Saharanpur

New Delhi: Paediatrician Kafeel Khan addresses a press conference in New Delhi, Saturday, Sept.  28, 2019.Two years after over 60 children died in less than a week at the BRD Medical College, Uttar Pradesh government inquiry has given a clean chit to paediatrician Khan who was arrested after the tragedy.(PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI9_28_2019_000123B)

नागरिकता कानून: एएमयू में भड़काऊ भाषण देने के मामले में डॉ. कफील मुंबई हवाईअड्डे से गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने डॉ. कफील खान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति अभद्र टिप्पणी करने, छात्रों को केंद्र सरकार के नागरिकता कानून के खिलाफ लड़ने के लिए और सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयास का आरोप लगाया है.

2612 Ritu Interview.00_25_16_19.Still003

नागरिकता कानूनः एएमयू के छात्रों के साथ पुलिस ने आतंकियों जैसा बर्ताव किया

वीडियोः नागरिकता कानून के विरोध में 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की उत्तर प्रदेश पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने बर्बरता से पिटाई की थी. इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता और घटना की जांच करने वाली फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्य हर्ष मंदर के साथ रीतू तोमर की बातचीत.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय. (फोटो साभार: ट्विटर/@SyedAzhars)

एएमयू में जामिया से भी बर्बर तरीके से छात्रों को पुलिस द्वारा पीटा गया: फैक्ट फाइंडिंग टीम

फैक्ट फाइंडिंग टीम ने ‘द सीज ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ नाम से यह रिपोर्ट 24 दिसंबर को जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया कि एएमयू में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान छात्रों की पिटाई करते वक्त ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगा रहे थे.

maxresdefault (1)

नागरिकता क़ानून: एएमयू में पढ़ रहे कश्मीरी छात्र की बात प्रधानमंत्री मोदी को सुननी चाहिए

वीडियो: नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ बीते 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पुलिस की हिंसक कार्रवाई के बाद सभी छात्रों से हॉस्टल खाली करवाया गया. जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा से आने वाले 11 साल के तासीर को भी एएमयू का हॉस्टल छोड़ना पड़ा. द वायर के अविचल दुबे की तासीर से बातचीत.

AMU Protest Citizenship

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में ​पुलिसिया कार्रवाई का आंखों देखा हाल

वीडियो: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को लेकर बीते 15 दिसंबर की रात पुलिस की बर्बरता के शिकार हुए छात्रों से द वायर के अविचल दुबे की बातचीत.

(फोटो साभार: India Rail Info)

अलीगढ़ में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर रोक, इंटरनेट सेवाएं बंद

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर में धारा 144 लागू है. इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे से शुक्रवार शाम 5 बजे तक के लिए बंद हैं. नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सहारनपुर में भी तनाव.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

उत्तर प्रदेश: कुत्ते के शौच को लेकर हुए विवाद में लोजपा नेता के बेटे की पीट-पीटकर हत्या

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का मामला. मृतक के पिता लोजपा के प्रदेश सचिव हैं. पुलिस ने तीन आरोपियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया. तीनों आरोपी फ़रार हैं.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में संयुक्त रैली में बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह. (फोटो साभार: एएनआई)

यूपी: सहारनपुर में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने की वोट न बंटने देने की अपील

बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन की पहली रैली सहारनपुर के देवबंद में की, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं.

(फोटो साभार: एएनआई)

असम में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 90 हुई

असम के स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा ने कहा कि मौत का आंकड़ा हर मिनट बढ़ रहा है. अब तक लगभग 200 लोग अस्पताल में भर्ती हैं और कइयों की हालत गंभीर है.

(फोटो साभार: एएनआई)

असम में ज़हरीली शराब पीने से 17 चाय बागान श्रमिकों की मौत

असम के गोलाघाट ज़िले का मामला. पुलिस ने बताया कि मृतकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है क्योंकि शराब पीने के बाद बीमार पड़ने की वजह से बीते गुरुवार की रात को कई सारे लोगों को अस्पताल लाया गया था.

Saharnapur: Family members of victims who are undergoing treatment on being poisoned after consuming a spurious liquor, at a hospital in Saharanpur, Saturday, Feb 9, 2019. The death toll in the hooch tragedy that hit two adjoining districts in Uttarakhand and Uttar Pradesh has risen to 70 with more people dying of the spurious liquor. (PTI Photo) (PTI2_9_2019_000099B)

यूपी-उत्तराखंड: ज़हरीली शराब से मरने वालों की संख्या 81 हुई, यूपी में एसआईटी करेगी जांच

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले में 36, कुशीनगर ज़िले में नौ और उत्तराखंड के हरिद्वार में ज़हरीली शराब पीने से 36 लोगों की मौत हो चुकी है. मौतों के बाद राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू.

Saharanpur: Bhim Army chief Chandrashekhar Azad being released from Saharanpur Jail, in Saharanpur, Friday, Sept 14, 2018. Azad was arrested from Himachal Pradesh's Dalhousie in June last year in connection with the May 5 caste violence in which one person was killed and 16 others were injured at Shabbirpur village in Saharanpur. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000121B)

‘योगी सरकार चंद्रशेखर पर रासुका लगाने के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में न्यायोचित नहीं ठहरा पाती’

वीडियो: भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आज़ाद की रिहाई पर उनके वकील श्रीजी भावसार से द वायर के अजय आशीर्वाद की बातचीत.

Chandrashekhar Bhim Army ANI

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आज़ाद जेल से हुए रिहा

लगभग 16 महीने से सहारनपुर जेल में बंद चंद्रशेखर को 1 नवंबर 2018 को रिहा किया जाना था. निकलकर कहा, 2019 में भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे.

Hindu Exodus PTI

पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हिंदू परिवारों के पलायन की कोई रिपोर्ट नहीं: केंद्र सरकार

गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने राज्यसभा में बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक देवबंद में हिंदू परिवारों के पलायन से संबंधित कोई मामला सूचित नहीं किया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

वर्ष 2017-18 में भारत में सबसे अधिक बार इंटरनेट सेवा रोकी गई: यूनेस्को

यूनेस्को इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट की दक्षिण एशिया प्रेस फ्रीडम रिपोर्ट, 2017-18 में कहा गया है कि इंटरनेट सेवा बंद करने की घटनाएं विश्व भर में बढ़ रही हैं और यह प्रेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नियंत्रण का पैमाना है.

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर. (फोटो: फेसबुक)

चंद्रशेखर पर रासुका की अवधि तीन महीने और बढ़ाई गई

भीम आर्मी डिफेंस कमेटी के संयोजक प्रदीप नरवाल ने कहा कि चंद्रशेखर की जगह अगर आज बाबा साहेब आंबेडकर होते तो भाजपा सरकार उन पर भी रासुका लगा देती.

मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव स्टोरी (फोटो: फेसबुक)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों पर आधारित फिल्म पर पांच ज़िलों में रोक का दावा

निर्माता का आरोप है कि यूपी निकाय चुनाव की वजह से सिनेमाघर मालिकों को फिल्म न प्रदर्शित करने को कहा गया है. ज़िला प्रशासन ने आरोप का किया खंडन.

AppleMark

इस्तीफ़े के पहले राज्यसभा में मायावती ने क्या कहा?

बसपा प्रमुख मायावती ने यह कहते हुए राज्यसभा से इस्तीफ़ा दे दिया है कि उन्हें दलितों से जुड़े मुद्दे उठाने का समय नहीं दिया जा रहा है. पढ़िए सदन में उनका पूरा भाषण…

Mayawati PTI

संसद में आवाज़ दबाने का आरोप लगाते हुए मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफ़ा दिया

इस्तीफ़े से ठीक पहले संसद में कहा था कि ‘मैं जिस समाज से मैं आती हूं उसी की बात सदन में नहीं रख पा रही. मुझे ऐसी सदस्यता नहीं चाहिए. मैं अभी इससे इस्तीफ़ा देती हूं.’

New Delhi: BSP supremo Mayawati interacts with the media at Parliament house on the first day of the monsoon session in New Delhi on Tuesday. PTI Photo by Kamal Singh   (PTI7_21_2015_000064B)

कमज़ोर तबके की आवाज़ नहीं उठा सकती तो सदन में रहने का अधिकार नहीं: मायावती

बसपा प्रमुख मायावती इस्तीफा देने की बात करते हुए सदन से बाहर चली गईं. उनके समर्थन में कांग्रेस सदस्यों ने भी वॉकआउट किया.

TN Plain

सहारनपुर और मुज़फ़्फ़रनगर में क्यों धर्मपरिवर्तन कर रहे हैं दलित?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ ​इलाक़ों में दलित समुदाय धर्म परिवर्तन करके बौद्ध धर्म अपना रहे हैं. दलितों के ख़िलाफ़ जातीय हिंसा न रोक पाने की सरकार की विफलता को लेकर दलित समुदाय में ग़ुस्सा है.

Capture

योगी सरकार दलितों के लिए बहुत बुरी साबित होने वाली है: चंद्रशेखर आज़ाद

चंद्रशेखर ने कहा, ‘पुलिस ने भीम आर्मी पर नक्सली होने, नक्सलियों से धन लेने, आतंकवादियों से संबंध होने का आरोप लगाया. मैं कहता हूं कि अगर ऐसा है तो वे सबूत दें’

Modi Clash

बढ़ते सामाजिक टकराव पर प्रधानमंत्री चुप क्यों?

बढ़ती जातीय और सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं प्रधानमंत्री मोदी की विकास के उनके घोषित एजेंडे के अनुकूल नहीं रहीं, लिहाजा देश को अपेक्षा थी कि ऐसी घटनाओं पर मोदी सख्ती से पेश आएंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

18767132_10209462417337415_1245516944_o

वीडियो: झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव पर चर्चा

झारखंड और सहारनपुर में हुई हालिया हिंसा से उपजे सामाजिक तनाव का जायजा लेकर लौटे द वायर के पत्रकार अजय आशीर्वाद और कृष्णकांत की बातचीत.

PTI5_21_2017_000125B

भीम आर्मी रावण को नहीं, आंबेडकर को आंदोलन का हिस्सा बनाए

भले ही भीम आर्मी की कोई हिंसक गतिविधि न हो, पर प्रतिक्रियावादी हिंदुओं में यह हिंसक प्रतिक्रांति को और भी ज़्यादा हवा देगी. इससे समानता स्थापित होने वाली नहीं है.

saharanpur

क्या राजनीति तलवारों का युग वापस चाहती है?

नियमित अंतराल पर ऐसी तस्वीरें मीडिया में देखने को मिल जाती हैं जब किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी का पुरुष या महिला नेता तलवार, धनुष-बाण या गदा हाथ में लेकर इसका सार्वजनिक प्रदर्शन करता है.

Ravidas Hostel Saharanpur

सहारनपुर में ​हुई जातीय हिंसा पर क्या सोचते हैं रविदास हॉस्टल के छात्र

सहारनपुर में पिछले कुछ दिनों से जातीय हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आई हैं. इस हिंसा पर रविदास हॉस्टल में रहने वाले छात्रों से बातचीत.