School Education

कृश्न चंदर. (फोटो साभार: अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू हिंद)

‘अगर कृश्न चंदर आज लिख रहे होते तो तिहाड़ जेल में होते’

बीते दिनों आईसीएसई ने प्रसिद्ध कहानीकार कृश्न चंदर की कहानी ‘जामुन का पेड़’ को दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से हटा दिया था. उनकी लेखनी और ज़िंदगी की महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में उनके भतीजे पवन चोपड़ा से द वायर के फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

कृश्न चंदर. (फोटो साभार: अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू हिंद)

जामुन का पेड़: कृश्न चंदर की वो कहानी, जिसे आईसीएसई ने पाठ्यक्रम से हटा दिया है

आईसीएसई ने प्रसिद्ध कहानीकार कृश्न चंदर की कहानी ‘जामुन का पेड़’ को दसवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से हटा दिया है. काउंसिल का कहना है कि यह दसवीं के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त नहीं है.

प्रतीकात्मक फोटो (साभार: https://dpsbdn.org)

सड़कों पर नाम-पता पूछने वाला ‘जय श्रीराम’ अब भेस बदलकर स्कूलों में पांव पसार रहा है

मुल्क की सियासत अब ज़्यादा शिद्दत से पहचान की राजनीति के गिर्द नाच रही है. राम को इमाम-ए-हिंद कहने वाले इक़बाल की दुआ को मदरसे की दुआ कहकर सीमित किया जा रहा है, लेकिन देश के बच्चे शायद इक़बाल की दुआ के सबक़ के माने समझ रहे हैं.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

यह प्रार्थना पर नहीं बल्कि हिंदू समाज के दिलो-दिमाग के सिकुड़ने पर दुख मनाने का वक़्त है

विश्व हिंदू परिषद ने पीलीभीत के एक प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर पर राष्ट्रगान की जगह इक़बाल की प्रार्थना गवाने का आरोप लगाया. उनसे शिकायत नहीं पर जिलाधीश से है. उन्होंने जिस प्रार्थना के लिए हेडमास्टर को दंडित किया, क्या उसके बारे में उन्हें कुछ मालूम नहीं? क्या अब हम ऐसे प्रशासकों की मेहरबानी पर हैं जो विश्व हिंदू परिषद का हुक्म बजाने के अलावा अपने दिल और दिमाग का इस्तेमाल भूल चुके हैं?

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो:पीटीआई)

हरियाणा: बच्चों का दिमाग तेज़ करने के लिए स्कूलों में करवाई जाएगी कान पकड़कर उठक-बैठक

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बच्चों से कान पकड़कर उठक-बैठक करवाने को सुपर ब्रेन योग बताते हुए इसे स्कूलों में लागू करने की बात कही है. बोर्ड प्रशासन का दावा है कि वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुका है कि ऐसा करने से बुद्धि तेज़ होती है.

फोटो साभार: Harish Sharma/Pixabay

सत्ता के मन में उपजे हिंदी प्रेम के पीछे राजनीति है, न कि भाषा के प्रति लगाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले मसौदे में हिंदी थोपने की कथित कोशिश पर मचे हंगामे को देखते हुए एक बात साफ है कि इस हो-हल्ले का हिंदी से कोई वास्ता नहीं है. हिंदी थोपने या ख़ारिज करने की इच्छा का संबंध हिंदी राष्ट्रवाद, धर्म, जाति और अंग्रेज़ी से एक असहज जुड़ाव जैसी बातों से हो सकता है, मगर इसका संबंध उस भाषा से कतई नहीं है, जिसका नाम हिंदी है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हिंदी भाषा विवाद: नई शिक्षा नीति के संशोधित मसौदे पर दो सदस्यों ने जताई आपत्ति

नई शिक्षा नीति के मसौदे में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को मसौदा नीति का संशोधित प्रारूप जारी किया गया, जिसमें ग़ैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी अनिवार्य किए जाने का उल्लेख नहीं है.

(फोटो साभार: www.uniqindia.in)

मध्य प्रदेश के सभी स्कूलों में हाज़िरी दर्ज कराने के लिए कहना होगा ‘जय हिंद’

मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने कहा कि इससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जगेगी. ‘यस सर’ या ‘यस मैडम’ जैसे अंग्रेज़ी शब्दों से क्या मिलेगा.

The Union Minister for Women and Child Development, Smt. Maneka Sanjay Gandhi addressing the 63rd meeting of the Central Advisory Board Of Education (CABE), in New Delhi on August 19, 2015.

स्कूलों में सुरक्षा उपायों की निगरानी के लिए समिति बनाएगी सरकार

स्कूलों में बढ़ते अपराधों के मद्देनज़र हुई बैठक में निर्भया फंड का उपयोग विद्यालयों की सुरक्षा में करने और स्कूल बसों में महिला ड्राइवर नियुक्त करने जैसे फैसले लिए गए.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: शिक्षा मंत्री का फरमान, यस मैम की बजाय ‘जय हिंद’ बोलें स्कूली बच्चे

शिक्षा मंत्री विजय शाह का कहना है कि बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए यह फैसला लिया गया है.