Sohrabuddin Encounter Case

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केंद्र ने जस्टिस एके कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया

बीते पांच सितंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए जस्टिस एके कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जगह त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी.

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केंद्र ने जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट से और समय मांगा

बीते सितंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपने फैसले में संशोधन करते हुए जस्टिस एके कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जगह त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की थी.

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कॉलेजियम ने बदला फैसला, जस्टिस कुरैशी को त्रिपुरा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश

इससे पहले इस साल मई महीने में कोलेजियम ने जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाए जाने की सिफारिश की थी.

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जस्टिस एए क़ुरैशी की नियुक्ति पर 14 अगस्त तक फ़ैसला ले केंद्र: सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार ने 22 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एए क़ुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम की सिफ़ारिश पर निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था. केंद्र सरकार ने अब और दस दिन का समय मांगा है.

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क्या अमित शाह को हिरासत में भेजने वाले जस्टिस क़ुरैशी की पदोन्नति रोक रही है मोदी सरकार?

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम की चार सिफ़ारिशों में से मोदी सरकार द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सिर्फ़ जस्टिस एए क़ुरैशी की नियुक्ति को मंज़ूरी नहीं दी गई है.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने बरी किए गए सभी 22 लोगों को भेजा नोटिस

सोहराबुद्दीन शेख़ को वर्ष 2005 में कथित तौर पर फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मारा गया था. वर्ष 2018 में एक विशेष अदालत ने गुजरात और राजस्थान के पुलिस अधिकारियों सहित 22 लोगों को इस मामले में बरी कर दिया था.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी.

सोहराबुद्दीन के भाई ने गृह मंत्रालय, सीबीआई से आरोपियों को बरी करने के ख़िलाफ़ अपील करने को कहा

सोहराबुद्दीन शेख़ फ़र्ज़ी एनकाउंटर मामले में बीते साल 21 दिसंबर को सीबीआई अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया था. आरोपियों में अधिकतर गुजरात और राजस्थान के जूनियर स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल थे.

New Delhi: BJP National President Amit Shah addresses on the first day of BJP National Executive Meet, at Ramlila Maidan in New Delhi, Friday, Jan 11, 2019. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI1_11_2019_000121B)

कहीं अमित शाह अपने गुनाहों के इतने ग़ुलाम तो नहीं हो चुके कि हार से डर लगने लगा?

संस्थाएं ग़ुलाम हो चुकी हैं. मीडिया बाकायदा गोदी मीडिया हो चुका है, सब कुछ आपकी आंखों के सामने मैनेज होता दिख रहा है, फिर भी अमित शाह को क्यों डर लगता है कि 2019 में हार गए तो ग़ुलाम हो जाएंगे? क्या वे भाजपा के कार्यकर्ताओं को डरा रहे हैं? जीत के प्रति जोश भरने का यह कौन-सा तरीक़ा हुआ कि हार जाएंगे तो ग़ुलाम हो जाएंगे?

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सभी 22 आरोपी बरी

सोहराबुद्दीन हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने कहा कि इस मामले का मुख्य आधार चश्मदीद गवाह थे, जो अपने बयान से मुकर गए. नवंबर 2017 से शुरू हुई सुनवाई में 210 गवाहों की जांच की गई, जिनमें से 92 अपने बयान से पलट गए.

सीबीआई जज बृजगोपाल लोया. (फोटो साभार: द कारवां)

जज लोया की मौत संबंधी याचिका पर तीन दिन में तीन जजों ने किया सुनवाई से इनकार

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ में एक वकील सतीश ऊके द्वारा सीबीआई की विशेष अदालत के जज बीएच लोया की मौत की जांच के संबंध में याचिका दर्ज करवाई गई है.

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अमित शाह का पीछा करती फ़र्ज़ी एनकाउंटर की ख़बरें और ख़बरों से भागता मीडिया

क्या अमित शाह कभी सोचते होंगे कि हरेन पांड्या की हत्या और सोहराबुद्दीन-कौसर बी-तुलसीराम एनकाउंटर की ख़बर ज़िंदा कैसे हो जाती है? अमित शाह जब प्रेस के सामने आते होंगे तो इस ख़बर से कौन भागता होगा? अमित शाह या प्रेस?

सीबीआई जज बृजगोपाल लोया. (फोटो साभार: द कारवां)

वकील का दावा, ज़हर देने से हुई थी जज लोया की मौत

नागपुर के एक वकील सतीश ऊके ने सीबीआई जज बीएच लोया की मौत को संदिग्ध बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में याचिका दायर कर कहा है कि जज लोया को ज़हर दिया गया था और इससे संबंधित सभी दस्तावेज मिटा दिए गए हैं.

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अमित शाह व डीजी वंजारा तुलसीराम प्रजापति हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता: मुख्य जांच अधिकारी

तुलसीराम प्रजापति फर्जी एनकाउंटर केस के मुख्य जांच अधिकारी संदीप तमगड़े ने सीबीआई कोर्ट को बताया कि अमित शाह और डीजी वंजारा, दिनेश एमएन और राजकुमार पांडियन जैसे आईपीएस अधिकारी इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता थे.

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सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर से अमित शाह को राजनीतिक और आर्थिक फायदा हुआ: पूर्व जांच आधिकारी

सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में पूर्व मुख्य जांच अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने बताया कि अमित शाह को इस मामले में 70 लाख का भुगतान किया गया था. पूर्व आईपीएस अधिकारी डीजी वंजारा, पूर्व एसपी (उदयपुर) दिनेश एमएन, पूर्व एसपी (अहमदाबाद) राजकुमार पांडियन और पूर्व डीसीपी (अहमदाबाद) अभय चूड़ास्मा को भी फायदा हुआ था.

सोहराबुद्दीन शेख़ और पत्नी कौसर बी (फाइल फोटो)

सोहराबुद्दीन के भाई ने कहा, प्रजापति ने मुझे उसके फर्जी एनकाउंटर के बारे में बताया था

सोहराबुद्दीन शेख़ के भाई रुबाबुद्दीन ने अदालत को बताया कि तुलसीराम प्रजापति ने उसे बताया था कि उसके भाई को फ़र्ज़ी एनकाउंटर में मारा गया है. सोहराबुद्दीन के साथी प्रजापति की भी 2006 में एक कथित फ़र्ज़ी मुठभेड़ में मौत हुई थी.

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क्या गोदी मीडिया यह मान रहा है कि जस्टिस मिश्रा राम मंदिर के पक्ष में फ़ैसला देंगे?

गोदी मीडिया के पास यह मानने के क्या आधार हैं कि दूसरे जज ख़िलाफ़ में फ़ैसला देंगे? महाभियोग के आरोपों को ख़ारिज करने के क्रम में गोदी मीडिया भी सीमाएं लांघ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई दीपक मिश्रा. ​​(फोटो: पीटीआई)

इन पांच आधारों पर विपक्षी दल लाए हैं मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव

कांग्रेस के नेतृत्व में सात विपक्षी पार्टियों ने मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने का नोटिस उपराष्ट्रपति को दिया है. कांग्रेस ने कहा कि उसके इस क़दम के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है.

प्रधान न्याया​धीश दीपक मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

उपराष्ट्रपति से मिले विपक्षी दल, प्रधान न्यायाधीश के ख़िलाफ़ महाभियोग का नोटिस दिया

सीजेआई दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर 71 सांसदों ने हस्ताक्षर किए, जिसमें कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और मुस्लिम लीग शामिल हैं.

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क्या न्यायपालिका की स्वतंत्रता छीन रही है मोदी सरकार?

केंद्र सरकार पर न्यायिक नियुक्तियों को प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं. बीते कुछ सालों में हुई नियुक्तियों पर गौर करें तो ऐसे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं जो भविष्य की एक ख़तरनाक तस्वीर बनाते हैं.

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सोहराबुद्दीन मामला: रिटायर्ड जज का आरोपियों की रिहाई पर सवाल, कहा- दोबारा जांच करे हाईकोर्ट

हाई-प्रोफाइल आरोपियों की रिहाई, ज़मानत और गवाहों पर दबाव होने जैसे कई सवाल उठाते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय एम थिप्से ने इस मामले को न्यायतंत्र की असफलता कहा है.

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सोहराबुद्दीन मामला: सीबीआई को हाईकोर्ट की फटकार, पूछा गवाहों की सुरक्षा के लिए क्या किया

मामले में अब तक 30 गवाह बयान से मुकरे. नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कोर्ट ने कहा कि गवाहों को सुरक्षा देना सीबीआई का दायित्व. मूक दर्शक नहीं बनी रह सकती.

The Wire Editorial

संपादकीय: मुंबई के पत्रकारों ने जो किया वो देश के पत्रकारों के लिए नज़ीर है

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की अदालती कार्यवाही की मीडिया रिपोर्टिंग पर लगी पाबंदी को नौ पत्रकारों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह पाबंदी हटा दी. उनकी जीत पत्रकारिता की जीत है.

Amit Shah Sohrabuddin Reuters File

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामला: 40 गवाहों में से सोहराबुद्दीन की बहन समेत 27 बयान से मुकरे

कई पुलिसकर्मियों ने अपने उन पुराने सहकर्मी, जो इस मामले में आरोपी हैं, को पहचानने से इनकार कर दिया है.

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सोहराबुद्दीन मामला: कार्यवाही की मीडिया रिपोर्टिंग पर लगी पाबंदी को हाईकोर्ट ने हटाया

अदालत ने कहा कि इस तरह की पाबंदी अनुचित है और यह पत्रकारों के अभिव्यक्ति की आज़ादी के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट में होगी जज लोया की मौत से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश दिया कि जज लोया की मौत से जुड़े किसी भी मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में नहीं होगी.

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सोहराबुद्दीन मामला: मीडिया रिपोर्टिंग पर बैन के ख़िलाफ़ याचिका पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत में चल रही सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई की मीडिया रिपोर्टिंग पर बचाव पक्ष की अर्ज़ी के बाद रोक लगा दी गई थी, जिसके ख़िलाफ़ पत्रकारों ने याचिका दायर की है.

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क्या जस्टिस अरुण मिश्रा का जज लोया केस छोड़ने का इशारा न्यायपालिका पर उठे सवालों का जवाब है?

जस्टिस अरुण मिश्रा द्वारा जज लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाले मामले की सुनवाई के बाद ‘इसे उपयुक्त बेंच के समक्ष पेश करें’ कहना दिखाता है कि वे अब इस संवेदनशील मामले को नहीं सुनना चाहते.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

जज लोया की मौत से जुड़े दस्तावेज़ याचिकाकर्ताओं को सौंपे महाराष्ट्र सरकार: सुप्रीम कोर्ट

राज्य सरकार के वक़ील हरीश साल्वे ने इन दस्तावेज़ों को गोपनीय बताया था, लेकिन अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को मामले के बारे में सब कुछ पता होना चाहिए.

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जज लोया के चाचा ने कहा, दबाव में हो सकता है अनुज

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जज लोया के बेटे द्वारा उनकी मौत पर कोई शक़ होने की बात नकारने के बाद जज लोया के चाचा ने कहा कि मामले की जांच होनी ही चाहिए.

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पिता की मौत पर कोई संदेह नहीं, परिवार को परेशान न किया जाए: अनुज लोया

सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज बृजगोपाल लोया के बेटे अनुज लोया ने पिता की मौत पर विवाद ख़त्म करने की मांग की है.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से कहा, पेश करें जज लोया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और रिकॉर्ड

सीबीआई की विशेष अदालत के जज बीएच लोया की मौत की जांच की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से इस मामले में 15 जनवरी तक जवाब देने को कहा.

फोटो: द कारवां/पीटीआई

सीबीआई जज लोया की मौत की जांच से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

महाराष्ट्र के एक पत्रकार द्वारा दायर जनहित याचिका में जज लोया की मौत को संवेदनशील बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई थी.

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सोहराबुद्दीन मामला: मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक के ख़िलाफ़ पत्रकारों ने की हाईकोर्ट में अपील

विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों से जुड़े 9 पत्रकारों ने अपनी याचिका में कहा कि सुनवाई की मीडिया कवरेज पर पाबंदी ग़ैर-क़ानूनी है.

सोहराबुद्दीन (फाइल फोटो)/रॉयटर्स

सोहराबुद्दीन मामला: सुनवाई की मीडिया रिपोर्टिंग पर अदालत की रोक

पत्रकारों ने इस पर एतराज़ जताते हुए कहा कि कार्यवाही की रिपोर्टिंग सही उद्देश्यों को लेकर है ताकि लोग मामले की प्रगति जान सकें.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 155: ईवीएम छेड़छाड़ और सीबीआई जज की ‘संदिग्ध’ मौत

जन गण मन की बात की 155वीं कड़ी में विनोद दुआ ईवीएम से छेड़छाड़ की हालिया ख़बर और सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई जज बृजगोपाल लोया की ‘संदिग्ध’ मौत पर उठे सवालों के बारे में चर्चा कर रहे हैं.