Supreme Court Collegium

केंद्र ने कॉलेजियम की सिफ़ारिश मानी तो सौरभ कृपाल बन सकते हैं हाईकोर्ट के पहले समलैंगिक जज

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता सौरभ कृपाल को दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है, जो उनके यौन झुकाव के कारण विवाद का विषय था, लेकिन पदोन्नति केंद्र की सहमति के अधीन होगी. केंद्र अगर अनुमति देता है तो वह देश के किसी हाईकोर्ट के पहले समलैंगिक न्यायाधीश बन सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने वकील को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट का जज बनाने के लिए तीसरी बार सिफ़ारिश भेजी

वकील सादिक़ वसीम नागराल का नाम सबसे पहले 24 अगस्त, 2017 को जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट कॉलेजियम द्वारा प्रस्तावित किया गया था. इसके बाद छह अप्रैल 2018 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफ़ारिश की. हाईकोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए इस साल मार्च महीने में दूसरी बार अपनी सिफ़ारिश को दोहराया था. हालांकि इतने महीने बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने नागराल की नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं किया है.

कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 68 जजों की सिफ़ारिश की, इसमें से 12 पर केंद्र ने जताई थी आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने केंद्र की दलीलों को दरकिनार करते हुए 12 ऐसे नामों को दोहराया है, जिस पर मोदी सरकार ने पूर्व में आपत्ति जताई थी. नियम के मुताबिक यदि कॉलेजियम किसी सिफ़ारिश को दोहराती है तो केंद्र सरकार को हर हाल में उसकी नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी.

क्या अमित शाह से टकराने की सज़ा मिली जस्टिस अकील क़ुरैशी को?

वीडियो: मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमनe ने सुप्रीम कोर्ट की तीन महिला न्यायाधीशों सहित नौ नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई, जिससे सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 33 हो गई. इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों ने एक साथ ली. नियुक्तियां विवाद के बिना नहीं रही हैं क्योंकि त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अजिल कुरैशी शीर्ष अदालत में पदोन्नति के लिए चुने गए सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम में से नहीं थे. यह आश्चर्यजनक था, क्योंकि जस्टिस ए.एस. ओका, जिन्हें ऊपर उठाया गया था. इस मुद्दे पर पूर्व जस्टिस अंजना प्रकाश से आरफा खानम शेरवानी की बातचीत.

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार तीन महिलाओं समेत कुल नौ न्यायाधीशों ने एक साथ शपथ ली

भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन महिला न्यायाधीशों सहित नौ नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है.

न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया पर मीडिया में अटकलें, ख़बरें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण: सीजेआई

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा भेजे गए नामों पर मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया पवित्र है और इसके साथ गरिमा जुड़ी हुई है. मीडिया को इस पवित्रता को समझना और पहचानना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस नवीन सिन्हा की सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की है.

कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति के लिए तीन महिला जजों समेत नौ नामों की सिफ़ारिश की

सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने जिन तीन महिला जजों की सिफ़ारिश की है, उनमें कर्नाटक उच्च न्यायालय की जस्टिस बीवी नागरत्ना, तेलंगाना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हिमा कोहली और गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी शामिल हैं. जस्टिस नागरत्ना देश की पहली महिला सीजेआई बन सकती हैं. 19 मार्च 2019 को तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई की सेवानिवृत्ति के बाद शीर्ष न्यायालय में कोई नियुक्ति नहीं हुई है.

केंद्र ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में जज की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की सिफारिश खारिज की

केंद्र सरकार द्वारा पिछले दो सालों में जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों को वापस करने का यह चौथा मामला है.

यूपी के धर्मांतरण रोधी क़ानून में कई ख़ामियां हैं, ये अदालत में नहीं टिक पाएगाः जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल जैसा कार्य किया, उससे निश्चित तौर पर कहीं बेहतर किया जा सकता था. पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक न्याय का विचार ठंडे बस्ते में चला गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हमें इसके साथ जीना होगा.

न्याय प्रणाली अमीरों और शक्तिशाली लोगों द्वारा बंधक बना ली गई है: सुप्रीम कोर्ट बार अध्यक्ष

वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने एक कार्यक्रम में कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के जज किसी राजनेता की प्रशंसा करते हैं तो वे अधीनस्थ अदालतों को क्या संदेश देते हैं? इसका केवल यही संदेह होता है, मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मामले तय न करें. कार्यपालिका के पक्ष में जाने के लिए जज क़ानून के परे जा चुके हैं.

कॉलेजियम की सिफारिश के चार साल बाद कर्नाटक के न्यायिक अधिकारी को हाईकोर्ट जज बनाया गया

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने पहली बार अगस्त 2016 में न्यायिक अधिकारी पीके भट्ट के नाम की सिफारिश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए की थी.

कोरोना संकट के दौरान सुप्रीम कोर्ट का रवैया निराश करने वाला रहा है: जस्टिस मदन बी. लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक साक्षात्कार में कहा कि शीर्ष अदालत अपने संवैधानिक कर्तव्यों को सही तरह से नहीं निभा रही है. भारत का सर्वोच्च न्यायालय अच्छा काम करने में सक्षम है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है.

सीजेआई रंजन गोगोई ने जस्टिस ताहिलरमानी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई को अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला मेघालय हाईकोर्ट में होने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद 6 सितंबर को उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.

राष्ट्रपति ने मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार किया

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला मेघालय हाईकोर्ट में होने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.

जजों के तबादले ठोस वजहों पर आधारित, जरूरत पड़ने पर कारणों का खुलासा किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस वीके ताहिलरमानी ने छह सितंबर को इस्तीफा दे दिया था जब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मेघालय हाईकोर्ट में उनके तबादले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था. इसी मामले को लेकर विवाद चल रहा है.