Tablighi Jamaat

(फाइल फोटो: पीटीआई)

तबलीग़ी जमात: कोर्ट ने कहा- बरी किए गए 35 विदेशी नागरिकों के ज़ब्त पासपोर्ट जारी करे दिल्ली पुलिस

दिल्ली की एक अदालत ने देश में कोविड-19 महामारी के मद्देनज़र जारी सरकारी दिशानिर्देशों का कथित तौर पर पालन नहीं करते हुए तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आरोपों का सामना कर रहे 36 विदेशी नागरिकों को पिछले साल दिसंबर में बरी कर दिया था.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा, क्या किसानों के आंदोलन से तबलीग़ी जमात जैसी ‘दिक्कत’ पेश आएगी

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के मद्देनज़र कृषि क़ानूनों के विरोध में बड़ी संख्या में दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पूछा है कि क्या प्रदर्शनकारियों को कोविड-19 से बचाने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

तबलीग़ी जमात: दिल्ली की अदालत ने 36 विदेशियों को सभी आरोपों से बरी किया

दिल्ली पुलिस ने तबलीग़ी जमात के सदस्यों के ख़िलाफ़ वीज़ा शर्तों के उल्लंघन, धार्मिक प्रचार गतिविधियों में शामिल होने समेत कई आरोपों को लेकर चार्जशीट दायर की थी. हालांकि कोर्ट ने ठोस सबूत नहीं मिलने पर सभी को बरी कर दिया.

इलाहाबाद हाईकोर्ट. (फोटो: पीटीआई)

तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने से हत्या के प्रयास का केस कानून का दुरुपयोगः हाईकोर्ट

उत्तर प्रदेश के मऊ निवासी युवक पर मार्च महीने में तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी जान-बूझकर स्थानीय प्रशासन को नहीं देने और दिल्ली से घर लौटने पर स्वेच्छा से क्वारंटीन नहीं होने का आरोप था.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

तबलीगी जमात पर मीडिया रिपोर्टिंग को संतुलित बताने के केंद्र के जवाब से सुप्रीम कोर्ट असंतुष्ट

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एक याचिका में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया था कि उसने देश में कोरोना वायरस की शुरुआत में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए फैलाई फेक न्यूज़ रोकने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं किया. इसके जवाब में केंद्र ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि अधिकांश प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्रों ने ‘मोटे तौर पर तथ्यात्मक रिपोर्ट ’ प्रकाशित की थीं और मीडिया के सिर्फ एक छोटे-से वर्ग ने ही ऐसा किया था.

(फोटो: रॉयटर्स)

तबलीग़ी जमात केस: अदालत ने कहा, बोलने की आज़ादी के अधिकार का सर्वाधिक दुरुपयोग हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोरोना महामारी की शुरुआत के समय तबलीग़ी जमात के आयोजन को लेकर मीडिया का एक वर्ग मुस्लिमों के ख़िलाफ़ सांप्रदायिक वैमनस्य फैला रहा था. मीडिया का बचाव करते हुए केंद्र की ओर से कहा गया है कि याचिकाकर्ता बोलने और अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलना चाहते हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली: तबलीग़ी जमात के 8 विदेशी सदस्य आरोपमुक्त, अदालत ने कहा- मरकज़ में होने के सबूत नहीं

दिल्ली पुलिस ने वीज़ा शर्तों के कथित उल्लंघन, धार्मिक प्रचार गतिविधियों में शामिल होने समेत कई आरोपों में क़रीब 955 विदेशियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की थी, जिनमें से 44 ने दिल्ली में केस लड़ा. साकेत अदालत ने इनमें से आठ को बरी किया और बाकी 36 पर से कई आरोप हटा दिए हैं.

New Delhi: Members of the Tablighi Jamaat show victory sign as they leave in a bus from LNJP hospital for the quarantine centre during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, April 21, 2020.

संभावना है कि तबलीग़ी जमात के विदेशी सदस्यों को बलि का बकरा बनाया गया: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने तबलीग़ी जमात के 29 विदेशी सदस्यों के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर रद्द करते हुए कहा कि दिल्ली में जमात के कार्यक्रम में शामिल होने आए विदेशियों के ख़िलाफ़ मीडिया में दुष्प्रचार किया गया और ऐसी छवि बनाने की कोशिश की गई कि ये ही भारत में कोविड-19 फ़ैलाने के ज़िम्मेदार थे.

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तमिलनाडु: तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए विदेशी नागरिक डिटेंशन कैंप में रहने को मजबूर

वीडियो: तमिलनाडु सरकार ने मार्च महीने में तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों के कुल 129 विदेशी नागरिकों को एक केंद्रीय जेल में रखा है. उनके परिजनों के अनुसार, उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार हो रहा है, वहीं वकीलों का मानना है कि यह कार्रवाई ग़ैरक़ानूनी है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

तबलीग़ी जमात के विदेशी सदस्यों को मुक़दमा पूरा होने तक उनके देश नहीं भेजा जा सकता: केंद्र

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से 2,679 विदेशी नागरिकों का वीज़ा निरस्त करने और उन्हें तबलीग़ी जमात की गतिविधियों में शामिल होने के चलते प्रतिबंधित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज करने की मांग की है.

पुझल सेंट्रल जेल. (फोटो साभार: विकीमीडिया कॉमन्स)

तमिलनाडु: कोविड-19 के दौर में ‘डिटेंशन कैंप’ में रहने को मजबूर हैं 129 विदेशी नागरिक

तमिलनाडु सरकार ने मार्च महीने में तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए एशिया, यूरोप और अफ्रीकी देशों के कुल 129 विदेशी नागरिकों को एक केंद्रीय जेल में रखा है. उनके परिजनों के अनुसार उनके साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है, वहीं वकीलों का मानना है कि यह कार्रवाई ग़ैरक़ानूनी है.

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असम: तबलीगी जमात को लेकर विवादित पत्र लिखने वाले विदेशी न्यायाधिकरण सदस्य को हटाया गया

असम में विदेशी न्यायाधिकरण के सदस्य केके गुप्ता ने पिछले महीने स्वास्थ्य और वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा को लिखे पत्र में कहा था कि कुछ सदस्यों द्वारा कोविड-19 के लिए इकट्ठा किए गए पैसों को दिल्ली में तबलीगी जमात की बैठक में शामिल होने वालों को राहत देने में इस्तेमाल न किया जाए क्योंकि वे जिहादी और जाहिल हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया संगठनों ने प्रेस की स्वतंत्रता कम करने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की

मीडिया संगठनों ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज करने, हिमाचल प्रदेश में छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ 14 एफआईआर दर्ज करने और इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को पूछताछ के लिए बुलाने की निंदा की है.

(फोटो: द वायर)

गुजराती पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई की निंदा की है.

(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार, फेस ऑफ नेशन के संपादक धवल पटेल ने कथित तौर पर 7 मई को एक समाचार लिखा, जिसका शीर्षक था, ‘मनसुख मंडाविया को हाई कमांड ने बुलाया, गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना’. मंडाविया केंद्रीय मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं.