Unemployment

(फोटो साभार: indiarailinfo)

उत्तर प्रदेश: कथित तौर पर आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने लगाई फांसी

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले का मामला है. किसान की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उनके पति पर बैंक का 38 हज़ार रुपये का क़र्ज़ था और कोई काम न मिलने से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली.

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कोरोना, बाढ़, बेरोज़गारी: बिहार के इस गांव से नीतीश की बेरुख़ी

वीडियो: बाढ़ बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है. इसके बावजूद बिहार के लोगों को इस समस्या से बाहर निकालने के लिए किसी भी सरकार द्वारा पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा खानम शेरवानी की सारण ज़िले कुछ गांवों में लोगों से बातचीत.

कुबौल गांव. (सभी फोटो: रोहित उपाध्याय)

कुबौल: नीतीश कुमार के ‘सुशासन’ पर सवाल खड़े करता बिहार का एक गांव

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के दरभंगा ज़िले के किरतपुर प्रखंड का कुबौल गांव कोसी नदी के बाढ़ क्षेत्र में आता है. बाढ़ के कई महीनों बाद तक पानी में डूबा रहने वाला यह गांव उन बुनियादी सुविधाओं से भी महरूम है, जिन्हें नीतीश सरकार अपनी उपलब्धि के तौर पर गिनवा रही है.

बस्सीपट्टी में चुनाव को लेकर चौक-चौराहे पर होने वाली बहसों में पलायन कोई मुद्दा नहीं है. (सभी फोटो: हेमंत कुमार पांडेय)

बिहार चुनाव: पलायन से प्रभावित गांव में न सरकार से नाराज़गी है, न ही कोई उम्मीद

ग्राउंड रिपोर्ट: आजीविका की तलाश में राज्य से पलायन की जिस बात को बिहार में चुनावी मुद्दा बताया जा रहा है, उसे मधुबनी ज़िले के बस्सीपट्टी गांव के लोग अपनी नियति मानकर स्वीकार कर चुके हैं.

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बिहार के बेरोज़गार युवा चाहते हैं सत्ता परिवर्तन

वीडियो: बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो चुका है. राज्य में बेरोज़गारी एक प्रमुख मुद्दा है. इस मुद्दे पर सारण के युवाओं से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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मीडिया बोल: बेरोज़गारी और बीमारी भुलाने को चुनावी-चकल्लस

वीडियो: मीडिया बोल के इस कड़ी में बिहार चुनाव की स्थिति, सियासत और मीडिया की भूमिका पर वरिष्ठ पत्रकार स्मिता गुप्ता और नवीन उपाध्याय से उर्मिलेश की बातचीत.

बैजनाथपुर की बंद पड़ी पेपर मिल. (सभी फोटो: मनोज सिंह)

बिहार: बैजनाथपुर की बंद पड़ी पेपर मिल राज्य में औद्योगिकीकरण की बदहाली की मिसाल है

ग्राउंड रिपोर्ट: 70 के दशक में मधेपुरा-सहरसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैजनाथपुर में काफ़ी उम्मीदों के साथ पेपर मिल बनी थी, पर कभी काम शुरू नहीं हो सका. मिल में रोज़गार पाने की आस में उम्र गुज़ार चुके लोगों की अगली पीढ़ी विभिन्न राज्यों में मज़दूरी कर रही है और मिल खुलने का वादा केवल चुनावी मौसम का मुद्दा बनकर रह गया है.

People walk past a cinema hall which is closed temporarily in the wake of deadly coronavirus, in Kolkata.
PTI Photo

कोरोना वायरस अनलॉक: सिनेमाघरों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 15 अक्टूबर से संचालन की अनुमति

कोरोना वायरस महामारी के दौरान त्योहारी मौसम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीड़भाड़ वाले आयोजनों के लिए दिशानिर्देश जारी किए. इसके अनुसार, रैलियों और विसर्जन जुलूसों में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए और सामाजिक दूरी तथा मास्क पहनना सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

पश्चिम बंगाल: जलपाईगुड़ी में चाय बागान ने कामकाज बंद किया, 1,500 श्रमिक बेरोज़गार

जलपाईगुड़ी जिले के साइली चाय बागान प्रबंधन ने सोमवार को एक नोटिस चिपकाकर परिचालन को बंद कर दिया. श्रमिकों ने बताया कि दुर्गा पूजा के लिए बोनस को लेकर उनके और प्रबंधन के बातचीत चल रही थी, जहां प्रबंधन ने 20 प्रतिशत बोनस देने से इनकार कर दिया था.

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सड़क पर आए दिल्ली में बंद पड़े कोचिंग सेंटर्स के शिक्षक

वीडियो: देश में कोरोना वायरस के कारण कई व्यवसाय और सेवाएं ठप पड़ गई हैं. इनमें से एक कोचिंग सेंटर भी हैं. दिल्ली में लगभग 5000 रजिस्टर्ड कोचिंग सेंटर हैं, जबकि हज़ारों कोचिंग सेंटर रजिस्टर्ड नहीं हैं. पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर में कोचिंग सेंटर में पढ़ाने वाले शिक्षकों से द वायर के शेखर तिवारी की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र और राज्य यौनकर्मियों को मासिक राशन और नकद मुहैया कराने पर विचार करें: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह जानना चाहा है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत यौनकर्मियों को तुरंत क्या राहत प्रदान की जा सकती है. अदालत ने कहा कि राशन कार्ड न होने की वजह से लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है. वे गंभीर संकट में हैं.

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उत्तर प्रदेश: कथित रूप से क़र्ज़ से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दी

मामला हमीरपुर ज़िले का है. पुलिस के अनुसार मृतक किसान की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. संभव है कि उन्होंने क़र्ज़ और आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ ‘राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस’

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 70वें जन्मदिन के अवसर पर ट्विटर पर दिनभर कई ऐसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे, जिनके माध्यम से ट्विटर यूज़र्स ने देश में बढ़ती बेरोज़गारी और गहरे आर्थिक संकट की तरफ इशारा करते हुए प्रधानमंत्री से जवाब मांगा.

(फोटो: रॉयटर्स)

सरकार सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति नहीं देती है तो नौकरियां जाएंगी: मल्टीप्लेक्स संगठन

कोरोना महामारी के रोकथाम के मद्देनज़र देश में सिनेमाघर बंद हैं. मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से इन्हें खोलने की अपील करते हुए कहा है कि इस क्षेत्र को पिछले छह महीने में 9,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना महामारी ने 3.7 करोड़ लोगों को अत्यधिक ग़रीबी में धकेला: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से ग़रीबी कुछ ही महीनों में सात फीसदी बढ़ गई है. अत्याधिक ग़रीबी रेखा से ठीक ऊपर रहने वाले लोग तेज़ी से नीचे गिर रहे हैं. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोविड-19 का बुरा असर पड़ा है.