Tablighi Jamaat

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

मीडिया संगठनों ने प्रेस की स्वतंत्रता कम करने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की

मीडिया संगठनों ने एक गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज करने, हिमाचल प्रदेश में छह पत्रकारों के ख़िलाफ़ 14 एफआईआर दर्ज करने और इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को पूछताछ के लिए बुलाने की निंदा की है.

(फोटो: द वायर)

गुजराती पोर्टल के संपादक के ख़िलाफ़ कार्रवाई और पत्रकार को दिल्ली पुलिस के नोटिस की निंदा

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारों को स्वतंत्र मीडिया को धमकाने के लिए कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए. प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी इंडियन एक्सप्रेस के पत्रकार को दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी करने की कार्रवाई की निंदा की है.

(फोटो साभार: फेस ऑफ नेशन वेबसाइट)

गुजराती समाचार पोर्टल के संपादक पर राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज

पुलिस के अनुसार, फेस ऑफ नेशन के संपादक धवल पटेल ने कथित तौर पर 7 मई को एक समाचार लिखा, जिसका शीर्षक था, ‘मनसुख मंडाविया को हाई कमांड ने बुलाया, गुजरात में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना’. मंडाविया केंद्रीय मंत्री और गुजरात से राज्यसभा सांसद हैं.

Narela Quarantine Centre

निज़ामुद्दीन मरकज़ से क्वारंटीन किए गए लोगों का आरोप, समयसीमा पूरी होने पर भी नहीं छोड़ रही सरकार

निज़ामुद्दीन मरकज़ में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद तबलीग़ी जमात के क़रीब हज़ार लोगों को नरेला के एक सेंटर में क्वारंटीन किया गया था. देश के विभिन्न हिस्सों आए इन लोगों का कहना है कि अधिकतर लोगों की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव होने और क्वारंटीन की तय अवधि पूरी होने के बावजूद उन्हें घर नहीं जाने दिया जा रहा है.

नई दिल्ली का निज़ामुद्दीन मरकज इलाका. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संक्रमण की आपराधिक जवाबदेही तबलीग़ी जमात के माथे ही क्यों है?

डब्ल्यूएचओ कहता है कि नागरिकों का स्वास्थ्य सरकारों की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है. लेकिन भारत सरकार के यात्राओं पर प्रतिबंध, हवाई अड्डों पर सबकी स्क्रीनिंग के निर्णय में हुई देरी पर बात नहीं हुई, न ही कोविड जांच की बेहद कम दर की बात उठी. जमात ने ग़लती की है पर क्या सरकारों को कभी उनकी नाकामियों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा?

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस से लड़ने में गुजरात सक्षम, तबलीग़ी जमात के कारण मामले बढ़े: मुख्यमंत्री

गुजरात के कुछ इलाकों में प्रवासी मज़दूरों के सड़कों पर उतरने की घटना पर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राज्य में एक-दो छोटी घटनाएं ज़रूर हुई हैं, लेकिन इसका कारण यह नहीं है कि सरकार की मदद उन लोगों तक नहीं पहुंच रही है.

उत्तर प्रदेश के बरहज से भाजपा विधायक सुरेश तिवारी. (फोटो: फेसबुक)

यूपी: भाजपा विधायक ने कहा- किसी को भी मुस्लिमों से सब्जी नहीं खरीदनी चाहिए

उत्तर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती है. पार्टी इस मामले का संज्ञान लेगी और बरहज से विधायक सुरेश तिवारी से पूछेगी कि उन्होंने किन परिस्थितियों में ऐसी टिप्पणी की.

प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई

दिल्लीः क्वारंटाइन सेंटर में तबलीगी जमात के दो सदस्यों की मौत, अल्पसंख्यक आयोग ने जांच की मांग की

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा कि क्वारंटाइन सेंटर में भोजन की अनियमित आपूर्ति की वजह से दोनों लोगों की मौत हुई है.

मुख्तार अब्बास नकवी. (फोटो: पीटीआई)

किसी एक समूह के गुनाह के लिए पूरे मुस्लिम समुदाय को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता: नक़वी

भाजपा नेता और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि किसी एक संस्था या किसी व्यक्ति के गुनाह के लिए पूरे समुदाय को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. उस संस्था ने जो भी आपराधिक लापरवाही या अपराध, उसकी ज़्यादातर मुसलमानों ने निंदा की और कार्रवाई करने की मांग की है.

हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरस: तबलीगी जमात नेता मौलाना साद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

पुलिस के अनुसार कोरोना वायरस जैसी घातक बीमारी को काबू करने के लिए सामाजिक दूरी संबंधी केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के बाद भी मौलाना साद ने पिछले महीने निज़ामुद्दीन मरकज़ में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया था.

New Delhi: A medic wearing a protective suit as a preventive measure against coronavirus, stands outside the building gate of Lok Nayak Jai Prakash Narayan (LNJP) hospital, in New Delhi, Friday, April 3, 2020. LNJP is among few hospitals in Delhi where COVID 19 patients are attended round the clock. (PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI03-04-2020_000114B)

कोरोना: तबलीग़ी जमात की ग़लती गंभीर है लेकिन महामारी का सांप्रदायीकरण भी कम आपराधिक नहीं है

इस देश का दुर्भाग्य है कि इतने बड़े संकट में घिरे होने के बाद भी हम भारतीय अपनी कट्टरता, अंधविश्वास और पूर्वाग्रह से बाहर न निकलकर एक वैश्विक महामारी को भी हिंदू-मुसलमान का मुद्दा बनाए दे रहे हैं.

दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम इलाके के मरकज़ से लोगों को अस्पताल और क्वारंटीन सेंटर में ले जाते हुए (फोटो: पीटीआई)

मरकज़ से जुड़े आंकड़े अलग लिखे जाने से हो रहे हैं मुसलमानों पर हमले: दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ज़फरुल इस्लाम ख़ान ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर डेली हेल्थ बुलेटिन में निज़ामुद्दीन मरकज़ से जुड़े आंकड़े अलग लिखने पर एतराज़ जताते हुए कहा है कि संप्रदाय के आधार पर बनाए गए कॉलम जल्द से जल्द हटाया जाए क्योंकि इससे इस्लामोफोबिया के एजेंडा को बढ़ावा मिल रहा है.

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दिल्ली: कोरोना वायरस फैलाने की साज़िश रचने के शक़ में युवक की पिटाई

मामला दिल्ली के बवाना इलाके का है. पुलिस ने कहा कि तबलीगी जमात के एक कार्यक्रम से मध्य प्रदेश के भोपाल से लौटे 22 वर्षीय महबूब अली जब अपने गांव पहुंचा तो अफवाह फैल गई कि उसकी कोरोना वायरस फैलाने की योजना है.

(फोटो: रॉयटर्स)​​​

तबलीग़ी जमात के कार्यक्रम को लेकर फ़र्ज़ी ख़बरों पर जमीयत ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख़

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल कर मीडिया के एक वर्ग पर सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने का आरोप लगाया है. याचिका में कहा गया है कि तबलीग़ी जमात की दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: ट्विटर)

कोरोना पर फेक न्यूज और सांप्रदायिक संदेश फैलाने वालों को नहीं छोड़ेंगे: उद्धव ठाकरे

दिल्ली के निजामुद्दीन मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण संदेशों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस के अलावा बांटने वाला भी एक वायरस है. मैं ऐसे लोगों को चेतावनी देता हूं कि मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि कोई कानून आपको न बचा पाए.