VHP

HBB 5 Dec 2019.00_38_57_00.Still002

हम भी भारत: एक थी बाबरी मस्जिद

वीडियो: 6 दिसंबर 2019 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के 27 साल पूरे हो गए. हम भी भारत की इस कड़ी में द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की इस बारे में सामजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर और वरिष्ठ पत्रकार कुर्बान अली से बातचीत कर रही हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

बाबरी मस्जिद विध्वंस: साहित्य में दर्ज हुए कुछ अनकहे-अनसुने बयान

6 दिसंबर 1992 को सिर्फ एक मस्जिद नहीं गिरायी गई थी, उस दिन संविधान की बुनियाद पर खड़ी लोकतंत्र की इमारत पर भी चोट की गई थी. अतीत में जो कुछ हुआ उसे फिर से उलट-पलट कर देखने का मौका साहित्‍य देता है. हिंदी साहित्‍य में यह घटना भी कई रूपों में दर्ज है.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: इंसाफ के बजाय इंसाफ से फासला बढ़ाने वाला फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट भी विवादित भूमि रामलला को देते हुए यह नहीं सोचा कि उसका फ़ैसला न सिर्फ छह दिसंबर, 1992 के ध्वंस बल्कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात मस्जिद में मूर्तियां रखने वालों की भी जीत होगी. ऐसे में अदालत का इन दोनों कृत्यों को ग़ैर-क़ानूनी मानने का क्या हासिल है?

New Delhi: A group photo of the five-judge bench comprised of Chief Justice of India Ranjan Gogoi (C) flanked by (L-R) Justice Ashok Bhushan, Justice Sharad Arvind Bobde, Justice Dhananjaya Y Chandrachud, Justice S Abdul Nazeer after delivering the verdict on Ayodhya land case, at Supreme Court in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI11_9_2019_000298B)

क्या अयोध्या मामले में न्याय को तरजीह नहीं दी गई?

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद में ‘सार्वजनिक शांति और सौहार्द’ बनाए रखने के लिए विवादित ज़मीन को न बांटने का जजों का निर्णय बहुसंख्यक दबाव से प्रभावित लगता है, जिसमें मुस्लिम पक्षकारों के क़ानूनी दावे को नज़रअंदाज़ कर दिया गया.

Ayodhya: FILE - In this Sunday, Nov. 25, 2018 photo, a man holds a brick reading "Jai Shree Ram" (Victory to Lord Ram) as bricks of the old Babri Mosque are piled up in Ayodhya, in the central Indian state of Uttar Pradesh. State-run broadcaster on Saturday, Nov. 9, 2019, said top court rules for disputed temple-mosque land for Hindus with alternate land to Muslims. Authorities increased security in Ayodhya, 550 kilometers (350 miles) east of New Delhi, and deployed more than 5,000 paramilitary forces to prevent any attacks by Hindu activists on Muslims, who comprise 6% of the town's more than 55,500 people. AP/PTI(AP11_9_2019_000038B)

…जब प्रधानमंत्री नेहरू के बार-बार कहने के बाद भी बाबरी मस्जिद में रखी मूर्तियां नहीं हटाई गईं

पुस्तक अंश: अयोध्या स्थित बाबरी मस्जिद में वर्ष 1949 में मूर्ति रखने के बाद की घटनाएं यह प्रमाणित करती हैं कि कम-से-कम फ़ैज़ाबाद के तत्कालीन ज़िलाधीश केकेके नायर तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत यदि मूर्ति स्थापित करने के षड्यंत्र में शामिल न भी रहे हों, तब भी मूर्ति को हटाने में उनकी दिलचस्पी नहीं थी.

A statue of Hindu Lord Ram is seen after Supreme Court's verdict on a disputed religious site, in Ayodhya, India, November 10, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

1948 में जब समाजवादी नेता को हराने के लिए फ़ैज़ाबाद कांग्रेस ने राम जन्मभूमि का कार्ड खेला था

पुस्तक अंश: फ़ैज़ाबाद में 1948 में हुए उपचुनाव में समाजवादी नेता आचार्य नरेंद्र देव मैदान में थे. कांग्रेस ने उनके ख़िलाफ़ देवरिया के बाबा राघव दास को अपना प्रत्याशी बनाया. चुनाव प्रचार में कांग्रेस ने कहा था कि आचार्य नरेंद्र की विद्वत्ता का लोहा भले दुनिया मानती है, लेकिन वे नास्तिक हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या ऐसे व्यक्ति को कैसे स्वीकार कर पाएगी?

Babri-Masjid-Wikipedia2

‘इतनी निष्पक्ष है सशक्त सत्ता कि निष्पक्षता भी रख ले दो मिनट का मौन’

आज जब यह सच्चाई और कड़वी होकर हमारे सामने है कि उस दिन बाबरी मस्जिद को शहीद करने वालों ने न सिर्फ अयोध्या बल्कि शेष देश में भी बहुत कुछ ध्वस्त किया था, यह देखना संतोषप्रद है कि देश के कवियों ने इस सच्चाई को समय रहते पहचाना और उसे बयां करने में कोई कोताही नहीं बरती.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली. (फोटोः पीटीआई)

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझना मेरे लिए मुश्किल: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली ने बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि संविधान के लागू होने के बाद वहां पहले क्या था, यह सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी नहीं है. उस समय भारत कोई लोकतांत्रिक गणतंत्र नहीं था. अगर हम इस तरह बैठकर फैसला देंगे तो बहुत सारे मंदिर, मस्जिद और अन्य ढांचों को तोड़ना पड़ेगा.

लाल कृष्ण आडवाणी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

मेरे रुख की पुष्टि हुई, मैं खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं: लालकृष्ण आडवाणी

राम जन्मभूमि आंदोलन के शिल्पकार एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ ज़मीन अलग से देने के फैसले का भी स्वागत किया.

विहिप द्वारा प्रस्तावित राम मंदिर का एक मॉडल देश भर में कई जगह पर ले जाया गया था. इस मॉडल के साथ अशोक सिंघल (फाइल फोटो: रॉयटर्स)

विहिप को उम्मीद, अयोध्या में राम जन्मभूमि न्यास के डिजाइन के मुताबिक होगा मंदिर निर्माण

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद काशी और मथुरा के धार्मिक स्थलों को लेकर विहिप की आगामी योजना के बारे में पूछे जाने पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि बाकी विषयों पर समाज के रुख को राम मंदिर निर्माण के बाद देखा जाएगा.

New Delhi: Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) chief Mohan Bhagwat addresses after the Supreme Court pronounces its verdict on Ayodhya land case, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. The apex court on Saturday cleared the way for the construction of a Ram Temple at the disputed site at Ayodhya, and directed the Centre to allot a 5-acre plot to the Sunni Waqf Board for building a mosque. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_9_2019_000131B)(PTI11_9_2019_000135B)

अतीत की बातों को भुलाकर सभी मिलकर भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे: संघ प्रमुख

अयोध्या के बाद काशी और मथुरा में भावी योजना के बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ आंदोलन नहीं करता, संघ का काम मनुष्य निर्माण है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही. 1990-92 में इनकी परस्पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि लोग हिन्दी पत्रकारिता को हिंदू पत्रकारिता कहने लगे.

प्रतीकात्मक फोटो (साभार: https://dpsbdn.org)

सड़कों पर नाम-पता पूछने वाला ‘जय श्रीराम’ अब भेस बदलकर स्कूलों में पांव पसार रहा है

मुल्क की सियासत अब ज़्यादा शिद्दत से पहचान की राजनीति के गिर्द नाच रही है. राम को इमाम-ए-हिंद कहने वाले इक़बाल की दुआ को मदरसे की दुआ कहकर सीमित किया जा रहा है, लेकिन देश के बच्चे शायद इक़बाल की दुआ के सबक़ के माने समझ रहे हैं.

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

यह प्रार्थना पर नहीं बल्कि हिंदू समाज के दिलो-दिमाग के सिकुड़ने पर दुख मनाने का वक़्त है

विश्व हिंदू परिषद ने पीलीभीत के एक प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर पर राष्ट्रगान की जगह इक़बाल की प्रार्थना गवाने का आरोप लगाया. उनसे शिकायत नहीं पर जिलाधीश से है. उन्होंने जिस प्रार्थना के लिए हेडमास्टर को दंडित किया, क्या उसके बारे में उन्हें कुछ मालूम नहीं? क्या अब हम ऐसे प्रशासकों की मेहरबानी पर हैं जो विश्व हिंदू परिषद का हुक्म बजाने के अलावा अपने दिल और दिमाग का इस्तेमाल भूल चुके हैं?

Pilibhit

यूपी: प्राइमरी स्कूल में मदरसे में होने वाली प्रार्थना कराने का आरोप, हेडमास्टर निलंबित

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत ज़िले के एक प्राइमरी स्कूल का मामला. हेडमास्टर ने कुछ लोगों पर मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए अपने निलंबन को अन्यायपूर्ण बताया है. उनके अनुसार, उन्होंने अल्लामा इकबाल की उस कविता का पाठ कराया है जो सरकारी स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

न सॉफ्ट हिंदुत्व और न ही सॉफ्ट सेकुलरिज़्म कांग्रेस को उबार सकते हैं

आज कांग्रेस के सामने चुनौती पार्टी का कायाकल्प ऐसे दल के तौर पर करने की है, जो अपने पुराने वैभव और साम्राज्य के बिखर जाने की टीस से बाहर निकलकर यह कबूल करे कि अब उसके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और बचाव की मुद्रा से बाहर निकलकर आक्रामक अंदाज़ में खेलना शुरू करे.

Pimpri Chinchwad

पुणे: जुलूस में हथियार लेकर चलने का आरोप, विहिप के 250 कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ केस दर्ज

महाराष्ट्र के पुणे के नज़दीक स्थित पिंपरी चिंचवाड़ इलाके का मामला. पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में अब तक किसी को गिरफ़्तार नहीं किया गया है.

Sadhvi Pragya PTI 12

भाजपा ने मालेगांव धमाके की आरोपी साध्वी प्रज्ञा को भोपाल से​ दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ उतारा

महाराष्ट्र के मालेगांव में साल 2008 में हुए बम विस्फोट में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर एक आरोपी हैं. वह फिलहाल ज़मानत पर बाहर हैं.

हनुमानगढ़ी अयोध्या (फोटो साभार: फेसबुक/@HanumanGarhi.Ayodhya)

क्यों राम जन्मभूमि की रट लगाने वाली जमातें अयोध्या की हनुमानगढ़ी का नाम नहीं लेतीं?

अयोध्या की ऐतिहासिक हनुमानगढ़ी ने आज़ादी के पहले से ही अपनी व्यवस्था में लोकतंत्र और चुनाव का ऐसा अनूठा और देश का संभवतः पहला प्रयोग कर रखा है, जिसका ज़िक्र तक करना सांप्रदायिक घृणा की राजनीति करने वालों को रास नहीं आता.

अल्पाइन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (फोटो: फेसबुक प्रोफाइल)

पुलवामा हमला: हिंदुत्ववादी संगठन के दबाव में देहरादून के कॉलेज ने कश्मीरी डीन को निलंबित किया

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमले के बाद देहरादून में एबीवीपी, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे हिंदुत्ववादी संगठनों की मांग पर दो कॉलेजों ने अगले सत्र से कश्मीरियों को दाख़िला न देने की बात कही है.

Shehla Rashid Instagram

पुलवामा हमला: जेएनयू छात्रा शहला राशिद पर अफ़वाह फैलाने का आरोप, एफआईआर दर्ज

बीते शनिवार को शहला राशिद ने एक ट्वीट में दावा किया था कि गुस्साई भीड़ की वजह से देहरादून के हॉस्टल में कुछ कश्मीरी लड़कियां फंसी हुई हैं. पुलिस कहा कहना है कि उनका ये दावा ग़लत था और इसी वजह से उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज किया गया है.

देहरादून के बाबा फरीद प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएफआईटी) (फोटो: फेसबुक)

पुलवामा हमला: देहरादून के दो संस्थानों ने कहा, अगले सत्र से कश्मीरियों को दाखिला नहीं देंगे

देहरादून के बाबा फरीद प्रौद्योगिकी संस्थान और अल्पाइन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ने पत्र जारी कर कहा कि वे अगले सत्र से किसी भी कश्मीरी छात्र का एडमिशन नहीं करेंगे.

Supporters of the Vishva Hindu Parishad (VHP), a Hindu nationalist organisation, attend "Dharma Sabha" or a religious congregation organised by the VHP in New Delhi, India, December 9, 2018. REUTERS/Adnan Abidi

विहिप के लोकसभा चुनाव तक राम मंदिर आंदोलन रोकने की वजह आस्था नहीं राजनीति है

विहिप को अपने राम मंदिर आंदोलन के इतिहास में पहली बार ऐसा लग रहा है कि उसके अभियान से भाजपा को राजनीतिक लाभ के बजाय हानि हो सकती है. इसे लेकर कोई भी आक्रामकता मोदी सरकार के ख़िलाफ़ जाएगी, इसलिए उसने रक्षात्मक होते हुए कछुए की तरह अपने हाथ-पांव समेट लिए हैं, जो अनुकूल समय मिलते ही बाहर आ जाएंगे.

Muzaffarnagar

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: दो युवकों की हत्या के मामले में सात को उम्रकैद

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में अलग-अलग घटनाओं में दो चचेरे भाइयों गौरव और सचिन के साथ एक अन्य युवक शाहनवाज कुरैशी की हत्या हो गई थी जिसके बाद पूरे इलाके में हिंसा फैल गई थी. इस दौरान 62 लोगों की मौत हुई थी जबकि 50 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हो गए थे.

VHP Ayodhya Ram Mandir PTI

विहिप का ऐलान, लोकसभा चुनाव तक राम मंदिर के लिए कोई अभियान नहीं

राम मंदिर के लिए अध्यादेश की मांग कर रहे विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि वह नहीं चाहता कि राम मंदिर निर्माण लोकसभा चुनाव में मुद्दा बने इसलिए चुनाव तक मंदिर निर्माण के आंदोलन को रोका जा रहा है.

Chennai: Vishva Hindu Parishad (VHP) Working President Praveen Togadia addresses a press conference, in Chennai, on Saturday. (PTI Photo/R Senthil Kumar) (PTI5_19_2018_000221B)

मोदी को 43 साल से जानता हूं, कभी चाय बेचते नहीं देखा: प्रवीण तोगड़िया

विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि जिस दिन राम मंदिर बन गया उस दिन भाजपा और आरएसएस ख़त्म हो जाएंगे.

कांग्रेस नेता हरीश रावत. (फोटो: पीटीआई)

कांग्रेस सत्ता में आएगी तभी राम मंदिर बनेगा: हरीश रावत

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि भाजपा बेईमान लोगों की पार्टी है जिन्हें न तो नीतियों की परवाह है और न ही मर्यादा की, वे मर्यादा पुरुषोत्तम राम के भक्त कैसे हो सकते हैं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi being felicitated by Bharatiya Janata Party leaders L K Advani, Party President Amit Shah, Rajnath Singh and Sushma Swaraj during BJP Parliamentary Party meeting, in New Delhi on Tuesday, July 31, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI7_31_2018_000025B)

2019 का चुनाव सिर्फ कांग्रेस ही नहीं संघ और भाजपा के बचे-खुचे नेताओं का भी अस्तित्व तय करेगा

संघ के लिए केंद्र में सत्ता मंज़िल की सीढ़ी है, अपने आप में मंज़िल नहीं. उसने भाजपा को दो से अस्सी सीट पर पहुंचाने वाले, राम मंदिर मुद्दे के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी को किनारे कर मोदी के लिए हामी भरने में कोई देरी नहीं की. वो कभी ऐसे किसी भी नेता को मंज़ूर नहीं करेगा जो उसकी विचारधारा और ताक़त से ज़्यादा कद्दावर दिखने लगे.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

सप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई 10 जनवरी तक के लिए टाली

अगला आदेश तीन जजों की एक उपयुक्त पीठ द्वारा पारित किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की समयबद्ध सुनवाई की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

मंदिर से जुड़ी भड़काऊ बयानबाज़ी पर प्रतिक्रिया न दें मुसलमान: बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी

उत्तर प्रदेश बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक ज़फरयाब जिलानी ने बताया कि वे अदालती कार्यवाही से संतुष्ट हैं, लेकिन अगर मोदी सरकार मंदिर बनाने पर कोई अध्यादेश या क़ानून लाती है, तो उसे चुनौती दी जाएगी.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: योगी सरकार ने आरोपियों पर मुक़दमा चलाने की अब तक नहीं दी अनुमति

दंगों के लगभग 20 मामलों में विधायक और सांसद भी आरोपियों की सूची में हैं. पुलिस ने भाजपा विधायक उमेश मलिक, भाजपा सांसद भारतेंदु सिंह, हिंदुत्ववादी नेता साध्वी प्राची और अन्य के ख़िलाफ़ इसमें उनकी कथित भूमिका के लिए मामला दर्ज किया था.

Ayodhya Sheetala Singh Book

अयोध्या विवाद न दो धर्मों का है और न मंदिर-मस्जिद का

फैज़ाबाद से निकलने वाले हिन्दी दैनिक जनमोर्चा के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार शीतला सिंह की किताब ‘अयोध्या- रामजन्मभूमि बाबरी मस्जिद का सच’ बताती है कि अयोध्या विवाद में सारी पेचीदगियां राजनीति द्वारा अपनी स्वार्थ साधना के लिए इस मुद्दे के बेजा इस्तेमाल से पैदा हुई हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवाद हिंदू बनाम मुस्लिम के साथ-साथ हिंदू बनाम हिंदू भी है

हिंदू पक्ष के छह दावेदारों में से दो अयोध्या स्थित विवादित स्थल पर विराजमान रामलला के विरुद्ध ही अदालत गए हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

New Delhi: Senior RSS leader Suresh 'Bhaiyyaji' Joshi addresses during Vishwa Hindu Parishad’s (VHP) ‘Dharma Sabha’, in which thousands of people gathered at Ramlila Maidan to press for the construction of Ram Temple in Ayodhya, days before Parliament's winter session commences, in New Delhi, Sunday, Dec. 9, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI12_9_2018_000123B)

मंदिर बनाने के लिए सरकार से भीख नहीं मांग रहे हैं, देश राम राज्य चाहता है: संघ नेता भैयाजी जोशी

दिल्ली के रामलीला मैदान में विश्व हिंदू परिषद की रैली में रविवार को हजारों लोग अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग के साथ जुटे थे. इस दौरान आरएसएस के वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी ने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, उन्हें मंदिर बनवाना चाहिए.

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर (फोटो: ट्विटर)

योगी के मंत्री बोले, दंगा फैलाने के लिए हुई बुलंदशहर में हिंसा, विहिप-बजरंग दल के लोग ज़िम्मेदार

बुलंदशहर में हुई हिंसा मामले में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि विहिप और बजरंग दल के लोग वोट बैंक के लिए भावना भड़काने का काम कर रहे हैं.

इक़बाल अंसारी. (फोटो साभार: एएनआई)

हाशिम अंसारी के बेटे ने कहा, अयोध्या के लोगों को सुकून से रहने दें

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में पक्षकार रहे हाशिम अंसारी के बेटे इक़बाल अंसारी ने अयोध्या में धर्म सभा के नाम पर भीड़ जुटाने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन लोगों को विधान भवन या संसद का घेराव करना चाहिए और अयोध्या के लोगों को सुकून से रहने देना चाहिए.

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar  (PTI3_24_2018_000088B)

भीम आर्मी जैसे संगठन चंदा जुटाने के लिए बसपा के नाम इस्तेमाल कर रहे हैं: मायावती

बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया कि भीम आर्मी जैसे संगठन लोगों को जातियों के नाम पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. इससे केवल हिंसा होगी और समाज का ध्रुवीकरण होगा.

Shiv Sena Chalo Ayodhya PTI

अयोध्या: मीडिया 1992 की तरह एक बार फिर सांप्रदायिकता की आग में घी डाल रहा है

अयोध्या में 1990-92 में प्रिंट मीडिया का प्रभुत्व था, अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने उसे पीछे धकेलकर सांप्रदायिक पत्रकारिता का परचम उससे छीन लिया है और ख़ुद को राम मंदिर आंदोलन का अघोषित प्रवक्ता बना लिया है.