Safai Karmcharis

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: शाहदरा में एक सफाईकर्मी की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

पुलिस ने कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सफाई की जिम्मेदारी एक निजी कांट्रैक्टर को सौंपा था. अपनी शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब सुरक्षा उपकरण मांगे तक कथित तौर पर कांट्रैक्टर ने मना कर दिया. दोनों सफाईकर्मियों के बेहोश होने के बाद पुलिस के आने से पहले कांट्रैक्टर वहां से भाग गया.

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बेंगलुरु में सीवर सफाई के दौरान दम घुटने से 17 साल के बच्चे की मौत

बच्चे को बचाने गए 50 वर्षीय मारिआन्ना की हालत बहुत गंभीर है और वो अस्पताल में भर्ती हैं. मामले में अभी एफआईआर दर्ज की जानी बाकी है.

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दिल्ली: सीवर सफाई के दौरान बीमार पड़े तीन में से एक सफाईकर्मी की मौत

बीते 23 नवंबर को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के शकूरपुर में सीवर की सफाई करने उतरे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य बेहोश हो गए थे. पुलिस ने इस मामले में एक ठेकेदार और एक निजी सुपरवाइज़र को गिरफ्तार कर लिया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली में सीवर की सफाई करने उतरे एक व्यक्ति की मौत, दो गिरफ्तार

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री सत्येंद्र जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतक सफाईकर्मी के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.

Lucknow: Laboures work to open a clogged sewers after heavy rains in Lucknow on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI7_30_2018_000226B)

सीवर में मौत: क़रीब 50 फीसदी पीड़ित परिवारों को ही मिला 10 लाख का मुआवज़ा

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 1993 से साल 2019 तक महाराष्ट्र में सीवर सफाई के दौरान हुई 25 लोगों की मौत के मामले में किसी भी पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा नहीं दिया गया. वहीं, गुजरात में सीवर में 156 लोगों की मौत के मामले में सिर्फ़ 53 और उत्तर प्रदेश में 78 मौत के मामलों में सिर्फ़ 23 में ही 10 लाख का मुआवज़ा दिया गया.

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उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय तीन कर्मचारियों की मौत, दो की हालत गंभीर

मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ ज़िले का है. पिलखुवा थाना क्षेत्र के टैक्सटाइल सिटी में स्थित जीएस दास कैमिकल फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई करने के लिए एक कर्मचारी उतरा था, जबकि बाकी चार उसे बचाने के लिए टैंक में उतरे थे.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

वाराणसी: सीवर में उतरे दो सफाई कर्मचारियों की मौत

उत्तर प्रदेश के वाराणसी कैंट इलाके में सीवर पाइपलाइन की सफाई के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के 40 फीट गहरे मेनहोल में उतरे थे सफाई कर्मचारी. शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस पर पथराव किया.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

गुजरात: सीवर सफाई के दौरान दम घुटने से चार कर्मचारियों की मौत

वडोदरा के पादरा तहसील में स्थिति एक निजी फूड प्रोसेसिंग कंपनी ग्लोबल गौरमेट प्राइवेट लिमिटेड की पानी की टंकी में हुआ हादसा.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

दिल्ली जल बोर्ड के सीवर की सफाई के दौरान एक व्यक्ति की मौत

पीड़ित की पहचान बिहार में कटिहार के निवासी डूमन राय के रूप में हुई है. जहांगीरपुरी इलाके में हुई घटना के संबंध में सुपरवाइज़र गिरफ़्तार.

Sewer Death

सीवर सफाई के दौरान मौत: ज़्यादातर मामलों में न तो एफआईआर दर्ज और न ही मुआवज़ा मिला

मैला ढोने की प्रथा खत्म करने के लिए काम करने वाली गैर-सरकारी संस्था राष्ट्रीय ग्रामीण अभियान द्वारा 11 राज्यों में कराए गए सर्वेक्षण से ये जानकारी सामने आई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई/शमीम क़ुरैशी)

स्वच्छता अभियान: सरकार को नहीं पता सीवर सफाई के दौरान कितनों की गई जान, कितनों को मिला मुआवज़ा

विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के पास यह जानकारी भी नहीं है कि देश में कुल कितने सफाईकर्मी हैं. 2014 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1993 से लेकर अब तक सीवर में दम घुटने की वजह हुई मौतों और मृतकों के परिवारों की पहचान कर उन्हें 10 लाख रुपये मुआवज़ा देने का आदेश दिया गया था.