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जम्मू कश्मीर: सैयद अली शाह गिलानी के पोते और एक स्कूली शिक्षक बर्ख़ास्त

जम्मू कश्मीर सरकार ने इन लोगों पर आतंकवादियों के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया है. उपराज्यपाल द्वारा इनकी बर्ख़ास्तगी संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(सी) के तहत की गई है. संविधान के इस प्रावधान के अनुसार सरकार को बिना जांच के ही संबंधित अधिकारी को बर्ख़ास्त करने का अधिकार मिला हुआ है.

जम्मू कश्मीर: जांच को दरकिनार करने वाले क़ानून के तहत छह सरकारी कर्मचारी बर्ख़ास्त

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने इन लोगों पर आतंकवादियों के साथ संबंध रखने का आरोप लगाया है. इनकी बर्ख़ास्तगी उस कमेटी द्वारा की गई है, जिसका गठन संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(सी) के तहत किया गया है. इस कमेटी के पास बिना जांच के ही संबंधित अधिकारी को बर्ख़ास्त करने का अधिकार होता है.

पीडीपी जम्मू कश्मीर का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी: महबूबा मुफ़्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने आगामी जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में पूर्व सहयोगी भाजपा से किसी भी तरह का गठबंधन करने की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर संकट में है और यही हाल देश का है. भाजपा कहती है कि हिंदू ख़तरे में हैं, लेकिन असल में भाजपा की वजह से भारत और लोकतंत्र ख़तरे में हैं.

जम्मू कश्मीर परिसीमन: भाजपा के एक धड़े ने 2011 की जनगणना को आधार बनाने पर आपत्ति जताई

जम्मू कश्मीर एकमात्र ऐसा राज्य/केंद्र शासित प्रदेश है, जहां 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होगा. अन्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का परिसीमन 2021 की जनगणना के अनुसार किया जाना है. जम्मू कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन को लेकर जम्मू की भाजपा इकाई ने 2011 की जनगणना के इस्तेमाल का विरोध किया. उसने कहा कि इन आंकड़ों में हेराफेरी की गई थी, इसलिए वोटर लिस्ट के आधार पर जनसंख्या की गणना की जानी चाहिए.

जम्मू कश्मीर परिसीमन: पीडीपी ने बनाई दूरी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस की पूर्ण राज्य की मांग

जम्मू कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन की बड़ी कवायद को लेकर चार दिवसीय दौरे पर श्रीनगर पहुंचे जस्टिस (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले आयोग ने विभिन्न दलों के नेताओं से संवाद किया. बीते 24 जून को केंद्र शासित प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के साथ सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिसीमन प्रक्रिया में उनकी भागीदारी की मांग की थी.

जम्मू कश्मीर पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के नतीजे से निराश: गुपकर गठबंधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की बैठक पर गुपकर गठबंधन ने कहा कि इसमें विश्वास बहाली के लिए क़दमों पर बात नहीं हुई और न ही अगस्त 2019 से जम्मू कश्मीर के लोगों का ‘दम घोंट रहे घेराबंदी और दमन वाले वातावरण’ को समाप्त करने के लिए ठोस क़दम उठाने पर चर्चा हुई. जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी संसद में किया गया वादा भाजपा नीत केंद्र सरकार को याद दिलाते हुए गठबंधन ने कहा कि ऐसा होने के बाद ही विधानसभा चुनाव होने चाहिए.

महबूबा मुफ़्ती ने कहा, जब तक कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल नहीं होता, चुनाव नहीं लड़ेंगी

बीते गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में शामिल रहीं पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर में ज़मीनी स्थिति वैसी नहीं है जैसी दुनिया के सामने पेश की जा रही है. किसी के ख़िलाफ़ शिकायत हो है, तो उसे ऐहतियाती हिरासत में डाल दिया जाता है, ट्विटर पर असल भावना लिखने पर जेल हो जाती है. क्या इसे ही लोकतंत्र कहा जाता है.

कश्मीरी ‘गुपकर गैंग’ से मिले मोदी, क्या है सरकारी यू-टर्न के पीछे का खेल

वीडियो: केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 24 जून को सर्वदलीय बैठक हुई. इस बारे में श्रीनगर से वरिष्ठ पत्रकार गौहर गिलानी, जम्मू से वरिष्ठ पत्रकार अनुराधा भसीन और द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन से आरफ़ा ख़ानम़ शेरवानी की बातचीत.

जम्मू कश्मीर: सर्वदलीय बैठक में उठी विधानसभा चुनाव व पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के बाद पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में अधिकतर दलों ने राज्य का पूर्ण दर्जा बहाल करने की मांग उठाई. बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया और शांतिपूर्ण चुनाव जम्मू कश्मीर में पूर्ण राज्य की बहाली के प्रमुख मील के पत्थर हैं.

पीएम के साथ बैठक में पूर्ण जम्मू कश्मीर राज्य एजेंडे में सबसे ऊपर होगा: ग़ुलाम नबी आज़ाद

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने सहित राजनीतिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करने की केंद्र की पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जून को वहां के सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे. नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और माकपा के गठबंधन ‘गुपकर’ ने भी इस बैठक में शामिल होने की बात कही है.

जम्मू कश्मीर: विभाजन के बाद पहली बार केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, परिसीमन पर चर्चा की संभावना

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने सहित राजनीतिक प्रक्रियाओं को मज़बूत करने की केंद्र की पहल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 जून को वहां के सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं. यह बैठक केंद्र द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन करने की घोषणा के बाद से इस तरह की पहली कवायद होगी.

New Delhi: Telecom Minister Manoj Sinha addresses a press conference regarding the achievements of his ministry in the four years of NDA government, in New Delhi on Tuesday, June 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI6_12_2018_000053B)

अमित शाह और मनोज सिन्हा की मुलाकात के बाद जम्मू कश्मीर में बड़े बदलाव की अटकलें

केंद्रशासित जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बीते छह जून को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक बैठक में शामिल हुए थे. इसके बाद से एक तरफ़ जहां जम्मू को अलग राज्य बनाने की अफ़वाह गर्म है, दूसरी ओर ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने पर विचार कर सकती है.

Srinagar: Policemen patrolling at Lal Chowk after restrictions were lifted, in Srinagar, Tuesday, Aug. 20, 2019. Barricades around the Clock Tower in Srinagar's city centre Lal Chowk were removed after 15 days, allowing the movement of people and traffic in the commercial hub, as restrictions eased in several localities while continuing in others. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI8_20_2019_000114B)

जम्मू कश्मीर: क्या है नई टास्क फोर्स, जो सरकारी कर्मचारियों को बिना जांच बर्ख़ास्त कर सकती है

केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रशासन ने ‘राज्य की सुरक्षा’ के ख़िलाफ़ संदिग्ध गतिविधियों वाले सरकारी कर्मचारियों के मामलों की जांच के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है. संविधान के अनुच्छेद 311 (2)(सी) के अंतर्गत पारित इस आदेश के तहत सरकार को हक़ है कि वो बिना जांच समिति का गठन किए किसी भी कर्मचारी को बर्ख़ास्त कर दे.

सुप्रीम कोर्ट का कश्मीरी पंडितों की सामूहिक हत्या की जांच याचिका पर सुनवाई से इनकार

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि 27 साल बाद उन मामलों के सबूत इकट्ठा करना मुश्किल होगा, जिनकी वजह से कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा था.

किसी भी तरह के उकसावे पर सैन्य बलों को ग़ैर-क़ानूनी तरीकों का सहारा नहीं लेना चाहिए

सरकार के हिंसा पर एकाधिकार को तब ही स्वीकार किया जा सकता है जब वह क़ानून के दायरे में हो; अगर ऐसा नहीं है तब कोई उसके इस एकाधिकार को तोड़ता है तो उसे ग़लत नहीं ठहराया जा सकता.