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(फोटोः पीटीआई)

कोविड-19: आरटीआई कार्यकर्ता ने उपकरणों पर हुए ख़र्च का ब्योरा मांगा, स्वास्थ्य मंत्रालय का इनकार

मुंबई के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन देकर कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए क़दमों, ख़रीदे गए उपकरणों एवं सामग्रियों के नाम तथा उन पर किए गए ख़र्च का ब्योरा मांगा था.

(फोटो: पीटीआई)

अमीरों-नेताओं के चुनावी बॉन्ड की छपाई और बैंक कमीशन का ख़र्च करदाता उठा रहा: आरटीआई

आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि अब तक क़रीब 19,000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड की छपाई हो चुकी है. ख़ास बात ये है कि इनकी छपाई, बिक्री और इसे भुनाने में बैंक का जो कमीशन बनता है, इसके ख़र्च की भरपाई केंद्र सरकार कर रही है.

**EDS: VIDEO GRAB** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi interacts with 'Sarpanches' from across the country via video conferencing, amid ongoing nationwide COVID-19 lockdown, in New Delhi, Friday, April 24, 2020. (DD/PTI Photo) (PTI24-04-2020_000017B)

पीएमओ ने सुप्रीम कोर्ट के एक विवादित कथन के सहारे पीएम केयर्स पर सूचना देने से मना किया

पीएमओ ने लॉकडाउन लागू करने के फैसले, इसे लेकर हुई उच्चस्तरीय मीटिंग, इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय के बीच हुए पत्राचार और नागरिकों की टेस्टिंग से जुड़ीं फाइलों को भी सार्वजनिक करने से मना कर दिया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अब तक 6000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे जा चुके हैं: एडीआर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने अपने विश्लेषण में बताया है कि 12 चरणों के दौरान बेचे गए 12,313 बॉन्ड्स में से 6524 बॉन्ड्स (45.68 फीसदी) एक करोड़ की कीमत के थे जबकि 4877 बॉन्ड्स (39.61 फीसदी) 10 लाख रुपये की कीमत के थे.

The logo of the Swiss National Bank (SNB) is seen at the entrance of the SNB in Bern December 18, 2014.  REUTERS/Ruben Sprich

वित्त मंत्रालय ने गोपनीयता के आधार पर भारतीयों के स्विस बैंक खातों का ब्योरा देने से मना किया

आरटीआई के तहत वित्त मंत्रालय से स्विट्जरलैंड के बैंकों में भारतीयों के खातों के बारे में मिली जानकारी का ब्योरा मांगा गया था. मंत्रालय से दूसरे देशों से काले धन के बारे में उसे मिली सूचना के बारे में भी जानकारी मांगी गई थी.

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सीबीआई भ्रष्टाचार मामलों में सूचना से इनकार के लिए आरटीआई में छूट की आड़ नहीं ले सकती: सीआईसी

सूचना आयुक्त दिव्य प्रकाश सिन्हा ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सहमत है और सूचना देने से इनकार के लिए आरटीआई कानून की धारा 24 का सहारा नहीं लिया जा सकता है.

Wilful defaulters

द वायर एक्सक्लूसिव: आख़िरकार सामने आए विलफुल डिफॉल्टर्स के नाम, आरबीआई ने दी सूची

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चार साल बाद पहली बार आरबीआई ने आरटीआई के तहत टॉप विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची जारी की है. इस मुद्दे पर द वायर के पत्रकार कबीर अग्रवाल और धीरज मिश्रा की बातचीत.

(फोटो साभार: सतर्क नागरिक संगठन)

आरटीआई के नए नियम सूचना आयुक्तों को सरकार की कठपुतली बनाने की कोशिश हैं

हाल ही में लाए गए नए नियमों के तहत केंद्र सरकार को केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग के ऊपर नियंत्रण देना यह सुनिश्चित करेगा कि आरटीआई की अपील पर सरकार की मर्ज़ी के मुताबिक काम हो.

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एनजीटी में विशेषज्ञों की नियुक्ति संबंधी दस्तावेज़ देने से केंद्र ने ​किया इनकार

विशेष रिपोर्ट: हाल ही में कैबिनेट ने एनजीटी में पर्यावरण मंत्रालय के दो वरिष्ठ अधिकारियों को बतौर विशेषज्ञ सदस्य नियुक्त करने की मंज़ूरी दी है. इनका कार्यकाल पांच साल के बजाय तीन साल के लिए निर्धारित किया है. पर्यावरणविदों का आरोप है कि कार्यकाल घटाकर केंद्र सरकार एनजीटी की स्वायत्तता को प्रभावित करना चाहती है.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the flag-off ceremony of the Delhi-Katra Vande Bharat Express from the New Delhi Railway Station, in New Delhi, Thursday, Oct. 3, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)    (PTI10_3_2019_000102B)

यूएपीए संशोधन संबंधी दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण नहीं दिए जा सकते हैं: गृह मंत्रालय

विशेष रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में आरटीआई के तहत द वायर की ओर से मांगी गई जानकारी देने से भी गृह मंत्रालय ने मना कर दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

आरटीआई पोर्टल: कोर्ट ने याचिका पर जवाब देने के लिए केंद्र, राज्यों को दो हफ्ते का और वक्त दिया

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सभी राज्यों में आरटीआई दायर करने की व्यवस्था ऑनलाइन करने की मांग की गई है. केंद्र ने 2013 सभी राज्यों से आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल बनाने के लिए कहा था लेकिन अभी तक सिर्फ दिल्ली और महाराष्ट्र ने ही ये काम किया है.

(फोटो साभार: इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स- आईसीआईजे)

ईडी को पनामा पेपर में शामिल कर चोरों के नामों का खुलासा न करने का अधिकार: सीआईसी

आरटीआई कानून की धारा 24 (1) कुछ खुफिया तथा सुरक्षा संगठनों को जानकारी साझा करने से छूट देती है. हालांकि, यदि मांगी गई सूचना भ्रष्टाचार और मानवाधिकार के उल्लंघन से जुड़ी है तो यह नियम लागू नहीं होता है.

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आरटीआई के तहत सूचना देने से छूट प्राप्त धाराओं का उल्लेख करने पर उचित कारण दे सीबीआई: सीआईसी

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीआईसी ने अनेक आदेशों में स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की जानकारी देने से छूट नहीं मिली है लेकिन सीबीआई में आरटीआई अर्जियों को देखने वाले अधिकारियों के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है.