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बेरोज़गारी और किसान यूपी चुनाव में भाजपा के सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को प्रभावित करेंगे: सपा नेता

वीडियो: सपा नेता, यूपी योजना आयोग के पूर्व सदस्य और लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर सुधीर पंवार का कहना है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी वर्तमान में सभी समुदायों में सत्ता विरोधी वोटों को मज़बूत करने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है. अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर द वायर के अजॉय आशीर्वाद से उनकी बातचीत.

मथुरा में मांस बिक्री पर रोक का असली मक़सद और संभावित नतीजे क्या हैं?

योगी सरकार के मथुरा में मीट बैन के आदेश की वैधता पर कोई विवाद नहीं है क्योंकि इस पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला पहले से ही मौजूद है, लेकिन इसके असली इरादे और संभावित परिणामों पर निश्चित ही बहस होनी चाहिए क्योंकि ये बड़े पैमाने पर लोगों के हक़ों, उनकी आजीविका और सुरक्षा से जुड़ा है.

शाकाहारवाद महज़ आहार का मामला नहीं है…

तामसिक भोजन पर रोक, अंडा-मांसाहार पर पाबंदी जैसी बातें भारत की जनता के वास्तविक हालात से कतई मेल नहीं खातीं, क्योंकि भारत की आबादी का बहुलांश मांसाहारी है. साथ ही, किसी इलाक़े विशेष की नीतियां बनाने के लिए लोगों के एक हिस्से की आस्था को वरीयता देना एक तरह से धर्म, जाति, नस्लीयता आदि आधार पर किसी के साथ भेदभाव न करने की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन भी है.

उत्तर प्रदेश: बाबरी मस्जिद पर टिप्पणी करने पर दर्ज रासुका को हाईकोर्ट ने ख़ारिज किया

यह मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी मोहम्मद फ़ैयाज़ मंसूरी से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने अगस्त 2020 को फेसबुक पर बाबरी मस्जिद को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसके बाद उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया था.

उत्तर प्रदेश में ‘जब नगीचे चुनाव आवत है, भात मांगौ पुलाव आवत है’ का दौर शुरू हो गया है

ऐसी परंपरा-सी हो गई है कि पांच साल की कार्यावधि के चार साढ़े चार साल सोते हुई गुज़ार देने वाली सरकारें चुनाव वर्ष आते ही अचानक जागती हैं और तमाम ऐलान व वादे करती हुई मतदाताओं को लुभाने में लग जाती हैं. बीते दिनों विधानसभा में योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई लोक-लुभावन घोषणाएं इसी की बानगी हैं.

गोहत्या में एनएसए के तहत गिरफ़्तार तीन लोगों को रिहा करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया

ये मामला उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले का है, जहां पिछले साल जुलाई में कथित गोहत्या के आरोप में इरफ़ान, रहमतुल्लाह और परवेज़ को गिरफ़्तार किया गया था. ये पहला मौका नहीं है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है, जो राज्य को बिना औपचारिक आरोप या सुनवाई के गिरफ़्तारी का अधिकार देता है.

उत्तर प्रदेश: बसपा की भाजपा से हिंदुत्व का एजेंडा छीनने की कोशिशें क्या रंग लाएंगी

जब भी धर्मनिरपेक्षता को चुनाव मैदान से बाहर का रास्ता दिखाकर मुकाबले को असली-नकली, सच्चे-झूठे, सॉफ्ट या हार्ड हिंदुत्व के बीच सीमित किया जाता है, उसका कट्टर स्वरूप ही जीतता है. उत्तर प्रदेश में बसपा को इस एजेंडा पर आगे बढ़ने से पहले पिछले उदाहरणों को देखना चाहिए.

योगी के नेतृत्व में भाजपा विधानसभा चुनाव लड़ेगी तो हम कतई गठबंधन नहीं करेंगे: राजभर

उत्तर प्रदेश में भाजपा के पूर्व सहयोगी और सरकार में मंत्री रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि जहां की जनता कोरोना काल में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, दवा और बिस्तर के लिए तरस रही थी और वहां के मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल में वोट मांग रहे थे.

आदित्यनाथ का भाजपा आईटी सेल को निर्देश- सोशल मीडिया बेलगाम घोड़ा, नियंत्रण के लिए तैयार रहें

पेगासस स्पायवेयर विवाद का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा आईटी सेल कर्मचारियों से कहा कि कि केंद्र और राज्‍य सरकार की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करने वालों को जवाब देने की ज़रूरत है और इसके लिए मुहूर्त देखे बिना सोशल मीडिया पर सक्रिय होना पड़ेगा. 

उत्तर प्रदेश में दलितों की तरह ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ भी अत्याचार हो रहे हैं: बसपा महासचिव

बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों का नाम पूछकर पुलिसकर्मियों द्वारा उनकी हत्या की जा रही है. उन्होंने कहा कि कानपुर के बिकरू कांड में सरकार का ब्राह्मण विरोधी चेहरा पूरी तरह बेनक़ाब हो चुका है. वहां न कोई अदालत थी, न कोई क़ानून, सीधे गोली मारकर फ़ैसला किया गया. अगले साल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र बसपा उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों को लुभाने के लिए लगातार सम्मेलन कर रही है.

निर्धन, पिछड़े वर्गों और औरतों के लिए विनाशकारी है नया जनसंख्या क़ानून

यह तथ्य है कि योगी आदित्यनाथ सरकार हमेशा अपने मक़सद को पाने के लिए बेहतर और बिना ज़ोर-ज़बरदस्ती वाले तरीकों की बजाय धमकाने या डर दिखाने वाले उपायों को तरजीह देती है. इसका ताज़ा नमूना हाल में में लाया गया जनसंख्या नियंत्रण विधेयक है. 

उत्तर प्रदेश: क्या आज़मगढ़ के पलिया गांव में दलितों को सबक सिखाने के लिए उनके साथ बर्बरता की गई?

बीते 29 जून को उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के रौनापार के पलिया गांव के एक व्यक्ति से कुछ लोगों का विवाद हो गया था. मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर भी कथित रूप से हमला कर दिया गया. आरोप है कि इसके बाद बदले की कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस दलित बाहुल्य गांव में प्रधान समेत कई घरों में जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें गिरा दिया गया. पुलिस ने ग्रामीणों के इस आरोप से इनकार करते हुए अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है.

झूठ के सहारे मोदी का योगी गुणगान

वीडियो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 15 जुलाई को वाराणसी में महामारी के दौरान भाजपा शासित राज्य के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश ने कोविड-19 की दूसरी लहर को संभाला और संक्रमण के प्रसार की जांच की, वह अभूतपूर्व था. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने वरिष्ठ पत्रकार राम दत्त त्रिपाठी से चर्चा की.

उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनसंख्या की नहीं, चुनाव की चिंता

विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित जनसंख्या क़ानून को ज़रूरी बताते हुए कहा कि बढ़ती आबादी प्रदेश के विकास में बाधा बनी हुई है. पर क्या यह बाधा अचानक आ खड़ी हुई? अगर नहीं, तो इसे लेकर तब उपयुक्त कदम क्यों नहीं उठाए गए, जब उनकी सरकार के पास उसे आगे बढ़ाने का समय था?

पूर्व नौकरशाहों का खुला पत्र, कहा- यूपी में क़ानून व्यवस्था ध्वस्त, अंकुश न लगा तो लोकतंत्र का नाश तय

पूर्व नौकरशाहों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विरोध के अधिकार को दबाने के लिए हिरासत, आपराधिक आरोप और वसूली का आदेश आम तरीके बन गए हैं. उन्होंने पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की गिरफ़्तारी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट और पुलिस सहित यूपी में प्रशासन की सभी शाखाएं ‘ध्वस्त’ हो गई हैं.