Unorganised Workers

बूंदी जिले के बुधपुरा के मजदूर राजू भील और  उनका परिवार.

राजस्थान: खनन क्षेत्र के लाखों मज़दूर भुगत रहे हैं लॉकडाउन का ख़ामियाजा

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉकडाउन के बाद राजस्थान में खानें भी बंद हो गई थीं. अप्रैल से राज्य सरकार ने खनन कार्य की अनुमति दी थी, लेकिन अधिकतर मज़दूर घर लौट गए हैं या फिर उनके पास खान तक पहुंचने का साधन नहीं है.

New Delhi: Homeless people relax in a subway near Nizamuddin Mosque during a nationwide lockdown in the wake of coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, March 31,2020. (PTI Photo/Vijay Verma)(PTI31-03-2020 000143B)

वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की वृद्धि दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ये बेहद प्रारंभिक पूर्वानुमान है और 10 मार्च तक उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं पर आधारित है.

​​(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना लॉकडाउन: वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की आर्थिक विकास दर 1.6 फीसदी पर आ सकती है

वैश्विक बैंकिंग समूह गोल्डमैन सैश के अर्थशास्त्रियों ने कहा कि भारत सरकार ने अभी तक आर्थिक संकट को लेकर आक्रामक रवैया नहीं दिखाया है. प्रयासों को तेज करने की जरूरत है.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

आजादी के बाद सबसे बड़े आर्थिक आपातकाल के दौर में देश: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर एवं अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर कहा कि सरकार राजनीतिक विभाजन की रेखा को लांघ कर विपक्ष से भी मदद ले सकती है, जिसके पास पिछले वैश्विक वित्तीय संकट से देश को निकालने का अनुभव है.

Srinagar: A man walks outside closed shops during restrictions in Srinagar, Friday, March 20, 2020. Authorities imposed restrictions on second day as a precautionary measures after first case of coronavirus was detected in the Valley. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI20-03-2020 000132B)

कोरोना वायरस से उपजे भीषण आर्थिक आघात का सामना करने के लिए देश को तैयार रहना होगा

जब सरकार कोरोना वायरस से मुक़ाबला करने के लिए आर्थिक गतिविधियां बंद करेगी तब मालूम होगा कि इससे बेरोज़गारी और बढ़ेगी, साथ ही लोगों की कमाई में गिरावट आएगी. ऐसे में देश के दिहाड़ी मज़दूरों और स्वरोज़गार में लगे लोगों के लिए इनकम ट्रांसफर सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली में न्यूनतम मज़दूरी बढ़ाई गई, तकरीबन 55 लाख श्रमिकों को होगा फायदा

बढ़ी हुई मज़दूरी के तहत अकुशल कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन 14,842 रुपये मासिक, अर्द्धकुशल कर्मचारियों के लिए 16,341 रुपये तथा कुशल श्रमिकों के लिए 17,991 रुपये मासिक तय किया गया है.

A labourer carries bricks at a brick factory on the eve of May Day or Labour Day on the outskirts of Agartala, India, April 30, 2015. (Photo by Jayanta Dey/Reuters)

मोदी सरकार के आख़िरी बजट में असंगठित मज़दूरों की पेंशन योजना एक और छलावा है

नरेंद्र मोदी सरकार की पिछली कई योजनाओं की तरह यह नई योजना भी दिखाती है कि लुटियन दिल्ली असली भारत की सच्चाई से कितनी दूर है.