Starvation

Children sitting inside cement water pipes play on the Marina beach in the southern Indian city of Chennai October 10, 2013. REUTERS/Babu

दुनिया का हर छठा बच्चा घोर ग़रीबी में, महामारी से यह संख्या बढ़ने की आशंका: रिपोर्ट

विश्व बैंक और यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों को तुरंत बच्चों को इस संकट से उबारने की योजना बनाने की ज़रूरत है ताकि असंख्य बच्चों और उनके परिवारों को घोर ग़रीबी में जाने से रोका जा सके.

(फोटो: रॉयटर्स)

हर चार में से तीन ग्रामीण भारतीयों को नहीं मिल पाता पौष्टिक आहार: रिपोर्ट

हाल ही में जारी वैश्विक भूख सूचकांक 2020 में भारत को 107 देशों की सूची में 94वें स्थान पर रखा गया है और देश भूख की ‘गंभीर’ श्रेणी में है.

A boy eats at an orphanage run by a non-governmental organisation on World Hunger Day, in the southern Indian city of Chennai May 28, 2014. REUTERS/Babu

वैश्विक भूख सूचकांक में 107 देशों की सूची में भारत 94वें स्थान पर

वैश्विक भूख सूचकांक, 2020 में भारत पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, म्यांमार और पाकिस्तान के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं. वहीं, नेपाल और श्रीलंका की स्थिति इन देशों की तुलना में ठीक है. सूची में ये ‘मध्यम’ श्रेणी में हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के प्रमुख डेविड बीसली. (फोटो: रॉयटर्स)

नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया को संदेश है कि भुखमरी के शिकार लोगों को न भूलें: डब्ल्यूएफपी

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के प्रमुख डेविड बीसली ने कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की घोषणा ने दुनिया के लगभग 69 करोड़ लोगों को वैश्विक नज़र में ला दिया है, जो भुखमरी का सामना कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि पुरस्कार मिलने के बाद दुनिया के दानदाता, अरबपति और लोग भुखमरी उन्मूलन के कार्यकम में सहायता के लिए प्रेरित होंगे.

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सड़क पर आए दिल्ली में बंद पड़े कोचिंग सेंटर्स के शिक्षक

वीडियो: देश में कोरोना वायरस के कारण कई व्यवसाय और सेवाएं ठप पड़ गई हैं. इनमें से एक कोचिंग सेंटर भी हैं. दिल्ली में लगभग 5000 रजिस्टर्ड कोचिंग सेंटर हैं, जबकि हज़ारों कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड नहीं हैं. पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में कोचिंग सेंटर में पढ़ाने वाले शिक्षकों से द वायर के शेखर तिवारी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना महामारी ने 3.7 करोड़ लोगों को अत्यधिक ग़रीबी में धकेला: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से ग़रीबी कुछ ही महीनों में सात फीसदी बढ़ गई है. अत्याधिक ग़रीबी रेखा से ठीक ऊपर रहने वाले लोग तेज़ी से नीचे गिर रहे हैं. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोविड-19 का बुरा असर पड़ा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 से ग़रीबी, भुखमरी और संघर्ष बढ़ने की आशंका: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के प्रमुख ने अगाह किया कि कमज़ोर देशों में कोविड-19 संकट की वजह से आर्थिक एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण ग़रीबी बढ़ेगी, औसत आयु कम होगी, भुखमरी बढ़ेगी, शिक्षा की स्थिति ख़राब होगी और अधिक बच्चों की मौत होगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

वैश्विक महामारी के पहले 12 महीनों में भुखमरी से जा सकती है लाखों बच्चों की जान: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की चार एजेंसियों ने आगाह किया कि कोरोना और उससे निपटने के लिए लगे प्रतिबंधों के कारण कई समुदाय भुखमरी का सामना कर रहे हैं. उन्होंने चेताया कि बढ़ते कुपोषण के दीर्घकालिक परिणाम होंगे, जो व्यक्तिगत त्रासदियों को एक पीढ़ीगत तबाही में बदल सकते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 महामारी के चलते क़रीब 13 करोड़ लोग हो सकते हैं भुखमरी का शिकार: रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की पांच एजेंसियों द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंची क़ीमतों और ख़र्च वहन करने की क्षमता न हो पाने के कारण करोड़ों लोगों को सेहतमंद और पोषक आहार नहीं मिल पा रहा है. कोविड महामारी के कारण लगाई गई पाबंदियों और आर्थिक मंदी से भुखमरी का सामना कर रही आबादी की संख्या बढ़ सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

बिहार: लॉकडाउन के कारण घर लौटे कामगार फिर से दूसरे शहरों में लौटने पर मजबूर

कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में अपनी आ​जीविका खो चुके कामगार कुछ समय पहले पैदल चलकर, साइकिल चलाकर और ट्रकों के ज़रिये यहां तक कि कंटेनर ट्रकों और कंक्रीट मिक्सिंग मशीन वाहन में छिपकर आनन-फानन में बिहार स्थित अपने घर लौटे थे.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना संकट से इस साल 4.9 करोड़ लोग अत्यधिक ग़रीबी का शिकार हो सकते हैं: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

खाद्य सुरक्षा पर एक नीति जारी करते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि दुनिया की 7.8 अरब आबादी को भोजन कराने के लिए पर्याप्त से अधिक खाना उपलब्ध है, लेकिन वर्तमान में 82 करोड़ से ज़्यादा लोग भुखमरी का शिकार हैं. हमारी खाद्य व्यवस्था ढह रही है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना महामारी के कारण 26.5 करोड़ लोगों के समक्ष भुखमरी का संकट: अध्ययन

सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक ग़रीबी दर में 22 वर्षों में पहली बार वृद्धि होगी. भारत की ग़रीब आबादी में एक करोड़ 20 लाख लोग और जुड़ जाएंगे, जो विश्व में सर्वाधिक हैं.

(फोटो: पीटीआई)

क्या सरकार बच्चों और महिलाओं को भूखे-कमज़ोर रखकर भारत को आत्मनिर्भर बना सकती है?

लैंसेट के अध्ययन के अनुसार कोविड का मातृत्व मृत्यु और बाल मृत्यु दर पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. इसके अनुसार भारत में छह महीनों में 3 लाख बच्चों की कुपोषण और बीमारियों से 14 हज़ार से अधिक महिलाओं की प्रसव पूर्व या इसके दौरान मृत्यु हो सकती है. हालांकि वित्तमंत्री द्वारा घोषित 20.97 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर पैकेज में कुपोषण और मातृत्व हक़ के लिए एक रुपये का भी आवंटन नहीं किया गया है.

कथित तौर पर भूख से मरने वाली पांच वर्षीय बच्ची का परिवार. (फोटो: ट्विटर/@roadscholarz)

झारखंड: लातेहार में पांच वर्षीय दलित बच्ची की कथित तौर पर भूख से मौत

झारखंड के लातेहार जिला प्रशासन ने यह कहते हुए मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि भूख से मौत को साबित करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था को हो सकता है 8,800 अरब डॉलर का नुकसान: एडीबी

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र ने बीते बुधवार को अनुमान जताया था कि कोविड-19 महामारी के चलते इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3.2 प्रतिशत की कमी आएगी. यह 1930 की महामंदी के बाद सबसे अधिक गिरावट होगी.