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जम्मू कश्मीर: किसी की ज़बान काटकर उससे कैसे बात की जाती है, सर्वदलीय बैठक उसकी मिसाल है

सर्वदलीय बैठक को समझने के लिए जम्मू कश्मीर का विशेषज्ञ होने की ज़रूरत नहीं, मामूली राजनीतिक और नैतिक सहज बोध काफी है. भारत सरकार ने क्यों उन्हीं नेताओं को बुलाया, जिन्हें वह खुद अप्रासंगिक कहती रही है? कारण साफ है. वह ऐसी बैठकों के ज़रिये 5 अगस्त 2019 को उठाए असंवैधानिक कदम को एक तरह की सार्वजनिक वैधता दिलाना चाहती है.

मौजूदा सरकार से अनुच्छेद 370 की बहाली की उम्मीद मूर्खता होगी: उमर अब्दुल्ला

बीते 24 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी की है. उन्होंने जम्मू कश्मीर का परिसीमन देश के बाकी राज्य के साथ 2021 की जनगणना के बजाय 2011 की जनगणना पर कराने पर भी सवाल उठाए. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने उन चर्चाओं को ख़ारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक गुपकर घोषणा-पत्र गठबंधन (पीएजीडी) के अंत का संकेत है.

जीसी मुर्मू ने नए कैग का कार्यभार संभाला

गुजरात काडर के 1985 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (सेवानिवृत) जीसी मुर्मू का कैग के तौर पर कार्यकाल 20 नवंबर 2024 तक होगा. ​बीते पांच अगस्त को उन्होंने जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल पद से अचानक इस्तीफ़ा दे दिया था.

मीडिया बोल: अंधेरी बंद सुरंग में कश्मीर का एक साल

वीडियो: जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा छिनने और उसके विभाजन को एक साल पूरा हो गया. इस एक वर्ष में वहां के लोगों, समाज, सियासत और मीडिया का सफ़र कैसा रहा, इस बारे ने जम्मू कश्मीर के पूर्व वार्ताकार एमएम अंसार और कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन से वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की बातचीत.

New Delhi: Telecom Minister Manoj Sinha addresses a press conference regarding the achievements of his ministry in the four years of NDA government, in New Delhi on Tuesday, June 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI6_12_2018_000053B)

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल जीसी मुर्मू का इस्तीफ़ा, भाजपा नेता मनोज सिन्हा होंगे नए एलजी

1985 बैच के आईएएस अधिकारी जीसी मुर्मू के इस्तीफ़े के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) नियुक्त किया जा सकता है.

केंद्र और जम्मू कश्मीर अगले हफ़्ते बताएं कि क्या उमर अब्दुल्ला रिहा हो रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट

संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाते हुए जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के केंद्र सरकार के पिछले साल पांच अगस्त के फैसले के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला हिरासत में हैं.

जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द बहाल किया जाएगा, जनसांख्यिकी बदलाव का इरादा नहीं: शाह

नवगठित ‘जम्मू कश्मीर अपनी पार्टी’ के एक शिष्टमंडल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. गृह मंत्री ने हिरासत में रखे गए नेताओं की रिहाई को आश्वासन दिया.

कश्मीर के हालात मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं: अमेरिकी सांसद

अमेरिका की महिला सांसद डेबी डिंगेल ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में अन्यायपूर्ण तरीके से हज़ारों लोगों को हिरासत में लिया गया है और लाखों लोगों की पहुंच इंटरनेट और टेलीफोन तक नहीं है.

जम्मू कश्मीर में 2017 और 2018 के मुकाबले 2019 में पत्थरबाज़ी की घटनाएं बढ़ीं, 1996 मामले दर्ज: आरटीआई

जम्मू कश्मीर में साल 2018 में पत्थर फेंकने की 1458 और 2017 में 1412 घटनाएं दर्ज की गईं. पिछले साल पांच अगस्त को विशेष राज्य का दर्जा हटाने के बाद से यहां 1193 घटनाएं दर्ज की गई हैं. अगस्त 2019 में राज्य में पत्थरबाज़ी की कुल 658 घटनाएं सामने आईं, जबकि उससे पहले जुलाई में सिर्फ़ 26 घटनाएं हुई थीं.

पांच महीने बाद कश्मीर में मोबाइल एसएमएस सेवा शुरू, इंटरनेट सेवा पर अब भी प्रतिबंध

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने के बाद से प्रशासन ने संचार की सभी लाइनों- लैंडलाइन टेलीफोन सेवा, मोबाइल फोन सेवा और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया था.

लद्दाख: प्रतिबंध के 145 दिन बाद कारगिल में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल

केंद्र की मोदी सरकार ने बीते पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने संबंधी अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने का फैसला किया था. कश्मीर घाटी में अब भी मोबाइल इंटरनेट सेवा पर बहाल नहीं की गई है.

श्रीनगर की जामिया मस्जिद में लगातार 17वें शुक्रवार नमाज़ नहीं हुई, इंटरनेट सेवाएं अब भी बंद

श्रीनगर के नौहट्टा स्थित जामिया मस्जिद जुमे की नमाज़ के लिए पिछले लगभग चार महीने से बंद है. पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के साथ ही वहां इंटरनेट सेवा बंद है.

मुख्यमंत्रियों के नज़रबंद रहने से अगर घाटी में शांति है, तो बेहतर है वे ऐसे ही रहें: मंत्री

वहीं गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति को बताया कि हिरासत में लिए गए जम्मू कश्मीर के नेताओं को रिहा किया जा रहा है और बाकियों को भी रिहा कर दिया जाएगा. हालांकि उन्होंने इसकी कोई समयसीमा नहीं बताई.

कारगिल में जम्मू कश्मीर के विभाजन का विरोध क्यों?

वीडियो: जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर ​प्रावधानों को हटाने और राज्य को केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता सज्जाद हुसैन से द वायर के कबीर अग्रवाल की बातचीत.

केंद्रशासित जम्मू कश्मीर बनने के दूसरे दिन भी घाटी बंद, श्रीनगर के कुछ हिस्सों में पाबंदियां

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने के 89वें दिन भी बंद जारी. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाने के केंद्र सरकार के कदम को असंवैधानिक क़रार दिया. घाटी में कुछ लोगों ने सरकार पर उनका विशेष दर्जा और पहचान छीनने का आरोप लगाया.