Sardar Patel

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (फोटो: रॉयटर्स)

क्या सरदार पटेल का सपना वही था, जो भाजपा बता रही है?

‘गांधी के रामराज्य के बारे में तुम क्या जानते हो? गांधी के राम के बारे में ही तुम क्या जानते हो? वैसे तुलसी के राम के बारे में ही तुम क्या जानते हो? सावरकर हो या गोलवलकर, उनके हिंदू राष्ट्र का हमारे रामराज्य से क्या लेना-देना?’

जवाहरलाल नेहरू. (फोटो साभार: IISG/Flickr (CC BY-SA 2.0)

कश्मीर और 370 से लेकर विभाजन तक नेहरू के प्रति भाजपा की नफ़रत झूठ की बुनियाद पर टिकी है

गृहमंत्री अमित शाह ने अगस्त में दिए एक भाषण में कहा था कि अगर नेहरू न होते, तो पाक अधिकृत कश्मीर भारत के कब्ज़े में होता. सच तो यह है कि अगर आज कश्मीर भारत का हिस्सा है तो यह केवल नेहरू के चलते ही है.

The Union Home Minister, Shri Amit Shah addressing the inaugural session of the 14th Annual Convention of the Central Information Commission, in New Delhi on October 12, 2019.

अमित शाह ने सुरक्षा बलों को दफ्तरों में सरदार पटेल की तस्वीर लगाने का आदेश दिया

एक अन्य आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी अर्द्धसैनिक बलों को निर्देश दिया है कि वे अपने कैंटीन और कार्यालयों में विदेशी ब्रांड का त्याग कर स्वदेशी सामान अपनाएं. हालांकि, मंत्रालय ने इन बलों और अर्द्धसैनिक बल की जीएसटी में छूट की मांग को ठुकरा दिया है.

**EDS: HANDOUT PIC PROVIDED BY PIB** New Delhi: Government of India has instituted  Sardar Patel National Unity Award, highest civilian award for contribution to 'Unity and Integrity of India'. A notification instituting the award was issued by Ministry of Home Affairs, Friday, Sept. 20, 2019. (PIB/PTI Photo)  (PTI9_25_2019_000099B)

केंद्र सरकार ने सरदार पटेल के नाम से राष्ट्रीय एकता पुरस्कार की शुरुआत की

देश की एकता-अखंडता में महत्वपूर्ण योगदान देने वालों को मिलेगा सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार. सम्मान की घोषणा सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर को की जाएगी.

An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

सरकार अब संवाद से परे हो चुकी है…

एक तरफ कहा जाता है कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, उस लिहाज़ से कश्मीरी भी अभिन्न होने चाहिए थे. तो फिर इस बदलाव की प्रक्रिया में उनसे बात क्यों नहीं की गई? उनकी राय क्यों नहीं पूछी गई?

Indian policemen stand guard in a deserted street during restrictions in Jammu on August 6.	Photo : Reuters

कश्मीर का मन मरघट बन गया है…

कहा जा रहा है कि लोकतंत्र बहुमत से ही चलता है और बहुमत है, लेकिन ‘बहुमत’ मतलब बहु-मत हों, विभिन्न मत, लेकिन संसद में क्या मतों का आदान-प्रदान हुआ? एक आदमी चीख रहा था, तीन सौ से ज्यादा लोग मेजें पीट रहे थे. यह बहुमत नहीं, बहुसंख्या है. आपके पास मत नहीं, गिनने वाले सिर हैं.

View of a deserted road during restrictions in Srinagar, August 5, 2019. REUTERS/Danish Ismail

ताले में बंद कश्मीर की कोई ख़बर नहीं, पर जश्न में डूबे शेष भारत को इससे मतलब नहीं

सदन में अमित शाह ने कहा कि नेहरू कश्मीर हैंडल कर रहे थे, सरदार पटेल नहीं. यह इतिहास नहीं है मगर अब इतिहास हो जाएगा क्योंकि अमित शाह ने कहा है. उनसे बड़ा कोई इतिहासकार नहीं है.

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अनुच्छेद 370 हटाए जाने को भारतीय अख़बारों ने कैसे पेश किया

जम्मू कश्मीर में संचार व्यवस्थाएं पूरी तरह से ठप होने के कारण न कश्मीरी अख़बार छपे, न ही समाचार वेबसाइट अपडेट हुईं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

न सॉफ्ट हिंदुत्व और न ही सॉफ्ट सेकुलरिज़्म कांग्रेस को उबार सकते हैं

आज कांग्रेस के सामने चुनौती पार्टी का कायाकल्प ऐसे दल के तौर पर करने की है, जो अपने पुराने वैभव और साम्राज्य के बिखर जाने की टीस से बाहर निकलकर यह कबूल करे कि अब उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और बचाव की मुद्रा से बाहर निकलकर आक्रामक अंदाज़ में खेलना शुरू करे.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi flashes the victory sign as he arrives at the party headquarters to celebrate the party's victory in the 2019 Lok Sabha elections, in New Delhi, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI5_23_2019_000464B)

यह एक नया भारत है और नरेंद्र मोदी उसकी आवाज़ हैं

नरेंद्र मोदी को वोट देने वालों की सोच यह नहीं है कि वह अपने किए गए वादों को पूरा करेंगे या नहीं, बल्कि उन्होंने मोदी को इसलिए वोट किया क्योंकि उन्हें उनमें अपना ही अक्स दिखाई देता है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at a function to commemorate the 75th anniversary formation of the Azad Hind Government, at Red Fort, Delhi on October 21, 2018.

मोदी को प्रधान सेवक के साथ भारत का प्रधान इतिहासकार भी घोषित कर देना चाहिए

प्रधानमंत्री इसीलिए आज के ज्वलंत सवालों के जवाब देना भूल जा रहे हैं क्योंकि वे इन दिनों नायकों के नाम, जन्मदिन और उनके दो-चार काम याद करने में लगे हैं. मेरी राय में उन्हें एक मनोहर पोथी लिखनी चाहिए, जो बस अड्डे से लेकर हवाई अड्डे पर बिके. इस किताब का नाम मोदी-मनोहर पोथी हो.

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी: करीब 75,000 आदिवासी मूर्ति के अनावरण का करेंगे विरोध

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का अनावरण करने वाले हैं. अादिवासियों का कहना है कि ये प्रोजेक्ट उनके लिए विनाशकारी है. इसके विरोध में 72 गांवों में खाना नहीं पकेगा.

Jaipur: Writer and politician Shashi Tharoor speaks during his session at Jaipur Literature Festival 2018 held at Diggi Palace in Jaipur on Saturday. PTI Photo (PTI1_27_2018_000122B)

2019 में भाजपा जीती तो ‘हिंदू पाकिस्तान’ बन जाएगा भारत: थरूर

भाजपा ने कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर पर बोला हमला. थरूर ने कहा, ‘यदि भाजपा हिंदू राष्ट्र की अवधारणा में विश्वास नहीं करती है तो उन्हें यह बात सार्वजनिक रूप से कहनी चाहिए कि हम हिंदू राष्ट्र में नहीं बल्कि धर्मनिरपेक्ष गणराज्य में विश्वास करते हैं. यह बहस ख़त्म हो जाएगी.’

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सरदार पटेल ने ‘हिंदू राज’ के विचार को ‘पागलपन’ कहा था

मोदी अगर सरदार पटेल को अपना नेता मानते हैं तो फिर उन्हें पटेल की धर्मनिरपेक्ष प्रतिबद्धता पर अमल करते हुए हिंदू राष्ट्र के लिए हथियार उठाने का आह्वान करने वाले सिरफिरे पर कार्रवाई करनी चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/नरेंद्र मोदी)

‘नाना-परनाना की बजाय ये क्यों नहीं बताते कितने घर, रोज़गार, स्कूल-अस्पताल दिए?’

सोशल मीडिया: गुजरात चुनाव प्रचार में विकास की जगह राहुल के परनाना ने ले ली तो फेसबुक और ​ट्विटर पर लोगों ने प्रधानमंत्री की भाषा और ग़लतबयानियों पर जमकर चुटकी ली.

सम्राट अशोक का चित्र, बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, चन्द्रगुप्त मौर्या की मूर्ति बिहार

सम्राट अशोक नहीं, चंद्रगुप्त मौर्य महान थे: भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी

लखनऊ साहित्य महोत्सव में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, त्रिवेदी ने आगे कहा, ‘अशोक के तलवार छोड़ने के बाद से ही भारत में विदेशी आक्रमण शुरू हुआ, तो अशोक महान कैसे?’