Right to Information Act

CIC1-1200x359

सीबीआई भ्रष्टाचार मामलों में सूचना से इनकार के लिए आरटीआई में छूट की आड़ नहीं ले सकती: सीआईसी

सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सहमत है और सूचना देने से इनकार के लिए आरटीआई कानून की धारा 24 का सहारा नहीं लिया जा सकता है.

(फोटो: पीटीआई)

आरटीआई के तहत मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय आने से जुड़े मामले का घटनाक्रम

सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ ने एकमत होकर ये फैसला दिया और साल 2010 के दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया जिसमें कोर्ट ने कहा था कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय आरटीआई एक्ट के दायरे में है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

मुख्य न्यायाधीश का कार्यालय आरटीआई के दायरे में: सुप्रीम कोर्ट के फैसले का चौतरफा स्वागत

आरटीआई कार्यकर्ताओं ने शीर्ष न्यायालय के इस फैसले की सराहना की और साथ ही कहा कि ‘कानून से ऊपर कोई नहीं है.’

जस्टिस डीवी चंद्रचूड़. (फोटो साभार: यूट्यूब ग्रैब/Increasing Diversity by Increasing Access)

जज कानून से ऊपर नहीं हैं, न्यायिक नियुक्ति की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए: जस्टिस चंद्रचूड़

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ऐसा करने से नियुक्ति प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बढ़ेगा और फैसले लेने में न्यायपालिका एवं सरकार के सभी स्तरों पर उच्च स्तर की पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो सकेगी.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

आरटीआई के दायरे में आया सीजेआई कार्यालय, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2010 में अपने फैसले में शीर्ष अदालत की इस दलील को खारिज कर दिया था कि सीजेआई कार्यालय को आरटीआई के दायरे में लाए जाने से न्यायिक स्वतंत्रता बाधित होगी.

(फोटो साभार: सतर्क नागरिक संगठन)

आरटीआई के नए नियम सूचना आयुक्तों को सरकार की कठपुतली बनाने की कोशिश हैं

हाल ही में लाए गए नए नियमों के तहत केंद्र सरकार को केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग के ऊपर नियंत्रण देना यह सुनिश्चित करेगा कि आरटीआई की अपील पर सरकार की मर्ज़ी के मुताबिक काम हो.

CIC1-1200x359

आरटीआई के तहत सूचना देने से छूट प्राप्त धाराओं का उल्लेख करने पर उचित कारण दे सीबीआई: सीआईसी

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीआईसी ने अनेक आदेशों में स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जानकारी देने से छूट नहीं मिली है लेकिन सीबीआई में आरटीआई अर्जियों को देखने वाले अधिकारियों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

आरटीआई से खुलासा, इस साल की पहली तिमाही में 31,898 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी हुई

देश का शीर्ष बैंक भारतीय स्टेट बैंक इस अवधि में धोखाधड़ी का सबसे बड़ा शिकार बना क्योंकि कुल धोखाधड़ी की 38 फीसदी धनराशि इसी बैंक से जुड़ी हुई है.

Mumbai: A man walks past near the Reserve Bank of India Headquarters, in Mumbai, Monday, Nov. 19, 2018. RBI board meeting is being held today in Mumbai amid reports of rising tensions between the central bank and the government. (PTI Photo/Shashank Parade) (PTI11_19_2018_000076B)

साल 2018-19 में 71,542 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी हुई: रिजर्व बैंक

रिजर्व बैंक द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018-19 में 71,542.93 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के 6,801 मामले सामने आए. साल 2017-18 में धोखाधड़ी की राशि 41,167.04 करोड़ रुपये थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

आरटीआई के तहत 20 साल पहले की निजी जानकारी दी जा सकती है या नहीं, सीआईसी करेगा फैसला

साल 2006 के मुंबई ट्रेन विस्फोट के एक दोषी एहतेशाम सिद्दिकी ने आरटीआई एक्ट के तहत भारतीय पुलिस सेवा के 12 अधिकारियों के संघ लोक सेवा आयोग में जमा फार्मों व अन्य रिकॉर्ड की प्रतियां मांगी थी, जिसे गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया था. अब सीआईसी इस पर अंतिम निर्णय लेगा.

CIC1-1200x359

आरटीआई एक्ट की सूचना देने से छूट प्राप्त धाराओं का बिना सोचे समझे उल्लेख करना गलत: सीआईसी

सीआईसी ने एक मामले की सुनवाई के दौरान डीओपीटी को कड़ी फटकार लगाते हुए ये टिप्पणी की. आयोग ने कहा, ऐसा करना आरटीआई कानून की भावना का गला घोटने जैसा है.

(फोटो साभार: swarajyamag.com)

सूचना आयोग से स्वायत्त रहने और बिना सरकारी दबाव के काम करने की उम्मीद: केरल हाईकोर्ट

केरल सरकार ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में राज्य के हितों का हवाला देते हुए जानकारी देने से इनकार कर दिया था. केरल हाईकोर्ट ने इस आदेश को असंतोषजनक और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करार देते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाई है.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

बैंकों में 11 सालों में 2.05 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई: रिज़र्व बैंक

सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2008-2009 से 2018-19 के बीच में 2.05 लाख करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कुल 53,334 मामले दर्ज किए गए हैं.

आरटीआई कार्यकर्ता नानजी सोंडर्वा की पत्नी मेघाबाई.

गुजरात: आरटीआई कार्यकर्ता पिता की हत्या के आरोपी की ज़मानत का विरोध कर रहे बेटे की भी हत्या

गुजरात के राजकोट ज़िले का मामला. साल 2018 में दलित आरटीआई कार्यकर्ता नानजीभाई सोंडर्वा की हत्या कर दी गई थी. हत्या का एक आरोपी अदालत के रोक लगाने के बाद भी कथित तौर पर राजकोट ज़िले में नज़र आया था. आरटीआई कार्यकर्ता के बेटे ने अदालत में इसकी शिकायत की थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

वित्त वर्ष 2018-19 में 71,500 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के मामले सामने आए: आरबीआई

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सूचना के अधिकार के तहत बताया है कि पिछले 11 वित्त वर्षों में 2.05 लाख करोड़ रुपये की बैंकिंग धोखाधड़ी के कुल 53,334 मामले दर्ज किए गए ​हैं.

Right to Information. Illustration-The Wire

सभी राजनीतिक दलों को आरटीआई क़ानून को बचाने का संकल्प लेना चाहिए

केंद्र और राज्यों में सूचना आयोग स्वतंत्र होने चाहिए. रीढ़विहीन बाबुओं को यह अनुमति नहीं दी जानी चाहिए कि वे आयोग को भी रीढ़विहीन बना दें. लोकसभा चुनाव में उतर रहे राजनीतिक दलों को केंद्रीय सूचना आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए.

New Delhi: Supreme Court lawyer Prashant Bhushan addresses the media, at Supreme Court premises in New Delhi, Thursday, Sept 6, 2018. The Supreme Court on Thursday extended till September 12, the house arrest of five rights activists in connection with the violence in Koregaon-Bhima in the west central state of Maharashtra. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_6_2018_000097B)

सुप्रीम कोर्ट पारदर्शिता को लेकर खड़ा रहता है लेकिन अपनी बारी पर पीछे हट जाता है: प्रशांत भूषण

सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत और भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद आरटीआई के तहत सार्वजनिक प्राधिकार है या नहीं, इस सवाल पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

आरटीआई में जजों की नियुक्ति से जुड़ी जानकारी देने से कॉलेजियम की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल द्वारा यह तर्क दिया गया है कि एक न्यायाधीश की नियुक्ति से संबंधित जानकारी व्यक्तिगत होती है, इसलिए आरटीआई अधिनियम की धारा 8 (1) (जे) के तहत ऐसी जानकारी का खुलासा करने से छूट दी गई है.

Home Ministry Twitter

लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए 40 साल पहले निकाले गए सर्कुलर को सार्वजनिक करे सरकार: सीआईसी

यह मामला गौरव दीप गुप्ता नाम के व्यक्ति से जुड़ा है जिन्होंने आरटीआई कानून के तहत गृह मंत्रालय की तरफ से पांच सितंबर 1979 को जारी लुकआउट सर्कुलर को निकालने से जुड़े सर्कुलरों की प्रतियां मांगी थी.

(फोटो साभार: https://www.nfai.gov.in/)

फिल्म संग्रहालय में फिल्मों की 31 हज़ार से अधिक रीलें खो गईं या नष्ट हो गईं: कैग रिपोर्ट

भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार में भारतीय सिनेमा के 106 सालों से अधिक के इतिहास की फिल्में, वीडियो कैसेट्स, डीवीडी, किताबें, पोस्टर, चित्र, प्रेस क्लिपिंग, स्लाइड्स, ऑडियो सीडी, डिस्क रिकॉर्ड आदि शामिल हैं.

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (फोटो: पीटीआई)

वित्त वर्ष 2018-19 के नौ महीनों में एसबीआई में लगभग आठ हज़ार करोड़ की बैंकिंग धोखाधड़ी: आरटीआई

अप्रैल-दिसंबर 2018 के दौरान बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार होने वाले लोगों की संख्या और उन्हें हुए नुक़सान की जानकारी मांगे जाने पर भारतीय स्टेट बैंक ने कहा कि क़ानूनी प्रावधानों के मुताबिक उसे इस विषय में मांगी गई सूचना न देने का अधिकार प्राप्त है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi during a ceremonial reception of  Norwegian Prime Minister Erna Solberg at Rashtrapati Bhawan, in New Delhi on Tuesday, Jan.8,2019.(PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI1_8_2019_000018B)

मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग आरक्षण की निर्णय प्रक्रिया का ब्योरा देने इनकार किया: आरटीआई

केंद्र सरकार ने एक फरवरी 2019 से केंद्रीय सरकारी पदों और सेवाओं में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है.

बिहार में मार दिए गए आरटीआई कार्यकर्ता ​शशिधर मिश्रा, रामकुमार ठाकुर और वाल्मीकि यादव (बाएं से दाएं).

बिहार में क्यों निशाने पर हैं आरटीआई कार्यकर्ता?

विशेष रिपोर्ट: एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2005 से लेकर अब तक देशभर में 79 आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या की जा चुकी है, जिसमें क़रीब 20 फीसदी की हत्याएं केवल बिहार में हुई हैं. साल 2018 में बिहार में पांच आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले सामने आए हैं.

New Delhi

नई दिल्ली में आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या

नवल किशोर आरटीआई कार्यकर्ता होने के साथ चांदनी चौक इलाके में लाल किले के सामने कपड़े की दुकान लगाया करते थे. नवल के आरटीआई लगाने की वजह से कई लोगों की दुकानें सील हो गई थीं.

Jamui

बिहार: दो आरटीआई कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, जदयू के प्रखंड अध्यक्ष गिरफ़्तार

बिहार के जमुई ज़िले में मारे गए आरटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या का कारण पंचायत विकास से जुड़ी योजनाओं में लूट खसोट को उजागर करना बताया जा रहा है.

अरुणा रॉय (फोटो साभार: फेसबुक/Azim Premji University)

ह्विसिल ब्लोअर क़ानून में आरटीआई कार्यकर्ताओं के संरक्षण की आवश्यकता: अरुणा रॉय

सूचना का अधिकार क़ानून के लिए चले आंदोलन का नेतृत्व करने वालीं अरुणा रॉय ने कहा कि अब तक 70 से अधिक आरटीआई कार्यकर्ता भ्रष्टाचार का खुलासा करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने के बदले में मारे गए हैं.

JKB EP 224

जन गण मन की बात, एपिसोड 224: सूचना का अधिकार

जन गण मन की बात की 224वीं कड़ी में विनोद दुआ सूचना के अधिकार अधिनियम के सफ़र पर प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय से चर्चा कर रहे हैं.

फोटो: पीटीआई

प्रधानमंत्री मोदी के आधार कार्ड और मतदाता पहचान-पत्र का ब्यौरा नहीं दिया जा सकता: सूचना आयोग

सूचना का अधिकार कानून की धारा 8(1)(जे) के तहत निजी सूचना से जुड़ी ऐसी जानकारियां नहीं देने की छूट है जिनका व्यापक जनहित से कोई संबंध नहीं है या जिससे किसी व्यक्ति की निजता में अवांछित दखल होता हो.

Episode 167_RAW

जन गण मन की बात, एपिसोड 167: मोदी का ‘पाकिस्तानी साज़िश’ का आरोप और आरटीआई

जन गण मन की बात की 167वीं कड़ी में विनोद दुआ मोदी द्वारा गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए ‘पाकिस्तानी साज़िश’ के आरोप और आरटीआई क़ानून के अमल के बारे में चर्चा कर रहे हैं.