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(फोटोः ट्विटर)

यूपी: धर्मांतरण क़ानून में पति गिरफ़्तार, अदालत में पत्नी ने कहा- बालिग हूं, मर्ज़ी से किया निकाह

मामला मुरादाबाद का है, जहां पांच दिसंबर को पुलिस ने नए धर्मांतरण क़ानून के तहत 25 वर्षीय राशिद और उनके भाई को गिरफ़्तार कर राशिद की गर्भवती पत्नी पिंकी को नारी निकेतन भेज दिया था. पिंकी ने वहां इंजेक्शन देकर गर्भपात किए जाने का आरोप लगाया है, हालांकि डॉक्टरों ने ऐसा होने से इनकार किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेशः नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत सातवां मामला दर्ज, दिहाड़ी मज़दूर गिरफ़्तार

मामला बिजनौर का है, जहां एक दिहाड़ी मज़दूर अफ़ज़ल को प्रदेश में लागू हुए नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने अफ़ज़ल पर अपहरण का आरोप भी लगाया है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेश धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश की क़ानूनी ग़लतियां इसे लाने की असली मंशा दिखाती हैं

मध्य प्रदेश और ओडिशा के धर्मांतरण विरोधी क़ानूनों में कहीं भी अंतर-धार्मिक विवाह का ज़िक्र नहीं था और न ही सुप्रीम कोर्ट ने उस पर कोई टिप्पणी की थी. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार का ऐसा कोई अधिकार नहीं बनता कि वो बिना किसी प्रमाण या तर्क के अंतर-धार्मिक विवाहों को क़ानून-व्यवस्था से जोड़ दे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी पुलिस ने लव जिहाद की अफ़वाह पर मुस्लिम युवक-युवती की शादी रुकवाई

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर ज़िले के कसया क़स्बे का मामला. युवक ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया है. यह भी आरोप है कि पुलिस ने युवक-युवती को तब तक हिरासत में रखा, जब तक कि युवती के भाई ने प्रमाण देते हुए ये नहीं बताया दिया कि दोनों जन्म से मुस्लिम हैं और धर्मांतरण नहीं हुआ है.

बजरंग दल के कछार प्रभारी मिथुन नाथ (फोटो साभारः ट्विटर)

असमः क्रिसमस पर चर्च जाने वाले हिंदुओं को पीटने की धमकी की जांच के आदेश

असम के कछार ज़िले में बजरंग दल के प्रभारी मिथुन नाथ आरोप है कि उन्होंने संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा था कि क्रिसमस के दौरान किसी भी हिंदू को चर्च में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इसका पालन नहीं करने वालों को ख़ामियाजा भुगतना होगा.

(फोटो साभार: ट्विटर)

उत्तर प्रदेश: अंतर-धार्मिक विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे दो भाई गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद ज़िले के कांठ कस्बे का मामला. प्रदेश में ​बीते 28 नवंबर को धर्मांतरण विरोध क़ानून लागू होने के बाद ऐसे कई केस दर्ज किए गए हैं. तीन दिसंबर को अलीगढ़ शहर में अंतर धार्मिक विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे एक मुस्लिम युवक को गिरफ्तार किया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेश: अंतर धार्मिक विवाह के लिए रजिस्ट्रेशन कराने जा रहा युवक गिरफ़्तार

मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है. आरोप है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर पंजाब के मोहाली शहर की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती की और विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन कराने अलीगढ़ आया हुआ था. इस दौरान कुछ अराजक तत्वों ने युवक की पिटाई भी की थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत पहला केस पुलिस के दबाव में दर्ज होने का आरोप

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले में नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत एक मुस्लिम युवक के ख़िलाफ़ 28 नवंबर को पहला मामला दर्ज कराया गया था. लड़की के परिवार पर दबाव डालकर केस दर्ज कराने के आरोप से पुलिस ने इनकार किया है.

पीटीआई

उत्तर प्रदेश: परिवारों की सहमति के बावजूद लखनऊ पुलिस ने अंतर धार्मिक शादी रुकवाई

पुलिस के अनुसार, हिंदू युवा वाहिनी के कुछ सदस्यों ने शादी को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी. नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत अंतर धार्मिक विवाह के लिए ज़िला मजिस्ट्रेट से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसकी जानकारी युवक-युवती के परिवारों को दे दी गई है, उन्होंने मंज़ूरी मिलने के बाद शादी करने पर सहमति जताई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

परिवारों के हस्तक्षेप के बिना दो वयस्क साथ-साथ रह सकते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़र्रुख़ाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिव-इन में रह रहे एक युवक-युवती को सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जो अपने पारिवारिक सदस्यों की प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं.

कर्नाटक हाईकोर्ट. (फोटो साभार: फेसबुक)

अपनी पसंद से विवाह करना हर वयस्क का मौलिक अधिकारः कर्नाटक हाईकोर्ट

इससे पहले बीते 11 नवंबर के इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में कहा था कि अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ जीने का अधिकार जीवन एवं व्यक्तिगत आज़ादी के मौलिक अधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा है. कोर्ट ने कहा कि इसमें धर्म आड़े नहीं आना सकता है.

असम के मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (फोटो साभार: फेसबुक/@himantabiswasarma)

शादी से पहले धर्म और आय का खुलासा करने वाला क़ानून लाने की तैयारी कर रही असम सरकार

असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने दावा किया कि यह क़ानून ‘लव जिहाद’ के ख़िलाफ़ नहीं है, लेकिन मध्य प्रदेश में प्रस्तावित और उत्तर प्रदेश में पास क़ानून के समान ही होगा. शर्मा ने कहा कि इस क़ानून में सभी धर्म शामिल होंगे और यह पारदर्शिता लाकर हमारी बहनों को सशक्त बनाएगा.

योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

नए धर्मांतरण विरोधी क़ानून के तहत उत्तर प्रदेश में पहला केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले का मामला. उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए लाए गए क़ानून में विवाह के लिए छल-कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और 50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा का प्रावधान किया गया है.

'लव जिहाद' के खिलाफ प्रण लेते विश्व हिंदू महासंघ के सदस्य. (फोटो: पीटीआई)

‘लव जिहाद’ का इतिहास: कैसे एक ख़तरनाक, काल्पनिक विचार को संघ परिवार ने आगे बढ़ाया

कर्नाटक में ‘मोरल पुलिस’ का काम करने से लेकर उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में दंगे भड़काने तक, ‘लव जिहाद’ का राग छेड़कर हिंदू दक्षिणपंथियों ने अपने कई उद्देश्य पूरे किए हैं.

बीएस येदियुरप्पा. (फोटो: पीटीआई).

कर्नाटक में ‘लव जिहाद’ क़ानून से पहले ही अपहरण संबंधी धाराओं में हो रही कार्रवाई

अदालतों और केसों के पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बेंगलुरु में पिछले पांच साल में आईपीसी की धारा 366 के तहत दर्ज 41 केस फिलहाल लंबित पड़े हैं. इनमें वयस्कों को भगाने और शादी करने के मामले हैं. 35 मामले हिंदू युगलों से जुड़े हैं, जबकि छह मामले अंतरधार्मिक हैं. धारा 366 अप​हरण कर जबरन शादी करने से संबंधित धारा है.