Unlawful Activities (Prevention) Act

नताशा नरवाल. (फोटो साभार: सोशल मीडिया)

दिल्ली हिंसा: जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहले से ही हिरासत में ली गईं पिंजरा तोड़ संगठन की कार्यकर्ता और जेएनयू की शोध छात्रा नताशा नरवाल को दिल्ली दंगा मामले में गिरफ़्तार किया है. पुलिस का कहना है कि दंगे की साज़िश रचने में नताशा की भूमिका को लेकर उनके पास पुख़्ता सबूत हैं.

New Delhi: Security personnel stand guard on the Chand Bagh - Bhajan Pura road in northeast Delhi, Tuesday, Feb. 25, 2020. At least 7 people have been killed in clashes over the new citizenship law. (PTI Photo)   (PTI2_25_2020_000068B)

जामिया गिरफ़्तारी: दिल्ली की अदालत ने कहा कि जांच एक ही पक्ष को निशाना बनाती दिख रही है

दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किए गए जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को स्थानीय अदालत में पेश किए जाने पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस हिंसा में शामिल दूसरे पक्ष के बारे में अब तक हुई जांच को लेकर कुछ नहीं बता सकी है. तन्हा को गुरुवार को ज़मानत दे दी गई.

शरजील इमाम. (फोटो साभार: फेसबुक)

जामिया हिंसा: शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का आरोप दर्ज किया था. इमाम पर हिंसा भड़काने और द्वेष बढ़ाने वाला भाषण देने का आरोप लगाया गया था.

कश्मीरी पत्रकार गौहर गिलानी (फोटो साभारः ट्विटर)

जम्मू कश्मीर: हाईकोर्ट ने यूएपीए के तहत आरोपी बनाए गए पत्रकार को अंतरिम राहत देने से इनकार किया

यूएपीए के तहत आरोपी बनाए गए कश्मीरी पत्रकार और लेखक गौहर गिलानी की गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण एवं प्राथमिकी रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 20 मई से पहले जवाब दाखिल करने का आदेश दिया.

Kashmir-press-gag-protest The Wire

जम्मू कश्मीर: राष्ट्रविरोधी पोस्ट के आरोप में महिला फोटो पत्रकार के खिलाफ यूएपीए का मामला दर्ज

वाशिंगटन पोस्ट और अल जज़ीरा जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों के साथ काम करने वाली 26 वर्षीय महिला फोटो पत्रकार मसरत जहरा कश्मीर की दूसरी पत्रकार हैं जिन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

तेलतुम्बड़े, नवलखा के सरेंडर को लेकर सीजेआई को पत्र लिख कार्यकर्ताओं ने कहा- ये बेहद अमानवीय

सीजेआई एसए बोबडे को लिखे पत्र में इतिहासकार रोमिला थापर और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमें इस बात की पीड़ा है कि हमारी अदालतों ने उन लोगों को निरंतर कारावास की सज़ा दी है, जिन्होंने बे-आवाज़ और हाशिये के लोगों के अधिकारों की रक्षा करने की हिम्मत की है.

आनंद तेलतुम्बड़े और गौतम नवलखा. (फोटो साभार: फेसबुक/विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: गौतम नवलखा और आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में सप्रीम कोर्ट की पीठ ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं गौतम नवलखा और आनंद तेल्तुम्बड़े को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को कहा है. दोनों को अपने पासपोर्ट तत्काल जमा कराने का भी निर्देश दिया गया है.

गौतम नवलखा (फोटो: यूट्यूब)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा, आनंद तेलतुंबडे की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद के कथित माओवादी संपर्क मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबडे को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की अवधि चार सप्ताह के लिए बढ़ा दी ताकि वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकें.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा कोरेगांव: एनआईए ने एफआईआर से राजद्रोह के आरोप हटाए, यूएपीए के तहत 11 पर मामला दर्ज

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच एनआईए को सौंपे जाने के बाद एजेंसी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में इस मामले में गिरफ़्तार नौ सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा और प्रोफेसर आनंद तेलतुम्बड़े को भी आरोपी बनाया गया है.

Mumbai: Nationalist Congress Party President Sharad Pawar addresses a press conference, in Mumbai, Wednesday, Sept. 25, 2019. The Enforcement Directorate (ED) has filed a money laundering case against  Sharad Pawar, his nephew Ajit Pawar and others in connection
with the Maharashtra State Cooperative Bank (MSCB) scam case. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI9_25_2019_000122B)

एल्गार परिषद में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी गलत, पुलिस कार्रवाई की एसआईटी से जांच हो: पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘राजद्रोह के आरोप में कार्यकर्ताओं को जेल भेजना गलत है. लोकतंत्र में अपनी असहमति का सख्ती से विरोध दर्ज कराने की इजाजत है. यह पुलिस आयुक्त और कुछ अधिकारियों द्वारा शक्ति का दुरुपयोग है.’

Mumbai: Dalit groups protesting at Thane railway station during the Maharashtra Bandh on Wednesday following clashes between two groups in Bhima Koregaon near Pune, in Mumbai. PTI Photo(PTI1_3_2018_000115B)

भीमा-कोरेगांव: एनसीपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाने की मांग की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लिखे पत्र में एनसीपी नेता और विधायक धनंजय मुंडे ने दावा किया कि राज्य की पिछली देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत भीमा-कोरेगांव घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ ‘झूठे’ मामले दर्ज किए थे.

New Delhi: The statue of Mahatma Gandhi in the backdrop of the Parliament House during the Monsoon Session, in New Delhi on Friday, July 20, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI7_20_2018_000250B)

मणिपुर और जम्मू कश्मीर में दर्ज हुए यूएपीए के सबसे ज़्यादा मामले

राज्यसभा में गृह मंत्रालय द्वारा बताया गया कि साल 2017 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम क़ानून (यूएपीए) के तहत सर्वाधिक गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश में हुईं.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the flag-off ceremony of the Delhi-Katra Vande Bharat Express from the New Delhi Railway Station, in New Delhi, Thursday, Oct. 3, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)    (PTI10_3_2019_000102B)

यूएपीए संशोधन संबंधी दस्तावेज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण नहीं दिए जा सकते हैं: गृह मंत्रालय

विशेष रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाकर जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करने के संबंध में आरटीआई के तहत द वायर की ओर से मांगी गई जानकारी देने से भी गृह मंत्रालय ने मना कर दिया है.

(फोटो: पीटीआई)

यूएपीए संशोधन के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

याचिकाकर्ताओं की मांग है कि इस विधेयक को असंवैधानिक घोषित किया जाए क्योंकि ये संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोंसाल्विस से पूछा, ‘आपने घर पर ‘वार एंड पीस’ किताब क्यों रखी थी?’

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी वर्णन गोंसाल्विस और अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ‘वार एंड पीस’ जैसी किताबें राज्य के खिलाफ सामग्री की ओर इशारा करते हैं. ‘वार एंड पीस’ रूस के प्रसिद्ध लेखक लियो टॉल्सटॉय का उपन्यास है.