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दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में प्रदर्शऩ. (फोटो: ट्विटर @KaushikPms)

कामकाजी महिलाओं की निगरानी वाला प्रस्ताव सुरक्षा की आड़ में नियंत्रण की कोशिश: कार्यकर्ता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों घोषणा की थी कि सरकार काम के लिए बाहर जाने वाली महिलाओं के लिए पंजीकरण सुविधा शुरू करेगी, जहां उन्हें स्थानीय थाने में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और सुरक्षा के लिए उन्हें ट्रैक किया जाएगा. महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसकी आलोचना की है.

(फोटो: द वायर)

आरोग्य सेतु ऐप ने कितनों को दी कोरोना जांच की सलाह, सरकार के पास जानकारी नहीं

विशेष रिपोर्ट: कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है और एक्टिव केस के मामले में तीसरे पर. ऐसे समय में आरोग्य सेतु ऐप की उपयोगिता और किसी भी तरह से संक्रमण रोकने में इसके कारगर होने को लेकर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

आरोग्य सेतु ऐप किसने बनाया सरकार को नहीं पता, सीआईसी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

सरकार द्वारा एक याचिकाकर्ता को आरोग्य सेतु ऐप के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कहने के बाद केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा कि जब ऐप को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा डिजाइन और विकसित बताया गया है, तब कैसे संभव है कि उनके पास कोई जानकारी ही नहीं है.

(फोटो: रॉयटर्स)

आरोग्य सेतु ऐप न होने पर सुविधाएं देने से इनकार नहीं कर सकतीं सरकारें: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि किसी क़ानून की अनुपस्थिति में न तो राज्य सरकारें, न केंद्र और न ही उनकी एजेंसियां इस आधार पर नागरिकों को लाभ या सुविधाएं देने से इनकार कर सकते हैं कि उनके फोन में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड नहीं है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

आरोग्य सेतु ऐप के प्रचार में सरकार ने साढ़े तीन महीने में ख़र्च किए 4.15 करोड़ रुपये

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मोदी सरकार द्वारा अप्रैल में लाया गया आरोग्य सेतु ऐप शुरुआत से ही नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा और इसकी उपयोगिता को लेकर विवादों में घिरा हुआ है.

Homeless people sit inside a corridor of a locked shelter during a 21-day nationwide lockdown to slow the spreading of the coronavirus disease (COVID-19) at Howrah, on the outskirts of Kolkata, India, April 3, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

कोरोना वायरस महामारी ने समाज की बीमारियों को उघाड़कर रख दिया है

जिस तरह कोरोना वायरस इंसान की देह में घुसकर वहां पहले से मौजूद बीमारियों के असर को बढ़ा देता है, ठीक उसी तरह इसने अलग-अलग देशों और समाजों में पहुंचकर उनकी दुर्बलताओं को उजागर किया है.

जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा. (फोटो: पीटीआई)

आरोग्य सेतु ऐप के उपयोग को अनिवार्य बनाना गैरकानूनी: जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा

निजी डेटा सुरक्षा विधेयक का पहला मसौदा लेकर आने वाली समिति के अध्यक्ष जस्टिस बीएन श्रीकृष्णा ने कहा कि आरोग्य सेतु के उपयोग को अनिवार्य बनाने के लिए जारी दिशानिर्देशों को पर्याप्त कानूनी समर्थन नहीं माना जा सकता है.

(फोटो साभार: फेसबुक/MyGovIndia)

आरोग्य सेतु को लेकर नए दिशानिर्देश जारी, डेटा से छेड़छाड़ पर जेल का प्रावधान

12 मई से शुरू हो रही विशेष राजधानी ट्रेनों के यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप को अनिवार्य कर दिया गया है. केंद्र सरकार का कहना है कि नए नियमों के बाद ऐप का डेटा इकट्ठा होने के ठीक 180 दिन बाद डिलीट हो जाएगा.

(फोटो साभार: ट्विटर)

क्या नागरिकों की सुरक्षा और निजता को आरोग्य सेतु ऐप दांव पर लगा रहा है?

सरकार का दावा कि इस ऐप के जरिये कुछ विशेष दूरी तक के ही संक्रमण की जानकारी मिल सकती है. हालांकि एक फांसीसी हैकर ने पीएमओ और रक्षा मंत्रालय जैसे हाईप्रोफाइल जगहों का डेटा सार्वजनिक करते हुए सिद्ध किया है कि इस ऐप के जरिये देश के कोने-कोने की जानकारी मिल सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

आरोग्‍य सेतु ऐप डाउनलोड न करना माना जाएगा दंडनीय अपराध: नोएडा पुलिस

नोएडा पुलिस ने सार्वजनिक स्‍थानों पर जाने वाले लोगों के लिए मास्‍क पहनना और स्‍मार्टफोन में आरोग्‍य सेतु ऐप इंस्‍टॉल करना अनिवार्य किया है. इसके अलावा पुलिस ने सार्वजनिक स्‍थलों पर थूकने पर भी पाबंदी लगाई है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

आरोग्य सेतु ऐप निजता में सेंध लगाने वाली अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली है: राहुल गांधी

राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप शक्तिशाली सहयोगी है जो लोगों की सुरक्षा करता है. इसमें डाटा सुरक्षा की ठोस व्यवस्था है.

(फोटो साभार: फेसबुक/MyGovIndia)

केंद्र ने अपने कर्मचारियों से कहा, आरोग्य सेतु डाउनलोड करें, ख़तरा न होने पर ही काम पर जाएं

केंद्र सरकार के आदेश में कहा गया है कि आरोग्य सेतु ऐप पर अपने आसपास की स्थिति की समीक्षा करने और ऐप में ‘सुरक्षित’ या ‘कम जोख़िम’ के संकेत मिलने पर ही कार्यालय जाएं.

(फोटो साभार: फेसबुक/MyGovIndia)

आरोग्य सेतु ऐप पर क्यों उठ रहे हैं सवाल

देश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 ख़िलाफ़ लड़ाई में महत्वपूर्ण कदम बताया है. हालांकि ऐप की क्षमताओं को लेकर विशेषज्ञों की राय सरकार के दावों के उलट है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केंद्र सरकार को सभी उपयोगकर्ताओं का कॉल रिकॉर्ड देने से मोबाइल संचालकों ने किया इनकार

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दूरसंचार विभाग के सचिव को पत्र लिखकर कहा कि दूरसंचार विभाग की स्थानीय इकाइयां कई वीवीआईपी जोन के साथ दिल्ली सहित कई राज्यों में कॉल डेटा रिकॉर्ड मांग रही हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा- आतंकवाद के चलते कंप्यूटरों की निगरानी ज़रूरी

केंद्र सरकार ने कहा कि यह ज़रूरी है कि कानूनी इंटरसेप्शन (निगरानी) के अनुरोध का मामला कार्यपालिका अधिकारियों द्वारा देखा जाना चाहिए ताकि फैसले लेने में गति और तत्परता बरकरार रखी जा सके.