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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

मोदी राज की मेहरबानी- अमीरों के 3 लाख करोड़ लोन माफ़ हुए, मंत्री ने ट्वीट तक नहीं किया

मोदी सरकार के चार सालों में 21 सरकारी बैंको ने 3 लाख 16 हज़ार करोड़ के लोन माफ़ किए हैं. यह भारत के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के कुल बजट का दोगुना है. सख़्त और ईमानदार होने का दावा करने वाली मोदी सरकार में तो लोन वसूली ज़्यादा होनी चाहिए थी, मगर हुआ उल्टा. एक तरफ एनपीए बढ़ता गया और दूसरी तरफ लोन वसूली घटती गई.

The Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan calling on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on June 01, 2014.

एनपीए के घोटालेबाज़ों पर रघुराम राजन की सूची पर संसदीय समिति ने पीएमओ से मांगा जवाब

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्ययक्षता वाली प्राक्कलन समिति को भेजे अपने नोट में रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि उन्होंने पीएमओ को एनपीए के फ़र्ज़ीवाड़े के बड़े मामलों की एक सूची भेजी थी, ताकि उनकी गंभीरतापूर्वक जांच की जा सके.

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एनपीए पर रघुराम राजन की रिपोर्ट रसूख़दारों पर सरकारी मेहरबानी का दस्तावेज़ है

अब यह देखा जाना बाक़ी है कि क्या मोदी सरकार इन बड़े कॉरपोरेट घरानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में सफल हो पाती है, जो आने वाले आम चुनावों में अज्ञात चुनावी बॉन्डों के सबसे बड़े ख़रीदार हो सकते हैं.

New Delhi: A file photo of liquor baron Vijay Mallya. MEA (Ministry of External Affairs) revoked Mallya's passport under S.10(3)(c) & (h) of Passports Act," foreign ministry spokesman Vikas Swarup tweeted on Sunday.   PTI Photo  (PTI4_24_2016_000134B) *** Local Caption ***

माल्या को ‘माल्या’ किसने बनाया?

विजय माल्या ने हर दल की मदद से खुद को राज्यसभा में पहुंचाकर भारत की संसदीय परंपरा को उपकृत किया. मैं माल्या के इस योगदान का सम्मान करता हूं. इस मामले में प्रो-माल्या हूं. क्या माल्या बहुत बड़े राजनीतिक विचारक थे? जिन-जिन लोगों ने उन्हें संसद में पहुंचाया वो सामने आकर बोले तों. वन सेंटेंस में!

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जनता एनपीए विवाद में उसी तरह उल्लू बन रही है जैसे हिंदू-मुस्लिम डिबेट में बनती है

अगर यह राजनीतिक विवाद किसी भी तरह से आर्थिक अपराध का है तो दस लाख करोड़ रुपये लेकर फरार अपराधियों के नाम लिए जाने चाहिए. किसके राज मे लोन दिया गया यह विवाद है, किसे लोन दिया गया इसका नाम ही नहीं है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 304: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें

जन गण मन की बात की 304वीं कड़ी में विनोद दुआ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और उस पर मोदी सरकार की प्रतिक्रिया पर चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and former prime minister Manmohan Singh during a release of the book titled "Moving On...Moving Forward: A Year in Office" published on experiences of M Venkaiah Naidu during his first year as Vice President of India and Chairman of Rajya Sabha, in New Delhi on Sunday, Sept 2, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_2_2018_000057B)

एनपीए को लेकर यूपीए और एनडीए की नीतियां और नीयत एक जैसी है

कुछ अमीर उद्योगपति और अमीर होते रहें, जनता हिंदू-मुस्लिम करती रहे, इसलिए कांग्रेस भी नहीं बताती है कि वह जब सत्ता में आएगी तो उसकी अलग आर्थिक नीति क्या होगी. भाजपा भी यह सब नहीं करती है जबकि वह सत्ता में है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being received by the Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan at the Financial Inclusion Conference of RBI, in Mumbai on April 02, 2015.

रघुराम राजन ने पीएमओ को दी थी एनपीए से जुड़े घोटालेबाज़ों की सूची, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

संसद की प्राक्कलन समिति को भेजे पत्र में आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने उन तरीक़ों के बारे में बताया है जिनके ज़रिये बेईमान बिज़नेस घरानों को सरकार और बैंकिंग व्यवस्था से घोटाला करने की खुली छूट मिली.

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मोदी सरकार में एस. गुरुमूर्ति होने के मायने

हाल ही में रिज़र्व बैंक के बोर्ड में शामिल हुए स्वामीनाथन गुरुमूर्ति की नरेंद्र मोदी के नोटबंदी जैसे आर्थिक नीति संबंधी फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

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लोकसभा चुनाव के बाद होगा प्रधानमंत्री पद का निर्णय: कांग्रेस

बीते दिनों कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं. हम उनके नेतृत्व में जनता के बीच जाएंगे. जब हम सबसे बड़ा दल होंगे तो वही चेहरा होंगे. शक की कोई गुंजाइश नहीं है.

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई)

काले धन पर जानकारी देने से वित्त मंत्रालय ने किया मना: आरटीआई

वित्त मंत्रालय ने कहा कि इससे संसद के विशेषाधिकार का हनन होगा. मंत्रालय के अनुसार काले धन से जुड़ी रिपोर्ट पिछले साल 21 जुलाई को संसद की स्थाई समिति के पास भेज दी गई थी, लेकिन इसे साझा नहीं किया जा सकता है.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi addresses the extended Congress Working Committee meeting, at Parliament House Annexe in New Delhi on Sunday, 22 July 2018. (PTI Photo) (PTI7_22_2018_000062B)

कांग्रेस गठबंधन का नेतृत्व करेगी, राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद का चेहरा होंगे: कांग्रेस

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी हमारा चेहरा हैं. हम उनके नेतृत्व में जनता के बीच जाएंगे. जब हम सबसे बड़ा दल होंगे तो वही चेहरा होंगे. शक की कोई गुंजाइश नहीं है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सोनिया गांधी को फंसाने की साज़िश रची: कांग्रेस

मामले के एक आरोपी किश्चियन मिशेल की बहन और वकील ने आरोप लगाया है कि भारतीय जांच अधिकारियों ने मिशेल से ये पेशकश की थी कि ​अगर वह स्वीकार कर ले कि जिस वक़्त वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा हुआ, वह निजी तौर पर सोनिया गांधी को जानता था तो उसे रिहा कर दिया जाएगा.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

राजग सरकार ने घाटी में आतंकवाद और हिंसा को दोबारा उभरने का मौका दिया: उमर अब्दुल्ला

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवादियों के मारे जाने की संख्या में बढ़ोतरी उपलब्धि नहीं. इससे पहले कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा था कि एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है.

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अगर ‘विकास’ और ‘अच्छे दिन’ की तलाश में हैं, तो नरेंद्र मोदी की ट्विटर टाइमलाइन पर जाइए

अगर आप केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ट्विटर टाइमलाइन देखेंगे, तो आपको पता नहीं लगेगा कि देश में क्या चल रहा है.

Stockholm: Prime Minister Narendra Modi addresses the Indian Community in Stockholm, Sweden on Tuesday. PTI Photo / PIB(PTI4_18_2018_000045B)

मोदी सरकार: तिलिस्म टूटने और मायाजाल बिखरने के चार साल

देश को बदलते-बदलते प्रधानमंत्री ख़ुद बदलकर मौनमोदी हो गए हैं. कथित गोरक्षक किसी को मार डालें, कोई बच्ची बलात्कारियों की वहशत का शिकार हो जाए या डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी रिकॉर्ड तोड़ दे, वे अपना मौन तभी तोड़ते हैं, जब उन्हें अपने मन की बात कहनी होती है.

Patna:  NDA supporter  milk bath a photo of PM Narendra Modi as they celebrate the 4th anniversary of the Narendra Modi-led BJP government, in Patna on Saturday

मोदी सरकार के चार साल: झूठ और धर्मांधता की संस्कृति फैलाने के लिए सरकार जश्न मना सकती है

हर सरकार के दौर में एक राजनीतिक संस्कृति पनपती है. मोदी सरकार के दौर में झूठ नई सरकारी संस्कृति है. जब प्रधानमंत्री ही झूठ बोलते हैं तो दूसरे की क्या कहें. दूसरी संस्कृति है धर्मांधता की.

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मेरी हत्या कराने के फ़िराक़ में है योगी सरकार: मायावती

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अभी राजनीति में थोड़े कम तजुर्बेकार हैं, अगर मैं उनकी जगह पर होती तो अपने उम्मीदवार के बजाए उनके उम्मीदवार को जिताने की कोशिश करती.

मुहम्मद अली, टॉमी स्मिथ, जॉन कॉर्लोस और कॉलिन केपरनिक. फोटो: रॉयटर्स)

हमारे ‘महान’ खिलाड़ी मुश्किल समय में जनता के साथ क्यों नहीं खड़े होते?

हमारे महान खिलाड़ियों को जनता सिर-आंखों पर बैठाती है, मगर जनता पर जब ऐसी कोई त्रासदी बरपा करती है- जिसके लिए सरकार या समाज का एक वर्ग ज़िम्मेदार हो तो वे ऐसे विलुप्त हो जाते हैं, गोया इस दुनिया में रहते न हों.

​​(फोटो: पीटीआई)

बैंक क़र्ज़ की हेराफेरी के मामले मे ‘न्यू इंडिया’ में कुछ नहीं बदला

चाहे हीरा-व्यापार का मामला हो या बुनियादी ढांचे की कुछ बड़ी परियोजनाएं, काम करने का तरीका एक ही रहता है- परियोजना की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और बैंकों व करदाताओं का ज़्यादा से ज़्यादा पैसा ऐंठना.

A bird flies past the logo of Punjab National Bank installed on the facade of its office in Mumbai, India February 21, 2018. REUTERS/Danish Siddiqui

आर्थिक सुधारों के बाद से उद्योग घरानों ने ही बैंकों को लूटा है

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को आर्थिक संकट में उद्योगपतियों ने ही डाला है और कमाल की बात यह है कि निजीकरण के तहत इन बैंकों को एक तरह से उनके ही क़ब्ज़े में देने की बातें हो रही हैं.

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सब कुछ बदलने का वादा करके आए मोदी ने भ्रष्ट आर्थिक नीतियों को ही आगे बढ़ाया

आज जब दुनिया में नाना प्रकार के खोट उजागर होने के बाद भूमंडलीकरण की ख़राब ​नीतियों पर पुनर्विचार किया जा रहा है, हमारे यहां उन्हीं को गले लगाए रखकर सौ-सौ जूते खाने और तमाशा देखने पर ज़ोर है.

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प्रधानमंत्री जी, आम लोगों की मेहनत की कमाई से कॉरपोरेट लूट की भरपाई कब तक होती रहेगी?

पिछली सरकारों में व्यवस्था को अपने फ़ायदे के लिए तोड़ने-मरोड़ने वाले पूंजीपति मोदी सरकार में भी फल-फूल रहे हैं.

राफेल विमान (फोटो: रायटर्स)

यूपीए सरकार के दौरान नहीं हुआ था राफेल क़रार: रक्षा मंत्रालय सूत्र

पूर्व रक्षा मंत्री एके अंटोनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को राफेल डील का खुलासा जनता के सामने करना चाहिए, ताकि जनता के सवाल का जवाब मिल सके.

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2017 में ज़्यादातर देशों की जीडीपी बढ़ी, बेरोज़गारी घटी लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ

2017 को एक ऐसे साल के तौर पर याद किया जाएगा, जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था को अपने ही हाथों भारी नुकसान पहुंचाया गया. इससे जीडीपी में तीव्र गिरावट आयी और पहले से ही नए रोज़गार निर्माण की ख़राब स्थिति और बदतर हुई.

India's Prime Minister Narendra Modi arrives to launch a digital payment app linked with a nationwide biometric database during the "DigiDhan" fair, in New Delhi, India, December 30, 2016. REUTERS/Adnan Abidi

क्या 2जी मामला अब भाजपा के जी का जंजाल बनने वाला है?

अगर सीबीआई और इसके वकील हाईकोर्ट में नेताओं और कारोबारियों के बीच सांठगांठ को साबित करने में नाकाम रहते हैं, तो 2019 के आम चुनाव में भाजपा को कुछ गंभीर सवालों का सामना करना पड़ेगा.

ए. राजा, नरेंद्र मोदी, विनोद राय. (फोटो: पीटीआई)

क्या मोदी सरकार वाकई भ्रष्टाचार से लड़ने के प्रति गंभीर है?

ऐसा लगता है कि मोदी के लिए भ्रष्टाचार भी बस एक और ‘जुमला’ था क्योंकि भाजपा द्वारा भ्रष्टाचार के लिए जिन्हें निशाना बनाया गया, वे न सिर्फ जीवित हैं, बल्कि उसके नेतृत्व में फल-फूल भी रहे हैं.

मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी. ​​(फोटो: पीटीआई)

यूपीए के ख़िलाफ़ 2जी को लेकर किया दुष्प्रचार बेबुनियाद था: मनमोहन सिंह

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने पूछा कि मोदी, जेटली और भाजपा के तमाम नेताओं सहित जो लोग इस मामले में इल्ज़ामों की सीढ़ी बनाकर सत्ता तक पहुंचे, क्या वे अब देश से माफ़ी मांगेंगे.

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‘राहुल के सवालों का ही नतीजा है कि मोदी केवल हिंदू-मुस्लिम एवं पाकिस्तान की बात कर रहे हैं’

विपक्षी नेताओं को उम्मीद, गुजरात चुनाव के नतीजे अनुकूल हुए तो विपक्षी एकता में नई जान फूंक सकेंगे राहुल गांधी.

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हम भी भारत, एपिसोड 10: राहुल गांधी की ताजपोशी

हम भी भारत की 10वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर राजनीतिक विश्लेषक नीरजा चौधरी और वरिष्ठ पत्रकार जयशंकर गुप्त से चर्चा कर रही हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या राहुल गांधी में बदलाव आया है, या हम उन्हें अलग नज़रिये से देख रहे हैं?

राहुल नए रास्तों पर बढ़ रहे हैं और उनके भाषणों को अतीत के मुक़ाबले ज़्यादा कवरेज दिया जा रहा है. वे अब एक हंसमुख, तनावमुक्त और पैने व्यक्ति के तौर पर नज़र आते हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

क्या ​‘राहुल युग​​​​’ में कांग्रेस की डूबती नैया पार लग सकेगी?

दिसंबर तक राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना लगभग तय है. क़रीब दो दशक बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में उस समय बदलाव हो रहा है जब वह अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है.

पी. चिदंबरम. (फोटो: रॉयटर्स)

यूपीए-2 की तरह ही मोदी सरकार पर भी लग सकते हैं भ्रष्टाचार के आरोप: चिदंबरम

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, जब तक आप चुनाव के लिए धन के रास्ते नहीं खोज लेते, तब तक आप भ्रष्टाचार कम नहीं कर पाएंगे.

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हमारे सुपरस्टार सत्ता की ख़ुशामद क्यों करते हैं?

एक बार शोहरत या पैसा, या दोनों हासिल कर लेने के बाद भारतीय अभिनेता, कारोबारी और खिलाड़ी सामाजिक मुद्दों या सरकार के ख़िलाफ़ बोलकर इसे दांव पर लगाने का ख़तरा मोल नहीं लेना चाहते.

Chidambaram Photo by The Wire

मोदी अब अच्छे दिन के बारे में बात नहीं करते, उन्हें पता है कि लोग हंसेंगे: पी.चिदंबरम

साक्षात्कार: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से नरेंद्र मोदी सरकार, जीएसटी, रॉबर्ट वाड्रा, कार्ति चिदंबरम, विपक्ष, गुजरात चुनाव समेत विविध विषयों पर विस्तृत बातचीत.

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (फोटो: पीटीआई)

2012 में अगर प्रणब प्रधानमंत्री बनते, तो ​कांग्रेस का इतिहास शायद कुछ और होता

अगर प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति की जगह प्रधानमंत्री बनाया जाता तो उनकी राजनीतिक कुशलता 2014 में नरेंद्र मोदी की आसान जीत के रास्ते में अवरोध बन कर खड़ी होती.

New Delhi: Former President Pranab Mukherjee with former prime minister Manmohan Singh at the release of his book "The Coalition Years" at a function in New Delhi on Friday. PTI Photo by Atul Yadav (PTI10_13_2017_000129B)

सरकार बनाने के लिए गठबंधनों के ख़िलाफ़ हूं: प्रणब

अपनी नई पुस्तक, ‘द कोएलिशन ईयर्स: 1996-2012’ में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, पार्टी को एक सरकार गठित करने के लिए अपनी पहचान नहीं खोनी चाहिए. विपक्ष में बैठने से कोई नुकसान नहीं है.