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(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

यूपी: पंचायत चुनाव में बांटी गई शराब पीने से दो लोगों की मौत, एक की आंख की रोशनी गई

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले के तिगुलापुर गांव का मामला. गांव के एक परिवार का कहना है कि पंचायत चुनाव में बांटी गई शराब से उनके यहां भी एक व्यक्ति की मौत हुई है. वहीं प्रतापगढ़ ज़िले में बीते 30 मार्च के बाद से कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

मेरठ: ट्यूशन जा रही छात्रा से सामूहिक बलात्कार, पुलिस ने कहा, ज़हर खाकर जान दी

उत्तर प्रदेश में मेरठ ज़िले के थाना सरधना क्षेत्र का मामला है. बीते एक अप्रैल को दसवीं में पढ़ने वाली छात्रा को गांव के ही चार युवकों ने अपहरण कर सामूहिक बलात्कार किया था. परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने बलात्कार के बाद ज़हर पिलाया था. वहीं, पुलिस कह रही है उसके पास से सुसाइड नोट मिला है इसलिए आत्महत्या है.

चौरी-चौरा में शताब्दी समारोह के उद्घाटन के अवसर पर शहीद स्थल पर फूल चढ़ाते मुख्यमंत्री आदित्यनाथ. (फोटो साभार: सीएमओ यूपी)

चौरी-चौरा शताब्दी समारोह मना रही यूपी सरकार शहीद स्मारक पर दर्ज ग़लत इतिहास की सुध कब लेगी

1922 में ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ हुई चौरी-चौरा की घटना के सौ साल पूरे होने पर यूपी सरकार ने साल भर तक चलने वाला शताब्दी महोत्सव आयोजित किया है. हालांकि लंबे समय से इतिहासकारों और लेखकों के ध्यान दिलाए जाने के बावजूद शहीद स्मारक पर दर्ज ग़लत जानकारियों को इस बार भी सुधारा नहीं गया है.

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चौरी-चौरा शताब्दी: ‘सैल्यूट करते हुए वंदेमातरम गाने’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने को तैयार योगी सरकार

ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ फरवरी 1922 में हुई चौरी-चौरा की घटना के सौ साल पूरे होने के मौके पर यूपी सरकार शताब्दी महोत्सव आयोजित कर रही है. सरकार ने शिक्षा विभाग और जिलाधिकारियों से कहा है कि वे छात्रों समेत अन्य नागरिकों को इसमें शामिल कर ज़्यादा से ज़्यादा वीडियो अपलोड कराएं.

Bundelkhand The Wire

‘सरकार के नए कृषि बाज़ार में क्या बेचें, जब आवारा पशुओं से हमारी फसल बचती ही नहीं’

ग्राउंड रिपोर्ट: केंद्र के तीन नए कृषि क़ानूनों में दावा किया गया है कि इससे किसानों को नया कृषि बाज़ार मिलेगा, वहां वे मनमुताबिक़ फसल बेच सकेंगे. हालांकि बुंदेलखंड के किसानों का कहना है कि क़ानून से क्या होगा, जब आवारा जानवरों के बर्बाद कर देने के कारण बेचने को फसल ही नहीं बचेगी.

योगी आदित्यनाथ (फोटो साभार: ट्विटर//@myogiadityanath)

योगी सरकार के अंतरधार्मिक विवाहों को निशाना बनाने के पीछे मनु के आदर्श फैलाने की मंशा है

योगी आदित्यनाथ सरकार के नए क़ानून का उद्देश्य केवल ध्रुवीकरण नहीं बल्कि स्त्रियों को उनके अधिकारों और अपने लिए निर्णय लेने की उनकी क्षमता से उन्हें वंचित करना भी है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर. (फोटो: पीटीआई)

योगी पर ट्वीट के चलते दर्ज एफ़आईआर ख़ारिज, कोर्ट ने कहा- प्रतिरोध लोकतंत्र की विशेषता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिरोध के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत सुरक्षा प्रदान की गई है और सरकार के क़ानून व्यवस्था की आलोचना करना कोई अपराध नहीं है.

(फोटो: पीटीआई)

यूपी: ग्राम प्रधानों ने मुख्यमंत्री योगी को लिखा- फंड दें, वरना गोशाला से छोड़नी होंगी गायें

जनवरी 2019 में प्रदेश सरकार ने आवारा गायों की देखभाल के लिए अस्थायी गोशालाएं स्थापित की थीं. अब बांदा ज़िले के कई पंचायत प्रमुखों ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि अप्रैल 2020 के बाद से उन्हें गो कल्याण के लिए कोई फंड नहीं दिया गया है, जिसके कारण कई पशुओं की भूख से मौत हुई हैं.

(इलस्ट्रेशन: एलिज़ा बख़्त)

‘लव जिहाद’ को लेकर हो रही राजनीति संघी मनुवाद का नया संस्करण है

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाया गया ‘लव जिहाद’ कानून और कुछ नहीं मनुस्मृति का ही नया रूप है, जो महिलाओं को समुदाय की संपत्ति मानकर ग़ुलाम बनाता है और संघर्षों से हासिल किए हुए अधिकारों को फिर छीन लेना चाहता है. यह जितना मुस्लिम विरोधी है, उतना ही हिंदू महिलाओं और दलितों का विरोधी भी है.

योगी आदित्यनाथ. (फोटो साभार: फेसबुक/MYogiAdityanath)

उत्तर प्रदेश धर्मांतरण विरोधी अध्यादेश की क़ानूनी ग़लतियां इसे लाने की असली मंशा दिखाती हैं

मध्य प्रदेश और ओडिशा के धर्मांतरण विरोधी क़ानूनों में कहीं भी अंतर-धार्मिक विवाह का ज़िक्र नहीं था और न ही सुप्रीम कोर्ट ने उस पर कोई टिप्पणी की थी. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार का ऐसा कोई अधिकार नहीं बनता कि वो बिना किसी प्रमाण या तर्क के अंतर-धार्मिक विवाहों को क़ानून-व्यवस्था से जोड़ दे.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी क़ानून लागू होने के बाद दर्ज पहले मामले का आरोपी गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश बरेली ज़िले का मामला. राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए लाए गए क़ानून के तहत यह पहला गिरफ़्तारी है. इस क़ानून में विवाह के लिए छल-कपट, प्रलोभन देने या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और 50 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा का प्रावधान किया गया है.

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

उत्तर प्रदेशः चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली छात्रा बयान से पलटी

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर स्थित एक महाविद्यालय की क़ानून की छात्रा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न और कई लड़कियों की ज़िंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था. वहीं, चिन्मयानंद ने छात्रा के परिवार पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था.

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योगी राज में आम नागरिकों को गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि की अनुमति नहीं

वीडियो: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गांधी जयंती के अवसर पर आम नागरिकों को गांधी प्रतिमा पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने की अनुमति नहीं थी. वहीं, हाथरस घटना के विरुद्ध प्रदर्शन करने जा रहीं एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को नज़रबंद कर दिया गया. असद रिज़वी की रिपोर्ट.

स्वामी चिन्मयानंद. (फोटो साभार: फेसबुक)

सुप्रीम कोर्ट ने बलात्कार के आरोपी चिन्मयानंद की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद को जमानत देने वाले आदेश में कारण दिए थे और इसलिए इसमें किसी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है.

Shahjahanpur: Former Union minister Swami Chinmayanand, accused of rape by a law student, is seen outside a government hospital after a medical examination following his arrest by a special team of Uttar Pradesh police, in Shahjahanpur, Friday, Sept. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI9_20_2019_000010B)

चिन्मयानंद मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका, कहा- पीड़िता खतरे में

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के सामने मामले का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता ने कहा, ‘आरोपी ताकतवर व्यक्ति है. पीड़िता का जीवन खतरे में है.’