Saharanpur Clash

Saharanpur: Bhim Army chief Chandrashekhar Azad being released from Saharanpur Jail, in Saharanpur, Friday, Sept 14, 2018. Azad was arrested from Himachal Pradesh's Dalhousie in June last year in connection with the May 5 caste violence in which one person was killed and 16 others were injured at Shabbirpur village in Saharanpur. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000121B)

‘योगी सरकार चंद्रशेखर पर रासुका लगाने के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में न्यायोचित नहीं ठहरा पाती’

वीडियो: भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद की रिहाई पर उनके वकील श्रीजी भावसार से द वायर के अजय आशीर्वाद की बातचीत.

Chandrashekhar Bhim Army ANI

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद जेल से हुए रिहा

लगभग 16 महीने से सहारनपुर जेल में बंद चंद्रशेखर को 1 नवंबर 2018 को रिहा किया जाना था. निकलकर कहा, 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे.

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर. (फोटो: फेसबुक)

चंद्रशेखर पर रासुका की अवधि तीन महीने और बढ़ाई गई

भीम आर्मी डिफेंस कमेटी के संयोजक प्रदीप नरवाल ने कहा कि चंद्रशेखर की जगह अगर आज बाबा साहेब आंबेडकर होते तो भाजपा सरकार उन पर भी रासुका लगा देती.

Bhim Army

भीम आर्मी: आप बताइए, मेरा बेटा समाज का सेवक है या गद्दार

सहारनपुर हिंसा के बाद चर्चा में आई भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर की मां और ​​दलित समाज के युवकों ने अपनी आपबीती साझा की है.

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर. (फोटो: फेसबुक)

सहारनपुर हिंसा के मुख्य आरोपी चंद्रशेखर गिरफ़्तार, इंटरनेट सेवा दो दिन के लिए बंद

सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी चंद्रशेखर को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने हिमाचल प्रदेश से गिरफ़्तार किया है.

Modi Clash

बढ़ते सामाजिक टकराव पर प्रधानमंत्री चुप क्यों?

बढ़ती जातीय और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी की विकास के उनके घोषित एजेंडे के अनुकूल नहीं रहीं, लिहाजा देश को अपेक्षा थी कि ऐसी घटनाओं पर मोदी सख्ती से पेश आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

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वीडियो: झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव पर चर्चा

झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव का जायजा लेकर लौटे द वायर के पत्रकार अजय आशीर्वाद और कृष्णकांत की बातचीत.

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भीम आर्मी रावण को नहीं, आंबेडकर को आंदोलन का हिस्सा बनाए

भले ही भीम आर्मी की कोई हिंसक गतिविधि न हो, पर प्रतिक्रियावादी हिंदुओं में यह हिंसक प्रतिक्रांति को और भी ज़्यादा हवा देगी. इससे समानता स्थापित होने वाली नहीं है.

saharanpur

क्या राजनीति तलवारों का युग वापस चाहती है?

नियमित अंतराल पर ऐसी तस्वीरें मीडिया में देखने को मिल जाती हैं जब किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी का पुरुष या महिला नेता तलवार, धनुष-बाण या गदा हाथ में लेकर इसका सार्वजनिक प्रदर्शन करता है.

Ravidas Hostel Saharanpur

सहारनपुर में ​हुई जातीय हिंसा पर क्या सोचते हैं रविदास हॉस्टल के छात्र

सहारनपुर में पिछले कुछ दिनों से जातीय हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आई हैं. इस हिंसा पर रविदास हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से बातचीत.

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दलित उत्पीड़न के ख़िलाफ़ भीम सेना का जंतर मंतर ​पर प्रदर्शन

दलित उत्पीड़न के ख़िलाफ़ रविवार को भीम सेना ने राजधानी दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया, जिसमें हज़ारों की संख्या में लोग शामिल हुए.