Sangh parivar

Sabarimala: Devotees arrive to pay obeisance at Lord Ayyappa Temple in Sabarimala, Thursday, October 18, 2018. (PTI Photo) (PTI10_18_2018_000031B)

केरल: सबरीमाला मंदिर के कपाट खोले गए, 10 महिलाओं को वापस भेजा गया

पुलिस ने बताया कि आंध्रप्रदेश से आए समूह में शामिल लोगों के पहचानपत्र की जांच की गई और प्रतिबंधित उम्र सीमा में होने की वजह से सबरीमाला में मौजूदा स्थिति की जानकारी देकर 10 युवा महिलाओं को वापस भेज दिया गया.

Sabarimala: Devotees enter the Sabarimala temple as it opens amid tight security, in Sabarimala, Friday, Nov. 16, 2018. (PTI Photo) (Story no. MDS18) (PTI11_16_2018_000138B)

केरल: आज खुलेगा सबरीमाला मंदिर, सरकार ने महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने से किया इनकार

केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर के कपाट आज शाम 5 बजे के आसपास खोले जाएंगे. सुरक्षा की दृष्टि से भगवान अयप्पा के मंदिर में और उसके आस-पास 10 हजार से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.

2019 के विजयादशमी समारोह में सरसंघचालक मोहन भागवत. (फोटो साभार: फेसबुक/@RSSOrg)

मोहन भागवत का भाषण: क्या आरएसएस का क़द मोदी-शाह के सामने छोटा पड़ गया है?

माना जाता है कि जब भी एनडीए सत्ता में आती है, इसकी डोर आरएसएस के हाथों में होती है. लेकिन 2019 के विजयादशमी भाषण के अधिकांश हिस्से में संघ प्रमुख मोहन भागवत का मोदी सरकार के बचाव में बोलना उनके घटते महत्व की ओर इशारा करता है.

धारा 370 समाप्त होने के बाद अमृतसर में जश्न मनाते भाजपा कार्यकर्ता (फोटो: पीटीआई)

भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का आरएसएस का सपना पूरा होने वाला है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बरसों से संजोया गया हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा होने के बहुत करीब है, जिसके जश्न में अब भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा भी शामिल है.

पलक्कड़ में प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता, (फोटो साभार: पीटीआई)

सबरीमाला विवाद: केरल में दो दिनों में 1,369 लोग गिरफ़्तार, 100 से ज़्यादा लोग घायल

विरोध प्रदर्शन के चलते 1,369 लोगों की गिरफ़्तारी के अलावा 717 लोगों को हिरासत में लिया गया और 801 केस भी दर्ज किए जा चुके हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी नरेंद्र मोदी का विश्वसनीय विकल्प बन सकते हैं

राहुल गांधी को लेकर संशय ख़त्म नहीं हुआ है. उन्हें अब भी यह साबित करना है कि वे नरेंद्र मोदी का व्यावहारिक विकल्प हैं.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

आठ साल की बच्ची के साथ हुई वहशियाना हरकत दिखाती है कि हम नीचता की किन गहराइयों में डूब चुके हैं

प्रधानमंत्री के नाम लिखे एक पत्र में रिटायर्ड नौकरशाहों ने कहा कि यह पत्र केवल सामूहिक शर्म या अपनी पीड़ा को आवाज़ देने के लिए नहीं बल्कि सामाजिक जीवन में ज़बरदस्ती घुसा दिए गए घृणा और विभाजन के एजेंडा के ख़िलाफ़ लिखा गया है.

(फोटो: पीटीआई)

घटती लोकप्रियता से घबराकर संघ परिवार एक बार फिर ध्रुवीकरण के खेल में जुट गया है

हिंदू वोटों को ध्रुवीकृत करने के लिए कोशिशें तेज़ हो गई हैं. इस खेल में संघ परिवार माहिर है और ऐसी कोशिशों ने अतीत में भी इसे लाभ पहुंचाया है.

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हम भी भारत, एपिसोड 08: शौर्य डोभाल और ​इंडिया फाउंडेशन

हम भी भारत की आठवीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम एनएसए अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में हितों के टकराव संबंधी रिपोर्ट पर पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी और द वायर के संपादक एमके वेणु से चर्चा कर रही हैं.

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शौर्य डोभाल की सफाई जवाब से ज़्यादा सवाल खड़े करती है

द वायर की रिपोर्ट पर इंडिया फाउंडेशन की प्रतिक्रिया बेहद असंतोषजनक है. फाउंडेशन द्वारा न तो रिपोर्ट में उठाये गये और न ही निदेशकों को भेजे गए किसी सवाल का स्पष्ट जवाब दिया गया है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

क्या मोदी सरकार के मंत्री अजीत डोभाल के बेटे के संस्थान को फ़ायदा पहुंचा रहे हैं?

विशेष रिपोर्ट: शौर्य डोभाल द्वारा संचालित इंडिया फाउंडेशन में मोदी सरकार के मंत्री निदेशक हैं. यह संस्थान कई ऐसे कॉरपोरेट्स से चंदा लेता है, जो सरकार के साथ सौदे भी करते हैं.

फोटो: पीआईबी

‘नए भारत’ के नए वादे पर आर्थिक संकट का काला बादल

2019 के चुनावों से 18 महीने पहले, भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था पूरी तरह से लड़खड़ाई हुई दिखाई दे रही है, लेकिन नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार 2022 तक पूरे किए जाने वाले नामुमकिन वादों की झड़ी लगाने का सिलसिला जारी है.

Kerala

केरल की हिंसक राजनीति में कोई भी पक्ष निर्दोष नहीं है

केरल में 1983 से लेकर सितंबर 2009 के दरमियान 91 राजनीतिक हत्याएं हुईं. इनमें 31 सदस्य आरएसएस-बीजेपी के, 33 माकपा के और 14 कांग्रेस-आई के मारे गए.

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केरल की तरह हिंसा भाजपा शासित राज्यों में होती तो क्या होता: अरुण जेटली

केरल में हिंसा का हल खोजने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई गई. जेटली मारे गए आरएसएस कार्यकर्ता के परिजनों से मिले.

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क्यों फर्ज़ी ख़बरें भाजपा की पहचान बनती जा रही हैं?

किसी व्यक्ति या संस्थान के व्यक्तित्व को कुछ शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है. ‘वंशवाद’ शब्द से सीधे कांग्रेस हमारे दिमाग मे आती है. भ्रष्टाचार शब्द से यूपीए हमारे दिमाग में आता है. वहीं फेक या फ़र्जी शब्द अब भाजपा की मिल्कियत बनता जा रहा है.