Union Health Ministry

Guwahati: Members of Junior doctors' Association stage a protest in solidarity with Indian Medical Association's strike against Mixopathy and demanding the withdrawal of CCIM notification, at Guwahati Medical College and Hospital in Guwahati, Friday, 11 December 2020. (PTI Photo)

आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी की अनुमति का डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

दिल्ली एम्स के रेज़िडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने एक बयान में कहा यह क़दम न केवल पहले ही जड़ें जमा चुकी झोलाछाप व्यवस्था को बढ़ावा देगा, बल्कि इससे लोगों की सुरक्षा भी ख़तरे में पड़ जाएगी. हम सरकार से इस अधिसूचना को तत्काल वापस लेने का अनुरोध करते हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आयुर्वेद चिकित्सकों को सामान्य सर्जरी की अनुमति देने के ख़िलाफ़ आईएमए ने किया प्रदर्शन

केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के स्नातकोत्तर डॉक्टरों को सामान्य सर्जरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति दे दी है. इसके ख़िलाफ़ आईएमए ने 11 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आयुर्वेद डॉक्टरों को सर्जरी की मंज़ूरी चिकित्सा शिक्षा और प्रैक्टिस का खिचड़ीकरण: आईएमए

केंद्र सरकार ने आयुर्वेद के स्नातकोत्तर डॉक्टरों को सामान्य सर्जरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की अनुमति दे दी है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने सरकार की इस पहल पर चिंता जताते हुए इसे आधुनिक चिकित्सा प्रणाली को पीछे ले जाने वाला क़दम क़रार दिया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन करने की अनुमति देने के सरकार के क़दम पर आईएमए ने की आलोचना

केंद्र सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत आयुर्वेद के विशिष्ट क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सकों को ऑपरेशन करने का प्रशिक्षण देने की अनुमति दी गई है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आयुष मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि आधुनिक चिकित्सा के सर्जिकल नियमों को अपना बताने का दावा करने के बजाय वह अपने प्राचीन ज्ञान से अपने ख़ुद के सर्जिकल नियम विकसित करे.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन. (फोटो साभार: फेसबुक/@drharshvardhanofficial)

आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से पूछा, आपके कितने सहयोगियों ने कोविड का इलाज आयुर्वेद से करवाया

केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस हफ़्ते कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए योग और आयुर्वेद पर आधारित नियम जारी किए थे. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने इनके वैज्ञानिक आधार पर सवाल उठाए हैं.

Srinagar: A doctor collects samples for immunoglobulin (Ig) blood test against coronavirus disease, at Barzulla Bone and Joint Hospital in Srinagar, Monday, June 15, 2020. Authorities organised testing among health care workers as positive cases and deaths increase day-by-day in the Jammu and Kashmir. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI15-06-2020_000102B)

आईसीएमआर को कोरोना हॉटस्पॉट का सीरो-प्रीवलेंस डेटा प्रकाशित करने से रोका गया: रिपोर्ट

मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोविड-19 की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए भारत के पहले राष्ट्रीय सीरो-प्रीवलेंस सर्वेक्षण के शोधकर्ताओं से 11 मई और 4 जून के बीच 10 शहरों के हॉटस्पॉट से एकत्र किए गए डेटा को शोध-पत्र से हटाने के लिए कहा था.

A health worker in personal protective equipment reacts as she and the rest of the team walk through an alley during a check up campaign for the coronavirus disease (COVID-19) at a slum area in Mumbai. Credit: Reuters.

ड्यूटी के समय कोविड संक्रमित या मरने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का आंकड़ा तैयार नहीं किया: सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि मृत स्वास्थ्य कर्मियों के परिजनों को मुआवजा या नौकरी के लिए कोविड-19 के संदर्भ में कोई विशेष योजना प्रस्तावित नहीं की गई है.

(फोटोः पीटीआई)

संसद में कोरोना से डॉक्टरों की मौत का ज़िक्र नहीं, आईएमए ने कहा- नायकों से मुंह फेर रही सरकार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन द्वारा संसद में दिए गए बयान में काम के दौरान कोरोना से जान गंवाने वाले डॉक्टरों का ज़िक्र न होने से नाख़ुश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने ऐसे 382 चिकित्सकों की सूची जारी करते हुए उन्हें शहीद घोषित करने की मांग की है.

(फोटो: पीटीआई)

नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए स्कूल खोलने की इजाज़त, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एसओपी

अनलॉक-4 के दिशानिर्देशों में गृह मंत्रालय ने आंशिक रूप से स्कूल खोलने की बात कही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बारे में जारी निर्देशों में कहा है कि केवल कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर के स्कूल खोले जा सकते हैं. कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले छात्रों, शिक्षकों या अन्य स्टाफ को स्कूल आने की इजाज़त नहीं होगी.

कीटाणुनाशक सुरंगों से गुजरते लोग. (फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: केंद्र ने अदालत को बताया, रासायनिक कीटाणुनाशक का छिड़काव मनुष्य के लिए हानिकारक

सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल एक जनहित याचिका में कोविड-19 के मद्देनज़र लोगों को कीटाणुमुक्त करने के लिए रासायनिक सुरंगों के इस्तेमाल और इसके उत्पादन रोक लगाने की मांग की गई है. इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा कि जब कीटाणुनाशकों का ​छिड़काव हानिकारक है तो इस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

पीएम केयर्स: गुजराती कंपनी के विवादित वेंटिलेटर्स को स्वास्थ्य मंत्रालय ने नहीं दी थी मंज़ूरी

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 58 हज़ार से ज़्यादा वेंटिलेटर्स का ऑर्डर पाने वाली पांच कंपनियों में गुजरात की ज्योति सीएनसी भी थी. मई में अहमदाबाद के अस्पताल में भेजे गए उनके वेंटिलेटर्स पर सवाल उठे थे. अब सामने आया है कि 20 जुलाई तक मंत्रालय की एक समिति ने इस कंपनी से वेंटिलेटर लेने की सिफ़ारिश नहीं की थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

देश में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच कई राज्यों तक नहीं पहुंचे केंद्र द्वारा आवंटित वेंटिलेटर्स

कोरोना को लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर हुई आलोचना के बाद केंद्र ने दावा किया था कि लॉकडाउन में बने स्वदेशी वेंटिलेटर्स अस्पतालों में हो रही इनकी कमी पूरी करेंगे. आंकड़े बताते हैं कि अब तक केंद्र द्वारा आवंटित वेंटिलेटर्स का महज़ 50 फीसदी ही राज्यों और केंद्रीय संस्थानों को मिला है.

(फोटोः पीटीआई)

सीरो प्रीवलेंस अध्ययन: दिल्ली में क़रीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित

सीरो-सर्वेक्षण अध्ययनों में लोगों के ब्लड सीरम की जांच करके किसी आबादी या समुदाय में ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिनमें किसी संक्रामक रोग के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने दिल्ली सरकार के सहयोग से 27 जून से 10 जुलाई तक के बीच सीरो-प्रीवलेंस अध्ययन किया.

Ministry of Health PIB

स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना अस्पतालों के बारे में सभी जानकारी 15 दिन के भीतर अपलोड करे: सीआईसी

सीआईसी ने कहा कि इस मामले के तथ्यों और सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा आयोग के सामने पेश किए गए जवाबों से पता चलता है कि कोरोना महामारी से संबंधित बेहद जरूरी जानकारी को मंत्रालय के किसी भी विभाग द्वारा मुहैया नहीं कराया जा सका है.

(फोटोः रॉयटर्स)

एन-95 मास्क की गुणवत्ता को लेकर ट्वीट करने वाले एम्स डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी

बीती 25 मई को एम्स में मनोचिकित्सा विभाग के एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर राजकुमार श्रीनिवास ने एक ट्वीट कर भारत में बने एन-95 मास्क की गुणवत्ता और मानकों को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर द्वारा जारी एन-95 मास्क से संबंधित आंकड़ों को भी झूठ बताया था.