women’s rights

तालिबान शासन में काम में जोख़िम होने के बावजूद महिला पत्रकारों की लड़ाई जारी: रिपोर्ट

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स और नेटवर्क ऑफ वूमेन इन मीडिया इन इंडिया द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट उन महिला पत्रकारों पर केंद्रित है, जो अभी भी अफ़ग़ानिस्तान में रह रही हैं और जो बाहर हैं, जिनकी आजीविका को तालिबान के आने के चलते भारी झटका लगा है.

अफ़ग़ानिस्तान: महिलाओं के टीवी शो में अभिनय पर रोक, महिला पत्रकारों को हेडस्कार्फ़ लगाने को कहा

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबानी प्रशासन के सदाचार प्रचार एवं अवगुण रोकथाम संबंधी मंत्रालय द्वारा जारी नए धार्मिक दिशानिर्देशों के मुताबिक़, अफ़ग़ान चैनलों को महिलाओं के अभिनय वाले ड्रामा और सोप ओपेरा का प्रसारण न करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही शरिया क़ानून के ख़िलाफ़ मानी जाने वाली फिल्मों पर भी प्रतिबंध लगाने को कहा गया है.

New Delhi: A view of the Supreme Court, in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo / Vijay Verma)(PTI5_17_2018_000040B)

वरिष्ठ स्तर पर महिलाओं की नियुक्ति लैंगिक रूढ़ियों को बदल सकती है: जस्टिस नागरत्ना

शीर्ष अदालत के नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों के अभिनंदन के लिए आयोजित एक समारोह में सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बीवी नागरत्ना ने कहा कि महिला न्यायाधीशों की अधिक संख्या महिलाओं की न्याय मांगने और अपने अधिकारों को लागू करने की इच्छा को बढ़ा सकती है. कार्यक्रम में भारत के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने महिला वकीलों से आह्वान किया कि वे न्यायपालिका में 50 प्रतिशत आरक्षण के लिए ज़ोरदार तरीके से मांग उठाएं. 

तालिबान ने महिला मंत्रालय को बंद कर उसके दफ़्तर में सदगुण संबंधी मंत्रालय बनाया

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल के अंतरिम मेयर ने कहा है कि देश के नए तालिबान शासकों ने शहर की कई महिला कर्मचारियों को घर पर ही रहने का आदेश दिया है. केवल उन महिलाओं को काम करने की अनुमति दी गई है, जिनके स्थान पर पुरुष काम नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि इनमें डिजाइन और इंजीनियरिंग विभागों में कुशल कामगारों के अलावा महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालयों की देखरेख करने वाली महिलाएं शामिल हैं.

तालिबान ने कहा- विश्वविद्यालयों में लड़कियां पढ़ सकती हैं, लेकिन लड़कों से अलग

अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री अब्दुल बाक़ी हक़्क़ानी ने नई सरकार के गठन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में नई नीतियों का ऐलान करते हुए कहा कि हम लड़के और लड़कियों को एक साथ पढ़ने की मंज़ूरी नहीं दे सकते. महिला विद्यार्थियों को तालिबान से कुछ प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें अनिवार्य ड्रेस कोड भी होगा. हक़्क़ानी ने कहा कि महिला विद्यार्थियों को हिजाब पहनना होगा.

अफ़ग़ानिस्तान में महिलाओं ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया

अफ़ग़ानिस्तान के पश्चिमी हेरात प्रांत में गवर्नर कार्यालय के बाहर लगभग तीन दर्जन महिलाओं ने प्रदर्शन किया. रैली की आयोजकों ने कहा कि राष्ट्रीय विधानसभा और मंत्रिमंडल समेत नई सरकार में महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए. उनका कहना था कि वे महिलाओं के काम करने के अधिकार पर तालिबान सरकार से स्पष्ट जवाब की कमी से निराश होकर सड़कों पर उतरी हैं.

अफ़ग़ानी महिला सांसद को दिल्ली एयरपोर्ट से वापस भेजा, कहा- गांधी के देश से ऐसी उम्मीद नहीं थी

साल 2010 से अफ़ग़ानिस्तान के फरयाब प्रांत का प्रतिनिधित्व करने वाली सांसद रंगीना करगर ने कहा है कि तालिबान के क़ब्ज़े के पांच दिन बाद 20 अगस्त को वह इस्तांबुल से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची थीं, लेकिन उन्हें वहीं से वापस भेज दिया गया.

तालिबान का शरिया क़ानून: कितना सही, कितना ग़लत

वीडियो: 20 साल बाद तालिबान एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता में लौटा है. सत्ता हासिल करने के बाद तालिबान यहां शरिया क़ानून लागू करने जा रहा है, जिसके चलते वहां की महिलाएं काफ़ी ज़्यादा डरी हुई हैं. इतनी ज़्यादा कि वो अपने घरों से बाहर तक नहीं आ रही हैं. इस पूरे मामले पर विशेषज्ञ फ़ैज़ान मुस्तफ़ा का नज़रिया.

तालिबान ने कहा- अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र नहीं, केवल शरिया क़ानून होगा

तालिबान के क़ब्ज़े में आने के बाद अफ़ग़ानिस्तान अब एक परिषद द्वारा शासित हो सकता है, जिसमें इस्लामी समूह के प्रमुख नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा प्रमुख होंगे.

काबुल में फंसे कश्मीरियों की भारत सरकार से अपील, कहा- भयावह स्थिति में, जल्द निकालें

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने काबुल के बख़्तार विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले कुलगाम के प्रोफेसरों को तत्काल निकालने के लिए विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन से बात की और कहा कि उनकी जल्द सुरक्षित वापसी होगी.

इस्लामिक क़ानून के तहत महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करेंगेः तालिबान

अफगानिस्तान पर कब्ज़े के बाद मंगलवार को तालिबान ने पहली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जहां तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वे अन्य देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहते हैं.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: दिन पर सवाल उठाता समाज साल पर कितने सवाल उठाएगा

वीडियो: हाल ही में आई किताब ‘द एंगर ऑफ सेंटली मैन’ गुड़गांव में रह रहे एक परिवार के माध्यम से भारतीय पुरुषत्व की पड़ताल करती है. किताब की लेखिका अनुभा यादव से दामिनी यादव की बातचीत.

रूथ बेदर गिंसबर्ग: स्त्री अधिकारों के लिए बुलंद आवाज़

जब भी स्त्री अधिकारों की बात होगी, तो अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की जज रूथ बेदर गिंसबर्ग का नाम ज़रूर आएगा. रूथ ने न केवल अपने काम से लाखों औरतों को प्रेरित किया, बल्कि अपने फ़ैसलों के ज़रिये उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार भी खोले, जो लैंगिक भेदभाव के चलते बंद थे.

कोरोना: महिला अधिकार समूहों ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को जेल से छोड़ने की मांग की

महिला अधिकार समूहों ने अपने बयान में हालिया घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा है कि सरकार बुद्धिजीवियों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पत्रकारों को भी निशाना बना रही है, जो उसकी दोषपूर्ण नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं.

‘शर्मिष्ठा सिर्फ़ सिंगल मदर का संघर्ष नहीं स्वाभिमानी औरत की कहानी भी है’

वीडियो: युवा कथाकार अणुशक्ति सिंह का पहला उपन्यास ‘शर्मिष्ठा’ बीते दिनों आया है. इस उपन्यास के मद्देनज़र उनसे मिथकीय और पौराणिक चरित्रों में स्त्री की मौजूदगी, सिंगल मांओं के संघर्ष, स्त्री-पुरुष के कथित वैध और अवैध प्रेम समेत विभिन्न विषयों पर फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.