Supreme Court Collegium

दुष्यंत दवे. (फोटो साभार: मंथन संवाद)

न्याय प्रणाली अमीरों और शक्तिशाली लोगों द्वारा बंधक बना ली गई है: सुप्रीम कोर्ट बार अध्यक्ष

वरिष्ठ वकील और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने एक कार्यक्रम में कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के जज किसी राजनेता की प्रशंसा करते हैं तो वे अधीनस्थ अदालतों को क्या संदेश देते हैं? इसका केवल यही संदेह होता है, मोदी सरकार के ख़िलाफ़ मामले तय न करें. कार्यपालिका के पक्ष में जाने के लिए जज क़ानून के परे जा चुके हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कॉलेजियम की सिफारिश के चार साल बाद कर्नाटक के न्यायिक अधिकारी को हाईकोर्ट जज बनाया गया

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने पहली बार अगस्त 2016 में न्यायिक अधिकारी पीके भट्ट के नाम की सिफारिश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए की थी.

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कोरोना संकट के दौरान सुप्रीम कोर्ट का रवैया निराश करने वाला रहा है: जस्टिस मदन बी. लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक साक्षात्कार में कहा कि शीर्ष अदालत अपने संवैधानिक कर्तव्यों को सही तरह से नहीं निभा रही है. भारत का सर्वोच्च न्यायालय अच्छा काम करने में सक्षम है, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है.

चीफ जस्टिस विजया के ताहिलरमानी. (फोटो: पीटीआई)

सीजेआई रंजन गोगोई ने जस्टिस ताहिलरमानी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीबीआई को अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला मेघालय हाईकोर्ट में होने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद 6 सितंबर को उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.

चीफ जस्टिस विजया के ताहिलरमानी. (फोटो: पीटीआई)

राष्ट्रपति ने मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार किया

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का तबादला मेघालय हाईकोर्ट में होने पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.

(फोटो: पीटीआई)

जजों के तबादले ठोस वजहों पर आधारित, जरूरत पड़ने पर कारणों का खुलासा किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस वीके ताहिलरमानी ने छह सितंबर को इस्तीफा दे दिया था जब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मेघालय हाईकोर्ट में उनके तबादले पर पुनर्विचार करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था. इसी मामले को लेकर विवाद चल रहा है.

मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी. (फोटो: फेसबुक)

तबादले के विरोध में मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश ताहिलरमानी ने दिया इस्तीफ़ा

सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस विजया के. ताहिलरमानी का मेघालय हाईकोर्ट में तबादला करने की सिफारिश की थी. इस फैसले का विरोध करते हुए ताहिलरमानी ने कोलेजियम से पुनर्विचार का अनुरोध किया था.

जस्टिस मदन बी. लोकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/National Commission for Protection of Child Rights)

आपराधिक मानहानि क़ानून ख़त्म होना चाहिए, राजद्रोह क़ानून की हो समीक्षा: जस्टिस लोकुर

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मदन बी. लोकुर ने एक कार्यक्रम में कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद जजों की नियुक्तियों को लेकर एक सीमा तय होनी चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

जज पदोन्नति: जस्टिस लोकुर ने कॉलेजियम के 12 दिसंबर के निर्णय को सार्वजनिक न करने पर निराशा जताई

12 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस प्रदीप नंदराजोग और जस्टिस राजेंद्र मेनन की पदोन्नति करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन 10 जनवरी को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना को पदोन्नत किया.

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कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति को पूर्व जज ने लिखी चिट्ठी, कहा- वरिष्ठता की अनदेखी की गई

रिटायर्ड जज जस्टिस कैलाश गंभीर ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में लिखा, ‘अगर 32 न्यायाधीशों की वरिष्ठता की अनदेखी करके जस्टिस संजीव खन्ना को जज बनाया जाता है तो ये न्यायपालिका के इतिहास का काला दिन होगा.’