Srinagar

श्रीनगर में कश्मीरी पंडितों का प्रदर्शन (फोटोः शकीर मीर)

श्रीनगर: घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर क्यों हैं

1990 के बाद घाटी से बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित पलायन कर गए थे, लेकिन कुछ परिवार यहीं रह गए. केंद्र सरकार द्वारा ऐसे आठ सौ से अधिक कश्मीरी पंडित परिवारों में किसी एक को नौकरी देने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

जम्मू कश्मीर में कोई नज़रबंद नहीं, 223 लोग हिरासत में: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि 29 जून 2018 से चार अगस्त 2019 के बीच 402 दिनों में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की 455 घटनाएं हुई थीं, जबकि पांच अगस्त 2019 से नौ सितंबर 2020 के बीच 402 दिनों में ऐसी 211 घटनाएं हुईं.

श्रीनगर स्थित पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का मुख्यालय (फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीरः पीडीपी नेताओं का घर से बाहर न निकलने देने का आरोप, पार्टी की बैठक रद्द

सरकार द्वारा नेताओं के नज़रबंद होने और उनके आने-जाने पर पाबंदी न होने के दावों के उलट पीडीपी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि पार्टी की एक बैठक इसलिए रद्द करनी पड़ी क्योंकि पुलिस ने पार्टी नेताओं को घर से निकलने नहीं दिया. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यह पीडीपी की पहली बैठक थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर: केंद्र सरकार ने 10,000 सैनिकों की तत्काल वापसी का आदेश दिया

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 100 कंपनियों की केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर से तत्काल वापसी का और उन्हें देश में उस स्थान पर लौटने का आदेश दिया गया है, जहां से उन्हें पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के समाप्त होने से पहले वहां भेजा गया था.

reasi

जम्मू कश्मीरः भीड़ ने मुस्लिम युवक की बेरहमी से पिटाई की

घटना जम्मू कश्मीर के रियासी ज़िले के गरी गब्बर गांव की है. पीड़ित शख़्स के खेतों में कुछ गाये भटककर आ गई थीं और खेत को नुकसान पहुंचाया था. आरोप है कि गायों को खेत से भगाने के दौरान एक गाय को चोटिल हो गई थी, जिसके बाद भीड़ ने शख्स की पिटाई की.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्ज़ा ख़त्म किए जाने के एक साल पूरा होने पर पूरी घाटी में कर्फ़्यू

जम्मू कश्मीर प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनज़र श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में कर्फ़्यू लगाया गया है, क्योंकि अलगाववादी और पाकिस्तान प्रायोजित संगठन पांच अगस्त को काला दिवस मनाने की योजना बना रहे हैं.

शाह फैसल. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: शाह फैसल और पीडीपी के दो नेताओं के ख़िलाफ़ लगा पीएसए हटाया गया

पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त कर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के कुछ दिन बाद शाह फैसल को हिरासत में ले लिया गया था.

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफ़ुद्दीन सोज़. (फोटो: पीटीआई)

पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफ़ुद्दीन सोज़ की नज़रबंदी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटने के बाद से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफ़ुद्दीन सोज़ नज़रबंद हैं. उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आरोप लगाया कि उनके पति को पीएसए के तहत घर में ही नज़रबंद करने की वजह आज तक नहीं बताई गई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: डॉक्टर का पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप, डॉक्टर के ही ख़िलाफ़ केस दर्ज

श्रीनगर में एक वरिष्ठ हृदयरोग विशेषज्ञ का आरोप है कि वे 23 मई को अस्पताल जा रहे थे कि अचानक रास्ते में उन्हें पुलिस ने रोक लिया. डंडे से उनकी पिटाई की गई और पूरा दिन उन्हें पुलिस थाने में रखा गया. उनके खिलाफ पुलिस से दुर्व्यवहार करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

शाह फैसल. (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर: पूर्व आईएएस शाह फैसल की नज़रबंदी पीएसए के तहत तीन महीने बढ़ाई गई

भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट पार्टी का गठन करने वाले शाह फैसल जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से नज़रबंदी में हैं और उन पर इस साल फरवरी में जन सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई थी.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

कश्मीर में केवल इंटरनेट नहीं, कश्मीरियों की ज़िंदगी के कई दरवाज़े बंद थे

बीते 5 मार्च को सात महीने के बाद जम्मू कश्मीर में इंटरनेट से प्रतिबंध हटाया गया है. एक तबके का मानना था कि यह बैन शांति प्रक्रिया के लिए अहम था, हालांकि स्थानीयों के मुताबिक़ यह प्रतिबंध मनोरंजन या सोशल मीडिया पर नहीं बल्कि आम जनता के जानने और बोलने पर था.

(फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370: चुनौती देने वाली याचिकाओं को बड़ी पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

23 जनवरी की सुनवाई के दौरान अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द किए जाने की वैधता को चुनौती देनी वाली याचिकाओं को पेश करने वाले वकीलों ने मांग की थी कि जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने को चुनौती देने वाले मामलों को सात जजों की बड़ी पीठ के पास भेजा जाए क्योंकि अनुच्छेद 370 से जुड़े पिछले दो फैसले पांच जजों की पीठ द्वारा दिए गए थे और दोनों में विवाद था.

Patna: Union Defence Minister and senior BJP leader Rajnath Singh speaks during the party's Jan Jagran programme on removal of Article 370, in Patna, Sunday, Sept. 22, 2019. (PTI Photo) (PTI9_22_2019_000057B)

फारूक, उमर और मुफ्ती की जल्द रिहाई के लिए प्रार्थना करेंगे: राजनाथ सिंह

भाजपा की विचारधारा का जिक्र करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुसलमान जिगर का टुकड़ा है और सांप्रदायिक राजनीति का सवाल ही पैदा नहीं होता.

लेबर पार्टी की ब्रिटिश सांसद डेब्बी अब्राहम. (फोटो: Twitter/@Debbie_abrahams)

ब्रिटिश सांसद को वापस भेजने के मामले में सरकार ने उनकी भारत विरोधी गतिविधियों का हवाला दिया

जम्मू कश्मीर पर एक ब्रिटिश संसदीय दल की अध्यक्ष और लेबर पार्टी की सांसद डेब्बी अब्राहम को बीते सोमवार को नई दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचने पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी.

(फोटो साभार: पिक्साबे)

सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर कश्मीर पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया

पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66ए के तहत भी मामला दर्ज किया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किया जा चुका है.