Unemployment

Thousands of migrant workers from Delhi, Haryana and even Punjab reached Anand Vihar Bus Terminus in national capital during CoronaVirus Lockdown on March 28, 2020. (Photo: PTI)

लॉकडाउन : कामगारों के पारिश्रमिक के भुगतान से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल एक जनहित याचिका में कहा गया है कि देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से रोज़गार गंवाने वाले लाखों कामगारों के लिए जीने के अधिकार लागू कराने की आवश्यकता है. सरकार के 25 मार्च से 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद ये कामगार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

Srinagar: A man walks outside closed shops during restrictions in Srinagar, Friday, March 20, 2020. Authorities imposed restrictions on second day as a precautionary measures after first case of coronavirus was detected in the Valley. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI20-03-2020 000132B)

कोरोना वायरस से उपजे भीषण आर्थिक आघात का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा

जब सरकार कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक गतिविधियां बंद करेगी तब मालूम होगा कि इससे बेरोज़गारी और बढ़ेगी, साथ ही लोगों की कमाई में गिरावट आएगी. ऐसे में देश के दिहाड़ी मज़दूरों और स्वरोज़गार में लगे लोगों के लिए इनकम ट्रांसफर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए.

Job applicants wait in line at a technology job fair in Los Angeles. Photo: Reuters

बीते चार महीनों में फरवरी में सर्वाधिक रही बेरोज़गारी दर

भारतीय अर्थव्यवस्था निगरानी केंद्र द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के मुताबिक भारत की बेरोज़गारी दर फरवरी 2020 में 7.78 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो अक्टूबर 2019 के बाद से सबसे ज़्यादा है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

क्या रिटेल सेक्टर में भी रोज़गार संकट आने वाला है?

आजकल रोज़गार उपलब्ध कराना एक शिगूफ़ा बन गया है. कोई भी बड़ा निवेशक जब कहीं निवेश करता है तो सबसे पहले यही बात करता है कि वो रोज़गार उपलब्ध कराएगा. होता कितना है ये पलट कर कभी नहीं देखा जाता.

Jammu: Special Police Officers (SPO) applicants stand in a queue to submit their forms at Police line, in Jammu, Thursday, Sept 20, 2018. (PTI Photo)(PTI9_20_2018_000028B)

प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन के तहत पिछले साल की अपेक्षा आधे से भी कम रोज़गार पैदा हुए: सरकार

श्रम एवं रोज़गार मंत्री संतोष गंगवार ने राज्यसभा में बताया कि केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम के तहत सृजित हुए रोज़गार के अवसरों की संख्या शून्य रही, जबकि 2016-17 में लक्षद्वीप में रोज़गार के 1398 अवसर सृजित हुए थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

लोग 2,000 के नोटों की जमाखोरी में लगे हैं, इन्हें बंद कर देना सहीः पूर्व वित्त सचिव

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने सरकार को 72 पेज का एक नोट लिखा है, जिसमें उन्होंने दो हज़ार रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर करने, सरकारी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण ख़त्म करने और निजीकरण को बढ़ावा देने समेत कई सुझाव दिए हैं.

सोमवार को इराक के करबला में प्रदर्शन करते युवा. (फोटो: रॉयटर्स)

इराक़ में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच चार सांसदों ने दिया इस्तीफ़ा

इराक़ में भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी के विरोध में बीते एक अक्टूबर से सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं. अक्टूबर में प्रदर्शन के दौरान अब तक तकरीबन 231 लोगों की मौत हो चुकी है.

नरेंद्र मोदी और अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अनुच्छेद 370 जैसे मुद्दों की काट के लिए गुजरात के ‘खाम’ को दोहराना होगा

गुजरात का विकास मॉडल एक भ्रम था. गुजरात दंगों के बाद मुस्लिम को अलग-थलग करने का जो प्रयोग शुरू हुआ, मोदी-शाह उसी के सहारे केंद्र में सत्ता में आए. आज यही गुजरात मॉडल सारे देश में अपनाया जा रहा है. 370 का मुद्दा उसी प्रयोग की अगली कड़ी है, जिसे मोदी शाह महाराष्ट्र और हरियाणा चुनाव में भुनाने जा रहे हैं.

इराक़ की राजधानी बग़दाद में प्रदर्शनकारी युवा. (फोटो: रॉयटर्स)

इराक़ में बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन, 20 लोगों की मौत

इराक़ की राजधानी बग़दाद में बीते एक अक्टूबर से सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए हैं, जो जल्द ही दक्षिण इराक के शिया बहुल शहरों में फैल गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में पर्याप्त रोज़गार, लेकिन उत्तर भारत में योग्य लोगों की कमी: केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री

केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री संतोष गंगवार के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर भारतीयों को जिम्मेदार ठहराकर मंत्री रोज़गार दर घटने के सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यवस्था में जान फूंकना मोदी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी

देश की कमज़ोर अर्थव्यवस्था के बीच प्रचंड जनादेश हासिल करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं.

First Time Voters The Wire

‘मोदी ने अगर काम किया है, तो शहीदों के नाम पर वोट मांगने की ज़रूरत नहीं’

वीडियोः दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होना है. पहली बार वोट करने जा रहे युवा चुनावी मुद्दों को लेकर क्या सोचते हैं, इस पर दिल्ली की इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं से रीतू तोमर की बातचीत.

Hum Bhi Bharat Bahraich

हम भी भारत: बहराइच लोकसभा क्षेत्र में कुपोषण और बेरोज़गारी पर भारी सांप्रदायिकता

हम भी भारत की इस कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बहराइच लोकसभा क्षेत्र में बच्चों के कुपोषण, ग़रीबी और बेरोज़गारी के मुद्दों पर ग़ैर सरकारी संगठन देहात एनजीओ के कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार सलीम सिद्दीक़ी, शिक्षिका डॉ. अनुपमा झा और वरिष्ठ पत्रकार अज़ीम मिर्ज़ा से चर्चा कर रही हैं.

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इलेक्शननामा: क्या बेरोज़गारी एक चुनावी मुद्दा बन सकी है?

ऑडियो: इलेक्शननामा की इस कड़ी में सुनिए मौजूदा लोकसभा में नौजवानों और उनसे जुड़े मुद्दों पर युवा हल्ला बोल अभियान के अनुपम के साथ बातचीत. साथ ही जानिए उन नौजवानों के बारे में, जो इस चुनाव में उम्मीदवार तो हैं पर जिनके बारे में ज़्यादा चर्चा नहीं हो रही है.

Job seekers fill up forms for registration in Chinchwad, India, February 7, 2019 (Danish Siddiqui / REUTERS)

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशनल स्कीम: 20 लाख युवाओं को करना था रोज़गार के लिए तैयार, हुए सिर्फ 2.90 लाख

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: 2016 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य रोज़गार के अवसर पैदा करना और युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार देना था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक 20 लाख प्रशिक्षुओं को तैयार करने का लक्ष्य था, जिसमें से केवल 2.90 लाख प्रशिक्षु तैयार हुए. इनमें से भी महज़ 17, 493 को इस योजना का लाभ मिला.

job reuters

नोटबंदी के बाद से देश में 50 लाख लोगों की नौकरियां गईंः रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि नौकरी खोने वाले इन 50 लाख लोगों में शहरी और ग्रामीण इलाकों के कम शिक्षित पुरुषों की संख्या अधिक है. पुरूषों की तुलना में महिला इससे अधिक प्रभावित हैं.

Bulletin 12 April

द वायर बुलेटिन: देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा

अली-बजरंगबली’ वाली टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग के नोटिस समेत आज की बड़ी ख़बरें.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा: एनएसएसओ रिपोर्ट

गुजरात में बेरोज़गारी दर सबसे तेज़ी से बढ़ी है. यह दर साल 2011-12 में 0.5 फीसदी थी, जबकि 2017-18 में बढ़कर 4.8 फीसदी पर पहुंच गई.

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर 8 अप्रैल 2019 को भाजपा का घोषणापत्र जारी करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा को भरोसा है कि नौजवान अपनी बेरोज़गारी सीने से चिपकाए उसे नाचते-गाते वोट दे आएंगे

घोषणा-पत्र में सरकारी नौकरियों को एक शब्द के लायक न समझकर भाजपा ने साबित कर दिया है कि उसके लिए नौजवान और रोज़गार दोनों का मतलब बदल गया है.

Andhra Pradesh Collage PTI FB

आंध्र प्रदेश की इन आठ सीटों पर मुद्दे कई, लेकिन चुनावी मुद्दा केवल जाति

ग्राउंड रिपोर्ट: रायलसीमा तिरुपति, कडपा, राजमपेट, अनंतपुर, हिंदूपुर, नांदयाल, कुरनूल और चित्तूर में भूमिगत जल खारा हो चुका है. बेरोज़गारी बढ़ रही है. पलायन शुरू हो चुका है, लेकिन इन आठ सीटों पर अहम की लड़ाई ने चुनाव को जाति पर ही केंद्रित कर दिया है. अमित कुमार निरंजन की रिपोर्ट.

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, कांग्रेस-भाजपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा का कांग्रेस पार्टी पर आरोप सही है कि उसकी गरीबी हटाओ 2.0 का नारा चुनावी धोखा है, लेकिन भाजपा खुद के अंदर भी झांके.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

फोटो: रॉयटर्स

25 साल में पहली बार देश में घटी पुरुष कामगारों की संख्या: रिपोर्ट

एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार 1993-94 के बाद 2017-18 देश में पुरुष कामगारों की संख्या में गिरावट आई है, साथ ही 2011-12 की तुलना में रोज़गार अवसर बहुत कम हुए हैं. यह एनएसएसओ की वही रिपोर्ट है, जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में जारी होने से रोका था.

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विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

देश में रोज़गार विहीन वृद्धि से युवाओं में असंतोष बढ़ाः मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में रोज़गार का सृजन होने के बजाय रोज़गार के नुकसान वाली स्थिति बन गई है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के क़र्ज़ बढ़ रहे हैं और शहरी अव्यवस्था से भविष्य की बेहतर आकांक्षा रखने वाले युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है.

नई दिल्ली में द वायर डॉयलॉग्स कार्यक्रम में अखिलेश यादव से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने बातचीत की. (फोटो: द वायर)

मेरा प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं, लेकिन कोई नया प्रधानमंत्री बने, ये सपना हैः अखिलेश यादव

द वायर डायलॉग्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: ट्विटर/भाजपा)

पत्रकार रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण लिखा है, क्या वे इसे पढ़ सकते हैं?

भाजपा की सरकार ने उच्च शिक्षा पर उच्चतम पैसे बचाए हैं. हमारा युवा ख़ुद ही प्रोफेसर है. वो तो बड़े-बड़े को पढ़ा देता है जी, उसे कौन पढ़ाएगा. मध्य प्रदेश का पौने छह लाख युवा कॉलेजों में बिना प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के ही पढ़ रहा है. हमारा युवा देश मांगता है, कॉलेज और कॉलेज में टीचर नहीं मांगता है.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

गोदी मीडिया को देखकर लगता है कि इस दौर में मुसलमानों से नफ़रत करना ही रोज़गार है

इस दौर की ख़ूबसूरत सच्चाई यह है कि बेरोज़गार रोज़गार नहीं मांग रहा है. वो इतिहास का हिसाब कर रहा है. उसे नौकरी नहीं, झूठा इतिहास चाहिए!