water cannon

Chandigarh: Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar addresses a press conference, in Chandigarh, Thursday, Sept 13, 2018. (PTI Photo)(PTI9_13_2018_000093B)

हरियाणा: विरोध के डर से भाजपा ने नए कृषि क़ानूनों पर जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों पर रोक लगाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की बैठक के बाद ये कदम उठाया गया है. राज्य की भाजपा नीत सरकार नए कृषि क़ानूनों को लेकर किसानों के भारी विरोध का सामना कर रही है.

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेता गुरनाम सिंह चढूनी. (फोटो साभार: फेसबुक)

हरियाणा: मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तोड़फोड़ के लिए बीकेयू नेता चढूनी समेत कई लोगों पर केस

हरियाणा के करनाल ज़िले के कैमला गांव में बीते 10 जनवरी को प्रदर्शनकारी किसानों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ‘किसान महापंचायत’ कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद इसे रद्द कर दिया गया था. आरोप है कि भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने तोड़फोड़ के लिए लोगों को उकसाया था.

Ambala: Police personnel use water canons on farmers to stop them from crossing the Punjab-Haryana border during Delhi Chalo protest march against the new farm laws, near Ambala, Thursday, Nov. 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-11-2020 000140B)

हरियाणा: किसानों और पुलिस की झड़प के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की महापंचायत रद्द

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल के कैमला गांव में केंद्र के तीनों कृषि क़ानूनों का फायदा बताने के लिए एक किसान महापंचायत का संबोधित करने वाले थे. पुलिस ने किसानों को कार्यक्रम में बांधा डालने से रोकने के लिए लाठीचार्ज करने के साथ उन पर आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया.

New Delhi: Jannayak Janata Party leader Dushyant Chautala before a meeting with newly elected party MLAs, at his residence in New Delhi, Friday, Oct. 25, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI10_25_2019_000024)

किसान आंदोलन: खाप नेताओं ने हरियाणा के डिप्टी सीएम और भाजपा सांसद का सामाजिक बहिष्कार किया

हरियाणा के जींद के उचाना इलाके के कई खाप नेताओं ने किसानों के विरोध के बारे में कथित विवादित बयानों के लिए हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल और अभिनेत्री कंगना रनौत का भी विरोध किया. केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में बीते 26 नवंबर से किसानों का प्रदर्शन जारी है.

New Delhi: Police stand guard as Bharatiya Kisan Union (BKU) members protest at Ghazipur border during their Delhi Chalo march against the new farm laws, in New Delhi, Monday, Nov. 30, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI30-11-2020 000111B)

किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी, कहा- मांगें पूरी होने तक होता रहेगा विरोध

किसान केंद्र के विवादित कृषि क़ानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को किसानों की संख्या बढ़ने पर दिल्ली-ग़ाज़ियाबाद बॉर्डर पर पुलिस ने सुरक्षा मज़बूत कर दी है. किसानों ने राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गों को जाम करने की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि वे सशर्त बातचीत का कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं करेंगे. इधर, राजग की घटक आरएलपी ने कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग की है.

New Delhi: Farmers gathered at the Singhu border as part of their Delhi Chalo protest against Centres new farm laws, in New Delhi, Saturday, Nov 28, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI28-11-2020 000050B)

किसानों ने बुराड़ी मैदान जाने से किया इनकार, कहा- ये जेल है, हम बॉर्डर से ही दिल्ली घेरेंगे

केंद्र सरकार के विवादित कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ बीते 26 नवंबर से दिल्ली चलो मार्च के तहत किसानों का प्रदर्शन जारी है. इन क़ानूनों के विरोध में पंजाब और हरियाणा में दो दिनों के संघर्ष के बाद किसानों को दिल्ली की सीमा में प्रवेश की मंज़ूरी मिल गई थी.

Ambala: Police personnel use water canons on farmers to stop them from crossing the Punjab-Haryana border during Delhi Chalo protest march against the new farm laws, near Ambala, Thursday, Nov. 26, 2020. (PTI Photo)(PTI26-11-2020 000140B)

हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों पर हत्या के प्रयास और दंगा करने के आरोप में मामला दर्ज

केंद्र के तीन कृषि क़ानून को लेकर किसानों ने ​दो दिवसीय दिल्ली चलो मार्च का आह्वान किया था. किसानों को रोकने के दौरान पुलिस की उनसे झड़प हुई थी. अंबाला में किसान विरोध के दौरान पुलिस के वाटर कैनन को बंद करने वाले एक युवक के ख़िलाफ़ भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है.