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हाथरस मामले में मीडिया को बयान देने वाले दो एएमयू डॉक्टरों का कार्यकाल बढ़ाया गया

हाल ही में एएमयू प्रशासन ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अस्थायी चिकित्साधिकारी के तौर पर काम कर रहे डॉक्टर मोहम्मद अज़ीमुद्दीन मलिक और डॉक्टर उबैद इम्तियाज़ हक़ की सेवाएं समाप्त कर दी थी. इन्होंने हाथरस बलात्कार मामले में पुलिस के उलट बयान दिया था.

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हाथरस पीड़िता के साथ रेप को लेकर यूपी पुलिस के उलट बयान देने वाले डॉक्टर को एएमयू ने निकाला

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉ. अज़ीम मलिक ने यूपी पुलिस के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए 11 दिन बाद सैंपल लिए जाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इससे बलात्कार होने की पुष्टि नहीं हो सकती है. घटना के बाद युवती का इलाज इसी अस्पताल में हो रहा था.

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह (बाएं से दूसरे) के साथ आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह (दाएं से दूसरे). (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश: राशन दुकान आवंटन के दौरान गोली चलाने वाले आरोपी का भाजपा विधायक ने बचाव किया

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले के एक गांव में राशन की दुकान के आवंटन को लेकर हुए विवाद के दौरान बृहस्पतिवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक स्थानीय भाजपा नेता ने एक व्यक्ति को गोली मारकर हत्या कर दी थी. बलिया से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा ​है कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई.

New Delhi: A view of Supreme Court of India in New Delhi, Thursday, Nov. 1, 2018. (PTI Photo/Ravi Choudhary) (PTI11_1_2018_000197B)

हाथरस मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट को देखने दें, कोई समस्या हुई तो हम हैं: सुप्रीम कोर्ट

हाथरस मामले को उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफर करने समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट ही करेगा. मामले में कई अन्य वकील भी बहस करना चाहते थे, जिस पर पीठ ने कहा कि हमें पूरी दुनिया की मदद की ज़रूरत नहीं है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस पीड़िता का शव आधी रात में जलाना मानवाधिकार का उल्लंघन था: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथरस के तत्कालीन एसपी के ख़िलाफ़ कार्रवाई किए जाने और डीएम को बख़्श देने पर सवाल खड़े किए हैं. कोर्ट ने एक मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से युवती के साथ बलात्कार न होने का दावा करने वाले अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार को फटकार लगाते हुए बलात्कार की परिभाषा में हुए बदलावों की जानकारी मांगी.

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यूपी: नाबालिग दलित के कथित गैंगरेप और आत्महत्या मामले में कोतवाल और चौकी प्रभारी निलंबित

मामला चित्रकूट ज़िले का है. बीते आठ अक्टूबर को 15 वर्षीय दलित किशोरी के साथ कथित तौर सामूहिक बलात्कार किया गया था. मामले में शिकायत न दर्ज किए जाने से नाराज़ होकर मंगलवार को किशोरी ने अपने घर में फ़ांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता के लिए न्याय मांगते हुए नई दिल्ली में हुआ एक प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस मामले में यूपी सरकार द्वारा दायर हलफ़नामे में क़ानूनी ग़लतियों और कुतर्कों की भरमार है

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाथरस मामले में शीर्ष अदालत में दायर किए हलफ़नामे में जान-बूझकर भ्रामक तथ्य पेश किए गए हैं. यह हलफ़नामा पुलिस के प्रोफेशनल ज्ञान, विश्वसनीयता और पीड़ितों को न्याय दिलाने की उनकी नीयत, तीनों पर सवालिया निशान खड़े करता है.

उत्तर प्रदेश के हाथरस की 19 वर्षीय बलात्कार पीड़िता के भाई को पूछताछ के लिए लेकर जाती पुलिस. (फोटो: वीडियो ग्रैब)

हाथरस गैंगरेप: सीबीआई ने पूछताछ शुरू की, पीड़िता के भाई को मौक़ा-ए-वारदात पर लेकर गए

उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में सीबीआई की टीम मंगलवार को उसके गांव पहुंची. टीम ने कथित बलात्कार और अंतिम संस्कार वाली वाली जगहों से सबूत जुटाए.

हाथरस में दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले को लेकर उनके परिजन बीते सोमवार इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष पेश ​हुए. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस: पीड़ित परिवार ने अदालत को बताया- हमारी सहमति के बिना अंतिम संस्कार किया गया

आरोप है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 14 सितंबर को सवर्ण जाति के चार युवकों ने 19 साल की दलित युवती के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया था. 29 सितंबर को इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में देर रात उनका अंतिम संस्कार कर दिया था.

Tight security arrangements at the Allahabad High Court Lucknow Bench on October 12, 2020, where family members of the 19-year-old Dalit woman of Hathras district appeared in connection with the alleged gang rape case. Photo: PTI

हाथरस गैंगरेप: इलाहाबाद हाईकोर्ट के सामने पेश हुआ युवती का परिवार, 2 नवंबर को अगली सुनवाई

उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित सामूहिक बलात्कार की शिकार 19 वर्षीय दलित महिला के परिवार के साथ हाथरस के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में उपस्थित हुए.

New Delhi: Central Bureau of Investigation (CBI) logo at CBI HQ, in New Delhi, Thursday, June 20, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI6_20_2019_000058B)

हाथरस गैंगरेप: सीबीआई ने आरोपियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर जांच शुरू की

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक 19 वर्षीय दलित महिला के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और बाद में उसकी मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा स्वत: संज्ञान लिया था. हाथरस के उच्चाधिकारियों के साथ पीड़ित युवती के परिजन हाईकोर्ट में सोमवार को पेश होंगे.

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हाथरस की रेप पीड़िता के गांव में कैसे जीते हैं दलित

वीडियो: उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्ष की दलित युवती की कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद मौत हो गई थी. द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने पीड़िता के परिजनों व अन्य लोगों से इस संबंध में बात की.

New Delhi: Police personnel stand guard inside the Supreme Court premises ahead of the court's verdict on Ayodhya land case, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_9_2019_000222B)

उत्तर प्रदेश सरकार का सुप्रीम कोर्ट में दावा- हाथरस पीड़िता ने दो बयान दर्ज कराए थे

आरोप है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस ज़िले में 14 सितंबर को सवर्ण जाति के चार युवकों ने 19 साल की दलित युवती से बर्बरतापूर्वक मारपीट करने के साथ बलात्कार किया था. युवती ने 29 सितंबर को दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था.

हाथरस पीड़िता के गांव में तैनात पुलिस बल. (फोटो: द वायर)

यूपी: हाथरस जा रहे पत्रकार को गिरफ़्तार करने के विरोध में आए पत्रकार संगठन, जल्द रिहाई की मांग

उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीकी कप्पन समेत चार लोगों को गिरफ़्तार करते हुए उनके पीएफआई से जुड़े होने की बात कही थी. पत्रकार संगठनों ने कप्पन की अविलंब रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि मीडिया को उसका काम करने से रोकने का प्रयास हो रहा है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस: सुप्रीम कोर्ट में बोली यूपी सरकार, हिंसा से बचने के लिए रात में अंतिम संस्कार किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस गैंगरेप मामले को असाधारण और चौंकाने वाला बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कहा है कि मामले में गवाहों को किस प्रकार सुरक्षा दी जा रही है, इस बारे में वह हलफनामा दायर कर बताए. साथ ही अदालत ने पीड़ित परिवार तक वकील की पहुंच को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा है.