल सेवाओं को 42 प्रतिशत तक और एयरटेल ने 50.10 प्रतिशत तक महंगा किया है. इन दोनों कंपनियों की संशोधित दरें तीन दिसंबर से प्रभावी होंगी.

वोडाफोन-आइडिया, एयरटेल को दूसरी तिमाही में कुल 74,000 करोड़ रुपये का घाटा

वोडाफोन-आइडिया ने दूसरी तिमाही में 50,921 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल ने 23,045 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के कारण कंपनियों पर स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी जैसी मदों में देनदारी अचानक बढ़ गई है.

टेलीकॉम कंपनियों से 92,000 करोड़ रुपये वसूलने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को दी अनुमति

केंद्र ने बीते जुलाई में शीर्ष अदालत को बताया था कि एयरटेल पर 21,682.71 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के बकाया थे. इसी तरह वोडाफोन पर 19,823.71 करोड़, रिलायंस कम्युनिकेशंस पर 16,456.47 करोड़ और सरकारी स्वामित्व वाले बीएसएनएल पर 2,098.72 करोड़ और एमटीएनएल पर 2,537.48 करोड़ रुपये बकाया है.

अन्य नेटवर्क पर कॉल करने पर प्रति मिनट छह पैसे वसूलेगी जियो

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने आरोप लगाया है कि रिलायंस जियो का ये फैसला इंटरकनेक्ट शुल्क (आईयूसी) को नीचे लाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास है.

अनिल अंबानी की एक और कंपनी ने दिवालिया घोषित करने के लिए किया आवेदन

अनिल अंबानी की क़र्ज़ में डूबी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहयोगी कंपनी जीसीएक्स लिमिटेड ने 35 करोड़ डॉलर का भुगतान कर पाने में असफल रहने के बाद यह क़दम उठाया है.

बीएसएनएल के 1.76 लाख कर्मचारियों को नहीं मिला फरवरी का वेतन

बीएसएनएल के कर्मचारी संगठनों ने कंपनी को संकट से उबारने के लिए सरकार को लिखा पत्र. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि रिलायंस जियो से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनी की आर्थिक सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है.

बीएसएनएल कर्मचारी हड़ताल पर, कहा- निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाना चाहती है सरकार

विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन की हड़ताल पर हैं ऑल इंडिया यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ भारत संचार निगम लिमिटेड के कर्मचारी.

क्या सरकार घाटे से जूझ रही बीएसएनएल को बंद करने की तैयारी में है?

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने बीएसएनएल से कहा है कि वह उन सभी विकल्पों पर ध्यान दे, जिससे या तो कंपनी दोबारा खड़ी की जा सके या चरणबद्ध तरीके से पूंजी निवेश कम करते हुए इसे बंद करने के बारे में सोचा जाए.