Unemployment

नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स)

अर्थव्यवस्था में जान फूंकना मोदी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती होगी

देश की कमज़ोर अर्थव्यवस्था के बीच प्रचंड जनादेश हासिल करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष कई बड़ी आर्थिक चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं.

First Time Voters The Wire

‘मोदी ने अगर काम किया है, तो शहीदों के नाम पर वोट मांगने की ज़रूरत नहीं’

वीडियोः दिल्ली में लोकसभा चुनाव के लिए 12 मई को मतदान होना है. पहली बार वोट करने जा रहे युवा चुनावी मुद्दों को लेकर क्या सोचते हैं, इस पर दिल्ली की इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं से रीतू तोमर की बातचीत.

Hum Bhi Bharat Bahraich

हम भी भारत: बहराइच लोकसभा क्षेत्र में कुपोषण और बेरोज़गारी पर भारी सांप्रदायिकता

हम भी भारत की इस कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बहराइच लोकसभा क्षेत्र में बच्चों के कुपोषण, ग़रीबी और बेरोज़गारी के मुद्दों पर ग़ैर सरकारी संगठन देहात एनजीओ के कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र चतुर्वेदी, वरिष्ठ पत्रकार सलीम सिद्दीक़ी, शिक्षिका डॉ. अनुपमा झा और वरिष्ठ पत्रकार अज़ीम मिर्ज़ा से चर्चा कर रही हैं.

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इलेक्शननामा: क्या बेरोज़गारी एक चुनावी मुद्दा बन सकी है?

ऑडियो: इलेक्शननामा की इस कड़ी में सुनिए मौजूदा लोकसभा में नौजवानों और उनसे जुड़े मुद्दों पर युवा हल्ला बोल अभियान के अनुपम के साथ बातचीत. साथ ही जानिए उन नौजवानों के बारे में, जो इस चुनाव में उम्मीदवार तो हैं पर जिनके बारे में ज़्यादा चर्चा नहीं हो रही है.

Job seekers fill up forms for registration in Chinchwad, India, February 7, 2019 (Danish Siddiqui / REUTERS)

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशनल स्कीम: 20 लाख युवाओं को करना था रोज़गार के लिए तैयार, हुए सिर्फ 2.90 लाख

मोदी सरकार के दावे और उनकी ज़मीनी हक़ीक़त पर विशेष सीरीज: 2016 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य रोज़गार के अवसर पैदा करना और युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार देना था. आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक 31 मार्च 2018 तक 20 लाख प्रशिक्षुओं को तैयार करने का लक्ष्य था, जिसमें से केवल 2.90 लाख प्रशिक्षु तैयार हुए. इनमें से भी महज़ 17, 493 को इस योजना का लाभ मिला.

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नोटबंदी के बाद से देश में 50 लाख लोगों की नौकरियां गईंः रिपोर्ट

रिपोर्ट में बताया गया है कि नौकरी खोने वाले इन 50 लाख लोगों में शहरी और ग्रामीण इलाकों के कम शिक्षित पुरुषों की संख्या अधिक है. पुरूषों की तुलना में महिला इससे अधिक प्रभावित हैं.

Bulletin 12 April

द वायर बुलेटिन: देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा

अली-बजरंगबली’ वाली टिप्पणी पर योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग के नोटिस समेत आज की बड़ी ख़बरें.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश के ग्यारह राज्यों में बेरोज़गारी दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा: एनएसएसओ रिपोर्ट

गुजरात में बेरोज़गारी दर सबसे तेज़ी से बढ़ी है. यह दर साल 2011-12 में 0.5 फीसदी थी, जबकि 2017-18 में बढ़कर 4.8 फीसदी पर पहुंच गई.

नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर 8 अप्रैल 2019 को भाजपा का घोषणापत्र जारी करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: रॉयटर्स)

भाजपा को भरोसा है कि नौजवान अपनी बेरोज़गारी सीने से चिपकाए उसे नाचते-गाते वोट दे आएंगे

घोषणा-पत्र में सरकारी नौकरियों को एक शब्द के लायक न समझकर भाजपा ने साबित कर दिया है कि उसके लिए नौजवान और रोज़गार दोनों का मतलब बदल गया है.

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आंध्र प्रदेश की इन आठ सीटों पर मुद्दे कई, लेकिन चुनावी मुद्दा केवल जाति

ग्राउंड रिपोर्ट: रायलसीमा तिरुपति, कडपा, राजमपेट, अनंतपुर, हिंदूपुर, नांदयाल, कुरनूल और चित्तूर में भूमिगत जल खारा हो चुका है. बेरोज़गारी बढ़ रही है. पलायन शुरू हो चुका है, लेकिन इन आठ सीटों पर अहम की लड़ाई ने चुनाव को जाति पर ही केंद्रित कर दिया है. अमित कुमार निरंजन की रिपोर्ट.

बसपा प्रमुख मायावती. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस की ‘न्याय’ योजना पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा, कांग्रेस-भाजपा एक ही थाली के चट्टे-बट्टे

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि भाजपा का कांग्रेस पार्टी पर आरोप सही है कि उसकी गरीबी हटाओ 2.0 का नारा चुनावी धोखा है, लेकिन भाजपा खुद के अंदर भी झांके.

Baska: Farmers plant paddy saplings in a field at Boglamari, in Baska district of Assam on Wednesday, July 11, 2018. (PTI Photo) (PTI7_11_2018_000049B)

2011 से 2018 तक में करीब तीन करोड़ खेतिहर मज़दूरों का रोज़गार छिना: एनएसएसओ रिपोर्ट

एनएसएसओ द्वारा साल 2017-2018 में किए गए सर्वेक्षण से ये पता चला है कि 2011-12 से लेकर 2017-18 के बीच खेत में काम करने वाले अस्थायी मजदूरों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. खात बात ये है कि सरकार ने इस सर्वेक्षण को जारी करने से मना कर दिया है.

फोटो: रॉयटर्स

25 साल में पहली बार देश में घटी पुरुष कामगारों की संख्या: रिपोर्ट

एनएसएसओ की रिपोर्ट के अनुसार 1993-94 के बाद 2017-18 देश में पुरुष कामगारों की संख्या में गिरावट आई है, साथ ही 2011-12 की तुलना में रोज़गार अवसर बहुत कम हुए हैं. यह एनएसएसओ की वही रिपोर्ट है, जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में जारी होने से रोका था.

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विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

देश में रोज़गार विहीन वृद्धि से युवाओं में असंतोष बढ़ाः मनमोहन सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में रोज़गार का सृजन होने के बजाय रोज़गार के नुकसान वाली स्थिति बन गई है. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के क़र्ज़ बढ़ रहे हैं और शहरी अव्यवस्था से भविष्य की बेहतर आकांक्षा रखने वाले युवाओं में असंतोष पैदा हो रहा है.

नई दिल्ली में द वायर डॉयलॉग्स कार्यक्रम में अखिलेश यादव से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने बातचीत की. (फोटो: द वायर)

मेरा प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं, लेकिन कोई नया प्रधानमंत्री बने, ये सपना हैः अखिलेश यादव

द वायर डायलॉग्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: ट्विटर/भाजपा)

पत्रकार रवीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए भाषण लिखा है, क्या वे इसे पढ़ सकते हैं?

भाजपा की सरकार ने उच्च शिक्षा पर उच्चतम पैसे बचाए हैं. हमारा युवा ख़ुद ही प्रोफेसर है. वो तो बड़े-बड़े को पढ़ा देता है जी, उसे कौन पढ़ाएगा. मध्य प्रदेश का पौने छह लाख युवा कॉलेजों में बिना प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के ही पढ़ रहा है. हमारा युवा देश मांगता है, कॉलेज और कॉलेज में टीचर नहीं मांगता है.

Narendra Modi at Amul Plant Twitter namo featured

रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

(फोटो: रॉयटर्स)

गोदी मीडिया को देखकर लगता है कि इस दौर में मुसलमानों से नफ़रत करना ही रोज़गार है

इस दौर की ख़ूबसूरत सच्चाई यह है कि बेरोज़गार रोज़गार नहीं मांग रहा है. वो इतिहास का हिसाब कर रहा है. उसे नौकरी नहीं, झूठा इतिहास चाहिए!

New Delhi: Union Minister for Road Transport and Highways Nitin Gadkari releases a book during inauguration of the 29th National Road Safety Week 2018 in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI4_23_2018_000031B)

जब देश में नौकरियां ही नहीं हैं तो क्या आरक्षण देने से नौकरी मिल जाएगी: नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पिछड़ापन राजनीतिक हित बनता जा रहा है. हर कोई कहता है कि मैं पिछड़ा हुआ हूं. बिहार और उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण मजबूत स्थिति में हैं. राजनीति में इनका वर्चस्व है. लेकिन ये कहते हैं कि ये पिछड़े हुए हैं.

फोटो साभार: ट्विटर

युवाओं को पता है कि रोज़गार को लेकर उनके प्रधानमंत्री का नज़रिया क्या है?

भारतीय युवा परमानेंट रोज़गार की तैयारी में जवानी के पांच-पांच साल हवन कर रहे हैं. उनसे यह बात क्यों नहीं कही जा रही है कि रोज़गार का चेहरा बदल गया है. अब अस्थायी काम ही रोज़गार का नया चेहरा होगा.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 276: भीड़तंत्र और असल मुद्दों से भागती भाजपा

जन गण मन की बात की 276वीं कड़ी में विनोद दुआ लिंचिंग से निपटने के लिए क़ानून लाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश और असल मुद्दों से भाजपा के कन्नी काटने पर चर्चा कर रहे हैं.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

देश में नौकरियों की नहीं, नौकरी के आंकड़ों की कमी: नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘नई अर्थव्यवस्था में पैदा होने वाली नौकरियों के हिसाब से नौकरियों को गिनने का हमारा तरीका पुराना है.’

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड: वीरान होते गांव और तमाशबीन सरकार

पलायन आयोग की रिपोर्ट से मालूम पड़ता है कि चीन और नेपाल से सटे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से भारी पलायन ने हिमालयी राज्य की अवधारणा को ध्वस्त कर दिया.

(प्रतीकात्मक फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

उत्तराखंड में सात सालों में 700 से ज़्यादा गांव हुए वीरान: रिपोर्ट

वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य में भुतहा गांवों यानी वीरान हो चुके गांवों की संख्या 968 थी, जो अब बढ़कर 1668 हो गई है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 235: नरेंद्र मोदी के समर्थक और रोज़गार के झूठे दावे

जन गण मन की बात की 235वीं कड़ी में विनोद दुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों और रोज़गार संबंधी झूठे दावों पर चर्चा कर रहे हैं.

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देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का प्रधानमंत्री का दावा ‘जुमला’: चिदंबरम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में बेरोज़गारी बड़ी समस्या है. हर सरकारी विभाग में पद खाली हैं. करीब एक लाख ऐसे स्कूल हैं जिनमें एक शिक्षक है. ऐसे हर स्कूल में चार-चार शिक्षकों की नियुक्ति चार लाख लोगों को नौकरी देगी.

Job applicants wait in line at a technology job fair in Los Angeles. Photo: Reuters

भारत को सालाना 81 लाख नौकरियां पैदा करने की ज़रूरत: विश्व बैंक

विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत में हर महीने 13 लाख लोग कामकाज करने की उम्र में प्रवेश करते हैं. आंकड़ों के अनुसार, भारत की रोज़गार दर लगातार गिर रही है.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में अल्प रोज़गार और आकांक्षा के अनुरूप रोज़गार न होना बड़ी समस्या: नीति आयोग

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम बेरोज़गारी से परेशान हैं. संभवत: यह बेरोज़गारी नहीं बल्कि अल्प रोज़गार या असंतोषजनक रोज़गार का मामला है.’

Manohar Parrikar during an interactive meeting

मुझे अब डर लगने लगा है, क्योंकि लड़कियों ने भी बियर पीना शुरू कर दिया है: पर्रिकर

बेरोज़गारी पर गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि राज्य का युवा कड़ी मेहनत से भागता है. क्लर्क की सरकारी नौकरी के लिए दावेदारों की लंबी कतार है. उन्हें लगता है कि सरकारी नौकरी मतलब कोई काम नहीं करना है.

(फोटो: प्रशांत कनौजिया/द वायर)

बजट में श्रमिकों की पूरी तरह से अनदेखी की गई: भारतीय मज़दूर संघ

नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वुमेन ने कहा कि भाजपा नीत राजग सरकार महिलाओं के लिए न्याय और सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन उसकी यह मंशा बजट में नहीं दिखी.

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु. (फोटो: द वायर)

मोदी के कार्यकाल को देखें तो यह आर्थिक मोर्चे पर नाकामी की कहानी है: यशवंत सिन्हा

विशेष साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता यशवंत सिन्हा से मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

(फोटो: पीटीआई)

नाराज़ किसानों और बेरोज़गारी के चलते भाजपा को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा: गुजरात मुख्य सचिव

गुजरात सरकार के मुख्य सचिव जेएन सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य और युवाओं को रोजगार मिलता तो भाजपा के ख़िलाफ़ वोटिंग नहीं होती.

मंगलवार को लोकसभा के शीतकालीन सत्र का एक दृश्य. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार के विभागों में चार लाख से ज़्यादा पद ख़ाली: मंत्री

रेलवे के सभी जोन में अप्रैल, 2017 तक सुरक्षा से जुड़े एक लाख 28 हजार 942 पद ख़ाली, उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी के मुद्दे पर सपा ने सरकार को घेरा.

Workers walk in front of the construction site of a commercial complex on the outskirts of the western Indian city of Ahmedabad, in this April 22, 2013 file picture. While India has long suffered from a dearth of workers with vocational skills like plumbers and electricians, efforts to alleviate poverty in poor, rural areas have helped stifle what was once a flood of cheap, unskilled labour from India's poorest states. Struggling to cope with soaring food prices, this dwindling supply of migrant workers are demanding - and increasingly getting - rapid increases in pay and benefits. To match story INDIA-ECONOMY/INFLATION      REUTERS/Amit Dave/Files (INDIA - Tags: BUSINESS CONSTRUCTION EMPLOYMENT TPX IMAGES OF THE DAY)

वृद्धि दर के हिसाब से रोज़गार सृजन नहीं हो रहा: केयर रेटिंग्स

घरेलू रेटिंग एजेंसी ने पिछले पांच साल का अध्ययन कर बताया, 7 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ रोज़गार मात्र 1 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा.