Yogi Govt

Lucknow: A policeman at Madeyganj police outpost where five motorcycles were set ablaze, in Lucknow, Thursday, Dec. 19, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2019_000165B)

यूपी: लखनऊ में क़रीब 50 सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर लगाया गया गैंगस्टर एक्ट

लखनऊ पुलिस की संयुक्त आयुक्त ने बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान आगज़नी और तोड़फोड़ करने वाले लोगों के ख़िलाफ़ गैंगस्टर एक्ट लागू करने के निर्देश पुलिस थानों को दिए गए हैं.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएए विरोधी प्रदर्शन के आरोपियों के पोस्टर बीते मार्च महीने में जगह-जगह लगाए गए थे. (फोटो: पीटीआई)

सीएए विरोधी प्रदर्शन: लखनऊ जिला प्रशासन ने कुर्की की प्रक्रिया शुरू की

सदर तहसीलदार ने बताया कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों के मामले में लखनऊ के चार थानों में दर्ज मामलों के सिलसिले में 54 लोगों के ख़िलाफ़ वसूली का नोटिस जारी किया था. उनमें से हसनगंज इलाके में दो संपत्तियां मंगलवार को कुर्क कर ली गई.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कानपुर: आश्रयगृह में कोविड संक्रमण मामले में यूपी सरकार को मानवाधिकार आयोग का नोटिस

कानपुर के सरकारी आश्रयगृह में 57 नाबालिग लड़कियां कोरोना संक्रमित पाई गई हैं, जिनमें पांच गर्भवती और एक एचआईवी पॉजिटिव हैं. एनएचआरसी ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर लड़कियों की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार और परामर्श को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

यूपी: बालिका आश्रय गृह की 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित पाई गईं, पांच गर्भवती भी शामिल

मामला कानपुर बालिका आश्रय गृह का है, जहां 12 जून को रैंडम सैंपलिंग के दौरान एक लड़की कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी, जिसके बाद सभी 171 लड़कियों का टेस्ट कराया गया. अब तक यहां 57 लड़कियां और एक स्टाफकर्मी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं.

Migrants arriving by a special train from Nasik come out of the Charbagh railway station, amid COVID-19 lockdown in Lucknow, Monday, May 4, 2020. (PTI Photo)

क्या उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के निवासियों की मालिक या अभिभावक बन गई है?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस बात से बहुत नाराज़गी है कि दूसरे राज्यों ने ‘उनके लोगों’ की ठीक से देखभाल नहीं की और इस कारण उन्हें इतनी तबाही झेलनी पड़ी. ख़ुद उनकी सरकार ने लोगों का ख़याल कैसे रखा, कैसे महामारी के बहाने ‘अपने लोगों’ के स्वास्थ्य संरक्षण के नाम पर मालिकाना रवैया अख़्तियार कर लिया है, इस बारे में कोई सवाल नहीं है.

पंकज कुलश्रेष्ठ. (फोटो: फेसबुक)

उत्तर प्रदेश: कोरोना वायरस से आगरा में पत्रकार की मौत

मृतक पंकज कुलश्रेष्ठ दैनिक जागरण अखबार में लंबे समय से उप-समाचार संपादक पद पर कार्यरत थे. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को जान गंवाने वाले पत्रकार के परिवार के लिए आर्थिक सहायता और सभी पत्रकारों के लिए बीमा कवर की घोषणा करने की मांग की है.

Mirzapur: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath addresses at a rally during the five-days Ganga Yatra under the 'Namami Ganga' campaign, in Mirzapur, Wednesday, Jan. 29, 2020. (PTI Photo)(PTI1_29_2020_000180B)

सीएए प्रदर्शन: नुकसान की भरपाई के नोटिस रद्द करने संबंधी याचिका पर यूपी सरकार को नोटिस

उच्चतम न्यायालय में दाख़िल याचिका में दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा नीत योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदर्शनकारियों की संपत्ति जब्त कर, सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का बदला लेने के मुख्यमंत्री के वादे पर आगे बढ़ रही है ताकि अल्पसंख्यक समुदाय से राजनीतिक कारणों के लिए बदला लिया जा सके.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेशः मिड डे मील में निकला मरा चूहा, प्रिंसिपल समेत पांच के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

मामला मुज़फ़्फ़रनगर का है, जहां एक गांव के सरकारी स्कूल में मिड डे मील के दौरान खाने से मरा हुआ चूहा मिलने के बाद एक शिक्षक और आठ बच्चों की तबियत खराब हो गई. जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक)

अगले आदेश तक बहाल रहेंगी होमगार्ड जवानों की सेवाएं: उत्तर प्रदेश गृह विभाग

बीते 15 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि वह 25 हज़ार होमगार्ड जवानों को काम से हटा देगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप उन्हें वेतन नहीं दे सकती है. होमगार्ड स्थायी कर्मचारी नहीं होते, अनुबंध के आधार पर इनकी नियुक्ति की जाती है. उन्हें रोज़ाना की ड्यूटी के हिसाब से भुगतान किया जाता है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेशः मिड डे मील में स्कूली बच्चों को हल्दी मिले पानी के साथ चावल देने का आरोप

मामला सीतापुर के बिचपरिया गांव का है. सोशल मीडिया पर आए एक वीडियो में गांव के प्राथमिक विद्यालय के बच्चे हल्दी मिले पीले पानी के साथ चावल खाते दिख रहे हैं. बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि वीडियो खाना ख़त्म होने के समय का है. बच्चों को सब्जी चावल परोसे गए थे.

Kolkata: Suspended doctor Kafeel Khan speaks during a press conference in Kolkata, Monday, July 8, 2019. Khan is accused in Gorakhpur's Baba Raghav Das (BRD) Medical College case involving the death of many children. (PTI Photo) (PTI7_8_2019_000154B)

ऑक्सीजन कांड: क्या डॉ. कफ़ील को घेरने के चक्कर में योगी सरकार ख़ुद घिरती जा रही है?

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड में आरोपी डॉ. कफ़ील ख़ान के ख़िलाफ़ की जा रही जांच की रिपोर्ट बीते अप्रैल में मिलने के बाद सरकार अब तक कोई निर्णय नहीं ले सकी है. इसके अलावा बहराइच मामले में डॉ. कफ़ील ख़ान के ख़िलाफ़ जांच के लिए इसी महीने अधिकारी नामित किया गया है. यह दिखाता है कि डॉ. कफ़ील पर लगे आरोपों की तेज़ी से जांच कराने में ख़ुद सरकार को कोई रुचि नहीं है.

New Delhi: Paediatrician Kafeel Khan addresses a press conference in New Delhi, Saturday, Sept.  28, 2019.Two years after over 60 children died in less than a week at the BRD Medical College, Uttar Pradesh government inquiry has given a clean chit to paediatrician Khan who was arrested after the tragedy.(PTI Photo/ Shahbaz Khan)(PTI9_28_2019_000123B)

क्या गोरखपुर ऑक्सीजन कांड में डॉ. कफ़ील ख़ान को बलि का बकरा बनाया गया?

साल 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड में आरोपी डॉ. कफ़ील ख़ान से संबंधित जांच रिपोर्ट आ गई है. रिपोर्ट के अनुसार, उन पर ऑक्सीजन की कमी की सूचना अधिकारियों को न देने और कर्तव्यों का पालन न करने के आरोप साबित नहीं हो पाए हैं.

योगी आदित्यनाथ. (फोटोः पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: 17 ओबीसी जातियों को एससी में डालने की योगी सरकार की अधिसूचना पर रोक

बीते जून महीने में योगी सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को एससी में शामिल करने की अधिसूचना जारी की थी, जिसका विरोध केंद्र सरकार ने भी किया था.

फोटो: रॉयटर्स

ई-पॉश मशीन नहीं लेती अंगूठे का निशान, राशन न मिलने से लोग परेशान

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के में राशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कोटे की दुकानों पर ई-पॉश मशीन लगाकर राशन देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन इससे आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

बीते 17 जुलाई को जमीन विवाद में सोनभद्र के उम्भा गांव में 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी. (फोटो साभार: वीडियोग्रैब)

कब तक भूख और गोली से मारे जाएंगे आदिवासी?

सोनभद्र में किसी ने उन आदिवासियों की भुखमरी के हालात की तह में जाने की कोशिश तक नहीं की, यह सवाल नहीं पूछा कि मौत का ख़तरा होते हुए भी वे इस अनउपजाऊ क्षेत्र में ज़मीन से क्यों चिपके हुए थे?