Shivraj Singh Chouhan

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आईं इमरती देवी की एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान. (फोटो साभार: फेसबुक/@ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: क्या उपचुनाव में भाजपा को अपने ही नेताओं की नाराज़गी का ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ेगा

भाजपा ने उपचुनाव वाली 28 में से 25 सीटों पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए विधायकों को टिकट दिया है, जिससे उन सीटों के मूल भाजपा कार्यकर्ता नाराज़ हैं. साथ ही पार्टी के वे नेता भी नाख़ुश हैं, जो दल बदलकर आए नेताओं के कारण सरकार में मंत्री नहीं बन सके.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ राहुल लोधी. (फोटो साभार: ट्विटर/@BJP4MP)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों से ऐन पहले कांग्रेस के एक और विधायक ने थामा भाजपा का हाथ

दमोह से कांग्रेस विधायक राहुल लोधी ने रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता लेते हुए कहा कि वे छह महीने में भाजपा के विकास कार्यों से प्रभावित हुए हैं. मार्च से अब तक कांग्रेस के कुल 26 विधायक भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

उषा ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक)

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा, सारा कट्टरवाद और सारे आतंकवादी मदरसों में पले और बढ़े हैं

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने मदरसों में मिड-डे-मील की स्थिति के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ये टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर को आतंकवादियों की फैक्टरी बनाकर रख दिया गया है.

(फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: महिलाओं के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी और कोराना​ निर्देशों का उल्लंघन

मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा की महिला उम्मीदवार को आइटम कह दिया था. दूसरी ओर राज्य सरकार में मंत्री और अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू ने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी के लिए अभद्र शब्द कहे. इस बीच चुनावी सभाओं में ​कोरोना निर्देशों के उल्लंघन पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और कमलनाथ पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री​ शिवराज सिंह चौहान, बसपा सुप्रीमो मायावती और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: उपचुनावों में भाजपा और कांग्रेस में से किसका खेल बिगाड़ेगी बसपा

उपचुनावों में अमूमन न उतरने वाली बसपा इस बार मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों पर उसका काफ़ी प्रभाव भी है, ऐसे में उसकी दावेदारी के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं.

कमलनाथ. (फोटो: पीटीआई)

क्या मध्य प्रदेश में कमलनाथ ही कांग्रेस की कमज़ोर कड़ी हैं

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में इस साल मार्च से लेकर जुलाई के बीच पार्टी के कुल 25 विधायक भाजपा में जा चुके हैं, पार्टी की अंदरूनी उठापटक के बीच कई पदाधिकारियों ने इस्तीफ़े दिए. अब उपचुनावों के ठीक पहले पार्टी के अंदर से उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे.

पद से हटाए गए आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा (फोटोः एएनआई)

मध्य प्रदेशः पत्नी के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद आईपीएस अधिकारी पद से हटाए गए

मध्य प्रदेश में डीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी पुरुषोत्तम शर्मा एक वीडियो में कथित तौर पर पत्नी को पीटते नज़र आ रहे हैं. मामला सामने आने के बाद उन्होंने ​कहा है कि यह अपराध का नहीं, बल्कि उनका पारिवारिक मामला है.

संतराम सनोडिया. (फोटो: Special Arrangement)

मध्य प्रदेश: फसल के दाम न मिलने पर किसान ने की थी आत्महत्या, मुआवज़े के लिए भटक रहा है परिवार

मध्य प्रदेश के सिवनी ज़िले के एक किसान ने अक्टूबर 2018 में फसल के दाम न मिलने के चलते आत्महत्या कर ली थी. इसके बाद प्रशासन ने उनके परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की थी, जिसे पाने के लिए उनका परिवार बीते दो सालों से संघर्ष कर रहा है.

Commuters move through a waterlogged underpass after heavy rainfall in Bhopal Saturday Aug 29 2020. (Photo | PTI)

मध्य प्रदेश में भारी बारिश से बीते दो दिनों में आठ लोगों की मौतः शिवराज सिंह चौहान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि कि बीते दो दिन से राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश से 12 ज़िलों के 454 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. इन गांवों के 7,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है.

ग्वालियर शहर में लगे होर्डिंग. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

क्या कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लगाए नियम आम जनता और भाजपा के लिए अलग-अलग हैं

पार्टी बदलने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के पहली बार ग्वालियर पहुंचने पर भाजपा तीन दिवसीय ‘सदस्यता ग्रहण समारोह’ आयोजित कर रही है, जिसमें ग्वालियर-चंबल अंचल के सभी ज़िलों के हज़ारों कार्यकर्ता शामिल होने वाले हैं. कोरोना संक्रमण के प्रसार के मामले में ग्वालियर प्रदेश में तीसरे स्थान पर है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो साभार: फेसबुक/@JMScindia)

मध्य प्रदेश: कांग्रेस के टूटते विधायक और सिंधिया के दबाव से मुक्त होने की भाजपा की छटपटाहट

मार्च से अब तक कुल 25 कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं. दो हफ़्ते से भी कम समय में कांग्रेस के तीन और विधायक पार्टी और विधायकी छोड़ भाजपा में आ चुके हैं. भाजपा का दावा है कि अभी और कई कांग्रेसी विधायक पार्टी छोड़कर आएंगे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय. (फाइल फोटो: पीटीआई)

मध्य प्रदेश: भाजपा नेता का आरोप, कैलाश विजयवर्गीय शिवराज सरकार गिराने का प्रयास कर रहे हैं

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता भंवरसिंह शेखावत ने आरोप लगाया है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भी पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने यह सुनिश्चित किया था कि पार्टी को कम से कम सीटें मिलें, ताकि पिछले 13 सालों से राज्य की सत्ता के शीर्ष पर क़ाबिज़ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटाया जा सके.

(फोटो: रॉयटर्स)

भोपाल में कोविड-19 से जान गंवाने वाले लोगों में 75 प्रतिशत गैस पीड़ित: रिपोर्ट

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए काम रहे चार एनजीओ ने शहर में कोविड-19 से हुई मौतों पर जारी रिपोर्ट में बताया है कि 11 जून तक भोपाल में कोरोना से 60 मौतें हुई थीं, जिनमें से 48 गैस पीड़ित थे.

दिग्विजय सिंह. (फोटो: पीटीआई)

शिवराज सिंह चौहान से संबंधित वीडियो को लेकर दिग्विजय समेत 12 के ख़िलाफ़ केस दर्ज

भाजपा ने मूल वीडियो से छेड़छाड़ कर शिवराज सिंह चौहान की छवि ख़राब करने के लिए सोशल मीडिया पर इसे प्रसारित करने का आरोप लगाया है. दिग्विजय सिंह ने कहा है कि आदिवासियों को मुख्यमंत्री के दलालों द्वारा ठगे जाने के संबंध में आवाज़ उठाई और धरना देने की धमकी दी तो तिलमिलाई भाजपा ने केस दर्ज़ करा दिया.

(फोटो साभार: फेसबुक/ChouhanShivraj)

मध्य प्रदेश: क्या भाजपा का बिना मंत्रिमंडल विस्तार किए सरकार चलाना असंवैधानिक है?

संविधान का अनुच्छेद 164 (1 ए) मुख्यमंत्री समेत कम से कम 12 मंत्रियों के मंत्रिमंडल की बात करता है, लेकिन बीते दो महीनों से शिवराज सिंह चौहान केवल पांच मंत्रियों के साथ सरकार चला रहे हैं. कहा जा रहा है कि उन्हें डर है कि मंत्रिमंडल विस्तार करने पर मंत्री न बन सकने से असंतुष्ट विधायक आगामी राज्यसभा चुनाव में कहीं क्रॉस-वोटिंग न कर दें.