Srinagar

17 अगस्त, 2019 को श्रीनगर में अपने घर में बाहर देखता एक कश्मीरी. (फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर: बहाल होने के एक दिन बाद फिर बंद की गईं 2जी इंटरनेट सेवाएं

जम्मू कश्मीर में 4 अगस्त से संचार सेवाओं को पूरी तरह से बंद किया गया है. इसके 12 दिन बाद शनिवार को जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी जिलों में कम गति की 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल की गई थीं.

People walk on a road covered with stones and pieces of brick during restrictions in Srinagar, August 14. REUTERS/Danish Ismail

16 अगस्त को श्रीनगर में पुलिस और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के बीच हुआ संघर्ष: रिपोर्ट

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, यह संघर्ष श्रीनगर के सौरा इलाके में प्रदर्शनकारियों द्वारा निकाली गई रैली के दौरान हुआ. वहीं, 12 दिन बाद कश्मीर घाटी के 17 टेलीफोन एक्सचेंज में लैंडलाइन सेवाएं और जम्मू के पांच जिलों में 2जी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the national convention of Other Backward Classes (OBC) department of AICC, at Talkatora Stadium in New Delhi on Monday, June 11, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI6_11_2018_000092B)

जम्‍मू कश्मीर: कांग्रेस नेताओं की हिरासत पर बोले राहुल, कब ख़त्‍म होगा यह पागलपन

कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई को शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन करने से रोकते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा को हिरासत में ले लिया गया. कांग्रेस का दावा है कि उसके प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को भी उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब वह पार्टी कार्यालय जा रहे थे.

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महबूबा मुफ्ती की बेटी का गृहमंत्री अमित शाह से सवाल, किस क़ानून के तहत मुझे हिरासत में रखा गया है

महबूबा मुफ्ती की छोटी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने गृहमंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि मैं यह समझने में असफल हूं कि मुझे कश्मीरियों की आवाज़ बुलंद करने के लिए क्यों सज़ा दी जा रही है. क्या कश्मीरियों के दर्द, यातना और रोष को व्यक्त करना अपराध है?

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कश्मीरी पत्रकार को आधी रात में हिरासत में लिया गया, परिवार को आरोपों की जानकारी नहीं

सुरक्षाबलों ने बुधवार रात लगभग 11 बजे ग्रेटर कश्मीर अखबार के पत्रकार इरफान अमीन मलिक के पुलवामा के त्राल स्थित घर पर छापा मारने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया. अनुच्छेद 370 हटने के बाद हिरासत में लिए गए मलिक पहले पत्रकार हैं.

स्वतंत्रता दिवस पर श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: एएनआई)

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल ने श्रीनगर में फहराया तिरंगा, कहा- दांव पर नहीं राज्य के लोगों की पहचान

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म होने के बाद राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पहले स्वतंत्रता दिवस पर शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में समारोह को संबोधित किया. इस समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी शामिल हुए.

कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन. (फोटो: द लीफलेट)

‘जम्मू कश्मीर की मीडिया को खुद नहीं पता कि राज्य में क्या हो रहा है’

साक्षात्कार: जम्मू कश्मीर में मीडिया की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन से विशाल जायसवाल की बातचीत.

FILE PHOTO: An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

सरकार अब संवाद से परे हो चुकी है…

एक तरफ कहा जाता है कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, उस लिहाज़ से कश्मीरी भी अभिन्न होने चाहिए थे. तो फिर इस बदलाव की प्रक्रिया में उनसे बात क्यों नहीं की गई? उनकी राय क्यों नहीं पूछी गई?

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

विदेश जा रहे शाह फैसल को दिल्ली हवाईअड्डे से हिरासत में लिया गया, वापस श्रीनगर भेजे गए

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल को वापस श्रीनगर भेज दिया गया, जहां उन्हें जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक और कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के आमंत्रण पर राहुल गांधी ने पूछा- कब आ सकता हूं?

जम्मू कश्मीर के हालात पर चिंता जताए जाने पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को राज्य में आने के लिए विमान भेजने की बात की थी. इस पर राहुल गांधी ने कुछ शर्तों के साथ आमंत्रण स्वीकार कर लिया था. हालांकि, पूर्व शर्त लगाए जाने पर मलिक ने राहुल गांधी की आलोचना की थी.

Kashmiri residents throw stones towards Indian security forces during restrictions after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the government, in Srinagar, August 10, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

गृह मंत्रालय ने स्वीकारा, श्रीनगर में हुई थी पत्थरबाजी

गृह मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि 9 अगस्त को श्रीनगर के बाहर ‘शरारती तत्वों’ ने व्यापक पैमाने पर अशांति पैदा करने के लिए सुरक्षा बलों पर अकारण पथराव किया लेकिन प्रदर्शनकारियों पर गोलियां नहीं चलाई गईं.

Indian policemen stand guard in a deserted street during restrictions in Jammu on August 6.	Photo : Reuters

कश्मीर का मन मरघट बन गया है…

कहा जा रहा है कि लोकतंत्र बहुमत से ही चलता है और बहुमत है, लेकिन ‘बहुमत’ मतलब बहु-मत हों, विभिन्न मत, लेकिन संसद में क्या मतों का आदान-प्रदान हुआ? एक आदमी चीख रहा था, तीन सौ से ज्यादा लोग मेजें पीट रहे थे. यह बहुमत नहीं, बहुसंख्या है. आपके पास मत नहीं, गिनने वाले सिर हैं.

Jammu: A Rapid Action Force (RAF) personnel stand guard during restrictions in Jammu, Friday, Aug 9, 2019. Restrictions have been imposed in several districts of Jammu and Kashmir as a precautionary measure after the state lost its special status and was bifurcated on Tuesday as Parliament approved a resolution scrapping Article 370 of the Constitution and passed a bill to split the state into two Union Territories. (PTI Photo)(PTI8_9_2019_000056A)(PTI8_9_2019_000161B)

जम्मू कश्मीर: सीआरपीएफ की हेल्पलाइन सेवा पर आए बड़ी संख्या में देश-विदेश से फोन

राज्य में फोन और इंटरनेट सेवा बंद होने के चलते रविवार को सीआरपीएफ द्वारा हेल्पलाइन सेवा ‘मददगार’ शुरू की गई है, जिस पर दो दिनों में 870 से ज़्यादा कॉल आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या घाटी में तैनात सुरक्षा बलों के परिजनों की भी है.

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी को कश्मीर दिखाने के लिए विमान भेजेंगे: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

बीते हफ्ते कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि जम्मू कश्मीर से हिंसा की कुछ खबरें आई हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पारदर्शी तरीके से इस मामले पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए.

Srinagar Public The Wire

‘कश्मीर पर संसद में बिल पास करना भाजपा की गुंडागर्दी है’

वीडियो: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के फैसले पर श्रीनगर के लोगों से बातचीत.

Pellet Victims Mother SMHSH The Wire Photo

जम्मू कश्मीर: सरकार का ‘शांति’ का दावा, पर अस्पताल में पैलेट से घायलों की बढ़ती संख्या

वीडियो: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं

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कश्मीर के छात्रों ने केंद्र के अधिकारी का ईद निमंत्रण ठुकराया, कहा- ये जले पर नमक छिड़कना है

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने निमंत्रण के जवाब में एक बयान जारी कर जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने और राज्य में संचार के माध्यमों पर रोक लगाने को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

मुस्लिम बहुल होने के कारण जम्मू कश्मीर से हटा अनुच्छेद 370: चिदंबरम

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि भाजपा ने अपनी ताकत से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया है और यदि जम्मू कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भाजपा कभी भी ऐसा नहीं करती.

Indian security personnel stand guard along a deserted street during restrictions in Jammu, August 5, 2019. REUTERS/Mukesh Gupta

‘दुर्भाग्य से 370 के होने और जाने पर ठीक से चर्चा न तो संसद के अंदर हुई और न ही बाहर’

वीडियो: केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को ख़त्म करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र के निदेशक आशुतोष भटनागर से विशाल जायसवाल की बातचीत.

9 अगस्त, 2019 को श्रीनगर में एक अस्पताल के इमरजेंसी यूनिट के बाहर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के खिलाफ नारे लगाते प्रदर्शनकारी (फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीनगर की सड़कों पर उतरे हजारों लोग, गृह मंत्रालय ने नकारा

रॉयटर्स, बीबीसी, द वाशिंगटन पोस्ट और अल जजीरा जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की रिपोर्ट्स के मुताबिक जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के खिलाफ हजारों प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया. प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए सुरक्षा बलों ने पेलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

भाजपा नेता निर्मल सिंह. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: जमीन और सरकारी नौकरियों में बाहरी लोगों पर कुछ प्रतिबंध चाहती है भाजपा

भाजपा के वरिष्ठ नेता निर्मल सिंह ने कहा कि उन्हें ‘स्थानीय’ प्रमाणपत्र जैसे किसी सुरक्षा की जरूरत है, जिससे राज्य में जमीन और नौकरियों के संबंध में स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा की जा सके.

Mohan Bhagwat-Amit Shah PTI

अनुच्छेद 370: संघ के सपने को पूरा करने के लिए संविधान को तार-तार कर दिया गया

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने न सिर्फ अनुच्छेद 370 की आत्मा को ख़त्म किया, बल्कि एक कदम आगे बढ़ते हुए पूरे राज्य के अस्तित्व को समाप्त करते हुए इसे दो हिस्सों में बांट दिया, जहां कानून-व्यवस्था और ज़मीन जैसे अहम मसलों पर फैसला नई दिल्ली में बैठे नौकरशाहों द्वारा लिया जाएगा.

Srinagar Police Reuters

कश्मीर के भूगोल पर तो कब्ज़ा किया जा सकता है, पर कश्मीरियत का क्या होगा?

असुरक्षा का भाव समाज के सैन्यकरण की स्वीकृति का अनिवार्य तत्व होता है. सांप्रदायिक राजनीति उसके भीतर भी असुरक्षा बोध खड़ा करती है जिसके पक्ष में वह दिखना चाहती है और उसके भीतर भी, जिसे वह शत्रु के रूप में चित्रित करती है. कश्मीर में असुरक्षा की भावना का इस्तेमाल कश्मीरी हिंदुओं और कश्मीरी मुसलमानों दोनों के ख़िलाफ़ होता आ रहा है.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश के ख़िलाफ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस सुप्रीम कोर्ट पहुंची

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को असंवैधानिक, अमान्य एवं निष्प्रभावी घोषित करने का अनुरोध किया है.

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कश्मीर में शांति के दावों के बीच पैलेट से घायल होने वालों की बढ़ती संख्या

ग्राउंड रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा घाटी में ‘शांति’ के दावे के बीच बीते कुछ दिनों में श्रीनगर के श्री महाराजा हरि सिंह अस्पताल में पैलेट गन से घायल हुए करीब दो दर्जन मरीज भर्ती हुए हैं.

जम्मू कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक इंजीनियर राशिद. (फोटो साभार: फोसबुक)

कश्मीर: नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बीच आतंकी फंडिंग मामले में राशिद इंजीनियर गिरफ़्तार

जम्मू-कश्मीर के पूर्व निर्दलीय विधायक राशिद इंजीनियर से बीते कुछ दिनों से कश्मीरी अलगाववादियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद सहित पाकिस्तान से पैसे लेकर घाटी में तनाव फैलाने के संबंध में पूछताछ की जा रही थी.

Residents cross a street during restrictions in Srinagar. (Photo:Reuters)

आप कश्मीरियों को आंख दिखा सकते हैं, उनकी आंखों में देखकर बात करने का साहस नहीं रहा

जिन पर फैसले का असर होने वाला हो, उन्हें अंधेरे में रखकर लिया गया कोई भी निर्णय किसी भी तर्क से उनके हित में नहीं हो सकता. अपनी सैन्य शक्ति के बल पर अभिभावकत्व हासिल करना आपके दावे को किसी भी तरह जायज़ नहीं बना सकता.

Jammu: A Rapid Action Force (RAF) personnel stand guard during restrictions in Jammu, Friday, Aug 9, 2019. Restrictions have been imposed in several districts of Jammu and Kashmir as a precautionary measure after the state lost its special status and was bifurcated on Tuesday as Parliament approved a resolution scrapping Article 370 of the Constitution and passed a bill to split the state into two Union Territories. (PTI Photo)(PTI8_9_2019_000056A)(PTI8_9_2019_000161B)

जम्मू से धारा 144 हटाई गई, जुमे की नमाज़ के लिए कश्मीर में प्रतिबंधों में दी गई ढील

श्रीनगर में लोगों ने मस्जिदों में नमाज़ अदा की. जम्मू ज़िले के सभी स्कूल और कॉलेज 10 अगस्त से खुलेंगे.

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अनुच्छेद 370 को ख़त्म करना क्या कश्मीर को मंज़ूर है?

वीडियो: जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म करने के मोदी सरकार के फैसले पर जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की जनरल सेक्रेटरी शेहला राशिद और वर्ल्ड बैंक की सलाहकार अनीसा दराबू से चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

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कश्मीर और हिंदुस्तान: धोखा और क्रूरता

वीडियो: मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में बांटने का फैसला किया ​है. इस मुद्दे प्रोफेसर अपूर्वानंद का नज़रिया.

A deserted road in Srinagar on Monday. Restrictions were in force across Kashmir and in several parts of Jammu. (REUTERS/Danish Ismail)

कश्मीर में 500 से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया गया

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र के फैसले के बाद घाटी में पाबंदियों के बीच नूरबाग इलाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इलाके में प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें छह लोग जख्मी हुए हैं.

अनुच्छेद 370 पर राज्यसभा में वोटिंग के बाद गृहमंत्री अमित शाह के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार: राज्यसभा टीवी)

जम्मू कश्मीर: मोदी-शाह ने अनुच्छेद 370 से लेकर अनुच्छेद 3 तक संविधान का गला घोंट दिया है

मोदी सरकार के इस कदम ने सात दशकों की आधिकारिक नीति को ख़त्म करते हुए देश को अनजान क़ानूनी और राजनीतिक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है.

Jammu: Security personnel guard in the Raghunath Bazar during restrictions in Jammu, Tuesday, Aug 6, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir in the view of the revocation of Article 370 and introduction J & K Reorganisation Bill in Parliament. (PTI Photo) (PTI8_6_2019_000053B)

जम्मू कश्मीर: चौथे दिन भी निषेधाज्ञा लागू, फोन-इंटरनेट लगभग बंद, कुछ ज़िलों में रात का कर्फ्यू

जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया गया है. बीते चार अगस्त से कश्मीर घाटी में धारा 144 लागू है और मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं लगभग बंद कर दिए गए हैं. भारत के अन्य राज्यों और विदेश में रह रहे कश्मीरी लोग अपनों का हाल जानने के लिए परेशान. वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात शांतिपूर्ण हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

कश्मीरी पंडितों ने कहा: अब हम अपने मूल स्थान पर वापसी कर सकेंगे

देशभर के कश्मीरी पंडितों ने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में शांति का माहौल स्थापित होगा और मूल स्थान पर सम्मान एवं गरिमा के साथ उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त होगा.

Srinagar: IAS officer Shah Faesal addresses a press conference after announcing his resignation, in Srinagar, Friday, Jan. 11, 2019. Faesal, who has been in the limelight since becoming the first Kashmiri to top the civil services exam in 2009, announced his resignation on January 9 through social media to protest the "unabated" killings in Kashmir and the marginalisation of Indian Muslims.(PTI Photo)(PTI1_11_2019_000092B)

हम सब खो चुके हैं, अब लड़ाई जारी रखने के अलावा कोई और रास्ता नहीं: शाह फैसल

पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल ने कहा कि सरकार 8-10 हजार लोगों की मौत के लिए तैयार है. फैसल ने लोगों से सरकार को नरसंहार का मौका न देने और जवाबी लड़ाई के लिए तैयार रहने की अपील की.

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अनुच्छेद 371 भी देता है राज्यों, खासकर पूर्वोत्तर के राज्यों को विशेष दर्जा

जिन राज्यों के लिए अनुच्छेद 371 के तहत विशेष प्रावधान किए गए हैं, उनमें से अधिकतर राज्य पूर्वोत्तर के हैं और विशेष दर्जा उनकी जनजातीय संस्कृति को संरक्षण प्रदान करने पर केंद्रित है.

उत्तर प्रदेश के खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सैनी (फोटो साभार: एएनआई)

अब कोई भी कर सकेगा गोरी कश्मीरी लड़की से शादी: भाजपा विधायक

उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फ़रनगर के खतौली से भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी ने कहा कि मैं कश्मीर में घर बनाना चाहता हूं. वहां हर चीज खूबसूरत है- जगह, पुरुष और महिलाएं, सबकुछ.

India's Home Minister Amit Shah greets the media upon his arrival at the parliament in New Delhi, India, August 5, 2019. REUTERS/Stringer

क्या बंदूक के साये में संविधान बदलने की प्रक्रिया सही है?

गृहमंत्री अमित शाह के अनुसार धारा 370 के कारण जो सुविधाएं जम्मू कश्मीर की जनता को नहीं मिल सकीं, क्या वे गुजरात के नागरिकों को भाजपा के 22 सालों के शासन में मिली हैं?

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: 370 के अधिकांश प्रावधानों को ख़त्म करने और राज्य पुनर्गठन विधेयक को मंज़ूरी

लोकसभा ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प को 72 के मुकाबले 351 मतों से स्वीकृति दी. 17वीं लोकसभा का पहला सत्र संपन्न. 37 बैठकों में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और तीन तलाक़ सहित 36 विधेयक पारित हुए.