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कोविड टीकाकरण: आम आदमी की ज़िंदगी के प्रति भारत सरकार इतनी बेपरवाह क्यों है

टीकाकरण अगर सफल होना है तो उसे मुफ़्त होना ही होगा, यह हर टीकाकरण अभियान का अनुभव है, तो भारत में ही क्यों लोगों को टीके के लिए पैसा देना पड़ेगा? महामारी की रोकथाम के लिए टीका जीवन रक्षक है, फिर भारत सरकार के लिए एक करदाता के जीवन का महत्त्व इतना कम क्यों है कि वह इसके लिए ख़र्च नहीं करना चाहती?

कोर्ट ने केंद्र की टीकाकरण नीति पर सवाल उठाए, कहा- निर्माताओं पर न छोड़ें टीके की क़ीमत-वितरण

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की कोविड-19 टीकाकरण नीति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हमें राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के मॉडल को क्यों नहीं अपनाना चाहिए? केंद्र सौ प्रतिशत का अधिग्रहण क्यों नहीं कर सकता, निर्माताओं की पहचान करें और उनके साथ बातचीत करें और फिर राज्यों को वितरित करें.

भाजपा शासित मध्य प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों ने एक मई से टीकाकरण में जताई असमर्थता

केंद्र की मोदी सरकार ने कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे चरण में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाने की शुरुआत करने की तारीख़ एक मई तय कर दी है. हालांकि राज्यों का कहना है कि उनके पास टीका का पर्याप्त स्टॉक नहीं है, इसलिए एक मई से टीकाकरण की शुरुआत कर पाना उनके लिए मुश्किल है.

सीरम इंस्टिट्यूट ने राज्यों के लिए टीके की कीमत 300 रुपये की, पूनावाला को मिली वाई श्रेणी सुरक्षा

सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने अपने कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की कीमत राज्यों के लिए 400 रुपये कर दी थी, जिसकी काफ़ी आलोचना हो रही थी. भारत बायोटेक ने भी कोवैक्सीन की कीमत बढ़ा दी है. इस बीच गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला की सीआरपीएफ के सुरक्षाकर्मी सुरक्षा करेंगे.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

कंपनियां कोविड वैक्सीन की अलग-अलग कीमत तय कर रही हैं, केंद्र क्या कर रहा है: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ के लिए 150 रुपये पर समझौता किया था, लेकिन जैसे ही सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों को राज्यों और खुले बाज़ार के लिए कीमत तय करने की छूट दी, वैसे ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने क्रमश: राज्यों के लिए 400 और 600 रुपये, जबकि निजी अस्पतालों के लिए 600 और 1200 रुपये प्रति खुराक कीमत तय कर दी. विभिन्न राज्यों ने इन कंपनियों पर संकट काल में मुनाफ़ाखोरी का आरोप लगाया है.

कोविड-19: केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक से टीकों की कीमत कम करने को कहा

केंद्र सरकार ने ‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’ के लिए 150 रुपये पर समझौता किया था, लेकिन जैसे ही सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों को राज्यों और खुले बाज़ार के लिए कीमत तय करने की छूट दी, वैसे ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने क्रमश: राज्यों के लिए 400 और 600 रुपये, जबकि निजी अस्पतालों के लिए 600 और 1200 रुपये प्रति खुराक कीमत तय कर दी. विभिन्न राज्यों ने इन कंपनियों पर संकट काल में मुनाफ़ाखोरी का आरोप लगाया है.

मोदी सरकार ने टीकाकरण से 1.11 लाख करोड़ रुपये की मुनाफ़ाखोरी की अनुमति दी: कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दावा किया कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया 35,350 करोड़ रुपये और भारत बायोटेक 75,750 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा बनाएंगे. सीरम इंस्टिट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड टीका राज्य सरकारों को 400 रुपये प्रति खुराक और निजी अस्पतालों को 600 रुपये में मिलेगा. वहीं भारत बायोटेक का टीका कोवैक्सीन प्रति खुराक राज्यों को 600 रुपये और निजी अस्पतालों को 1200 रुपये में मिलेगा.

कोविड-19 टीके की लागत राज्य सरकारें नहीं केंद्र वहन करे: अरविंद सुब्रमणियन

भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन ने कहा है कि पूरे देश में वैक्सीन के इंजेक्शन की कीमत एक ही होनी चाहिए और यह कीमत शून्य होनी चाहिए. उन्होंने कोविड-19 टीके की मूल्य नीति को जटिल और राजनीति से भरा बताया. भारत में कोविड वैक्सीन तैयार करने वाली कंपनियां सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक ने इसकी कीमत बढ़ा दी है.

कोवैक्सीन: भारत बायोटेक ने राज्यों के लिए 600 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 1,200 रुपये कीमत तय की

शुरुआत में केंद्र सरकार ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन दोनों ही वैक्सीनों के लिए 150 रुपये पर समझौता किया था, लेकिन जैसे ही सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों को राज्यों और खुले बाज़ार के लिए कीमत तय करने की छूट दी, वैसे ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने क्रमश: राज्य सरकारों के लिए 400 और 600 रुपये, जबकि निजी अस्पतालों के लिए 600 और 1200 रुपये प्रति खुराक की कीमत तय कर दी.

निजी अस्पतालों के लिए कोविशील्ड की 600 रुपये प्रति खुराक की कीमत दुनिया में सबसे अधिक: रिपोर्ट

एक मई से देश के निजी अस्पतालों में कोविशील्ड वैक्सीन 600 रुपये प्रति खुराक की कीमत पर मिलेगी, जबकि वैक्सीन का उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट कर रही है, जिसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला ने कहा था कि 150 रुपये प्रति खुराक की कीमत पर भी उनकी कंपनी मुनाफा कमा रही है.

कोविशील्ड की कीमत राज्य सरकारों के लिए 400 रुपये, निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये तय

केंद्र सरकार के 18 साल से अधिक उम्र के सभी नागरिकों के टीकाकरण के निर्णय के बाद सीरम इंस्टिट्यूट ने कोविशील्ड टीके की कीमत की घोषणा की, जिसे वह अपने पुणे संयंत्र में तैयार कर रही है. कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एक घटिया क़दम है तथा पूरे देश में टीके की एक कीमत तय होनी चाहिए.

पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट में आग लगने से पांच लोगों की मौत, कोविशील्ड केंद्र सुरक्षित

महाराष्ट्र के पुणे शहर स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के मंजरी परिसर में एक भवन में बृहस्पतिवार दोपहर बाद आग लग गई थी. इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने आश्वस्त किया है कि आग लगने की वजह से कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा.