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Mumbai: Republic TV Editor-In-Chief Arnab Goswami after being released from Taloja Central Jail on interim bail in the 2018 abetment to suicide case, in Mumbai, Wednesday, Nov. 11, 2020. (PTI Photo)(PTI11-11-2020 000233B)

अर्णब ने टीआरपी बढ़ाने के लिए बार्क के पूर्व सीईओ को दी थी लाखों रुपये की घूस: मुंबई पुलिस

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित कुछ चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

टीआरपी छेड़छाड़ मामला: रेटिंग एजेंसी बार्क के पूर्व सीओओ को किया गया गिरफ़्तार

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. आरोप है कि जिन घरों में लगे बार ओ मीटर से टीआरपी मापी जाती है, उन्हें ‘बॉक्स सिनेमा’, ‘फ़क्त मराठी’, ‘महा मूवी’ और ‘रिपब्लिक टीवी’ जैसे चैनल चलाने के लिए पैसे दिए गए थे. इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

(फोटो साभार: फेसबुक/रिपब्लिक टीवी)

टीआरपी छेड़छाड़ मामला: रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीईओ गिरफ़्तार

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के रिपब्लिक समेत कुछ चैनलों द्वारा टीआरपी में गड़बड़ी का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने इस कथित घोटाले की जांच शुरू की थी. अब तक इस मामले में रिपब्लिक के पश्चिमी क्षेत्र वितरण प्रमुख और दो अन्य चैनलों के मालिकों समेत 13 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

Maharashtra ADG Param Bir Singh with Pune's Additional CP Shivaji Bodke (L)Dr.Shivaji Pawar(R) adressed a press conference about the house arrest of rights activists in Bhima Koregaon case, at DGP office, in Mumbai on Friday.(PTI )

टीआरपी मामला: मुंबई पुलिस ने 1,400 पन्नों का आरोप-पत्र दायर किया

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित कुछ चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है. हालांकि रिपब्लिक टीवी ने इन आरोपों से इनकार किया है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

टीआरपी मामला: एनबीए ने कहा- रिपब्लिक की पत्रकारिता का समर्थन नहीं करते, सीबीआई जांच वापस हो

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित कुछ चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है. हालांकि रिपब्लिक टीवी ने इन आरोपों से इनकार किया है.

(फोटो साभार: फेसबुक)

रिपब्लिक समाचार चैनल के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस ने एक और मामला दर्ज किया

यह रिपब्लिक चैनल के ख़िलाफ़ चौथा मामला है. मुंबई पुलिस ने 22 अक्टूबर को रिपब्लिक टीवी पर मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को लेकर एक खबर प्रसारित की थी, जिसमें दावा किया गया था कि मुंबई पुलिस के कर्मचारी पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के ख़िलाफ़ विद्रोह कर रहे हैं और उनके आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे. (फोटो: ट्विटर)

महाराष्ट्र: सीबीआई को दी ‘आम सहमति’ वापस ली गई, जांच के लिए लेनी होगी सरकार की अनुमति

महाराष्ट्र सरकार के इस कदम के बाद सीबीआई को अब राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल के लिए आम सहमति नहीं होगी, जो उसे राज्य सरकार द्वारा 1989 में जारी एक आदेश के तहत दी गई थी. अब अगर सीबीआई किसी मामले की जांच करना चाहेगी, तो उसे राज्य सरकार से सहमति लेनी होगी.

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

फ़र्ज़ी टीआरपी मामला: यूपी में दर्ज हुई एक एफआईआर, केंद्र ने सीबीआई को सौंपी जांच

बीते 17 अक्टूबर को लखनऊ के हज़रतगंज थाने में टीआरपी में कथित हेरफेर की एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसकी जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से निवेदन किया था.

(फोटो साभार: फेसबुक)

टीआरपी छेड़छाड़: बार्क ने रिपब्लिक टीवी पर निजी संदेश को ग़लत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया

टीआरपी छेड़छाड़ मामले में फंसे समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी ने दावा किया था कि बार्क ने एक ईमेल में कहा है कि चैनल किसी भी कथित कदाचार में शामिल नहीं है. इस बीच बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस से कहा है कि अगर वो मामले में अर्णब गोस्वामी की पेशी चाहती है तो उन्हें समन जारी करे.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

टीआरपी छेड़छाड़: रिपब्लिक टीवी ने एफ़आईआर ख़ारिज करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख़ किया

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने ‘टेलीविजन रेटिंग पॉइंट’ (टीआरपी) से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

बार्क ने न्यूज़ चैनलों की रेटिंग को क़रीब तीन सप्ताह के लिए निलंबित किया

बीते आठ अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (टीआरपी) से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. मुंबई के पुलिस आयुक्त ने दावा किया था कि रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनलों ने टीआरपी के साथ हेराफेरी की है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक समूह से कहा कि मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज मामले में वह बॉम्बे हाईकोर्ट जाए.

(फोटो साभार: फेसबुक/रिपब्लिक टीवी)

टीआरपी छेड़छाड़: रिपब्लिक मीडिया के सीईओ समेत छह लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया

मुंबई पुलिस ने गुरुवार को टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए चार व्यक्तियों को गिरफ़्तार किया गया था. शनिवार को पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी को तलब किया था, जो पेश होने में असमर्थता जताते हुए इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं.

अर्णब गोस्वामी (फोटो साभार: ट्विटर)

टीआरपी छेड़छाड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट पहुंचे रिपब्लिक के अधिकारी, पुलिस के सामने नहीं हुए पेश

टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए मुंबई पुलिस ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के मुख्य वित्तीय अधिकारी के अलावा दो अन्य चैनलों के प्रतिनिधियों को शनिवार को पूछताछ के लिए बुलाया था.

(फोटो साभार: फेसबुक)

मुंबई पुलिस का दावा, रिपब्लिक समेत दो मराठी चैनलों ने की टीआरपी से छेड़छाड़

मुंबई पुलिस ने टीआरपी से छेड़छाड़ करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए कहा कि यह फ़र्ज़ी टीआरपी का मामला है, जहां टीआरपी रेटिंग्स खरीदी जा रही थीं और इस छेड़छाड़ का मुख्य कारण विज्ञापनों से मिलने वाला पैसा है. रिपब्लिक ने इन आरोपों का खंडन किया है.

Media personnel surround Bollywood actor Rhea Chakraborty as she arrives at Narcotics Control Bureau (NCB) office for questioning, following the death of her boyfriend and actor Sushant Singh Rajput, in Mumbai, India, September 6, 2020. Picture taken September 6, 2020. REUTERS/Francis Mascarenhas

मीडिया ट्रायल पर वकीलों ने कहा- क़ानूनी सुनवाई की जगह शर्मिंदगी की सुनवाई ने ले ली है

राम जेठमलानी मेमोरियल लेक्चर के पहले संस्करण में वकीलों ने आपराधिक मामलों और अदालतों में चल रहे मामलों की जांच को प्रभावित करने के लिए मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यधारा के मीडिया और सोशल मीडिया का संयोजन एक ख़तरनाक कॉकटेल बन गया है, जो क़ानून के लिए ठीक नहीं है.